Author: Sunil Agrawal

  • पूर्व सीएम के निज सहायक रहे ओपी गुप्ता को मिली जमानत, रेप मामले में है आरोपी…

    पूर्व सीएम के निज सहायक रहे ओपी गुप्ता को मिली जमानत, रेप मामले में है आरोपी…

    बिलासपुर। नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में आरोपित ओपी गुप्ता (निज सहायक पूर्व सीएम) को हाइकोर्ट से 30 दिनों के लिए अंतरिम जमानत मिली है। याचिकाकर्ता के वकील ने यह पक्ष रखा था कि गुप्ता की पत्नी कोरोना संक्रमित हो गई है और पुत्र की दिमागी हालात ठीक नहीं हैं जिसकी देखभाल के लिए गुप्ता को जमानत दिया जाना उचित होगा। इस पर हाईकोर्ट के वेकेशन जज रजनी गुप्ता ने 50 हजार रुपए के मुचलके पर 30 दिनों की अंतरिम जमानत इस शर्त के साथ मंजूर की है कि 2 जुलाई 2021 को संबंधित ट्रायल कोर्ट के समक्ष अनिवार्य रूप से पेश होकर उपस्थित दिखाना है,क्योंकि जमानत की अवधि केवल एक माह के लिए ही है।

  • देखिये ऑस्ट्रेलिया कैसे अपने नाले के पाइप पर जाल लगा के लाखों किलो कचरा समंदर में जाने से बचा रहा है?

    देखिये ऑस्ट्रेलिया कैसे अपने नाले के पाइप पर जाल लगा के लाखों किलो कचरा समंदर में जाने से बचा रहा है?

    दुनिया बहुत तेजी से विकास कर रही है. आज हम मंगल तक जाने में होने वाली परेशानी को भी खत्म कर चुके हैं मगर एक परेशानी ऐसी है जो सालों से इंसानों के बीच जमी पड़ी है. यह परेशानी कुछ और नहीं बल्कि इंसानों द्वारा रोज़ाना बढ़ता कचरा है. ये कचरा इतना ज़्यादा है कि आज न सिर्फ यह हमारी धरती बल्कि हमारे समंदर तक भी जाने लगा है. नालियों से समंदर में जाने वाला कचरा पूरी दुनिया के लिए एक मुसीबत बना हुआ है और ऐसे में ऑस्ट्रेलिया में इसका एक ऐसा इलाज सामने आया है कि दुनिया उसकी दीवानी हो गई है. तो चलिए जानते हैं कि कैसे ऑस्ट्रेलिया अपने समंदर को साफ रखने की कोशिश में लगा हुआ है।

    कैसे तेजी से बर्बाद हो रहे हैं पूरी दुनिया के समंदर?

    जिस रफ्तार से आज दुनियाभर में समंदर में इंसानों द्वारा निर्मित कचरा डाला जा रहा है उसके हिसाब से आने वाले समय में समंदर की हर लहर के साथ आपको बस कचरा ही वापस आता मिलेगा. इसके आंकड़े भी कुछ इस प्रकार है कि देखते ही हर कोई हैरान हो जाता है. माना जाता है कि हर साल हम अपने समंदर में करीब 5.25 खरब प्लास्टिक के छोटे-छोटे टुकड़े डालते हैं।

    दिखने में छोटे यह प्लास्टिक के टुकड़े जब एक साथ मिल जाते हैं तो विशाल रूप ले लेते हैं. सिंगल यूज प्लास्टिक का आज के समय में इतना ज्यादा उपयोग हो रहा है कि कई अरब प्लास्टिक की थिलियाँ हर साल इस्तेमाल की जा रही हैं. हमारे समंदरों को खरब करने में प्लास्टिक तो एक मुख्य चीज़ है ही मगर एक चीज़ ऐसी ही जो हमारी सेहत, हवा और समंदर तीनों को बर्बाद कर रही है।

    यह और कुछ नहीं यह है सिगरेट के टुकड़े. हर साल करीब 5.6 खरब सिगरेट दुनियाभर में पी जाती है जिनमें से करीब 4.6 खरब सिगरेट के बचे टुकड़े हमारी धरती, तट, नदियों और समंदर में जा मिलते हैं. इतना ही नहीं सिगरेट के इन टुकड़ों के साथ असली परेशानी यह है कि इन्हें नष्ट होने में कई दशकों का समय लग जाता है. यह अब तो बस महज़ कुछ आंकडें हैं मगर असल में समंदरों की हालत बर्बर है जिसे सुधारने के लिए पूरी दुनिया लगी हुई है. ऐसे में ऑस्ट्रेलिया का एक छोटा सा शहर ऐसा तरीका दुनिया के सामने लाया की आज हर कोई उससे अपनाने की ओर कदम बढ़ा रहा है।

    छोटे से शहर से शुरू हुई समंदर बचाने की मुहीम

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    ये बात है ऑस्ट्रेलिया के शहर क्विनाना की. महज़ 39,000 की जनसँख्या वाला यह शहर आज दुनियाभर में प्रसिद्ध है. क्विनाना शहर में दो बहुत बड़ी नालियाँ हैं. शहर का अधिकाँश पानी यहाँ से हो कर समंदर में जाता है जिससे काफी नुक्सान हो रहा था. असली परेशानी थी बारिश. बारिश के समय पानी सड़कों से उठाकर कचरे को सीधा नालियों में और वहां से सीधा पाइप के जरिए उस सारे कचरे को समंदर में पहुंचा देती थी।

    ऐसे में प्रशासन ने सोचा की क्यों न जो दो नालियाँ समंदर से जुड़ती हैं उनपर एक बड़ा जाला लगा दिया जाए जो थोड़ा बहुत कचरा समंदर में जाने से बचा लें. मार्च 2018 में उन्होंने जाला लगाया और महज़ तीन महीने में उन्होंने जो रिजल्ट देखा वो उम्मीद से बहुत ही ज्यादा था. जाला लगाने के बाद इतने कम वक्त में ही 370 किलो कचरा समंदर में जाने से रोक लिया गया।

    इस कचरे में अधिकाँश खाने के पैकेट, बोतल, प्लास्टिक के टुकड़े आदि जैसी चीज़ें जमा थीं. हर कोई यह देखकर हैरान था कि उनका छोटा सा शहर तीन महीने में कितना ज्यादा कचरा पैदा करता है. ऐसे में जब उन्होंने अपने तरीके को सफल होते हुए देखा तो उन्होंने इसे सोशल मीडिया पर शेयर करके सब को इसके बारे में बताना चाहा।

  • राशन दुकान से कैरोसीन-शक्कर उठा रही थी सब-इंजीनियर, ग्रामीणों ने सवाल उठाए तो पड़ा भागना…

    राशन दुकान से कैरोसीन-शक्कर उठा रही थी सब-इंजीनियर, ग्रामीणों ने सवाल उठाए तो पड़ा भागना…

    पेंड्रा। नव निर्मित गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के ग्रामीण यांत्रिकी संभाग में पदस्थ सब-इंजीनियर का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें राशन दुकान से केरोसीन और शक्कर ले जा रही है. ग्रामीणों के आपत्ति जताए जाने के बाद सब-इंजीनियर कैरोसीन और शक्कर वहीं पर छोड़कर भाग गईं।

    मामला मरवाही विकासखंड के ग्राम करसींवा का है, जहां ग्रामीण यांत्रिकी विभाग की सब-इंजीनियर लवली सिंह फील्ड विजिट के दौरान ग्राम सरपंच रामप्रसाद करसायल से मिट्टी तेल की मांग कर दी. इस पर सरपंच ने देर शाम को गांव के राशन दुकान को खोलकर हितग्राहियों के वितरण के लिए आया मिट्टी तेल बोतलों में भरकर दे दिया. इसके बाद मैडम की नजर दुकान में रखे शक्कर पर पड़ी और सरपंच से उसकी भी मांग कर दी. लेकिन सरपंच ने शक्कर की कमी बताते हुए देने से इंकार कर दिया।

    अपने पति के साथ गांव में पहुंची सब-इंजीनियर रवाना होने वाली ही थी, कि ग्रामीण वहां पहुंचकर सामान को लेकर सवाल करने लगे. इस पर सब-इंजीनियर ने तो पहले पैसे लेने की बात कही, लेकिन माहौल बिगड़ते देख मिट्टी तेल को वहीं रखते हुए अपने पति के साथ भाग गईं. इस दौरान मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया में वायरल कर दिया।

    क्या दे रहे हैं सफाई

    मामले में करसींवा सरपंच रामप्रसाद करसायल का कहना है कि सब-इंजीनियर मैडम ने मिट्टी तेल और शक्कर की मांग की थी. सामान्य व्यवहार की वजह से मैने मिट्टीतेल दे दिया, लेकिन शक्कर कम होने कारण नहीं दिया. विवाद की स्थिति बनने पर मैडम मिट्टी तेल वहीं छोड़कर चली गईं. वहीं सब-इंजीनियर लवली सिंह का कहना है कि मेरे घर में साफ-सफाई चल रही है, जिसके लिए मुझे मिट्टी तेल की जरूरत थी. मार्केट में मिट्टी तेल नहीं मिलने की वजह से मैने सरपंच से मांग की थी।

  • राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष का पदभार संभाला, रिटायर्ट जस्टिस एके मिश्रा ने…

    राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष का पदभार संभाला, रिटायर्ट जस्टिस एके मिश्रा ने…

    दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस अरुण कुमार मिश्रा ने बुधवार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के नए अध्यक्ष के तौर पर पदभार ग्रहण किया. एनएचआरसी के अध्यक्ष का पद पिछले 6 महीनों से खाली था।

    जस्टिस मिश्रा के नाम की सिफारिश पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के पैनल ने की थी. सरकार ने जस्टिस मिश्रा के अलावा महेश मित्तल कुमार और डॉ. राजीव जैन को आयोग के सदस्य के तौर पर नामित किया है।

    जस्टिस अरुण मिश्रा ने 1978 में एक वकील के रूप में काम शुरू किया था, 1998-99 में बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सबसे कम उम्र के अध्यक्ष चुने गए थे. अक्टूबर 1999 में अरुण कुमार मिश्रा को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था. 7 जुलाई 2014 को सर्वोच्च न्यायालय में पद संभालने से पहले उन्होंने राजस्थान उच्च न्यायालय और कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्य किया।

  • राज्य में 28 सीएसपी बनेंगे एडिशनल एसपी, बिलासपुर कोतवाली के निमेश, खरसिया के पीताम्बर पटेल भी शामिल…

    राज्य में 28 सीएसपी बनेंगे एडिशनल एसपी, बिलासपुर कोतवाली के निमेश, खरसिया के पीताम्बर पटेल भी शामिल…

    रायपुर। प्रदेश में जल्द 28 शहर पुलिस अधीक्षक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर प्रमोट होंगे। इस लिस्ट में बिलासपुर कोतवाली थाना क्षेत्र के सीएसपी निमेश बरैया, रायपुर साइबर क्राइम के सीएसपी अभिषेक महेश्वरी, राहुल देव शर्मा, डीसी पटेल, देवेश शुक्ला, आदित्य पांडेय, भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान सबा अंजुम, निता पवार, आकाश राव, सोभराज अग्रवाल, प्रशांत शुक्ला, कवि गुप्ता, पीतांबर पटेल, शुशील नायक, धीरेंद्र पटेल, चंचल तिवारी के साथ अन्य नाम भी शामिल है।

    खबर है कि गृह विभाग के सचिव सुब्रत साहू के अध्यक्षता में बीते गुरुवार को DPC की बैठक हुई थी। इसमें लम्बी चर्चा के बाद प्रमोट होने वाले राज्य सेवा के पुलिस अधिकारियों के नाम तय कर लिए गए थे| अब नामों की सूची गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के पास हस्ताक्षर के लिए भेजी जाएगी। इस लिहाज से माना जा रहा है कि इस महीने सभी 28 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों की सूची जारी कर दी जाएगी।

  • 216 दिनों तक कोरोना से संक्रमित रही HIV पॉजिटिव महिला, शरीर में बने 32 खतरनाक वायरस…

    216 दिनों तक कोरोना से संक्रमित रही HIV पॉजिटिव महिला, शरीर में बने 32 खतरनाक वायरस…

    दक्षिण अफ्रीका में वैज्ञानिकों को HIV से जूझ रही एक 36 वर्षीय महिला में कोरोनावायरस के खतरनाक म्यूटेशन मिले हैं. महिला के शरीर में 216 दिन तक कोविड-19 वायरस मौजूद रहा. इस दौरान वायरस ने 30 ज्यादा म्यूटेशन पैदा किए. इस मामले की रिपोर्ट को मेडिकल जर्नल में प्रीप्रिंट के रूप में प्रकाशित किया गया. वायरस के इतने म्यूटेशन का पता लगाने के बाद से वैज्ञानिक हैरान रह गए हैं. इसमें खतरनाक अल्फा वेरिएंट भी शामिल है.
    रिपोर्ट के मुताबिक, महिला 2006 में HIV से संक्रमित हुए थी. समय के साथ महिला का इम्यून सिस्टम कमजोर होता चला गया. सितंबर 2020 में महिला कोविड-19 से भी संक्रमित हो गई. इसके बाद वायरस ने स्पाइक प्रोटीन में 13 म्यूटेशन किए और 19 अन्य जेनेटिक परिवर्तन भी किए. इसकी वजह से वायरस का व्यवहार बदल गया. कुल मिलाकर महिला के शरीर में वायरस के 32 म्यूटेशन पैदा हो गए. इनमें से कुछ वेरिएंट्स वायरस के ‘वेरिएंट्स ऑफ कंसर्न’ (चिंता वाले वेरिएंट्स) हैं।

    HIV संक्रमित लोग बन सकते हैं वेरिएंट्स की फैक्ट्री!
    वैज्ञानिकों ने कहा कि ये शायद कोई संयोग नहीं है कि अधिकांश नए वेरिएंट्स दक्षिण अफ्रीका के क्वाजुलु नटाल जैसे क्षेत्रों से सामने आए हैं, जहां 4 में से 1 वयस्क HIV पॉजिटिव है. हालांकि, HIV संक्रमित लोगों के कोरोना से संक्रमित होने और खतरनाक मेडिकल कंडीशन में जाने की संभावना को लेकर बेहद ही कम सबूत हैं. लेकिन वैज्ञानिकों ने चेतावनी देते हुए कहा कि HIV संक्रमित मरीजों में अगर ऐसे ही मामले सामने आते रहे, तो ये पूरी दुनिया के लिए वेरिएंट्स की फैक्ट्री बनकर उभर सकते हैं।

    कमजोर इम्युनिटी वाले मरीज में ज्यादा समय तक मौजूद रह सकता है वायरस
    डरबन में क्वाजुलु-नताल यूनिवर्सिटी (University of KwaZulu-Natal) के एक जेनेटिसिस्ट और स्टडी के लेखक ट्यूलियो डी ओलिवेरा ने बताया कि कम इम्युनिटी वाले मरीज के शरीर में कोविड-19 वायरस दूसरों की तुलना में अधिक समय तक मौजूद रह सकता है. इस महिला के मामले को लेकर डी ओलिवेरा ने कहा, शुरुआती लक्षणों के दौरान महिला में कोविड के हल्के लक्षण दिखाई दिए, जबकि उसके शरीर में कोरोनावायरस मौजूद था।

  • मिला कोरोना का नया वैरिएंट, सात दिन में ही कर देता है…

    मिला कोरोना का नया वैरिएंट, सात दिन में ही कर देता है…

    कोरोना की दूसरी लहर के धीमी होने के बाद अब देश में कोरोना का नया वैरिएंट मिला है. अल्फा, बीटा, गामा और डेल्टा के बाद भारत में एक और नए कोरोना वैरिएंट का खुलासा हुआ है जो सात दिन में ही मरीज का वजन कम कर सकता है।

    कोरोना वायरस का यह नया वैरिएंट ब्राजील में सबसे पहले मिला था लेकिन वहां से एक ही वैरिएंट के भारत में आने की पुष्टि की गई थी. अब वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि ब्राजील से एक नहीं बल्कि दो वैरिएंट भारत में आए हैं और ये दूसरा वैरिएंट बी .1.1.28.2 काफी तेज है।

    सीरियाई हैमस्टर (एक प्रजाति का चूहा) में परीक्षण से पता चला है कि संक्रमित होने के सात दिन में ही इस वैरिएंट की पहचान हो सकती है. यह वैरिएंट तेजी से शरीर का वजन कम कर सकता है और डेल्टा की तरह ये भी ज्यादा गंभीर और एंटीबॉडी क्षमता कम कर सकता है।


    पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वॉयरोलॉजी (एनआईवी) के वैज्ञानिकों की मानें तो कोरोना का बी.1.1.28.2 वेरिएंट विदेश से आए दो लोगों में पाया गया था. कोरोना से रिकवरी होने तक दोनों में उसके लक्षण नहीं थे, मगर सैंपल की सीक्वेसिंग के बाद जब बी.1.1.28.2 वेरिएंट मिला तो उसका 9 सीरियाई हैमस्टर चूहों पर परीक्षण किया गया. इनमें से तीन की मौत शरीर के अंदरूनी भाग में संक्रमण बढ़ने से हुई. इस दौरान फेफड़े की विकृति के बारे में पता चला. साथ ही एंटीबॉडी का स्तर कम होने के बारे में जानकारी भी मिली।

  • कलेक्टर का तबादला होने पर लोगों ने पटाखे फोड़कर मनाई खुशियां…

    कलेक्टर का तबादला होने पर लोगों ने पटाखे फोड़कर मनाई खुशियां…

    कोरिया। कलेक्टर एसएन राठौर का मंत्रालय में तबादला होने पर जिला मुख्यालय बैकुंठपुर के घड़ी चौक पर लोगों ने देर रात को पटाखे फोड़कर खुशियां मनाई. कोरोना गाइडलाइन को दरकिनार कर इस तरह से खुशिया मनाने वाले लोगों के बारे में कुछ पता नहीं चल पाया है।

    शनिवार देर रात को सरकार की ओर से जारी तबादला सूची में कोरिया कलेक्टर एसएन राठौर का मंत्रालय में तबादला करते हुए उनके स्थान पर श्याम धावड़े को नया कलेक्टर की जिम्मेदारी दी गई थी. यह सूचना मिलते ही कुछ लोगों को इतनी खुशी हुई कि आनन-फानन में पटाखे जुगाड़कर घड़ी चौक में फोड़ने लग गए।

    लंबे समय तक फोड़े गए पटाखों की रोशनी दूर तक दिखाई दे रही थी. इसके पहले भी कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी के तबादले पर शिक्षकों ने पटाखे फोड़े थे।

  • 7 जून से शुरू हुई इनकम टैक्स की नई वेबसाइट, जाने इसकी खास बातें…

    7 जून से शुरू हुई इनकम टैक्स की नई वेबसाइट, जाने इसकी खास बातें…

    आयकर विभाग ने 7 जून को नया ई-फाइलिंग पोर्टल लॉन्च किया है. यानी 7 जून से इनकम टैक्स की ई-फाइलिंग वेबसाइट का पता बदल गया है. आयकर विभाग ने कहा है- ‘हम 7 जून से नई ई-फाइलिंग वेबसाइट पर जाने के लिए काफी उत्साहित हैं. नया पोर्टल अधिक यूजर फ्रेंडली है, जिसमें कई नए फीचर जोड़े गए हैं.’

    • नई वेबसाइट अधिक यूजर फ्रेंडली होगी, जिससे आईटीआर फाइल करने में आसानी होगी और रिफंड भी जल्दी मिलेगा.
    • सभी ट्रांजेक्शन, अपलोड और पेंडिंग एक्शन एक ही डैशबोर्ड पर दिखेंगे, ताकि यूजर उसे रिव्यू कर सकें और जरूरत के हिसाब से एक्शन ले सकें. यानी इससे आईटीआर फाइल करना, उसे रिव्यू करना और कोई एक्शन लेना आसान हो जाएगा.
    • ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही स्थितियों के लिए आईटीआर के लिए तैयारी करने का सॉफ्टवेयर मुफ्त में उपलब्ध है. इसमें करदाताओं को असिस्ट करने की सुविधा भी होगी और प्री-फाइलिंग का विकल्प भी मिलेगा, ताकि कम से कम डेटा एंट्री करनी पड़े.
    • डेस्कटॉप पोर्टल की सभी जरूरी सुविधाएं मोबाइल ऐप पर भी उपलब्ध होंगी. नए पोर्टल में एक नया टैक्स पेमेंट सिस्टम लाया जाएगा, जिसमें भुगतान के कई विकल्प होंगे, जैसे नेट बैंकिंग, यूपीआई, आरटीजीएस, एनईएफटी आदि।

    पोर्टल के बाद मोबाइल एप भी आएगा

    विभागीय अधिकारियों के मुताबिक सीबीडीटी एक नई कर भुगतान प्रणाली 18 जून का शुरू करने जा रहा है. वहीं ITR के नए पोर्टल के बाद में मोबाइल ऐप भी जारी किया जाएगा ताकि करदाता उसकी विभिन्न सुविधाओं से परिचित हो सकें।

    e-Filing पोर्टल पर फाइल होता है ITR

    टैक्सपेयर्स अपने इंडिविजुअल या बिजनेस कैटगरी के इनकम टैक्स रिटर्न ई-फाइलिंग पोर्टल के जरिए फाइल करते हैं. इस पोर्टल के जरिए रिफंड के लिए आवेदन किया जा सकता है और टैक्स से जुड़े अन्य कार्य किए जाते हैं. इसी पोर्टल के जरिए टैक्समैन नोटिस जारी करते हैं, उन्हें टैक्सपेयर से रिस्पांस मिलता है और वे सवालों का जवाब देते हैं. इसके अलावा इस पोर्टल के जरिए एसेसमेंट्स, अपील, एग्जेंप्शन और पेनाल्टी को लेकर बातचीत की जाती है।

  • वुहान लैब से लीक हुआ कोरोना वायरस, भारत के वैज्ञानिकों ने खोली चीन की पोल…

    वुहान लैब से लीक हुआ कोरोना वायरस, भारत के वैज्ञानिकों ने खोली चीन की पोल…

    दिल्ली। कोरोना वायरस की उत्पत्ति को लेकर चीन दुनियाभर में निशाने पर है। अब भारतीय वैज्ञानिक दंपत्ति ने दावा किया है कि कोरोना वायरस चीन के वुहान लैब से लीक हुआ था। पुणे के रहने वाले वैज्ञानिक दंपत्ति डॉ. राहुल बाहुलिकर और डॉ. मोनाली राहलकर ने दुनिया के अलग-अलग देशों में बैठे अनजान लोगों के साथ मिलकर इंटरनेट से इस संबंध में सबूत जुटाए हैं। जिन लोगों ने इंटरनेट से सबूत एकत्रित किए हैं वे अनजान लोग हैं, जिनका मुख्य स्रोत ट्विटर और दूसरे ओपन सोर्स हैं। इन लोगों ने अपने समूह को ड्रैस्टिक (डीसेंट्रलाइज्ड रेडिकल ऑटोनॉमस सर्च टीम इनवेस्टिगेटिेंग कोविड-19) का नाम दिया है। इन लोगों का मानना है कि कोरोना चीन के मछली बाजार से नहीं बल्कि वुहान की लैब से निकला है। इनकी इस थ्योरी को पहले षड्यंत्र बताकर खारिज कर दिया गया था। लेकिन इसने अब दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींचा है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी इस मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। ये लोग चीनी दस्तावेज का अनुवाद कर अपने स्तर पर इसकी जांच कर रहे हैं। चाइनीज एकेडमिक पेपर और गुप्त दस्तावेजों के अनुसार इसकी शुरुआत साल 2012 से होती है। उस समय छह खदान श्रमिकों को यन्नान के मोजियांग में उस माइनशाफ्ट को साफ करने भेजा गया था जहां चमगादड़ों का आतंक था। उन श्रमिकों की वहां मौत हो गई। साल 2013 में वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के डायरेक्टर डॉ. शी झेंगली और उनकी टीम माइनशाफ्ट से सैंपल को अपने लैब लेकर आ गई। शी का कहना है कि श्रमिकों की मौत गुफा में मौजूद फंगस की वजह से हो गई। इसके उलट ड्रैस्टिक का दावा है कि शी को एक अज्ञात कोरोना स्ट्रेन मिला जिसे उन लोगों ने आरएसबीटीकोव/4491 का नाम दिया। रिपोर्ट के अनुसार वुहान वायरोलॉजी इंस्टीट्यूट के साल 2015-17 के पेपर में इस का विस्तार से जिक्र किया गया है। ये बहुत ही विवादित प्रयोग थे जिन्होंने वायरस को बहुत अधिक संक्रामक बना दिया। यह थ्योरी बताती है कि एक लैब की गलती कोविड-19 के विस्फोट का कारण बनी। एक चीनी वायरोलॉजिस्ट ने कहा है कि अमेरिका के शीर्ष कोरोनावायरस सलाहकार एंथनी फाउची के ई-मेल साबित करते हैं कि कोरोना की उत्पत्ति वुहान के लैब से ही हुई थी। डॉक्टर ली-मेंग यान जो उन लोगों में से थीं, जिन्होंने सबसे पहले कोरोना के वुहान की लैब से लीक हुए होने की बात कही थी। डॉक्टर ली-मेंग यान कोरोना पर शोध करने वाले पहले लोगों में से एक थीं और उन्होंने खुलासा किया था कि बीजिंग पर इस मामले को छुपाने का आरोप लगाने के बाद उन्हें छिपने के लिए मजबूर किया गया।