Author: Sunil Agrawal

  • NGO की आड़ में हजार करोड़ के घोटाला मामले में सीबीआई ने भोपाल में किया एफआईआर…

    NGO की आड़ में हजार करोड़ के घोटाला मामले में सीबीआई ने भोपाल में किया एफआईआर…

    रायपुर। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है. निःशक्तजनों की संस्था के नाम पर हुए 1 हजार करोड़ के घोटाले के मामले में सीबीआई ने भोपाल में एफआईआर दर्ज कर ली है. सीबीआई ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला कायम किया है. इससे अधिकारियों को फौरी राहत मिली हैं. बिलासपुर हाईकोर्ट की डबल बैंच ने हाल ही इस मामले में लगी याचिका पर सुनवाई करते हुए सीबीआई को अपराध दर्ज करने के आदेश के दिए थे।

    यह है मामला

    इस मामले में रायपुर के कुशालपुर में रहने वाले कुंदन सिंह ठाकुर नाम के एक व्यक्ति ने हाईकोर्ट में याचिका दायर किया था. याचिका में सेवानिवृत्त हो चुके प्रदेश के दो मुख्य सचिव और वर्तमान में कार्यरत आईएएस अधिकारियों पर राज्य स्रोत निशक्त जन संस्थान नामक संस्थान बनाकर सरकारी विभागों से हर महीने लाखों रुपए कर्मचारियों की सैलरी के नाम तथा अन्य कार्यों के लिए रुपये आहरित किये जाने का आरोप लगाया था।

    घोटाले का ऐसे हुआ था खुलासा

    याचिकाकर्ता के मुताबिक राजधानी रायपुर के माना में चार हजार दिव्यांगों के उपचार के नाम पर घोटाले को अंजाम दिया गया. आरोपियों द्वारा उपचार के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किया गया लेकिन केवल कागजों पर. सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह थी कि याचिकाकर्ता कुंदन सिंह ठाकुर को भी कर्मचारी बताकर उनके नाम से भी पैसे आहरित किया जा रहा था।

    जब उन्हें इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने सारे दस्तावेज इकट्ठा कर हाईकोर्ट की शरण ली. हाईकोर्ट हाईकोर्ट की एकलपीठ न्यायमूर्ति मनींद्र श्रीवास्तव ने इस प्रकरण की सुनवाई के बाद माना था कि यह साधारण मामला नहीं है, लिहाजा इसे जनहित याचिका के रूप में स्वीकार किया गया था और को डबल बेंच में ट्रांसफर कर दिया था।

    विभागीय जांच भी होगी

    जिसकी सुनवाई डबल बैंच में हुई और 31 जनवरी कोर्ट ने सभी के सीबीआई को सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज किये जाने का आदेश दिया था. इसके साथ ही घोटाले में शामिल अधिकारियों के खिलाफ अलग से विभागीय जांच किये जाने का आदेश भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को दिया था।

  • अमेरिका ने शेयर की रिपोर्ट,          देश में 5 महीने में चाइल्ड पॉर्नोग्रफी के आये इतने हज़ार मामले….

    अमेरिका ने शेयर की रिपोर्ट, देश में 5 महीने में चाइल्ड पॉर्नोग्रफी के आये इतने हज़ार मामले….

    अमेरिका ने भारत को चाइल्ड पॉर्नोग्रफी से जुड़े होश उड़ा देने वाले आंकड़े सौंपे हैं। भारत के साथ शेयर की गई रिपोर्ट के मुताबिक भारत में पिछले 5 महीने में 25 हजार से ज्यादा चाइल्ड पॉर्नोग्रफी मटीरियल अलग-अलग सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स पर अपलोड किया गया है। यह डेटा अमेरिका के नैशनल सेंटर फॉर मिसिंग ऐंड एक्सप्लॉइटेड चिल्ड्रन (NCMEC) ने भारत के नैशनल क्राइम रेकॉर्ड्स ब्यूरो को दिया है। भारत और अमेरिका ने यह डेटा शेयर करने के लिए पिछले साल समझौता किया था।
    सबसे ज्यादा मामले दिल्ली के
    इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक इसमें से सबसे ज्यादा मामले राजधानी दिल्ली के हैं। इसके बाद महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में चाइल्ड सेक्शुअल अब्यूज मटीरियल सोशल मीडिया पर अपलोड किया जाता है। हर राज्य के आंकड़े अलग से तो नहीं सामने आए हैं, लेकिन सूत्रों का कहना है कि महाराष्ट्र में ऐसे करीब 1700 मामलों को साइबर यूनिट को भेजा गया है, जबकि बाकी राज्यों में भी लगभग ऐसा ही हाल है।

    शुरू हो चुकी धरपकड़
    गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया है कि NCMEC की रिपोर्ट सामने आने के बाद देश भर में गिरफ्तारियां की जा रही है। उन्होंने बताया कि NCMEC के साथ पिछले साल समझौता किया गया था जिससे भारत को ये रिपोर्ट्स मिलती हैं। 23 जनवरी तक पिछले पांच महीने में ऐसे 25 हजार मामले सामने आ चुके हैं। इस बारे में महाराष्ट्र के एक अधिकारी ने अखबार को बताया है कि ऐसा पहली बार हुआ है जब इस तरह का डेटा शेयर किया गया है।

    अकेले मुंबई में 500 मामले
    अधिकारी ने बताया कि ये जानकारी संबंधित इलाकों को भेज दी गई हैं। अभी तक 7 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं जबकि और कई अभी होनी हैं। उन्होंने बताया कि मुंबई, ठाणे और पुणे में ऐसे सबसे ज्यादा मामले सामने आते हैं। मुंबई में ही करीब 500 केस हुए हैं। दिल्ली, गुजरात और केरल ये आंकड़े हासिल करने के बाद पहले ही कार्रवाई कर चुके हैं।

    ऐसे तय होता है, चाइल्ड पॉर्नोग्रफी है या नहीं
    ये जानकारी जुटाने के लिए खबरियों, इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स से लेकर सॉफ्टवेयर्स तक का इस्तेमाल किया जाता है जो न्यूडिटी और बच्चे के चेहरे पर दिखने वाले एक्सप्रेशन्स के बेसिस पर विडियो को जांच के लिए फॉरवर्ड करते हैं। बता दें कि प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्शुअल ऑफेंसेज (पॉक्सो) (अमेंडमेंट) ऐक्ट, 2019 में चाइल्ड पॉर्नोग्रफी के अंतर्गत ‘फोटो, विडियो, डिजिटल या कंप्यूटर से बनाई तस्वीर जो असली बच्चे जैसी हो, या ऐसी तस्वीर जिसे बनाया गया हो, अडैप्ट किया हो या मॉडिफाई किया हो लेकिन बच्चे जैसी लगे’, यह सब आता है।

  • जब रोते बिलखते बेटे को माँ से मिलाने रात में खुली अदालत

    जब रोते बिलखते बेटे को माँ से मिलाने रात में खुली अदालत

    आमतौर पर बड़ी घटनाओं को लेकर न्यायालय के रात के समय खुलने के वाकये तो पहले भी सामने आए हैं, मगर मध्यप्रदेश के सागर जिले में एक बेटे को मां से मिलाने के लिए रात को कोर्ट खुला, जज बैठे और मां-बेटे की मुलाकात भी हुई। मामला सागर के केंद्रीय जेल का है, यहां भोपाल का एक परिवार बंद है। जेल भेजी गई महिला का चार साल का बच्चा बुधवार की रात को अपनी मां से मिलने के लिए काफी रोया, रात तक वह जेल परिसर में ही बैठा रोता रहा।
    जेल में बंद महिला के परिजन रहमान अली ने अधिकारियों को बताया कि चार साल का बच्चा अपनी मां से मिलने के लिए तड़प रहा है। जेल अधिकारियों ने अपनी मजबूरी बताई कि बच्चे की मां से मुलाकात संभव नहीं है।
    बताया गया है कि इस पूरे घटनाक्रम से जेलर नागेंद्र सिंह चौधरी ने अधीक्षक संतोष सिंह सोलंकी को अवगत कराया। सोलंकी ने इस स्थिति से विशेष न्यायाधीश डी.के. नागले को अवगत कराया। नागले ने बच्चे की मां की तरफ से एक आवेदन न्यायालय में देने को कहा। न्यायाधीश रात साढ़े आठ बजे न्यायालय पहुंचे, उन्हें महिला आफरीन की तरफ से आवेदन दिया गया। इस पर न्यायाधीश ने बच्चे को जेल में दाखिल करने की अनुमति दी।
    जेल अधीक्षक सोलंकी ने संवाददाताओं से कहा, ‘मेरे नौकरी काल में यह पहला ऐसा मौका आया है, जिसमें रात में कोर्ट खुलवाने के लिए आवेदन किया गया। न्यायालय ने अपनी सवोर्च्च कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया और मासूम को उसकी मां से मिलाया।

  • गुंडे की बीवी से प्यार करना पड़ा महंगा, गंवानी पड़ी जान…

    गुंडे की बीवी से प्यार करना पड़ा महंगा, गंवानी पड़ी जान…

    चांदपुर बेला के रहने वाले प्रापर्टी डीलर धीरज कुमार को मोहल्ले के ही कुख्यात अपराधी टुनटुन की पत्नी से प्यार हो गया था। आधा दर्जन से अधिक गंभीर मामलों में शामिल रहे अपराधी को जब इसकी जानकारी मिली तो वह प्रापर्टी डीलर को रास्ते से हटाने की योजना में जुट गया। इसके बाद उसने अपने गैंग के दो बदमाशों को साथ लेकर मंगलवार की शाम धीरज को गोली मार दिया। इस घटना में प्रापर्टी डीलर की हालत गंभीर हो गई और उसे इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। पुलिस घटना के खुलासे में जुट गई और 12 घंटे के अंदर ही मामले का खुलासा कर लिया गया।


    मोबाइल ने खोला राज
    घटना के बाद एसएसपी उपेंद्र कुमार शर्मा ने एक विशेष टीम बनाई जो घटना के खुलासे में लगी हुई थी। पुलिस को प्रापर्टी डीलर के मोबाइल से ही बड़ा सुराग हाथ लगा जिसके बाद पुलिस के हाथ आसानी से अपराधियों की गर्दन तक पहुंच गए। पुलिस सूत्रों की मानें तो कुख्यात अपराधी टुनटुन साह की पत्नी से प्रापर्टी डीलर का अवैध संबंध था और इस कारण से हर दिन दोनों की बात भी मोबाइल पर होती थी। बताया जा रहा है कि घटना के बाद जब पुलिस ने प्रापर्टी डीलर का मोबाइल सर्विलांस पर लगाया तो चौकाने वाला सच सामने आया। कॉल की डिटेल अपराधी टुनटुन साह के आसपास की आ रही थी। ऐसे में जब टुनटुन को पकड़ा गया तो पूरा मामला सामने आ गया। टुनटुन ने बताया कि उसकी पत्नी से प्रापर्टी डीलर का अवैध संबंध था और जब उसे इसकी जानकारी हुई तो कई बार चेतावनी भी दिया लेकिन वह नहीं माना। ऐसे में उसे रास्ते से हटाने के लिए दो साथियों की मदद लेकर गोली मारी थी
    एसएसपी उपेंद्र कुमार शर्मा ने दावा किया है कि टुनटुन साह की पत्नी से अवैध संबंध को लेकर ही प्रापर्टी डीलर को गोली मारी लेकिन वह बच गया। एसएसपी का कहना है कि टुनटुन साह के साथ उसी मोहल्ले के अजय कुमार और मनोज कुमार को गिरफ्तार किया है। तीनों के पास से हथियार भी बरामद किया गया है। इसमें एक देशी कट्टा और 16 कारतूस बरामद किया है। पुलिस ने वह खाली खोखा भी बरामद कर लिया है जो फायर किया गया।
    टुनटुन के खिलाफ पटना के विभन्न थानों में 10 अपराधिक मुकदमा दर्ज है। जक्कनपुर थाना की पुलिस ने उसे जेल भी भेजा था। उसकी पत्नी से अवैध संबंध बनाने के कारण ही उसने गोली मारी है।

  • अब 24 सप्ताह में भी हो सकेगा गर्भपात, केंद्रीय कैबिनेट ने दी मंजूरी

    अब 24 सप्ताह में भी हो सकेगा गर्भपात, केंद्रीय कैबिनेट ने दी मंजूरी

    कैबिनेट ने बुधवार काे मेडिकल गर्भपात संशोधन अधिनियम-2020 को मंजूरी दे दी

    अनचाहे गर्भधारण की स्थिति में 20 हफ्ते तक के भ्रूण का गर्भपात कराया जा सकेगा

    भ्रूण में बीमारी होने पर मेडिकल बोर्ड की सलाह पर गर्भपात कराने का अधिकार मिलेगा

    दिल्लीसरकार ने अनचाहे गर्भ और गर्भ में पल रहे भ्रूण में बीमारी या समस्या हाेने पर गर्भपात काे आसान बनाने वाले बिल काे संसद के बजट सत्र में पास करने की तैयारी कर ली है। केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार काे मेडिकल गर्भपात संशोधन अधिनियम-2020 को मंजूरी दे दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में इस बिल काे संसद के बजट सत्र में पेश किए जाने का फैसला किया गया।
    20 हफ्ते तक कराया जा सकेगा गर्भपात
    इस बिल में गर्भपात अधिनियम-1971 में संशोधन का प्रावधान है। संशाेधित बिल में अनचाहे गर्भधारण की स्थिति में 20 हफ्ते (करीब 5 महीने) तक के भ्रूण का कभी भी गर्भपात कराया जा सकेगा। वहीं, विशेष हालात में (दुष्कर्म पीड़ित, दिव्यांग, नाबालिग काे) 20 हफ्ते की जगह 24 हफ्ते तक कभी भी गर्भपात कराने का प्रावधान संशाेधित बिल में है।
    बीमार का पता चलने पर गर्भपात का अधिकार
    बिल के मुताबिक, गर्भ में पल रहे भ्रूण में किसी भी समय गंभीर बीमारी का पता चलता है, तो मेडिकल बोर्ड की सलाह पर गर्भपात कराने का अधिकार होगा। इसके लिए महिला या उसके परिवार को काेर्ट के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बिल में यह भी प्रावधान है कि गर्भपात कराने वाली महिला का नाम और पता कोई डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी सार्वजनिक करता है तो उसे एक साल की सजा या जुर्माना अथवा दोनों से दंडित किया जा सकता है।

    केंद्र ने इसे भी दी मंजूरी

    पूर्वोत्तर परिषद को आवंटित राशि में से 30% राशि नई परियोजनाओं में लगाएंगे। इससे वंचित क्षेत्रों, समाज के उपेक्षित वर्गों और उभरते प्राथमिक क्षेत्रों के विकास में मदद मिलेगी।

    2017-18 के बाद की अवधि के लिए मेजर पोर्ट ट्रस्ट और डॉक लेबर बोर्ड के कर्मचारियों और श्रमिकों के लिए उत्पादकता से जुड़ी पुरस्कार योजना के विस्तार को मंजूरी

  • रिचार्ज खत्म बत्ती गुल !!राजधानी रायपुर, रायगढ़, कोरबा बिलासपुर सहित पांच जिलों में लगने वाले हैं बिजली के स्मार्ट और प्रीपेड मीटर ! मोबाइल की तरह रिचार्ज होगा…

    रिचार्ज खत्म बत्ती गुल !!राजधानी रायपुर, रायगढ़, कोरबा बिलासपुर सहित पांच जिलों में लगने वाले हैं बिजली के स्मार्ट और प्रीपेड मीटर ! मोबाइल की तरह रिचार्ज होगा…

    रायपुर।राजधानी में मोबाइल की तरह प्रीपेड बिजली मीटर की सुविधा शुरू होने जा रही है। जुलाई से बिजली कंपनी ने रीचार्ज वाले मीटर लांच कर की योजना बनायी है। केंद्रीय बजट में घोषणा के बाद कंपनी के अफसरों ने इसकी लांचिंग को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। रीचार्ज वाले बिजली के मीटर बिलकुल प्रीपेड मोबाइल की तरह बैलेंस होने पर ही काम करेंगे। बैलेंस खत्म होने पर मोबाइल की तरह बिजली के मीटर बंद हो जाएंगे। हालांकि बिजली मीटर में बैलेंस खत्म होने के बाद भी रीचार्ज के लिए 24 घंटे की मोहलत दी जाएगी। उसके बाद ही बिजली का कनेक्शन बंद किया जाएगा।
    शहर में 3.60 लाख बिजली के उपभोक्ता हैं। मोबाइल और डीटीएच रीचार्ज की तरह बिजली के मीटर में पहले पैसे डालकर उसे रीचार्ज किया जाएगा। मीटर में जब तक पैसा रहेगा तब तक बिजली की सप्लाई होती रहेगी। रीचार्ज का बैलेंस खत्म होने पर ये अपने आप बंद हो जाएगी। दाेबारा सप्लाई शुरू करवाने के लिए मीटर को रीचार्ज करवाना होगा। मीटर रीचार्ज करते ही बिजली की सप्लाई शुरू हो जाएगी।
    विशेषज्ञों और बिजली कंपनी के अफसरों के अनुसार रीचार्ज वाले मीटर से आम लोगों को फायदा होगा और बिजली की बचत भी होगी। बिजली कंपनी को बिल की वसूली के लिए समय और संसाधन की जरूरत नहीं पड़ेगी। अफसरों के अनुसार आम लोग वॉलेट, एटीएम, डेबिट कार्ड तथा बिजली कंपनी के रीचार्ज काउंटरों से प्रीपेड मीटर को रीचार्ज करा सकेंगे।

    आठ हजार तक खर्च : एक मीटर की अनुमानित औसत कीमत छह से आठ हजार बतायी जा रही है। जानकारों का कहना है केंद्र सरकार की नई बजट घोषणा में इसके लिए 22 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। बिजली कंपनी के अफसरों के अनुसार इससे बिजली कंपनी की स्थिति में सुधार होगा। अभी स्थिति यह है कि बिजली कंपनी लोगों को बिजली की सप्लाई करती है। महीनेभर लोग बिजली का उपयोग करते हैं। उसके बाद मीटर की रीडिंग की जाती है। रीडिंग के बाद बिल जारी किया जाता है और लोगों को बिल जमा करने के लिए 15 दिन का समय दिया जाता है। इस तरह बिजली कंपनी को खपत हुई बिजली का भुगतान लगभग डेढ़ महीने बाद मिलता है।

    प्रीपेड मीटर के फायदे-नुकसान
    फायदे : बिजली की खपत में कमी आएगी। लोगों को पता रहेगा कि कितनी खपत करें। बिल जमा करने काउंटर पर नहीं जाना पड़ेगा
    नुकसान : कभी भी अचानक बंद हो सकती है बिजली।
    मीटर में छेड़छाड़ से बिजली चोरी की आशंका।
    मीटरों से छेड़छोड़ की निगरानी नहीं हो सकेगी।

    अभी दिल्ली, राजस्थान समेत कुछ राज्यों में
    दिल्ली, राजस्थान और उत्तरप्रदेश में‌ प्रीपेड मीटर की शुरुआत हो चुकी है। हालांकि अभी इन राज्यों में शत-प्रतिशत प्रीपेड मीटर नहीं लग पाए हैं। छत्तीसगढ़ बिजली कंपनी के अफसरों का कहना है कि प्रीपेड मीटर के लिए पहले डीपीआर तैयार करने के साथ एक सिस्टम डेवलप किया जाएगा। यह भी तय किया जाएगा कि प्रीपेड मीटरों की लागत उपभोक्ताओं से किस तरह वसूली जाएगी। चूंकि इसकी कीमत बहुत ज्यादा है, इसलिए लोगों को किश्तों में भुगतान की व्यवस्था भी देने की जरूरत भी पड़ सकती है। कुछ राज्यों में इसकी पहल की गई है।

    20 फीसदी उपभोक्ता बिल पटाने में करते हैं देरी
    बिजली कंपनी को हर महीने औसतन 70 से 80 फीसदी लोग ही तय समय पर बिल अदा करते हैं। बाकी लोगों को बिल चुकाने में दो-तीन महीने या उससे भी ज्यादा समय लगता है। नई व्यवस्था से बिजली कंपनी को पैसा पहले ही मिल जाएगा। इसके लिए उन्हें अतिरिक्त कोई श्रम नहीं करना पड़ेगा। अभी मीटर रीडिंग और बिजली बिल जारी करने तथा भुगतान लेने के लिए ठेके पर कर्मचारी रखने पड़ रहे हैं।
    प्रीपेड मीटर में रहेगाकार्ड, उसी में रीचार्ज
    प्रीपेड मीटर में एक कार्ड रहेगा। यह कार्ड ठीक उसी तरह का होगा, जैसे डीटीएच के बाक्स में कार्ड रहता है। इस कार्ड नंबर पर ही रीचार्ज कराना होगा। केंद्र सरकार के बजट में इस बात की भी घोषणा की गई है कि लोग अपनी पसंद की बिजली उपलब्ध कराने वाली कंपनी का चुन सकते हैं। इस पर भी यदि अमल हुआ तो बिजली सप्लाई करने वाली कंपनियों के बीच प्रतिष्पर्धा बढ़ेगी और लोगों को फायदा होगा। ग्राहक बढ़ाने के लिए कंपनियां उपभोक्ताओं को आॅफर भी देंगी।

    सिस्टम शुरू होने में लगेंगे 6 माह
    रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा सहित पांच शहरों को इसके लिए चुना गया है। स्मार्ट और प्रीपेड मीटर दोनों पर काम किया जा रहा है। यह सिस्टम शुरू होने में छह महीने का वक्त लगेगा।
    एचआर नरवरे, ईडी बिजली कंपनी

  • CBI के इस जांबाज अफसर को मिलेगा राष्ट्रपति पुरुस्कार, जिसने 6 फ़ीट की दीवार फांदकर पी. चिदंबरम को दबोचा…

    CBI के इस जांबाज अफसर को मिलेगा राष्ट्रपति पुरुस्कार, जिसने 6 फ़ीट की दीवार फांदकर पी. चिदंबरम को दबोचा…

    दिल्ली। 6 फुट ऊंची दीवार फांदकर पी. चिदंबरम को दबोचने वाले सीबीआई के अफसर को गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रपति पुरस्कर से सम्मानित किया गया है।

    ये अधिकारी कोई और नहीं बल्कि डीएसपी रामास्वामी पार्थसारथी हैं.  पार्थसारथी उन 28 सीबीआई अधिकारियों में से एक हैं, जिन्हें ये सम्मान मिला. बता दें कि 6 फुट की दीवाल कूद कर चिदंबरम को गिरफ़्तार किया था. चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया केस में गिरफ़्तार किया गया था. पार्थसारथी के बारे में एक और बात जानने लायक है कि वो काफ़ी नरमी से लोगों से बातें करते हैं, लेकिन जब बात प्रोफेशन की आती है तो वो कड़ा रुख अख्तियार करते हैं।

    रामास्वामी पार्थसारथी ने शुरुआत में टीम बतौर डीएसपी ज्वाइन किया था, लेकिन बाद में वो प्रमोट होकर ज्वाइंट डायरेक्टर बने थे. पार्थसारथी ने ही पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को भी गिरफ़्तार किया था. आईपीएस ऑफिसर धीरेन्द्र शुक्ला को भी प्रेसिडेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है. उन्होंने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह ने जुड़े मामले में भी जांच की थी।

    धीरेंद्र शुक्ला ने उस टीम का भी नेतृत्व किया था जो रोशन अंसारी को संयुक्त अरब अमीरात से भारत लाने में सफल भूमिका निभाई थी. रामास्वामी पार्थसारथी और धीरेंद्र शुक्ला के अलावा विनय कुमार, निर्भय कुमार, एसपी मनोज वर्मा, दीपतेंदू भट्टाचार्य, राजेश सिंह, ओम प्रकाश बिश्नोई, संजय कुमार भाट, रबि नारायण त्रिपाठी, मुकेश वर्मा, नितेश कुमार, बरुण कुमार सरकार, नारायण चंद्र साहू, नंद किशोर, नूर अली शेख और रोहिताश कुमार धिनवा को भी विशिष्ट सेवा के लिए पुलिस पदक सम्मान देने की घोषणा की गई है।

    क्या है आईएनएक्स मीडिया केस?

    विदेशी निवेश की आड़ में फॉरन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड में चल रहे ‘खेल’ का खुलासा 2 जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच के दौरान एयरसेल-मैक्सिस डील की जांच से होनी शुरू हुई. इस डील में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर ही ईडी टीम का ध्यान मैक्सिस से जुड़ी कंपनियों से तत्कालीन वित्त मंत्री चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम से जुड़ी कंपनियों में पैसे आने पर गया. जब ईडी मामले की तह तक पहुंची तो इस केस में घूसखोरी की परतें एक के बाद एक खुलती चली गईं. आईएनएक्स के प्रमोटर इंद्राणी मुखर्जी के सरकारी गवाह बनने के बाद चिदंबरम पर शिकंजा कसना शुरू हो गया. इसके बाद चिदंबरम की कड़ी मशक्कत के बाद गिरफ्तारी हुई और फिर उन्हें जेल जाना पड़ा. कुछ दिनों पहले ही वह जमानत पर जेल से रिहा हुए हैं।

  • इस ब्रिटिश मैगजीन ने भारत के खिलाफ उगला जहर

    इस ब्रिटिश मैगजीन ने भारत के खिलाफ उगला जहर

    दिल्ली। इन दिनों अमेरिका और ब्रिटेन के कई मीडिया हाउसों ने भारत को बदनाम करने का संगठित अभियान छेड़ रखा है। इसी कड़ी में अब ब्रिटिश मैगजीन दि इकोनॉमिस्ट ने भारत के खिलाफ जहर उगला।

    ब्रिटेन की साप्ताहिक पत्रिका दि इकोनॉमिस्ट ने अपने साप्ताहिक संस्करण में असहिष्णु भारत नाम से हेडलाइन देकर लेख लिखा है। इसमें पीएम पर आरोप लगाते हुए मैगजीन ने लिखा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को मोदी खतरे में डाल रहे हैं। पत्रिका मे तीन लेखों के जरिये सरकार की नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी को लेकर आलोचना करते हुए देश के खिलाफ टिप्पणी की गई हैं।

    पत्रिका ने अपने एकपक्षीय लेख में लिख मारा कि भारत के मुसलमानों को डर है कि पीएम मोदी एक हिंदू राष्ट्र का निर्माण कर रहे हैं। इसके साथ ही उसने पीएम पर भी कई अशोभनीय टिप्पणियां करते हुए उन पर भी निशाना साधा है। देखना है कि सरकार और राजनीतिक दल इस पर क्या रिएक्शन देते हैं।

  • रायपुर के एक हॉस्पिटल के नियमों से हुए मरीजों के परिजन परेशान, जानिए वजह…

    रायपुर के एक हॉस्पिटल के नियमों से हुए मरीजों के परिजन परेशान, जानिए वजह…

    रायपुर। राजधानी रायपुर में एकता हॉस्पिटल बच्चों इलाज के लिए काफी नामी माना जाता है. लेकिन पिछले कुछ दिनों से अस्पताल प्रबंधन की एक मनमानी से मरीज के माता-पिता काफी परेशान है।

    परेशान इसलिए क्योंकि अस्पताल प्रबंधन परिजनों को नियमों के विपरित दवा अस्पताल की ही मेडिकल स्टोर से खरीदने के लिए बाध्य कर दिया है. यही कारण है कि अस्पताल के डॉक्टर बच्चों की दवा लाने के लिए उन्हें पर्ची नहीं देते, वे सीधे परिजनों को मेडिकल स्टोर जाकर दवा लाने कह देते है. इससे परिजन तो परेशान है लेकिन अस्पताल में हो रहे नियमों के विपरित इस काम पर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का भी ध्यान नहीं है।

    दरअसल नियमों के मुताबिक कोई भी निजी अस्पताल अपनी अस्पताल की मेडिकल स्टोर से मरीजों को दवा खरीने के लिए बाध्य नहीं कर सकता है, लेकिन एकता हॉस्पिटल में पिछले कुछ दिनों से ये खेल चल रहा है.
    सूत्र बताते है कि अस्पताल में वर्षों से एक मेडिकल स्टोर संचालित था, उसे हटाकर प्रबंधन ने दूसरे व्यक्ति को इसके संचालन की जिम्मेदारी दे दी. इसी बीच अस्पताल के बाहर स्थित कुछ मेडिकल स्टोर्स वाले मरीजों को फायदा पहुंचने डिस्काउंट देना शुरू कर दिया और अस्पताल में डिस्काउंट के पर्चे भी बांटे.
    इससे हुआ ये कि अस्पताल में भर्ती तमाम मरीज के परिजन अस्पताल की मेडिकल स्टोर से दवा न लाकर बाहर की मेडिकल स्टोर से डिस्काउंट में दवा लाने लगे, जिससे अस्पताल में खुले नए मेडिकल स्टोर के संचालक को नुकसान होने लगा. यही कारण है कि अस्पताल नए अपने अस्पताल की मेडिकल स्टोर के संचालक को नुकसान न हो इसलिए नया फार्मूला निकाला और दवा की पर्ची मरीज के हाथ में न देकर सीधे मेडिकल स्टोर भेजनी शुरू कर दी, इसका फायदा मेडिकल स्टोर और अस्पताल को होना शुरू हो गया और मरीजों को डिस्काउंट का नुकसान.
    लेकिन ये नियमों के विपरित है और नियम तो ये कहता है कि कोई भी अस्पताल मरीजों को अपनी मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकता है. हालांकि ये खेल राजधानी रायपुर के एकता हॉस्पिटल में ही नहीं लालपुर स्थित दो बड़े अस्पतालों में भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की सेटिंग के साथ खेला जा रहा है, जिस ओर किसी का भी ध्यान नहीं है।

  • कराटे चैंपियन लडक़ी से इश्क करके रचाई शादी,आया जिंदगी में भूचाल आए दिन होना पड़ता है अस्पताल में भर्ती…

    कराटे चैंपियन लडक़ी से इश्क करके रचाई शादी,आया जिंदगी में भूचाल आए दिन होना पड़ता है अस्पताल में भर्ती…

    दिल्ली। एनसीआर नोएडा में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहां एक कराटे चैंपियन लडक़ी सेे दीपक साहनी की पहले सोशल मीडिया पर पहचान हुई। फिर दोनों के बीच प्रेम परवान चढऩे लगा और अंतत: दोनों परिणय सूत्र में भी बंध गए, लेकिन अब दीपक की जिंदगी में भूचाल मचा हुआ है।

    मीडिया रिपोट्र्स में आ रही खबरों के मुताबिक जब भी पत्नी से पति का झगड़ा होता तो पत्नी कराटे का हुनर अपने पति पर ही आजमा देती। शनिवार को दोनों में झगड़ा इतना बढ़ा कि पति की टांग ही फ्रैक्चर कर दी। बेहाल पति व्हील चेयर पर हॉस्पिटल पहुंचा और वहां पुलिस बुलाकर गुहार लगाई, मुझे मेरी बीवी से बचाओ।

    दीपक साहनी को उनके पिता अशोक साहनी रविवार की सुबह व्हील चेयर पर जिला अस्पताल ले गए. दीपक की एक टांग में फ्रैक्चर और कई जगह ब्लड क्लॉटिंग है।उन्होंने बताया कि मई 2019 में दोनों की शादी हुई थी. दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होता था। दीपक की पत्नी उसे हमेशा पीटा करती थी। पत्नी जूडो-कराटे चैंपियन है और अपने हुनर का इस्तेमाल दीपक पर करती है. वह दीपक को पहले भी जख्मी कर चुकी है. उसके सिर में फ्रैक्चर हुआ था. उसका इलाज अब भी चल रहा है। इस मामले की शिकायत पुलिस में भी की गई है।