Author: Sunil Agrawal

  • किसी भी प्रकार से भ्रम में न रहे जो जिला कलेक्टर की गाइड लाइन है उसका पालन करे,छत्तीसगढ़ चैम्बर ने की प्रदेश के व्यापारियों से की अपील..

    किसी भी प्रकार से भ्रम में न रहे जो जिला कलेक्टर की गाइड लाइन है उसका पालन करे,छत्तीसगढ़ चैम्बर ने की प्रदेश के व्यापारियों से की अपील..

  • केवल 16 दिन में मर गए 100000 लोग, और खौफनाक होता जा रहा है कोरोना….

    केवल 16 दिन में मर गए 100000 लोग, और खौफनाक होता जा रहा है कोरोना….

    दुनिया भर में कुल मरीज़ों की संख्या 29 लाख 20 हज़ार हो गई है। देर रात तक ये 3000000 लोगों को अपनी चपेट में ले लेगी। तब दुनिया के हर दो हज़ार व्यक्तियों में एक कोरोना का शिकार बन चुका होगा।

    कोरोना 21 वी सदी में अमेरिका की सबसे बड़ी त्रासदी बनकर उभरी है। यहां 9 लाख 60 हज़ार लोग संक्रमित हुए। इसमें से करीब 54 हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है। किसी त्रासदी में अमेरिका के लोग इतनी बड़ी संख्या में हाल के वर्षों में कभी नहीं मरे।

    इटली में संक्रमण और मौत की रफ्तार कुछ थमती जा रही है। इटली में 1 लाख 96 हज़ार संक्रमित लोगों में से  26 हज़ार से ज़्यादा मौतें हो चुकी हैं। यहां रोज़ाना संक्रमित होने वाले मरीज़ों की संख्या 4-5 हज़ार से घटकर 2-3 हज़ार रह गयी है। रोज़ाना मौतों का आंकड़ा भी 400 से नीचे आ गया है। स्पेन में 2 लाख 23 हज़ार कोरोना संक्रमित लोगों में से लगभग 23 हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है।

    फ्रांस में 1 लाख 61लोग संक्रमित और 22 हज़ार 600 लोग मर चुके हैं। यूके में करीब डेढ़ लाख लोग  संक्रमित और 20 हज़ार लोग मर चुके हैं। सात देशों में मरीज़ों की संख्या 1 लाख से ज़्यादा है। तुर्की में भी मरीज़ों की संख्या 1 लाख से ज़्यादा हो गई है। लेकिन मौत का आंकड़ा यहां सबसे कम है यहां 2,706 मरीज़ों की जान गई है। दुनिया में अमेरिका, स्पेन, इटली, फ्रांस, जर्मनी, यूके और तुर्की में एक लाख से ज़्यादा मरीज़ वाले देश हैं।

  • कोरोना वैक्सीन का सेफ्टी ट्रायल पूरा… ठीक हुए कोरोना मरीज….

    कोरोना वैक्सीन का सेफ्टी ट्रायल पूरा… ठीक हुए कोरोना मरीज….

    दिल्ली। पूरे देश में जब कोरोना की दवाई को लेकर रिसर्च चल रहा है, इसी बीच भारतीय डॉक्टरों ने कमाल कर दिया है. कोरोना के इलाज के लिए पीजीआई के डॉक्टरों को सफलता मिली है और उन्होंने कोरोना वायरस के वैक्सीन का सेफ्टी ट्रायल कर कोरोना मरीजों को स्वस्थ्य कर दिया है।

    डॉक्टरों की टीम ने कुष्ठ रोग के इलाज में दी जाने वाली दवा एमडब्ल्यू का ट्रायल किया. ये ट्रायल उन कोरोना पेशेंट पर किया गया  जिन्हें ट्रीटमेंट के दौरान ऑक्सीजन की जरूरत थी. डॉक्टरों के मुताबिक चारों पेशेंट्स को एमडब्ल्यू वैक्सीन की 0.3एमएल दवा का इंजेक्शन लगातर 3 दिनों तक दिया गया और पया कि पेशैट्स पर वैक्सीन का इस्तेमाल बिल्कुल सुरक्षित है।

    डाक्टरों के मुताबिक इस दवा का इस्तेमाल पहले कुष्ठ, तपेदिक और निमोनिया ग्रस्त पेशैट्स पर भी किया गया था और उनमें भी दवा के इस्तेमाल को सुरक्षित पाया गया था. अब कोरोन के पेशंट्स पर भी दवा सुरक्षित पाई गई है।

  • ऐसे शुरू हुई थी राजीव और सोनिया की लव स्टोरी, दिग्विजय ने शेयर की है राजीव और सोनिया की लव स्टोरी…

    ऐसे शुरू हुई थी राजीव और सोनिया की लव स्टोरी, दिग्विजय ने शेयर की है राजीव और सोनिया की लव स्टोरी…

    चौड़ा माथा, गहरी आंखे, लम्बा कद.. और वो मुस्कान। जब मैंने भी उन्हें पहली बार देखा- तो बस देखते रह गयी। साथी से पूछा- कौन है ये खूबसूरत लड़का। हैंडसम!! हैंडसम कहा था मैंने,

    साथी ने बताया वो इंडियन है। पण्डित नेहरू की फैमिली से है। मैं देखती रही .. पंडित नेहरू की फैमिली के लड़के को।

    कुछ दिन बाद, यूनिवर्सिटी कैंपस के रेस्टोरेन्ट में लंच के लिए गयी। बहुत से लड़के थे वहां। मैंने दूर एक खाली टेबल ले ली। वो भी उन दूसरे लोगो के साथ थे। मुझे लगा, कि वह मुझे देख रहे है। नजरें उठाई, तो वे सचुच मुझे ही देख रहे थे। क्षण भर को नजरे मिली, और दोनो सकपका गए। निगाहें हटा ली, मगर दिल जोरो से धड़कता रहा।

    अगले दिन जब लंच के लिए वहीं गयी, वो आज भी मौजूद थे। कहीं मेरे लिए इंतजार …!!! मेरी टेबल पर वेटर आया, एक वाइन को बॉटल लेकर.. और साथ मे एक नैपकिन, जिस पर एक कविता लिखी थी। “द वन”…

    वो पहली नजर का प्यार था। वो दिन खुशनुमा थे। वो स्वर्ग था। हम साथ घूमते, नदियों के किनारे, कार में दूर ड्राइव, हाघो में हाथ लिए सड़कों पर घूमना, फिल्में देखना। मुझे याद नही की हमने एक दूसरे को प्रोपोज भी किया हो। जरूरत नही थी, सब नैचुरल था, हम एक दूसरे के लिए बने थे। हमे साथ रहना था। हमेशा ..

    उनकी मां प्रधानमंत्री बन गयी थी। जब इंग्लैंड आयी तो राजीव ने मिलाया। हमने शादी की इजाजत मांगी। उन्होंने भारत आने को कहा।

    भारत … ?? ये दुनिया के जिस किसी कोने में हो। राजीव के साथ कहीं भी रह सकती थी। तो आ गयी। गुलाबी साड़ी, खादी की, जिसे नेहरू ने बुना था, जिसे इंदिरा ने अपनी शादी में पहना था, उसे पहन कर इस परिवार की हो गयी। मेरी मांग में रंग भरा, सिन्दूर कहते हैं उसे। मैं राजीव की हुई, राजीव मेरे, और मैं यही की हो गयी।

    दिन पंख लगाकर उड़ गए। राजीव के छोटे भाई संजय नही रहे। इंदिरा को सहारा चाहिए था। राजीव राजनीति में जाने लगे। मुझे नही था पसंद, मना किया। हर कोशिश की, मगर आप हिंदुस्तानी लोग, मां के सामने पत्नी की कहां सुनते है। वो गए, और जब गए तो बंट गये। उनमें मेरा हिस्सा घट गया।

    फिर एक दिन इंदिरा निकलीं। बाहर गोलियों की आवाज आई। दौड़कर देखा तो खून से लथपथ। आप लोगों ने छलनी कर दिया था। उन्हें उठाया, अस्पताल दौड़ी, उन खून से मेरे कपड़े भीगते रहे। मेरी बांहों में दम तोड़ा। आपने कभी इतने करीब से मौत देखी है?

    उस दिन मेरे घर के एक नही, दो सदस्य घट गए। राजीव पूरी तरह देश के हो गए। मैंने सहा, हंसा, साथ निभाया। जो मेरा था… सिर्फ मेरा, उसे देश से बांटा। और क्या मिला। एक दिन उनकी भी लाश लौटी। कपड़े से ढंका चेहरा। एक हंसते, गुलाबी चेहरे को लोथड़ा बनाकर लौटा दिया आप सबने।

    उनका आखरी चेहरा मैं भूल जाना चाहती हूं। उस रेस्टोरेंट में पहली बार की वी निगाह, वो शामें, वो मुस्कान … बस वही याद रखना चाहती हूं।

    इस देश मे जितना वक्त राजीव के साथ गुजारा है, उससे ज्यादा राजीव के बगैर गुजार चुकी हूं। मशीन की तरह जिम्मेदारी निभाई है। जब तक शक्ति थी, उनकी विरासत को बिखरने से रोका। इस देश को समृद्धि के सबसे गौरवशाली लम्हे दिए। घर औऱ परिवार को संभाला है। एक परिपूर्ण जीवन जिया है। मैंने अपना काम किया है। राजीव को जो वचन नही दिए, उनका भी निबाह मैंने किया है।

    राजनीति है, सरकारें आती जाती है। आपको लगता है कि अब इन हार जीत का मुझ पर फर्क पड़ता है। आपकी गालियां, विदेशी होने की तोहमत, बार बाला, जर्सी गाय, विधवा … इनका मुझे दुख होता है। किसी टीवी चैनल पर दी जा रही गालियों का दुख होता है, ट्विटर और फेसबुक पर अनर्गल ट्रेंड का दुख होता है?? नही, तरस जरूर आता है।

    याद रखिये, जिससे प्रेम किया हो, उसकी लाश देखकर जो दुख होता है। इसके बाद दुख नही होता। मन पत्थर हो जाता है। मगर आपको मुझसे नफरत है, बेशक कीजिये। आज ही लौट जाऊंगी। बस, राजीव लौटा दीजिए।

    औऱ अगर नही लौटा सकते , तो शांति से, राजीव के आसपास, यहीं कहीं इसी मिट्टी में मिल जाने दीजिए। इस देश की बहू को इतना तो हक मिलना चाहिए शायद..

  • भारत में 20 मई तक खत्म हो जाएगा कोरोना, सिंगापुर यूनिवर्सिटी का दावा….

    भारत में 20 मई तक खत्म हो जाएगा कोरोना, सिंगापुर यूनिवर्सिटी का दावा….

    सिंगापुर यूनिवर्सिटी ने कहा है कि भारत में कोरोना वायरस 20 मई तक खत्म हो सकता है। सिंगापुर यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड डिजाइन के रिसर्चरों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से आंकड़े जुटाए हैं। इन आंकड़ों के विश्लेषण के बाद यूनिवर्सिटी ने भारत में कोरोना को लेकर यह दावा किया है। सिंगापुर यूनिवर्सिटी का कहना है कि भारत के साथ ही अलग-अलग देशों में भी कोरोना वायरस जल्द ही खत्म होने वाला है।

    सिंगापुर यूनिवर्सिटी ने दुनिया के अलग-अलग देशों के संदिग्ध, संक्रमित और स्वस्थ होने वाले मरीजों के मॉडल का विश्लेषण करने के बाद यह भविष्यवाणी की है। इस जानलेवा वायरस ने अलग-अलग देशों में जब भी तेजी पकड़ी और जब भी इसकी रफ्तार धीमी रही। उन सभी तारीखों का अध्ययन किया और उसके बाद यूनिवर्सिटी की तरफ से दावा किया गया कि अगर 16 मई तक लॉकडाउन का पालन किया जाए तो कोरोना वायरस का नया केस नहीं आएगा। इसके साथ ही कोरोना वायरस पर भारत नियंत्रण पा लेगा। कोरोना के संकटकाल में भारत के लिए सिंगापुर यूनिवर्सिटी का बयान राहत देने वाली खबर है।

  • आम आदमी ने जिंदल को लगवाया 1 सौ 54 करोड़ का फटका…

    आम आदमी ने जिंदल को लगवाया 1 सौ 54 करोड़ का फटका…

    दिल्ली। एक आम आदमी की औकात क्या होती है, ये जिंदल को आज एक कॉमन मैन के ताकत का एहसास निश्चित तौर पर हो रहा होगा । रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र  निवासी दुकालू राम ने  जिंदल को इतना बड़ा फटका दिया है कि जिसे भूल पाना उसके बस की बात नहीं  है। दुकालू राम ने  जिंदल की ओर से कोयला उत्खनन के लिए  खोदे गए खदान में नियम कानूनों की उड़ाई जा रही धज्जियों की शिकायत एनजीटी यानी राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल में की थी। इस शिकायत पर पड़ताल हुई और पड़ताल में जेपीएल की ओर से की जा रही गड़बड़ियां उजागर हो गई और तब एनजीटी ने एक महत्वपूर्ण फैसला देते हुए दुकालू राम के शिकायत को सही ठहराया और जिंदल पावर लिमिटेड रायगढ़ पर 154 करोड़ ₹8 लाख रुपए का जुर्माना ठोक दिया। जुर्माने की राशि जिंदल को 1 महीने के भीतर ही जमा करनी होगी ।

    इसके अलावा एनजीटी ने सरकारी स्वामित्व वाली कोल इंडिया लिमिटेड की सहायक कंपनी साउथ इस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) पर भी 6.69 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है. दोनों कंपनियों को कुल मिलाकर 160.78 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति एक महीने के भीतर भरने का आदेश दिया गया है.

    जिंदल पावर लिमिटेड के चेयरमैन उद्योगपति और पूर्व कांग्रेस सांसद नवीन जिंदल हैं. एनजीटी ने इसे 2006 से 2015 के बीच रायगढ़ के गारे पाल्मा IV/2 और गारे पाल्मा IV/3 खदान में अवैध खनन और कई पर्यावरण नियमों के गंभीर उल्लंघन का दोषी पाया है.

    खदान के पास के एक गांव के दुकालू राम ने साल 2014 में कंपनी के खिलाफ एनजीटी में याचिका दायर की थी और मांग किया था कि कंपनी तमाम उल्लंघनों को लेकर क्षतिपूर्ति करे. पिछले करीब छह सालों में एनजीटी ने इसे लेकर कई सारे आदेश दिए हैं.

    अधिकरण ने जेपीएल को खनन के लिए वन भूमि का इस्तेमाल करने, रसायन और कोयले का पानी  खेतों में डालकर किसानों की फसल बर्बाद करने, ग्रीन बेल्ट का निर्माण न करने, खुले ट्रक में कोयला ले जाने, पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचाने, पर्यावरण मंत्रालय की मंजूरी के बिना ओपन-कास्ट खदान की उत्पादन क्षमता को बढ़ाना, सड़कों पर पानी का छिड़काव न करना, भूजल का सूखना और प्रदूषण के पीड़ितों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया न कराने का दोषी पाया है.

    JPL को 23 मई 1998 को इस खदान में खनन की मंजूरी मिली थी. बिजली बनाने के लिए कंपनी को कुल 964.65 हेक्टेयर में खनन की मंजूरी मिली थी, जिसमें से 48.20 हेक्टेयर वन भूमि है.

    2006 से 2015 के बीच इस खदान का संचालन जिंदल कोल लिमिटेड द्वारा किया गया था और बाद में दिल्ली हाईकोर्ट के एक आदेश के बाद कोल इंडिया लिमिटेड ने इसे अपने अधिकार में ले लिया था.

    खनन कंपनी पर आरोपों को लेकर एनजीटी ने साल 2016 में पर्यावरण मंत्रालय को आदेश जारी कर एक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था कि कंपनी ने पर्यावरण मंजूरी का उल्लंघन किया है या नहीं. इस पर मंत्रालय ने 30 जनवरी 2017 को सौंपे अपने रिपोर्ट में कहा कि कंपनी ने पर्यावरण मंजूरी की शर्तों और पर्यावरण नियमों का उल्लंघन किया गया है.

    इस रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए एनजीटी ने 18 अप्रैल 2017 को पर्यावरण मंत्रालय और कोयला मंत्रालय के संयुक्त सचिवों की एक समिति बनाई, जिसे सभी पक्षों की सुनवाई कर एक रिपोर्ट सौंपनी थी. इस समिति ने 18 दिसंबर 2017 को सौंपे अपने रिपोर्ट में काफी चिंताजनक खुलासा किया कि किस तरह से कोयला कंपनी द्वारा अवैध खनन से विभिन्न वर्गों पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ा है.

    समिति ने मामले में पूर्व रिपोर्टों को सही पाया और जेपीएल को अवैध खनन, गांव की संपत्ति पर कब्जा, खदान में ब्लास्टिंग के कारण घरों को क्षति, आग की लपटें निकलते रहना, खनन से हवा की गुणवत्ता पर प्रभाव, स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव इत्यादि का दोषी पाया.

    इसके बाद एक ओवरसाइट समिति बनाई गई जिसने 14 जून 2019 को सौंपे अपने रिपोर्ट में कहा कि इन उल्लंघनों को लेकर जेपीएल और एसईसीएल को 160.78 करोड़ रुपये का हर्जाना भरना पड़ेगा. समिति ने खनन कंपनी द्वारा किए गए विभिन्न गंभीर उल्लंघनों की वजह से पड़ने वाले प्रभावों का विस्तृत आंकलन कर ये निष्कर्ष निकाला है.

    एनजीटी ने इसे लेकर जिंदल पावर लिमिटेड द्वारा उठाई गईं सभी आपत्तियों को खारिज कर दिया है. अधिकरण ने आदेश दिया कि जेपीएल और एसईसीएल एक महीने के भीतर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) को हर्जाने का भुगतान करें. इसके अलावा छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण बोर्ड (सीइसीबी) को कहा गया है कि वे एक्शन प्लान बनाएं कि किस तरह इस राशि को खर्च किया जाएगा.
    इसके लिए केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के स्थानीय ऑफिस, सीपीसीबी, रायपुर डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर, भोपाल के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेस्ट मैनेजमेंट और धनबाद के इंडियन स्कूल ऑफ माइंस को मिलाकर एक समिति बनाने को कहा गया है.

    इसके अलावा एसईसीएल को कहा गया है वे खनन प्रभावित गांव के लोगों की स्वास्थ्य सुविधाओं का उचित इंतजाम करें.

    क्या कहते हैं सामाजिक कार्यकर्ता राजेश त्रिपाठी

    सामाजिक कार्यकर्ता राजेश त्रिपाठी ने बताया कि पूर्व में जिंदल की ओर से इस खदान का संचालन किया जाता था लेकिन बाद में पिछले कुछ सालों से उस खदान को एसईसीएल चला रही है। खदान के प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों को स्वास्थ्य कर काफी समस्याएं हैं खदान की ओर से जो पानी छोड़ा जाता था वह दूषित पानी सीधे नदी में मिलता था ऐसी तमाम विसंगतियों को लेकर दुकालू राम सहित कई ग्रामीणों ने एनजीटी में शिकायत की थी जहां यह मामला चल रहा था केंद्रीय स्तर पर भी शिकायत की जांच की गई थी और इस जांच में शिकायत के सभी तथ्य सही पाए गए थे। एनजीटी की ओर से आया यह फैसला काफी महत्वपूर्ण है और ग्रामीणों के लिए राहत भरा है।

    सुप्रीम कोर्ट से भी निराश होकर लौटे हैं जिंदल और एसईसीएल

    इस संबंध में जानकारी देते हुए सामाजिक कार्यकर्ता राजेश त्रिपाठी ने बताया कि एनजीटी में फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट का भी जिंदल और एसईसीएल की ओर से दरवाजा खटखटाया गया लेकिन यहां से भी उन्हें ग्रीन ट्रिब्यूनल का ही रास्ता दिखाया गया। ऐसे में अब जिंदल और एसईसीएल को ठोकी गई जुर्माना राशि हर हाल में पटाना ही होगा।

  • 11 से शाम 5 बजे तक खुले रहेंगे रासायनिक खाद, बीज व कीटनाशक दवा दुकान….

    11 से शाम 5 बजे तक खुले रहेंगे रासायनिक खाद, बीज व कीटनाशक दवा दुकान….

    रायगढ़। कलेक्टर श्री यशवंत कुमार ने जिले में लॉकडाउन के दौरान रासायनिक खाद, बीज, कीटनाशक दवा दुकान को विकासखण्डवार सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक कोरोना वायरस से बचाव एवं सुरक्षा के शर्तों के आधार पर खोले जाने हेतु अनुमति प्रदान की है। जिसके तहत व्यवसायिक प्रतिष्ठान में एक समय में एक ही कृषक की उपस्थिति सुनिश्चित की जाये एवं प्रतिष्ठान को सेनेटाईज किया जाये। दुकान के बाहर साबुन एवं स्वच्छ पानी की व्यवस्था करें तथा प्रत्येक क्रेता को हाथ धोने के बाद ही दुकान में प्रवेश करायें। व्यवसायिक परिसर में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन, ग्राहक व व्यवसायी तथा उपस्थित सभी व्यक्ति मास्क लगाकर ही सेवा एवं लेनदेन करेंगे।

    विकासखण्ड रायगढ़ अंतर्गत मंगल चन्द्र सत्यनारायण-गद्दी चौक सदर बाजार रायगढ़, मंगल चन्द्र राजेन्द्र कुमार-मोदी बिहार रायगढ़, ए.ई.इन्टरप्राईजेस-बीड़पारा रायगढ़, पुरूषोत्तम दास अग्रवाल-पुरानी हटरी, शंकर टे्रडिंग कंपनी-कोतरा, महामाया कृषि केन्द्र-कबीर चौक, रवि कृषि केन्द्र-कुलबा, चिनी लाल पटेल-तारापुर, कन्हैया कृषि केन्द्र-पंडरीपानी, किशान घर-कबीर चौक, पारस कृषि केन्द्र-सहसपुर, मेसर्स सूरज इन्टरप्राईजेस-रायगढ़, विकास स्मार्ट कृषि केन्द्र-बोईरदादर, मेसर्स राजेन्द्र कुमार अग्रवाल-महापल्ली, बिश्वाल कृषि केन्द्र-महापल्ली, रामअवतार अग्रवाल-महापल्ली, मुकेश अग्रवाल-बरपाली एवं शंकर टे्रडिंग-कोतरा शामिल है।

    विकासखण्ड खरसिया अंतर्गत बहुउद्देशीय कृषक सहकारी समिति मर्या.-ठुसेकेला, जय बालाजी एजेंसी-खरसिया, इंसेम्बल कृषि केन्द्र-खरसिया, जय राधा स्वामी कृषि सेवा केन्द्र-खरसिया, धनेष कृृषि सेवा केन्द्र-खरसिया, नायक एग्रो टेक-कुरूभाठा, पटेल कृषि केन्द्र-खरसिया, मेसर्स हरियाली-खरसिया, गबेल कृषि केन्द्र-खरसिया एवं रामअवतार अग्रवाल कृषि केन्द्र खरसिया शामिल है।

    विकासखण्ड धरमजयगढ़ अंतर्गत प्रधान कृषि सेवा केन्द्र-दर्रीडीह, मुकेश बीज भण्डार-धरमजयगढ़, धरमजयगढ़ एग्रो प्रा.कंपनी लिमिटेड-धरमजयगढ़, बेहरा कृषि केन्द्र-मुनुन्द, कान्हा कृषि केन्द्र-धरमजयगढ़, भूमि कृषि सेवा केन्द्र-धरमजयगढ़, समुद्री कृषि सेवा केन्द्र-धरमजयगढ़़, महेश्वरी बीज भण्डार-कापू शामिल है।

    विकासखण्ड लैलूंगा अंतर्गत चौधरी कृषि सेवा केन्द्र-लैलूंगा, एग्रो प्रो.कंपनी लिमिटेड-कुंजारा, पटेल कृषि सेवा केन्द्र बगुडेगा, भोय कृषि सेवा केन्द्र-केशला, जितेन्द्र कुमार भोय-केशला, उन्नत कृषि सेवा केन्द्र-लैलूंगा एवं शंकर कृषि सेवा केन्द्र-बहामा शामिल है।

    विकासखण्ड घरघोड़ा अंतर्गत कृषि प्रभा एग्रो.कोआपरेटिव लिमिटेड-भेन्ड्रा, पटेल कृषि सेवा केन्द्र-पानीखेत, अग्रवाल खाद भण्डार-घरघोड़ा, महामाया जनरल स्टोर्स-घरघोड़ा शामिल है।

    विकासखण्ड पुसौर अंतर्गत रानू कृषि केन्द्र-पुसौर, पंडित धनुर्जय दुबे कृषि केन्द्र-पुसौर, नायक कृषि सेवा केन्द्र-पुसौर, बेहरा कृषि केन्द्र-पुसौर, दीपिका कृषि केन्द्र-पुसौर, गोयल कृषि केन्द्र-पुसौर, प्रधान कृषि केन्द्र-पुसौर, ए.के.इण्डस्ट्रीस-पुसौर, किसान कृषि सेवा केन्द्र-पुसौर, सांई बीज भण्डार-कोड़ातराई, चन्द्रहासिनी इन्टरप्राईजेस-कोड़ातराई एवं गुप्ता कृषि केन्द्र-कोड़पल्ली शामिल है।

    विकासखण्ड बरमकेला अंतर्गत मां महामाया कृषि केन्द्र-बरमकेला, संतोषी कृषि केन्द्र-बरमकेला, तुलसी सेवा केन्द्र-बरमकेला, वेदान्ता कृषि केन्द्र-बरमकेला, विवेक कृषि केन्द्र-बरमकेला, मुरारीलाल अग्रवाल-सरिया, न्यू संजय कृषि केन्द्र-सरिया, पवन कुमार अग्रवाल-सरिया, किसान कृषि सेवा केन्द्र-सरिया, शोभाराम कृषि केन्द्र-बरमकेला, यारदार कृषि सेवा केन्द्र-बरमकेला, सेत कृषि केन्द्र-बरमकेला, विद्याश्री कृषि केन्द्र-बरमकेला, पंकज टे्रडर्स-बरमकेला, आस्था टे्रडर्स-बरमकेला, हरिओम टे्रडर्स-बरमकेला, अरूण कृषि सेवा केन्द्र-बरमकेला, श्याम टे्रडर्स-पुजारीपाली, लक्ष्य कृषि सेवा केन्द्र-परसरामपुर, जीएलएस कृषि केन्द्र-बरमकेला, मुरली टे्र्रडर्स-लेन्ध्रा शामिल है।

    विकासखण्ड सारंगढ़ अंतर्गत मुन्ना बीज भण्डार, भावेश टे्रडर्स, साव कृषि केन्द्र, एसएस एग्री क्लिीनक, गणपति कृषि सेवा केन्द्र, परि कृषि केन्द्र, लक्ष्मण कृषि केन्द्र, मितान कृशि सेवा केन्द्र, हरि कृषि केन्द्र, किसान कृषि सेवा केन्द्र, आर्यन बायोकाप केयर, देवी खाद भण्डार, विकास टे्रडर्स, गंगा कृषि सेवा केन्द्र, नरेन्द्र खाद भण्डार, नजी कृषि केन्द्र, कृष्ण कुमार बानी कृषि केन्द्र, राजेश स्टोर्स एवं कुमार बानी-सारंगढ़, राज कृषि केन्द्र-सालर, चित्रसेन नायक-पिपरदा एवं खान टे्रडर्स-कोतरी शामिल है।

  • एनएचएम की एमडी प्रियंका शुक्ला और कोविड हॉस्पिटल टीम एक्शन मोड पर, 12 दिन में 12 जिलों का किया दौरा

    एनएचएम की एमडी प्रियंका शुक्ला और कोविड हॉस्पिटल टीम एक्शन मोड पर, 12 दिन में 12 जिलों का किया दौरा

    इसी जज़्बे को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छत्तीसगढ़ की एम डी डॉ.प्रियंका शुक्ला अपनी टीम में साथ लगातार मैदान में डटी हुई हैं।डॉ शुक्ला के नेतृत्व में इस टीम ने पिछले 12 दिनों में लगातार 12 जिलों का दौरा कर इन जिलों में कोविड 19 की रोकथाम और बचाव के इंतजामों का जायज़ा लिया। इस राज्य स्तरीय टीम में डॉ. भीमराव अंबेडकर चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर की अधीक्षक डॉ. विनीत जैन, पल्मनोलॉजिस्ट डॉ. रविंद्र पाण्डा, एनेस्थीसीया विशेषज्ञ डॉ.ओपी सुंदरानी, राज्य कार्यक्रम प्रबंधक उरया नाग और ओएसडी डॉ.अभ्युदय तिवारी शामिल हैं।

    इसी कड़ी में डॉ प्रियंका शुक्ला ने आज अपनी टीम के साथ बीजापुर और दंतेवाड़ा जिले के गीदम में कोविड-19 की रोकथाम और बचाव के लिए विशेष रूप से निर्मित अस्पताल का निरीक्षण किया । उल्लेखनीय है कि कोविड 19 के इलाज एवं रोकथाम के लिए गीदम और बीजापुर में 100 बिस्तर अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है ताकि आदिवासी अंचल के लोगों को बेहतर इलाज मिल सके। डॉ शुक्ला और उनकी टीम ने तैयारियों का बारीकी से निरीक्षण किया ताकि कोई चूक न रह जाए। निरीक्षण दौरान उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों और व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया।

    सोशल डिस्टेंसिंग पर दिया ज़ोर

    एमडी एनएचएम ने अस्पताल के सभी कमरों और वार्डों में सोशल डिस्टेंसिंग पर विशेष फ़ोकस रखने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान एमडी डॉ. शुक्ला ने बीजापुर और गीदम में अस्पताल के कमरों में बिस्तरों को पर्याप्त दूरी सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया।उन्होंने पूरे अस्पताल में मोबाइल एक्स-रे को तैयार रखने ,ऑक्सीजन सिलेंडर की सुविधा और मॉनिटर के इंतजाम करने को कहा। उन्होंने पूरे परिसर में में साफ सफाई रखने के निर्देश भी दिए।

    कोरोना पॉजिटिव को सुरक्षा चक्र में रखने हेतु बरतें पूरी सावधानी

    डॉ शुक्ला ने कहा कि यदि क्षेत्र में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलता है तो उसको सुरक्षा चक्र में रखने के दौरान विशेष रूप से सावधानी बरते ताकि संक्रमण को फैलने से रोक जा सके।इसके अलावा मरीज के परिवार और आस पास के लोगों को अनावश्यक घबराहट से बचाने के लिए उनकी काउन्सलिन्ग करें। उन्होंने निर्देश दिए कि कोरोना पॉजिटिव मरीज के आने और जाने वाले मार्ग को शेष मार्गों से अलग रखें साथ ही अस्पताल क्षेत्र में नियमित रूप से सैनिटाइजेशन की दुरुस्त व्यवस्था रखें।उन्होंने अस्पताल में अनावश्यक भीड़ को कम करने में स्थानीय पुलिस प्रशासन की मदद लेने को कहा । इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि अस्पताल परिसर में जिन लोगों का काम नहीं है उन्हें प्रवेश ना दिया जाए – उन्होंने इन अस्पतालों में भविष्य में काम करने वाले स्वस्थ्यकर्मियों और स्वच्छता कर्मियों हेतु की जा रही रिहायशी व्यवस्थाओं का भी जायज़ा लिया

    अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों की सुरक्षा के रखें इंतज़ाम

    डॉ शुक्ला ने कहा कि हमारे डॉक्टर्स और पूरे स्वास्थ्य कर्मी योद्धाओं की तरह दिन रात जूट हुए हैं।सबसे ज़्यादा खतरा इन्हीं लोगों को है। इन योद्धाओं की सुरक्षा सुनिशचित करना हमारी सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी है क्योंकि इस संकट में ये सबसे बड़े मददगार हैं। इसलिए इनको सुरक्षित रखने हेतु सारे प्रोटोकॉल का पालन करें।इस हेतु विभाग द्वारा जारी किए गए सारे दिशा निर्देशों का पालन सुनिशचित करने पर भी टीम ने ज़ोर दिया!

    कलेक्टरों से की मुलाक़ात

    एमडी डॉ प्रियंका शुक्ला ने इन सभी बारह जिलों के कलेक्टर से मुलाकात कर अस्पताल की तैयारियों की चर्चा की तथा आवश्यक सुधारों के बारे में भी उन्हें विस्तार से बताया। राज्य स्तरीय टीम द्वारा जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों को आवश्यक सुझाव भी दिए। इस मुलाकात के दौरान सभी कलेक्टरों ने प्रशासनिक सहयोग करने की बात कही।

    एमडी ने डॉक्टरों और हेल्थ वर्कर्स के समर्पण की सराहना की

    अपने निरीक्षण के दौरान एमडी डॉ प्रियंका शुक्ला ने कहा कि हमारे डॉक्टर्स और हेल्थ वर्कर्स का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने सभी
    डॉक्टरों और दूसरे हेल्थ वर्कर्स की हौसला अफजाई की और कहा कि इस चुनौतीपूर्ण समय में आपका योगदान विभाग कभी नहीं भूलेगा।आप इसी तरह पूरे साहस के साथ अपने कर्तव्य-पथ पर डटे रहें। उन्होंने कहा कि जिस तरह आप सब अपने परिवार से दूर रह कर मरीजों और मानवता की सेवा में लगे हैं सराहनीय है।

    इन जिलों का कर चुकी हैं दौरा

    अब तक मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छ.ग. व टीम द्वारा अब तक राज्य के बारह जिले बिलासपुर, बलौदाबाजार, गरियाबंद, महासमुंद, दुर्ग,राजनांदगांव, नारायणपुर, धमतरी,काँकेर, जगदलपुर,दंतेवाड़ा व बीजापुर का दौरा कर चुकी हैं।

  • सिंहदेव की प्रेसवार्ता : लॉक-डाउन अवधि में बड़ी संख्या में रोजगार से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती, मनरेगा से अभी 13.55 लाख लोगों को रोजगार

    सिंहदेव की प्रेसवार्ता : लॉक-डाउन अवधि में बड़ी संख्या में रोजगार से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती, मनरेगा से अभी 13.55 लाख लोगों को रोजगार

    पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य एवं वाणिज्यिक कर मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पत्रकार-वार्ता को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग कोविड-19 से निपटने पूरी तरह मुस्तैद है और इसकी रोकथाम के लिए पूरी क्षमता से जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। इसके इलाज के लिए विशेषीकृत अस्पताल बनाने के साथ ही कई चिकित्सालयों में बिस्तर और आवश्यक सुविधाएं आरक्षित की जा रही हैं। राज्य भर में कुल साढ़े पांच हजार से अधिक बिस्तरों पर कोविड-19 के उपचार के लिए संसाधनों की व्यवस्था की जा रही है।

    उन्होंने कहा कि राजस्थान के कोटा से आने वाले विद्यार्थियों को 14 दिनों के क्वारेंटाइन के बाद ही घर भेजा जाएगा। जिला प्रशासन एवं ग्राम पंचायतों के माध्यम से प्रदेश के प्रवासी मजदूरों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग कोरोना वायरस संक्रमण के नियंत्रण की व्यापक व्यवस्था के साथ ही नियमित स्वास्थ्य सेवाओं को भी पटरी पर लाने में लगा हुआ है। टीकाकरण और अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं कम से कम प्रभावित हो, ऐसी कोशिश की जा रही है। लॉक-डाउन लंबा खींचने की स्थिति में विभाग गांवों तक स्वयं पहुंचकर लोगों को इलाज मुहैया कराने के बारे में विचार कर रहा है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 108 और 102 एंबुलेंस सेवा के साथ ही मरीजों को लाने-ले जाने के लिए पांच अतिरिक्त वाहनों की व्यवस्था रखी गई है।

    सिंहदेव ने जानकारी दी कि रैपिड जांच किट के माध्यम से सर्विलांस को पुख्ता किया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश के सभी शासकीय मेडिकल कॉलेजों को एक-एक हजार किट और सभी जिलों को उनकी आबादी के हिसाब से आरडी किट उपलब्ध कराए गए हैं। कोविड-19 की जांच का दायरा बढ़ाने एम्स और रायपुर मेडिकल कॉलेज लैब में पूल-टेस्टिंग भी की जा रही है। विभाग द्वारा रायगढ़, बिलासपुर, अंबिकापुर और राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में भी कोरोना वायरस की जांच के लिए लैब स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

    पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री सिंहदेव ने कहा कि आकस्मिक जरूरत के हिसाब से सभी ग्राम पंचायतों में दो क्विंटल चावल रखवाए गए हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सड़कों और पुलों के निर्माण कार्य जल्द शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए स्थानीय ग्रामीणों और ठेकेदारों की सहमति ली जा रही है। मनरेगा कार्यों के अंतर्गत अभी गांवों में जल संरक्षण और जल संचय के कार्य प्राथमिकता से किए जा रहे हैं। कृषि संबंधी कार्यों को भी इससे जोड़ने और खेती के संसाधनों को मजबूत करने की भी कोशिश की जा रही है।

    सिंहदेव ने भारत सरकार से जीएसटी क्षतिपूर्ति की शेष राशि जल्द जारी करने की मांग की है। प्रदेश को पिछले वित्तीय वर्ष 2019-20 में नवम्बर-2019 तक की ही राशि मिली है। जीएसटी क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदेश को दिसम्बर-2019 से मार्च-2020 के लिए एक हजार 554 करोड़ 43 लाख 50 हजार रूपए और मिलने हैं।

  • PCS अधिकारी का बेटा चोर,हर तरफ हो रही इस बेटे की चर्चा…

    PCS अधिकारी का बेटा चोर,हर तरफ हो रही इस बेटे की चर्चा…

    दरअसल, हाल ही में लखनऊ के प्रतिष्ठित केजीएमसी मेडिकल कालेज के डॉक्टर की कार हाईवे पर लुटेरे छीनकर फरार हो गए। पुलिस कार की तलाश में छापेमारी कर रही थी। इस दौरान उसकी मुठभेड़ दो अपराधियों से हो गई। इनको पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को जांच में पता चला कि इन आरोपियों ने डॉक्टर से गोली मारकर कार लूटने की घटना को अंजाम दिया था।

    खास बात ये है कि इन लुटेरों में एक राज्य के सीनियर पीसीएस अफसर और एडीएम नरेंद्र सिंह का बेटा यशार्थ उर्फ यश ठाकुर भी शामिल है। पुलिस के मुताबिक, यशार्थ उर्फ यश ठाकुर ने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर डॉक्टर के साथ लूटपाट की थी। पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान यशार्थ और उसके साथी आयुष रावत को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी के पैर में गोली भी लगी है। फिलहाल पीसीएस पिता के लुटेरे बेटे की काली करतूत की चर्चा अब हर तरफ हो रही है।