देखें कौन सी दुकानें रहेंगी खुली-





इन सभी योजनाओं की माॅनीटरिंग के लिए वेबसाईट बनाने की जिम्मेदारी चिप्स को दी है. सभी विभागीय सचिवों को निर्देश दिए गए है कि वे अपने विभागों और संबंधित संचालनालयों से इसके लिए एक नोडल अधिकारी नामांकित करके तत्काल चिप्स को सूचित करें. नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए जाएं कि वे चिप्स को पूरी जानकारी उपलब्ध कराएं और चिप्स के साथ सहयोग करके 10 दिन के भीतर वेबसाईट तैयार करने में सहायता करें.
प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा विभाग डाॅ. आलोक शुक्ला को वर्तमान कर्तव्यों के साथ इस कार्य में चिप्स की सहायता करने का कार्य भी सौंपा गया है. सभी विभागों एवं चिप्स को इस संबंध में 3 दिन में एक कार्य योजना बनाकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं. मुख्यमंत्री ने 10 दिनों में पोर्टल बनाने का कार्य पूर्ण करने के निर्देश देते हुए मुख्य सचिव को इस संबंध में तत्काल आदेश जारी करने को कहा है.


भोपाल। शिवराज सिंह मंत्रिमंडल में शामिल हुए पांच मंत्रियों को पद का बंटवारा कर दिया गया है. पांच नए मंत्रियों में सबसे महत्वपूर्ण गृह और स्वास्थ्य विभाग भाजपा के कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा को दिया गया है.

बता दें कि शिवराज सिंह के 23 मार्च को शपथ ग्रहण के 29 दिन बाद मंगलवार को जाकर मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए पांच नए मंत्रियों को शपथ दिलाई गई थी. इसमें नरोत्तम मिश्रा, कमल पटेल और मीना सिंह के अलावा ज्योतिरादित्य सिंधिंया समर्थक तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत को स्थान दिया गया है.

मुंबई। दुनिया की तरह भारत भी कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहा है। कोरोना के कारण हर तरफ सन्नाटा हैं, हमें अपने घर से बाहर निकलने में भी डर लग रहा है वहीं देश में ऐसे भी लाखों की संख्या में कोरोना वॉरियर्स जान जोखिम में डाल कर दिन-रात एक कर देश के नागरिकों की सेवा में लगे हुए हैं। अपनी सारी इच्छाओं को त्यागकर और परिवार से दूर रहते हुए दिल में सारा दर्द भुला कर कोरोना वायरस को हराने के लिए योद्धा की तरह लगातार लड़ रहे हैं। पुलिस, हेल्थ वर्कर्स और अन्य विभाग कंधे से कंधा मिलाकर देश को महामारी से बचाने में दिन-रात जुटे हैं। इन कोरोना वॅरियर्स के साथ जो उनका परिवार तकलीफें सह कर उनका साथ दे रहा हैं वो भी एक अनूठी मिसाल ही हैं।
ऐसी ही एक मिसाल महाराष्ट्र के सातारा की एसपी तेजस्विनी सातपुते और उनकी पति की है। मुश्किल घड़ी में परिवार कैसे कंधे से कंधा मिलाकर साथ देता हैं ये देखना हैं तो इस परिवार को देखिए। तेजस्विनी कोरोना के खिलाफ मोर्चा संभाल रही हैं वहीं उनके पति अपने काम को बेहतर तरीके से अंजाम दे सकें, घर की चिंताओं से मुक्त रहें। इसलिए उनके पति किशोर ने छोटी सी बच्ची के साथ पूरे घर की जिम्मेदारी खुद संभाल रहे हैं। लॉकडाउन के चलते उनके घर में एक भी मेड सर्वेन्ट नहीं आ रही ऐसे में पति किशोर पांच साल की बेटी को संभालने के साथ घर की साफ-सफाई, बरतन माजना, कुकिंग भी कर रहे हैं।
किशोर पुणे में रहते हैं और सोशल मीडिया कंसल्टेंट, लेखक, फ्रीलांस जर्नलिस्ट हैं। उनकी पत्नी अपनी जिम्मेदारी निभा सके इसलिए वो हर कदम पर उनका साथ दे रहे हैं। यहां तक ड्यूटी पर जाने वाली अपनी आईपीएस पत्नी की ड्रेस तक प्रेस कर तैयार रखते हैं। खुद तेजस्विनी ने फेसबुक पर वीडियो पोस्ट कर यह अनूठी मिसाल दुनिया के सामने पेश की।
बता दें किशोर अहमदनगर के शेवगांव के रहने वाले हैं और उनकी आईपीएस पत्नी तेजस्विनी नेवासा से हैं। तेजस्विनी के आईपीएस बनने से पहले ही दोनों की मुलाकात हुई थी। किशोर सोशल मीडिया कंसल्टेंट, लेखक, फ्रीलांस जर्नलिस्ट हैं और वो पुणे में रहते हैं। एक ही शहर में रहने के कारण दोनों की पहले फोन और ई-मेल पर बातें हुईं फिर दोस्ती हो गई फिर किशोर ने तेजस्विनी को प्रपोज कर दिया। कुछ वक्त के बाद परिवार वालों की मदद से 2012 में दोनों की शादी के बंधन में बंध गए शादी के दो महीने बाद तेजस्वनी को आईपीएस की ट्रेनिंग में जाना पड़ा। पोस्टिंग कई जगह होती रही, इसी बीच दोनों की एक प्यारी सी बिटिया हुई जो अब पांच साल की है।

तेजस्विनी घर पर ज्यादा वक्त नहीं दे पाती थीं। इसलिए किशोर ने नौकरी छोड़कर कारोबार शुरू किया। इस समय बेटी ईरा के साथ तेजस्विनी सातारा में रहती है और किशोर पुणे में। वीकेंड्स पर परिवार ही उनका परिवार साथ होता हैं। जनता कर्फ्यू के समय किशोर सातारा चले गए थे और लॉकडाउन लगने पर वहीं रुक गए और कोरोना का डर से सभी हेल्पर को छुट्टी दे दी। घर की सभी जिम्मेदारियां खुद संभाल लीं।
पिछले दिनों सोशल मीडिया पर दोस्तों ने किशोर से पूछा कि क्या चल रहा है। इसका दिल छू लेना वाला जवाब तेजस्विनी ने वीडियो के जरिए दिया । मराठी भाषा में जारी वीडियो को जारी करते हुए उन्होंने लिखा कि मुझे अपने पति पर गर्व है। तेजस्विनी ने कहा जिस समय घर पर रहती हूं, तब उनकी मदद करती हूं। उन्होंने कभी मुझसे कोई काम करने को नहीं कहा। कहते भी नहीं हैं। वो मन में भी कुछ नहीं रखते। जिस आनंद से मुझे खाना खिला रहे हैं, उससे उनके प्रति मेरा आदर कई गुना बढ़ गया है। तेजस्विनी ने कहा कि मेरी गैरमौजूदगी में पति सभी कामों के साथ बेटी का भी ध्यान रखते हैं। किशोर के कई दोस्त उन्हें चिढ़ाते भी हैं। लेकिन, वो इसका भी बुरा नहीं मानते। कई लोग कहते हैं कि महिलाओं को सम्मान मिलना चाहिए। लेकिन, हकीकत में वो खुद ऐसा नहीं करते। उन्हें मेरे पति से सीखना चाहिए। गृहस्थी में सब सामंजस्य पर निर्भर होता है।

तेजस्विनी बताती हैं कि आम दिनों में बेटी का ख्याल उसकी केयरटेकर रखती हैं। मेरे लौटते ही वह दौड़कर गले लग जाती है। लेकिन, पिछले एक महीने से मैंने बेटी को करीब नहीं आने दिया। शुरू से ही मैंने उसे बताया कि कोरोना बहुत भयानक बीमारी है। अब वो कहती है- मम्मी अपना ध्यान रखिएगा। तेजस्विनी कहती हैं- दूर करने पर रोती भी है। भावुक हो कर तेजस्विनी कहती हैं कि अभी पांच साल की ही तो है। कभी-कभी मेरी आंखें भी भर आती हैं। लेकिन, यह दूरी बेहद जरूरी है।

गुजरात। गुजरात के सूरत में दान का अनूठा मामला सामने आया है, जहां एक शक्श ट्रक लेकर पहुंचा और गरीबों को 1 किलो आटा देने का ऐलान किया।
कई गरीब वहां जुटे और आटा ले कर चल दिए घर पहुंच कर उन्होंने आटे का पैकेट खोला तो ₹15000 मिले जिसके बाद दानदाता की तारीफ हो रही है।
दरअसल कई लालची जरूरत नहीं होने पर भी दान ले लेते हैं लिहाजा उसने 1 किलो आटा देने की बात थी जिसके बाद वहां सिर्फ जरूरतमंद लोग जुटे।

रायपुर। पिछले 72 घंटों में छत्तीसगढ़ में एक भी कोरोना पॉजिटिव मरीज नहीं मिला है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खुशी जताते हुए एक ट्वीट किया है।
टवीट में श्री बघेल ने लिखा कि ये बताते हुए बहुत खुशी हो रही है की प्रदेश में सिर्फ एक जिला ही है जो रेड जोन है। इसके बावजूद पिछले 72 घंटों में एक भी कोरोना पॉजिटिव मरीज नहीं मिला है। मैं अपेक्षा करता हूं की पूरा प्रदेश जल्द ही ग्रीन जोन घोषित किया जाएगा।
ज्ञात हो कि कोरोना को लेकर प्रदेश में लगातार राहत भरी खबर मिल रही है। पिछले 24 घंटों में हुई जांच में कोरबा जिले के 429 सेम्पलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव मिली है। इसे मिलाकर जिले में अब तक एक हजार 867 लोगों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। वहीं पिछले 72 घंंटों में प्रदेश में कोई भी कोरोना पॉजिटिव मरीज नहीं मिले हैं।
ज्ञात हो कि कोरोना संक्रमण की जांच के लिए जिले से भेजे गए एक हजार 953 सेम्पलों में से अब तक एक हजार 895 सेम्पलों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हो गई है। केवल 28 लोग ही अब तक इस जांच में संक्रमित पाये गये हैं। अभी भी जिले से भेजे गये 58 नमूनों की कोरोना जांच रिपोर्ट आना बाकी है। अब तक कोरबा जिले के 17 मरीज कोरोना मुक्त होकर वापस लौट आए हैं। जिनमें से एक कोरबा शहर और बाकी 16 कटघोरा के हैं। रायपुर एम्स में वर्तमान में कटघोरा के 11 कोरोना संक्रमितों का ईलाज चल रहा है।

रायपुर। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए पुलिस के साथ प्रशासन मस्तैदी से जुटा हुआ है। प्रदेश में लॉकडाउन के बीच तीन दिनों के लिए लॉकडाउन को और सख्त किया गया था।
तीन दिनों की इस अवधि के समाप्त होने के बाद भी राजधानी में लोगों की कार्रवाई पर कड़ी नजर रखी जा रही है। सोमवार को राजधानी में मास्क नहीं पहनने वालों का चालान काटा गया।
नगर निगम द्वारा चौक-चौराहों पर पाइंट बनाकर जांच की जा रही है। इस बीच घर से बगैर मास्त के निकलने वाले लोगों का चालान काटा गया।
बगैर मास्क पहने या मुंह ढके निकलने वालों से 100 रुपये जुर्माना के रूप में वसूला जा रहा है। साथ ही मौके पर नया मास्क भी दिया जा रहा है।