Author: Sunil Agrawal

  • इस दवा की खुली बिक्री पर गवर्नमेन्ट को लगानी पड़ी रोक…..लगातार स्टॉक की जानकारी हो रही अपडेट….

    इस दवा की खुली बिक्री पर गवर्नमेन्ट को लगानी पड़ी रोक…..लगातार स्टॉक की जानकारी हो रही अपडेट….

    पूरे प्रदेश में मलेरिया की दवा हाइड्रोक्सी क्लोरोक्विन की दवा खुला बेचने पर रोक लगा दी गई है। सरकार के निर्देश के अनुसार इस दवा को अब बिना बिना डॉक्टर के पर्ची के देना मना कर दिया गया है।

    कोरोना संक्रमण के दौरान अचानक सुर्खियों में आई मलेरिया की दवा हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन की खुली बिक्री पर लगी रोक।

    अब बगैर चिकित्सक की सलाह पर यह दवा नहीं मिल पाएगी। सरकार द्वारा जिले के दवा निरीक्षकों को दिए गए निर्देश के बाद इसके लिए औषधि विक्रेताओं को निर्देश जारी कर दिए गए है। विभाग इसके लिए सभी दवा दुकानों से इसके स्टॉक की लगातार जानकारी अपडेट कर रहा है।

    कोरोना संक्रमण के दौरान देश में प्रचलित मलेरिया की दवा हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन को कोरोना संक्रमण के लिए एक कारगर दवा के तौर पर दावा किया जा रहा था, इसी दौरान यह उस समय अचानक सुर्खियों में आई जब अमेरिका सहित अन्य कई देशों ने भारत सरकार से इसकी आपूर्ति की मांग रखी। अन्य देशों से इसकी मांग को देखते हुए जिले के कई हिस्सों में भी इसके बगैर जरूरत को देखते हुए खरीदने की जानकारी सामने आने लगी। जिसको देखते हुए एहतियातन खाद्य एवं औषधि नियंत्रण बोर्ड ने इसकी खुली बिक्री पर लगाम लगाने की तैयारी कर ली। इसी निर्देश अब जिला औषधि निरीक्षकों ने अपने-अपने क्षेत्र के दवा दुकान में इसकी खुली बिक्री पर रोक लगा दी है और इसके स्टॉक को लगातार अपडेट कर रहा है। प्रतापपुर क्षेत्र के औषधि निरीक्षक अमरेश तिर्की ने बताया कि इसकी खुली बिक्री के पीछे रोक का कारण यह है कि कोरोना संक्रमण को लेकर किये जा रहे दावे के बीच नागरिक इसका दुरुपयोग न करे व बगैर चिकित्सीय सलाह के इसका उपयोग न करे। इसलिए अब जरूरत पड़ने पर एमबीबीएस चिकित्सक इस दवा की जरूरत पर मरीजों को यह दवा लिख सकेंगे, जो किसी भी दवा दुकान में उपलब्ध हो जाएगी। उन्होनें बताया कि इसके लिए सभी दवा विक्रेताओं से उनके स्टॉक की जानकारी ले ली गई है, और इसकी बिक्री को लेकर लगातार अपडेट ली जा रही है। इधर प्रतापपुर नगर में संचालित 7 दवा दुकानों में इसके स्टॉक की जानकारी लिए जाने के साथ गंभीरता से निर्देश का पालन कराया जा रहा है।

  • राजधानी में दो व्यक्ति पत्रकारिता की आड़ में शराब व नशीली दवाई की तस्करी करते पकड़ाए….

    राजधानी में दो व्यक्ति पत्रकारिता की आड़ में शराब व नशीली दवाई की तस्करी करते पकड़ाए….

    लाखों रूपये की शराब और पिस्टल, रिवाल्वर कारतूस जप्त

    साथ ही नशीली दवाई और टेबलेट की सैंकडों की संख्या में मिले

    रायपुर। प्रदेश की राजधानी में एक सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ है। पुलिस ने उक्त मामले में एक कथित पत्रकार को गिरफ्तार किया है।

    आरोपी पत्रकारिता की आड़ में शराब की तस्करी किया करता था। पुलिस ने छापेमारी के दौरान उस कथित पत्रकार के पास महंगी शराब का ही नहीं हथियारों का भी जखीरा बरामद किया है। खुद को पत्रकार साबित करने के लिए युवक ने एक कथित प्रेस आईडी कार्ड भी बनवा रखा था और खुद को पत्रकार बताकर रसूख दिखाया करता था। पुलिस ने उसके एक साथी को भी गिरफ्तार किया है।

    दरअसल राजधानी पुलिस को सूचना मिली थी कि लाॅकडाउन का फायदा उठाकर दो आरोपी शंकर नगर के राजीव नगर में शराब बेच रहे है। शिकायत के बाद एसएसपी आरिफ शेख के निर्देश पर क्राइम ASP पंकज चंद्रा, सीएसपी आभिषेक माहेश्वरी सीएसपी सिविल लाईन नासिर सिद्दीकी के नेतृत्व में थाना प्रभारी खम्हारडीह ममता शर्मा ने राजीव नगर से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपी का नाम जतिंद्र आकाश सिंह हैं जो खुद को एक मासिक पत्रिका का पत्रकार बता रहा है। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने शराब बेचने की बात कबूल कर ली है।

    आरोपी जतिंद्र के घर से 2 नग पिस्टल, एक रिवाल्वर, आठ नग जिंदा कारतूस, चार नग धारदार हाथियार एवं टेबलेट, 42 नग कोडिन सिरप और एक कार बरामद किया गया है। पुलिस ने आरोपी के एक और अन्य साथी मयंक अग्रवाल को भी गिरफतार किया है, आरोपी के घर से महंगी दारू के बोतल और बीयर भारी मात्रा में बरामद किया गया है।

    एक पेटी के आसपास शराब और कुछ हथियार जब्त किए गए है और कार्रवाई अभी भी जारी है, राजीव नगर स्थित इसके घर से एक कार भी बरामद कि गई है, आरोपी ने अपने आप को किसी मैग्जीन का पत्रकार बताया है।

  • मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर किए गए निलंबित… हुए थे जमात में शामिल और छिपाई जानकारी

    मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर किए गए निलंबित… हुए थे जमात में शामिल और छिपाई जानकारी

    शहडोल। मेडिकल कॉलेज शहडोल में पदस्थ प्रोफेसर डॉ मोहम्मद मुजाहिद अंसारी दिल्ली जमात में शामिल हो कर ट्रेवल हिस्ट्री नही बताई थी।

    प्रोफेसर अंसारी 6 से 11 मार्च तक नागपुर के लिये अवकाश ले कर दिल्ली जमात में शामिल हुए थे ।जमात में शामिल हो कर 12 से 19 मार्च मेडिकल कालेज में सेवाएं भी दी थी। देश मे बढ़ते संक्रमण के बावजूद कालेज प्रबंधन को इसकी जानकारी देने के बजाए उनके द्वारा यह जानकारी छुपाने के कारण यह कार्यवाही की गईं है।

    हालांकि शहडोल से जमात में शामिल होने के लिए गए लोगों की जांच के बाद नेगेटिव रिपोर्ट ने जिले की चिंता घटा दी थी,लेकिन इसी बीच शहडोल मेडिकल कॉलेज में पदस्थ प्रोफेसर के चोरी छुपे जमात में शामिल होने की जानकारी सामने आने के बाद एक बार फिर शहडोल को सुर्खियों में ला दिया है।

     

  • कोरबा जिले से सटे धरमजयगढ़ के सभी बॉर्डर सील … सुरक्षित रहना हो तो लॉक डाउन का पालन करें : एसडीओपी नायक

    कोरबा जिले से सटे धरमजयगढ़ के सभी बॉर्डर सील … सुरक्षित रहना हो तो लॉक डाउन का पालन करें : एसडीओपी नायक

    कोरबा जिले के कटघोरा में तबलीगी जमात से जुड़े सात लोगों का अचानक चीनी बीमारी से संक्रमित पाए जाने के बाद रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र के सभी बॉर्डर को पूरी तरह सील कर दिया गया है।बता दे कि रायगढ़ जिले का धरमजयगढ़ कोरबा जिले से लगा हुआ है ऐसे में धरमजयगढ़ के तेजतर्रार एसडीओपी सुशील नायक किसी भी तरह का रिस्क नही लेना चाहते और इस समय चल रहे हालातों को दखते हुए धरमजयगढ़ क्षेत्र की उन तमाम इलाकों पर पुलिस, फॉरेस्ट ऑफिसर, पुलिस मित्रदल के सदस्यों और कोटवारों की मदद से कड़ी निगरानी की जा रही हैं जो कोरबा जिले से लगे हुए हैं जिनमे प्रमुख रूप से बोरों, फ़तेपुर, हाटी जैसे अन्य मार्ग है।

    इन सड़कों पर बेरियर लगाया गया है बड़े बड़े पेड़ गिराकर इन रास्तों को सील कर दिया गया है। चीनी बीमारी से ग्रसित इन लोगो की जैसे ही जांच सामने आई धरमजयगढ़ एसडीओपी तत्काल उन क्षेत्रों के दौरे पर पहुँचकर इलाके के रास्तों को सील कर आवागमन पर प्रतिबंध लगा दिया इसी के साथ ही लॉक डाउन प्रक्रिया में सख्ती से पालन कराने के लिए धरमजयगढ़ एसडीओपी सुशील कुमार नायक ने पूरे क्षेत्र का भ्रमण किया। जहां स्थानीय सब्जी मंडी और बाजार में व्यवसायियों को कड़ी चेतावनी देते हुए लॉक डाउन व सोशल डिस्टेंस का पालन करने की हिदायत दी अनावश्यक रूप से बाजार में घूम रहे लोगो को फटकार लगाते हुए कहा कि बिना आवश्यक कार्य के कोई भी घर से बाहर न निकले।

    एसडीओपी नायक ने बताया की ऐसे लोग जो अनावश्यक रूप से बाजार में झोला और दवाई की पर्ची के साथ बहाना बनाकर घूमते है उन्हें भी कड़ी चेतावनी दी है। औऱ ऐसे लोगो को चिन्हित कर कड़ी कार्रवाई करना आरम्भ कर दिया हैं वहीं एसडीओपी नायक के सजगता की वजह से सभी चेक पोस्ट में पुलिस जवानों द्वारा निरन्तर आवश्यक कार्रवाई जारी है। यहां से गुजरने वाले सभी लोगों की निगरानी की जा रही है। सभी को हिदायत भी दे रहे हैं। एसडीओपी ने कहा है कि अगर लोग नियमों का पालन नहीं करेंगे तो उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही पुलिस ने यह भी कहा कि अगर सुरक्षित रहना है तो आप सभी घर में ही रहें और नियमों का पालन करें साथ ही लोगों को भी जागरुक करने का काम करें।

  • कोरोना से लड़ने, मुख्यमंत्री ने की समाज के सक्षम वर्ग से दान करने की अपील….

    कोरोना से लड़ने, मुख्यमंत्री ने की समाज के सक्षम वर्ग से दान करने की अपील….

    रायपुर। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरोना संकट के बीच समाज के सक्षम वर्ग के लोगों से दान करने की अपील की है. सीएम बघेल ने कहा की यह संकट का समय है। सरकार जो कुछ कर सकती है, कर रही है। लेकिन बहुत कुछ और है जो किया जा सकता है। प्रदेश के बहुत से सुधिजनों ने ग़रीब और ज़रुरतमंदों की सहायता करने की इच्छा जताई है। मैं समाज के सक्षम वर्ग से इस संकट के समय में दान की अपील करता हूं।

    प्रदेश में कोरोना की स्थिति- 
    प्रारंभिक 10 कोरोना वायरस पॉजिटिव मरीजों में से 9 पहले ही डिस्चार्ज हो चुके थे जबकि शेष भर्ती 16 वर्षीय युवक पूर्णतः स्वस्थ होने के बाद आज डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। इस प्रकार सभी प्रारंभिक 10 मरीज सही हो चुके हैं।

    2 दिन पहले आए 8 मरीजों का इलाज भी जारी है।

  • सोशल डिस्टेंसिंग धारा 144 के नियम हुये नजर अंदाज, मंत्री जी क्या आये सब भूल गये नियम कायदे’, मंत्री ने विभिन जगह का लिया जायजा

    सोशल डिस्टेंसिंग धारा 144 के नियम हुये नजर अंदाज, मंत्री जी क्या आये सब भूल गये नियम कायदे’, मंत्री ने विभिन जगह का लिया जायजा

    धमतरी। जिले के प्रभारी मंत्री का आज जिले में दौरा हुआ, उन्होंने विभिन्न जगह पहुंच निरीक्षण किया, वहीं गरीब बस्तियों में राशन भी बांटे। लेकिन इस दौरान नियमों को नजरअंदाज करने की चर्चा होती रही। ग़ौरतलब हो कि वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण को लेकर एहतियात बरतने कहा जा रहा, मास्क सैनिटाइजर के साथ हाथों को बार बार धोने की बात दोहराई जा रही। दूसरी ओर समूचे देश मे लॉक डाउन कर दिया गया है, सोशल डिस्टेंसिंग के साथ धारा 144 भी लागू की गई है। मगर मजे की बात यह है कि जब जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा का जिले में आगमन हुआ तो यह सभी नियम कायदे नजरअंदाज कर दिये गये थे।

    उनके चाहने वाले समूह में नजर आये, कहीं कोई दूरी नजर नहीं आई, न ही उन्हें नियमों के पालन के लिये कहा गया। कुछ लोग तो मास्क भी नहीं पहने थे। अब जब इतनी कड़ाई के बाद ऐसी तस्वीरें और खबरे सामने आयेगी तो फिर तरह तरह की चर्चा होना भी वाजिब है। कहा जा रहा था नियमों का पालन करना क्या? सबकी जिम्मेदारी नहीं है क्या? इसमें भी भेदभाव होता है। आम लोगों पर फटाफट कार्यवाही की जा रही, यातायात पुलिस तो लोगों की बाइक को भी उठाकर ले जा रही।

    घर के बाहर खड़ी गाड़ियों को भी नहीं बख्शा जा रहा। यहां तक लोगों पर लाठी बरसाने से भी परहेज नहीं किया जा रहा, पत्रकार भी इसका शिकार हो रहे। जब ऐसी घटनायें शहर में लगातार सामने आई हो तो फिर इन तस्वीरों को देख भेदभाव की चर्चा तो होगी ही वहीं यह भी कहा जाने लगा है कि सब मिलकर ही कोरोना को हरा सकते है, सबको इसके लिये गम्भीर होना पड़ेगा यह सबकी जिम्मेदारी है ।

  • सुप्रीम कोर्ट ने आईटी एक्‍ट की धारा 66-ए को रद्द किया, आपत्तिजनक पोस्‍ट से जुड़ा था कानून

    सुप्रीम कोर्ट ने आईटी एक्‍ट की धारा 66-ए को रद्द किया, आपत्तिजनक पोस्‍ट से जुड़ा था कानून

    सुप्रीम कोर्ट ने दी सोशल मीडिया में खुल कर लिखने की आजादी…

    दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने साइबर कानून की विवादित धारा 66ए को रद्द कर दिया है। सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने के मामले पुलिस अब आननफानन गिरफ्तारी नहीं कर सकेगी। सर्वोच्च अदालत ने कहा कि आईटी एक्ट की धारा 66ए संविधान के अनुच्छेद 19(2) के अनुरूप नहीं है।


    इस फैसले के बाद फेसबुक, ट्विटर सहित सोशल मीडिया पर की जाने वाली किसी भी कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए पुलिस आरोपी को तुरंत गिरफ्तार नहीं कर पाएगी। न्यायालय ने यह महत्वपूर्ण फैसला सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की आजादी से जुड़े इस विवादास्पद कानून के दुरुपयोग की शिकायतों को लेकर इसके खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुनाया।

    यह धारा वेब पर अपमानजनक सामग्री डालने पर पुलिस को किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करने की शक्ति देती थी। कोर्ट ने कहा कि आईटी एक्‍ट की धारा 66 ए से लोगों की जानकारी का अधिकार सीधा प्रभावित होता है। कोर्ट ने कहा कि धारा 66 ए संविधान के तहत उल्लिखित अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार को साफ तौर पर प्रभावित करती है।

    न्यायालय ने प्रावधान को अस्पष्ट बताते हुए कहा, ‘किसी एक व्यक्ति के लिए जो बात अपमानजनक हो सकती है, वो दूसरे के लिए नहीं भी हो सकती है।’ कोर्ट ने कहा कि सरकारें आती हैं और जाती रहती हैं लेकिन धारा 66 ए हमेशा के लिए बनी रहेगी। न्यायालय ने यह बात केंद्र के उस आश्वासन पर विचार करने से इनकार करते हुए कही जिसमें कहा गया था कि कानून का दुरुपयोग नहीं होगा। न्यायालय ने हालांकि सूचना आईटी एक्‍ट के दो अन्य प्रावधानों को निरस्त करने से इनकार कर दिया जो वेबसाइटों को ब्लॉक करने की शक्ति देता है।

    इस मसले पर लंबी सुनवाई के बाद 27 फ़रवरी को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने भी कई बार इस धारा पर सवाल उठाए थे। वहीं केंद्र सरकार ने एक्ट को बनाए रखने की वकालत की थी। केंद्र ने कोर्ट में कहा था कि इस एक्ट का इस्तेमाल गंभीर मामलों में ही किया जाएगा। 2014 में केंद्र ने राज्यों को एडवाइज़री जारी कर कहा था कि ऐसे मामलों में बड़े पुलिस अफ़सरों की इजाज़त के बग़ैर कार्रवाई न की जाए।

    2013 में महाराष्ट्र में दो लड़कियों को शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे पर सोशल मीडिया में आपत्तिजनक पोस्ट करने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इस मामले में श्रेया सिंघल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। बाद में कुछ NGO ने भी इस एक्ट को ग़ैरक़ानूनी बताते हुए इसे ख़त्म करने की मांग की थी।

    कुछ दिन पहले यूपी में मंत्री आजम खान पर पोस्ट करने वाले छात्र को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

  • 1 मार्च के बाद बहर से आये लोगो द्वारा जानकारी छुपाने पर उनके खिलाफ हत्या या हत्या के प्रयास का मामला होगा दर्ज….

    1 मार्च के बाद बहर से आये लोगो द्वारा जानकारी छुपाने पर उनके खिलाफ हत्या या हत्या के प्रयास का मामला होगा दर्ज….

    रायपुर। राजधानी से क़रीब सत्तर किलोमीटर दूर स्थित ज़िले में एक सरकारी फ़रमान जारी हुआ है, जिसमें बताया गया है कि, कोरोना संक्रमण के इस दौर में यदि किसी ने बाहरी के अपने यहाँ होने या कि प्रभावित जगह से पहुँचने वाले की जानकारी छुपाई तो उस व्यक्ति और संदिग्ध दोनों के विरुद्ध राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत धारा 307 और जरुरत पड़ी तो धारा 302 के तहत भी अपराध दर्ज किया जाएगा।

    यह ज़िला है राजनांदगाँव,जिसकी क़रीब दो सौ किलोमीटर लंबी सीमा कोविड 19 से सर्वाधिक प्रभावित राज्य महाराष्ट्र से सीधे सटी हुई है। इस ज़िले में सरहद पर 1450 के आसपास दिगर राज्यों के श्रमिकों को रोक दिया गया है, इनके लिए आठ कैंप बनाए गए हैं।उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं है, ग्रामीण इलाक़ों में क़रीब दस हज़ार ऐसे लोग हैं जो दिगर राज्यों से अपने गाँव पहुँचे हैं, हालाँकि उन्हें ग्रामीणों ने गाँव के बाहर ही रोक दिया है, और उन्हें नियत समय पर भोजन पानी दिया जा रहा है।इसके अलावा क़रीब 175 लोग शासकीय क्वारनटाईन में है।

    “हम लगातार आग्रह कर रहे हैं कि यदि कोई बाहर से आया हुआ है तो हमें सुचित कर दे.. महाराष्ट्र से सटी हुई दो सौ किलोमीटर लंबी सीमा है.. जिसके कई ग्रामीण रास्ते हैं..हमें लगातार सूचनाएँ आ रही हैं कि लोग आ रहे हैं… जहां तक तबलीग का मसला है.. बड़ी संख्या में इस के अनुयायी हैं.. हम उनकी जानकारी भी माँग रहे हैं..”

    कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य ने कहा
    “हम लगातार आग्रह कर रहे हैं, इसके साथ साथ सूचनाओं पर जा भी रहे हैं.. यदि ऐसा हुआ कि हमने पकड़ लिया तो हाँ बिलकुल हम आपदा प्रबंधन अधिनियम के साथ साथ, धारा 144 के उल्लंघन और धारा 307 याने हत्या के प्रयास और जरुरी लगा तो धारा 302 की धाराएँ भी लगाएँगें”

  • प्रदेश में 7 नये कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद डीजीपी अवस्थी का निर्देश, सभी एसपी लॉकडाउन का सख्ती से कराए पालन, करें खुद पेट्रोलिंग…

    प्रदेश में 7 नये कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद डीजीपी अवस्थी का निर्देश, सभी एसपी लॉकडाउन का सख्ती से कराए पालन, करें खुद पेट्रोलिंग…

    रायपुर। डीजीपी डीएम अवस्थी ने सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया है कि लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराया जाए. उन्होंने कहा है कि कुछ बड़े शहरों में दोपहर 12 बजे तक अधिक संख्या में लोगों की आवाजाही हो रही है, जिस पर तत्काल नियंत्रण करना सुनिश्चित करें।

    ये ध्यान रखें कि लगातार चल रहे लॉकडाउन के कारण कहीं पर भी शिथिलता ना बरती जाए. लॉक डाउन का सख्ती से पालन कराने के लिए एसपी स्वयं पेट्रोलिंग करें. इसके साथ ही अधीनस्थों को फिक्स पिकेट के माध्यम से पालन कराने के लिए सुनिश्चित करें।

  • कोरोना के 100 दिन

    कोरोना के 100 दिन

    जब चीन ने दुनिया को आगाह किया, तब कोरोना के 34 मामले थे, पिछले सौ दिनों में मामले 45 हजार गुना बढ़ गए

    दिल्ली। 2020 की शुरुआत के एक दिन पहले से शुरू हुआ कोरोनावायरस का प्रकोप अब 100 दिन पूरे कर चुका है। चीन ने 31 दिसंबर को वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन को इस रहस्यमय बीमारी को लेकर अलर्ट किया था। तब चीन में कोरोनावायरस के संक्रमण के मात्र 34 मामले थे। पिछले 100 दिनों में ये मामले 45,000 गुना बढ़ गए। इस वायरस से पहली मौत चीन में 9 जनवरी को हुई थी। अब 3 महीने के बाद दुनियाभर में 89 हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। पूरी दुनिया में 1,532,439 लोग संक्रमित हो चुके हैं। अरबों लोग घरों में कैद हो गए हैं, दुनियाभर की अर्थव्यवस्था खतरे में है।

    इस वायरस से सबसे ज्यादा मौतें इटली में हुई हैं। खास बात यह है कि इटली में 55वें दिन (23 फरवरी 2020) पहली बार तीन मौतें हुईं थीं। इसके बाद के 45 दिनों में यहां 17,669 लोगों की मौत हो गई। भारत में इस वायरस से पहली मौत 11 मार्च को हुई थी।

    आइये जानते हैं इस वायरस की शुरुआत से अब तक क्या-क्या हुआ?

    दिन-1, केस- 34 (31 दिसंबर 2019)
    चीन ने वर्ल्ड हेल्थ आर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) को पहली बार अलर्ट किया कि उसने एक नए प्रकार के कोरोनावायरस को पाया है। हालाँकि, नवंबर और दिसंबर में वुहान में निमोनिया के कई मामले सामने आए थे, लेकिन 31 दिसंबर वह तारीख थी जब दुनिया का ध्यान रहस्यमयी बीमारी की ओर गया था।

    दिन-10, केस- 63 (9 जनवरी 2020)

    इस वायरस से चीन में पहली मौत हुई। हालांकि, चीन ने इसकी घोषणा दो दिन बाद की थी।

    दिन-24, केस-654 (23 जनवरी 2020)
    चीन में हुबेई प्रांत की राजधानी वुहान को लॉकडाउन किया गया। डब्ल्यूएचओ ने इस वायरस के ह्यूमन टू ह्यूमन ट्रांसमिशन के सुबूत देखे।

    दिन-32, केस-9,927 (31 जनवरी 2020)
    चीन से यह वायरस निकलकर ब्रिटेन पहुंचा। 31 जनवरी को ब्रिटेन में इस वायरस से संक्रमित पहला केस मिला।

    दिन-43 , केस-44,802 (11 फरवरी 2020)
    इस नए प्रकार के कोरोनावायरस का नाम ‘कोविड-19’ रखा गया।

    दिन-46, केस- 66,885 (14 फरवरी 2020)
    अफ्रीका महाद्वीप में पहला केस मिला और साथ ही फ्रांस में इस वायरस से पहली मौत रिकॉर्ड की गई।

    दिन-55, केस- 78,958 (23 फरवरी 2020)
    इटली में इस वायरस से तीन मौतें हुईं। इसके साथ ही यहां के सार्वजनिक कार्यक्रमों को कैंसल किया जाने लगा।

    दिन-69, केस- 109,821 (8 मार्च 2020)
    इटली का सबसे प्रभावित क्षेत्र लोम्बार्डी को लॉकडाउन किया गया। इसके साथ ईरान भी इस वायरस से बुरी तरह प्रभावित हुआ।

    दिन-72, केस- 125,875 (11 मार्च 2020)
    वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने इस बीमारी को महामारी घोषित किया।

    दिन-76, केस- 167,454 (15 मार्च 2020)
    स्पेन में पहली बार एक दिन में 100 मौतें हुईं। इस वायरस से एक दिन में होने वाली 15 मार्च तक की ये सबसे ज्यादा मौतें थीं।

    दिन-86, केस- 467,653 (25 मार्च 2020)
    भारत में टोटल लॉकडाउन घोषित किया गया और यहां की 130 करोड़ की जनसंख्या घरों में कैद हो गई। इस दिन ही अमेरिका में कांग्रेस ने 2 ट्रिलियन का इमरजेंसी प्रोग्राम पास किया।

    दिन-88, केस- 593,291 (27 मार्च 2020)
    ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन कोरोनावायरस संक्रमित पाए गए।

    दिन-94, केस- 1,013,320 (2 अप्रैल 2020)
    दुनियाभर में कोरोनावायरस के संक्रमित लोगों की संख्या 10 लाख के ऊपर पहुंच गई। इसके साथ ही इससे होने वाली मौतों की संख्या 75,000 हो गई।

    दिन-100, केस- 1,511,104 (8 अप्रैल 2020)
    दुनियाभर में इस वायरस से 89,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

    (डेटा स्रोत- जॉन हॉपकिंस वेबसाइट)

    अब अगले 100 दिनों में क्या हो सकता है?
    इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि इटली और स्पेन में संक्रमण के मामलों में कमी आई है। यहां प्रतिदिन आने वाले संक्रमण के मामलों में मामूली गिरावट है। हालांकि, ब्रिटेन और अमेरिका इटली से दो हफ्ते पीछे लग रहे हैं। यहां अभी इटली जैसे हालात होने का अनुमान है। भारत में भी संक्रमण की रफ्तार हाल ही में तेजी से बढ़ी है। इससे भारत के लिए भी खतरा दिख रहा है। अभी तक इस बीमारी का सटीक इलाज नहीं खोजा जा सका है। वर्तमान में दुनियाभर में कोविड-19 के लिए 40 से ज्यादा वैक्सीन पर काम चल रहा है। उम्मीद है कि अगले 100 दिनों में दुनिया को कारगर वैक्सीन मिल जाए। हालांकि, वैज्ञानिकों का कहना है कि वैक्सीन बनने में 12 से 18 महीने तक लग सकते हैं।