Author: Sunil Agrawal

  • दुर्गानवमी को किया गया नवकन्या भोज,पण्ड़ालों की सजावट कर रही श्रद्वालुओं को आकर्षित…

    दुर्गानवमी को किया गया नवकन्या भोज,पण्ड़ालों की सजावट कर रही श्रद्वालुओं को आकर्षित…


    खरसिया। अंचल का प्रसिद्व नवरात्रि त्यौहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। नगर में अनेक स्थानों पर माता की प्रतिमाओं की स्थापना कर विधिवत पूजा अर्चना की जा रही है। इसी तारतम्य में दुर्गानवमी को माता रूपी नव कन्याओं का पूजन कर उन्हे भोजन कराया गया, तथा कन्याओं को उपहार दिये गये।


    नगर के छ़परीगंज स्थित रानी सती दुर्गोत्सव समिति में दुर्गाष्टमी की रात्रि को हवन कर नवमी को नवकन्या भोज कराकर भण्ड़ारा किया गया, पण्ड़ाल में मंगल पाठ तथा नन्हे मुन्ने बच्चो के द्वारा डांड़िया का आयोजन भी किया गया था।

    हमालपारा पण्ड़ाल में बनाया गया सेल्फी कार्नर श्रद्वालुओं के आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है, तो पोस्ट आफिस रोड़ के पण्ड़ाल को प्रकृति से संबंधित थीम से सजाया गया था, वहीं गुरूद्वारा के पास विराजी माता के पण्ड़ाल मे मोनू (एए) विकास अग्रवाल ज्योति, दिलीप शर्मा, अनिल शर्मा के सहयोग से प्रतिदिन दोपहर को चावल सब्जी का भण्ड़ारा लगाया जा रहा है। विदित हो कि नगर की नवरात्रि तथा दशहरा समस्त अंचल में प्रसिद्व है, तथा आसपास के क्षेत्र से हजारों श्रद्वालु प्रतिदिन माता के दर्शन करने नगर आते है।

    गौरतलब है कि नगर में नवरात्र मेला के दौरान जगत जननी मां जगदंबे के दरबार में समितियों द्वारा आए हुए श्रद्धालुओं के लिए सवामणि प्रसाद के अलावा पूरी सब्जी का भी भंडारा विशाल रूप से लगाया जाता है भक्तों द्वारा सब्जी पूड़ी का भंडारा को विशेष रूप से ग्रहण कर माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं नगर का प्रमुख नवरात्र मेला खरसिया नगर में दुर्गा उत्सव का मेला देशभर में खास पहचान बना चुका है यहां का दुर्गा उत्सव का मेला छत्तीसगढ़ गण की शान है यही वजह है कि यहां स्थापित माताओं की प्रतिमा का दर्शन करने के लिए अनेक स्थानों से दूर-दूर से श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।

  • वाची की पोयम वार्षिक पुस्तिका रैंबो में हुई प्रकाशित…

    वाची की पोयम वार्षिक पुस्तिका रैंबो में हुई प्रकाशित…

    खरसिया। स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम में अध्ययनरत कक्षा तीसरी की छात्रा वाची राठौर द्वारा चांद पर लिखित कविता स्कूल की वार्षिक पुस्तक रैंबो में प्रकाशित हुई है।

    नन्हीं वाची पढ़ाई में तो अव्वल रहती ही है, वहीं खेल तथा अन्य गतिविधियों में भी पूरी रुचि और उत्साह से पार्टिसिपेट करती है। नन्हीं सी बिटिया द्वारा लिखित पोयम राज्य स्तरीय वार्षिक पुस्तक में सम्मिलित होना निश्चित ही गर्व का विषय है। ऐसे में स्कूल के प्रिंसिपल रामनिवास नागवंशी एवं ललिता चंद्रा, पूनम दुबे, मिस कल्याणी, मिस एलन, मिस उषा, श्रीमती लुभना आदि शिक्षिकाओं सहित शिक्षक भुवन तथा दीपक ने बधाई प्रेषित की है।

  • पार्टी के 4 जिला महामंत्री, दो ब्लॉक महामंत्री समेत 200 कार्यकर्ताओं ने पार्टी से दे दिया इस्तीफा, विधायक पर लगा गंभीर आरोप….

    पार्टी के 4 जिला महामंत्री, दो ब्लॉक महामंत्री समेत 200 कार्यकर्ताओं ने पार्टी से दे दिया इस्तीफा, विधायक पर लगा गंभीर आरोप….

    छत्तीसगढ़ कांग्रेस में अभी ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री का मामला पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि अब एक नया संकट पैदा हो गया है। गरियाबंद जिले में पार्टी के 4 जिला महामंत्री, दो ब्लॉक महामंत्री समेत 200 कार्यकर्ताओं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इन कार्यकर्ताओं ने राजिम से कांग्रेस विधायक अमितेश शुक्ल के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि वे जिस सरपंच के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। विधायक उसी सरपंच का साथ दे रहे हैं। जबकि विधायक पर पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं।
    कोपरा पंचायत के कार्यकर्ताओं ने इस्तीफे का पत्र मोहन मरकाम, प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, जिले के प्रभारी मंत्री अमरजीत भगत, विधायक अमितेश शुक्ल, जिला अध्यक्ष भावसिंह साहू और ब्लॉक अध्यक्ष रूपेश साहू को भेजा है। जिसमें जिला महामंत्री राजेश यादव, ओंकार सिंह ठाकुर, ठाकुर राम साहू और मोतीलाल साहू के नाम शामिल हैं। इसके अलावा दो ब्लॉक महामंत्री रिकेश साहू ओर नंदकुमार साहू सहित 200 से अधिक गांव के कार्यकर्ता ने भी इस्तीफा दिया है।

    दरअसल, ये पूरा विवाद शुरू हुआ है, कोपरा पंचायत की महिला सरपंच डॉली साहू को लेकर। ग्रामीणों को आरोप है कि सरपंच ने बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया है। इसलिए वे लोग सरपंच के खिलाफ कार्रवाई चाहते हैं। इनमें कांग्रेस के कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी शामिल हैं। लेकिन कार्यकर्ताओं का आरोप है कि विधायक अमितेश शुक्ल इस मामले में उनका साथ ही नहीं दे रह हैं। बल्कि सरपंच का साथ दे रहे हैं। इसी वजह से कांग्रेस कार्यकर्ता समेत गांव के लोग काफी नाराज हैं।

    कोपरा जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत है। खासकर ये कांग्रेस का गढ़ भी माना जाता है। ऐसे में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को इस तरह से इस्तीफा देना, कांग्रेस को मुश्किल में डाल सकता है। वहीं इस मामले को लेकर कांग्रेस जिला अध्यक्ष भावसिंह का कहना है कि उन्हें अभी इस मामले की जानकारी मिली है। किसी भी पदाधिकारी या कार्यकर्ता का इस्तीफा मंजूर नहीं किया जाएगा। मामले को बैठकर सुलझाने का प्रयास करेंगे।

    अमितेश शुक्ल तीसरी बार विधायक बनकर विधानसभा पहुंचे हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने बीजेपी के संतोष उप्धयाय को करीब 58 हजार वोटों से हराया था। अमितेश मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री पंडित रविशंकर शुक्ल के पोते और श्यामाचरण शुक्ल के बेटे हैं। श्यामाचरण शुक्ल भी मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। यही वजह है कि अमितेश की न सिर्फ अपने विधानसभा में बल्कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भी पकड़ है।

  • कोयला संकट से निजात दिलाने के लिए रेलवे ने कसी कमर…

    कोयला संकट से निजात दिलाने के लिए रेलवे ने कसी कमर…

    दिल्ली। कोयला संकट का सामना कर रहे थर्मल पावर प्रोजेक्ट्स (Thermal Power Projects) चलते रहें, यह जिम्मा भारतीय रेलवे (Indian Railway) ने उठाया है. रेलगाड़ियां लोडिन की क्षमता बढ़ाकर रात-दिन पावर प्लांट्स तक कोयला पहुंचा रही हैं. खबरें आ रही थी कि देश के कई पावर प्लांट्स में कोयला का स्टॉक बहुत कम बचा है. ऐसे में सरकार और संबंधित विभाग अलर्ट मोड पर हैं. रेलवे में भी अधिकारियों को सक्रिय रहने और हर घंटे की जानकारी तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही हर दिन लोड होने वाले कोयला की संख्या भी बढ़ा दी गई है.कोयला की कमी को रेलवे आंतरिक रूप से ‘आपातकाल’ मान रहा है. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, सभी जोनल रेलवे के मुख्य संचालक प्रबंधकों को कंट्रोल रूम तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही मंत्रालय और जनरल मैनेजर्स के लिए हर घंटे के बुलेटिन बनाने के लिए भी कहा गया है।

    इससे पहले ऊर्जा मंत्री आरके सिंह भी प्लांट्स में कोयला की कमी को लेकर चिंता जाहिर कर चुके हैं.इधर, हर रोज होने लोड होने वाले कोयला के रैक की संख्या सोमवार को 430 से बढ़कर 440-450 हो गई है. सोमवार को 17.7 लाख टन कोयला का परिवहन किया गया. जबकि, बीते साल इसी दिन यह आंकड़ा 14.8 लाख था. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि अगर मांग प्रतिदिन 500 रैक तक बढ़ती है, तो भी रेलवे इसे आराम से संभालने के लिए तैयार है।

  • डिप्टी कलेक्टर के घर घुसे चोर, पैसे न मिलने पर लिखी चिट्ठी, लिखा- ‘जब पैसे नहीं थे तो लॉक नहीं करना था कलेक्टर….

    डिप्टी कलेक्टर के घर घुसे चोर, पैसे न मिलने पर लिखी चिट्ठी, लिखा- ‘जब पैसे नहीं थे तो लॉक नहीं करना था कलेक्टर….

    बीती रात कुछ चोरों ने सिविल लाइंस स्थित डिप्टी कलेक्टर के घर को अपना निशाना बनाया, लेकिन घर में चोरों को चुराने लायक कुछ भी नहीं मिला तो बदमाश चोर डिप्टी कलेक्टर के नाम एक चिट्ठी लिखकर छोड़ गए और उसमें लिखा, ‘जब पैसे नहीं थे तो लॉक नहीं करना था कलेक्टर.’ दरअसल, यह चोर डिप्टी कलेक्टर त्रिलोचन गौड़ के देवास की सिविल लाइंस स्थित शासकीय घर पर वारदात को अंजाम देने पहुंचे थे. त्रिलोचन गौड़ वर्तमान में देवास जिले के खातेगांव एसडीएम हैं और करीब 15 दिन से अपने देवास स्थित घर नहीं आए थे. लिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।

  • उच्च शिक्षामंत्री उमेश पटेल ने खरसिया नगर पालिका क्षेत्र में 5.50 करोड़ के विकास कार्यों का किया लोकार्पण व भूमिपूजन,ओवरब्रिज जल्द बनाने प्रयासरत, रेलवे फाटक के दोनो ओर जल्द लगेंगे शेड….

    उच्च शिक्षामंत्री उमेश पटेल ने खरसिया नगर पालिका क्षेत्र में 5.50 करोड़ के विकास कार्यों का किया लोकार्पण व भूमिपूजन,ओवरब्रिज जल्द बनाने प्रयासरत, रेलवे फाटक के दोनो ओर जल्द लगेंगे शेड….


    खरसिया। उच्च शिक्षा मंत्री और क्षेत्रीय विधायक उमेश नन्द कुमार पटेल ने खरसिया पहुंचकर, नगर पालिका खरसिया क्षेत्र में 5.80 करोड़ रुपये की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन किया। 
    नगर पालिका क्षेत्र में अधोसंरचना मद से (नाली, सी.सी. रोड, बी. डी. रोड इत्यादि) 33 कार्य, 276.58 लाख। 14 वित्त आयोग से (सी.सी. रोड, नाली इत्यादि) 8 कार्य, 69.34 लाख। 15 वित्त आयोग से (पाईप लाईन विस्तार एवं विभिन्न विकास कार्य) 12 कार्य 62.95 लाख के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। वही अधोसंरचना मद से 3 कार्य, 116.13 लाख। राज्य परिवर्तित मद से 1 कार्य, 25.53 लाख के विकास कार्यों का लोकार्पण किया। 


    इस दौरान उन्होने संबोधित करते हुए कहा कि खरसिया नगर पालिका में लगभग साढ़े 5 करोड़ के विकास कार्यो का लोकार्पण व भूमिपूजन किया गया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश में विकास कार्यों में देखा जाए तो ग्रामीण विधानसभा में खरसिया सबसे अग्रणी है। खरसिया विधानसभा में विद्युत सबस्टेशन की संख्या 26 है। प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा के सब स्टेशन का औसत अगर निकाला जाए तो वो 17 होता है। ग्राम हरदीझरिया में 1 नया सब स्टेशन स्वीकृत हो चुका है, वही आने वाले समय में बोतल्दा व बरगढ़ के बीच एक और स्वीकृत होने प्रयासरत है। मांड नदी की सभी छोर पुलिया से जुड़ चुके हैं। खरसिया विधानसभा का बानीपाथर ओवरब्रिज चालू हो चुका है, कोतरारोड का ओवरब्रिज अंतिम पड़ाव में है। खरसिया की स्वीकृति मिल चुकी है, बहुत जल्द काम शुरू हो जाएगा। शिक्षा के क्षेत्र में खरसिया ग्रामीण विधानसभा ही ऐसा है, जहां स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल, एकलव्य स्कूल, नवोदय विद्यालय व मॉडल स्कूल का संयोजन है। खरसिया विधानसभा में कॉलेज की संख्या 2 है और 2 नए चपले व कुसमरा में स्वीकृत हुए हैं। जिसमे एडमिशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। औसत में हम अन्य विधानसभा से आगे हैं।


    इस अवसर पर निराकार पटेल (अध्यक्ष जिला पंचायत रायगढ़), श्रीमती राधा सुनील शर्मा (अध्यक्ष – नगर पालिका खरसिया),  रूपेंद्र शर्मा (उपाध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी रायगढ़),  संतोषी राठिया (जिला पंचायत सदस्य), पुर्णिमा जायसवाल (सदस्य जिला पंचायत), अवधराम पटेल (जिला पंचायत सदस्य), महेत्तर राम उरांव (जनपद अध्यक्ष – ज.पं. खरसिया), अभय महंती (पूर्व सदस्य जिला पंचायत सदस्य), मनोज गबेल (अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी खरसिया ग्रामीण), रणधीर शर्मा (अध्यक्ष शहर कांग्रेस कमेटी खरसिया),  कृष्ण कुमार पटेल (उपाध्यक्ष जनपद पंचायत खरसिया),  राजेश अग्रवाल, नेत्रानंद पटेल,  सुखदेव डनसेना,  राजेश सहित (उपाध्यक्ष नगर पालिका परिषद खरसिया), मुकेश राजा वैष्णव (अध्यक्ष युवा कांग्रेस खरसिया विधानसभा) तथा खरसिया नगर की प्रशासनिक टीम अभिषेक गुप्ता (अनुविभागीय अधिकारी खरसिया रा.), श्रीमती निमिषा पांडेय ( (अनुविभागीय अधिकारी खरसिया पुलिस), टॉमसन रात्रे (मुख्य नगर पालिका अधिकारी खरसिया), सुम्मतराम साहू (थाना प्रभारी खरसिया), गंगा प्रसाद बंजारे (चौकी प्रभारी खरसिया) सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, नगरवासी, ग्रामीणजन व विभागीय अधिकारी-कर्मचारी एवं प्रेस क्लब खरसिया के अध्यक्ष, सचिव सहित अन्य पत्रकार साथी उपस्थित रहे।  

  • छोटे डूमरपाली में हुई चोरी के आरोपी भी पकड़े गये…

    छोटे डूमरपाली में हुई चोरी के आरोपी भी पकड़े गये…

    ● घर से टीवी और फ्रीज चोरी करने वाले चार आरोपी के साथ दो खरीददार गिरफ्तार….

    ● आरोपियों से टी.वी., फ्रीज और घटना में प्रयुक्त वाहन की जप्ती, खरसिया पुलिस की लगातार चौथी चोरी का खुलासा…. एसडीओपी खरसिया श्रीमती निमिषा पाण्डेय के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी खरसिया निरीक्षक सुम्मत राम साहू के नेतृत्व में खरसिया पुलिस द्वारा लगातार दूसरे दिन चौथी चोरी का खुलासा किया गया है । कल खरसिया क्षेत्र में हुई तीन चोरी का खुलासा किया गया था, जिसमें युवती के साथ विधि के साथ संघर्षरत बालक को न्यायालय पेश किया गया है । आज दिनांक 12/10/2021 को ग्राम छोटे डूमरपाली में खिलावन सिदार के घर से टीवी, फ्रिज की चोरी करने वाले 04 आरोपियों के साथ 02 खरीददार को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा गया है । आरोपियों से टीवी, फ्रिज को चोरी कर ले जाने में प्रयुक्त वाहन महिन्द्रा जितो की भी जब्ती की गई है। जानकारी के अनुसार दिनांक 28/09/2021 को ग्राम छोटे डूमरपाली खरसिया निवासी खिलावन सिदार थाना खरसिया में इसके घर से दिनांक 27/09/2021 के दरमियानी रात अज्ञात आरोपी द्वारा एलजी कंपनी का फ्रिज (कीमती 8000 रूपये) तथा अकाई कंपनी का एलईडी टीवी (6,000रूपये) को चोरी कर ले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराया गया था, जिस पर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 596/2021 धारा 380 IPC कायम कर अज्ञात आरोपी की पतासाजी की जा रही थी । गत दिनों पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीना के दिशा निर्देशन पर संदिग्धों की जांच पड़ताल तेज किए जाने एवं मुखबीरों को सक्रिय कर जानकारी जुटाये जाने पर चोरी में संदेही खलेश्वर डनसेना व गोविंद डनसेना निवासी गीधा केनाभांठा खरसिया के संलिप्त होने की सूचना दिया जिस पर थाना प्रभारी खरसिया निरीक्षक एस.आर. साहू द्वारा स्टाफ को दोनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने का निर्देश दिया गया । दोनों संदिग्धों से कड़ी पूछताछ में अपने साथी मुनू डनसेना, गौतम अजय, कुसुम कुमार यादव के साथ मिलकर चोरी को अंजाम देना बताये । आरोपीगण बताये कि दिनांक 27/09/2021 के दरम्यानी रात गौतम अजय की महिंद्रा जीतो क्रमांक CG 11 AK 0728 में सवार होकर ग्राम छोटे डूमरपाली गए, जहां एक घर के पीछे से घुसकर बरामदे में रखे टीवी, फ्रिज को चोरी कर लेकर आये । आरोपीगण चोरी की सम्पत्ति TV को धनेश्वर डनसेना निवासी गीधा केनाभांठा को ₹2,000 रूपये में तथा फ्रिज को योगेश्वर प्रसाद जोल्हे निवासी अंजोरीपाली खरसिया को ₹3,500 में बिक्री करना बताएं जिस पर प्रकरण में धारा 34, 411 IPC जोड़कर आरोपी धनेश्वर डनसेना से एलईडी टीवी व योगेश्वर प्रसाद जोल्हे से फ्रिज तथा गौतम अजय से घटना में प्रयुक्त वाहन महिंद्रा जीतो की जब्ती किया गया है । प्रकरण के आरोपी

    1 खलेश्वर डनसेना पिता दुजराम उम्र 32 वर्ष

    2 गौतम अजय पिता राम कुमार उम्र 29 वर्ष

    3 गोविंद डनसेना पिता बंसीलाल डनसेना 20 वर्ष

    4 कुसुम कुमार यादव पिता बाबूलाल यादव उम्र 32 वर्ष

    5 धनेश्वर डनसेना ‍पिता गांडाराय डनसेना 33 वर्ष सभी निवासी गीधा केनाभांठा खरसिया

    6 योगेश्वर प्रसाद जोल्हे पिता गणेशराम जोल्हे उम्र 37 वर्ष निवासी अंजोरीपाली थाना खरसिया को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा गया है । आरोपियों का एक साथी मुनु डनसेना पिता चंद्रपुरिहा डनसेना निवासी गीधा केनाभांठा खरसिया सकुनत से फरार है जिसकी पतासाजी के लिए थाना प्रभारी द्वारा स्टाफ लगाया गया है । अज्ञात आरोपियों की पतासाजी तथा दोनों खरीददार से मशरूका की जप्ती में थाना प्रभारी खरसिया निरीक्षक एस.आर. साहू के साथ प्रधान आरक्षक लक्ष्मीनारायण राठौर, आरक्षक प्रदीप तिवारी, शिव वर्मा, मुकेश यादव की सराहनीय भूमिका रही है ।

  • जब एसडीओ की गाड़ी में मिले करोड़ों रूपए !….

    जब एसडीओ की गाड़ी में मिले करोड़ों रूपए !….

    जब एसडीओ की गाड़ी में मिले करोड़ों रूपए !

    इस दफे ये छिपा किस्सा बस्तर से गूंजा. बस्तर के हरे-भरे जंगलों से निकलकर एक विभाग के एसडीओ साहब अपनी निजी कार से राजधानी आ रहे थे कि भानपुरी के करीब जांच पड़ताल कर रही पुलिस ने उनकी गाड़ी रोक दी. साहब ने परिचय दिया, बावजूद इसके पुलिस, गाड़ी की जांच के लिए अड़ गई. एसडीओ साहब के माथे से पसीना रिसने लगा. आनन-फानन में उन्होंने बैरिकेटिंग तोड़कर भागने की नाकाम कोशिश भी की, लेकिन बस्तर की फुर्तीली पुलिस से एसडीओ साहब भला कहां तक भाग पाते. पुलिस ने जब गाड़ी की तलाशी ली, तो आंखें फटी की फटी रह गई. घटना की तस्दीक करने वाले बताते हैं कि एसडीओ साहब की गाड़ी से एक करोड़ चालीस लाख रूपए मिले. एक बड़े विभाग के एसडीओ की गाड़ी में इतनी रकम की बरामदगी की सूचना आला अधिकारियों तक भेजी गई. इधऱ एसडीओ साहब ने अपने महकमे के ऊपर के अधिकारियों को भी जानकारी भेजी. खबर लगते ही महकमे के बड़े अधिकारी दौड़ते भागते थाना पहुंचे. पूरे मामले की जब पड़ताल की गई, तो मालूम चला कि मामला राजधानी के एक बड़े नेता के तिमाही लेन-देन से जुड़ा है. सो जांच-वांच तो होनी नहीं थी, पर बताते हैं कि इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस की हाड़ तोड़ मेहनत से निकले पसीने को भी पोछ दिया गया है. वैसे खा म खामखा बस्तर को अधिकारी कर्मचारी पनिशमेंट पोस्टिंग कहकर बदनाम करते हैं.

    ब्रेवरेज कारपोरेशन की बेचारगी

    इसे बेचारगी नहीं तो और क्या कहेंगे. एक दौर था जब ब्रेवरेज कारपोरेशन का अपना रूतबा था. शराब की बिक्री का दस फीसदी कमीशन सीधे ब्रेवरेज कारपोरेशन के खाते में जाता था. अच्छी खासी मोटी कमाई थी. पता नहीं किसकी नजर लगी. 10 फीसदी कमीशन से शून्य हट गया. 1 ही बाकी रह गया. रूतबा भी घटता चला गया.  कौन सी कंपनी शराब बेचेगी और कौन सी नहीं? ये ब्रेवरेज काररोपेशन ही तय करता था. एफ एल 10 (क) लाइसेंस सिर्फ ब्रेवरेज कारपोरेशन के पास ही था. यानी किसी कंपनी को शऱाब की सप्लाई राज्य में करनी होती, तो उसमें मध्यस्थ की भूमिका कारपोरेशन निभाता. कारपोरेशन ही शराब कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा कराकर लैंडिग प्राइज काॅल करता. शराब कंपनियों को परचेज आर्डर कारपोरेशन देता. कारपोरेशन की इस प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आबकारी विभाग परमिट जाती करता. अब ना प्रतिस्पर्धा हैं और ना ही कारपोरेशन की भूमिका. अब यह सारा काम राज्य की तीन प्राइवेट कंपनियां कर रही हैं. सत्ता के करीबी लोग इन कंपनियों से जुड़े हैं. इन्हीं कंपनियों के पास एफ एल 10 (क) लाइसेंस हैं. कौन शराब बेचेगा? शराब का रेट क्या होगा? ये सारे निर्णय इन्हीं के पास सुरक्षित हैं. ब्रेवरेज कारपोरेशन अपने डिपो में सिर्फ शराब की रखवाली करने तक सीमित हो गया है. वैसे कारपोरेशन एक काम और करता था, शराबबंदी को लेकर जागरूकता लाने का. यह काम भी छिनकर समाज कल्याण विभाग को दे दिया गया. बेचारा ब्रेवरेज कारपोरेशन पूछ रहा है, अच्छे दिन कब आएंगे….

    नपेंगे कलेक्टर-एसपी ?

    कवर्धा दंगा मामले में सरकार के मंत्रियों ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा है कि प्रशासन से चूक हुई है. इसे एक संकेत के तौर पर माना जा रहा है. संकेतों को यदि सच माना जाए तो आने वाले कुछ दिनों के भीतर कलेक्टर और एसपी पर गाज गिर सकती है. वैसे सूचना तो यह है कि ये कार्रवाई अब तक कर दी गई होती, लेकिन शांति बहाली कायम रखने की चुनौती के बीच यह ठीक नहीं होता. ये सोचकर कार्रवाई रोक दी गई. लेकिन अब तीन-तीन मंत्रियों की प्रेस कांफ्रेंस में यह कहा जाए कि प्रशासनिक चूक थी, तो सरकार फिर कैसे बने दे रह सकती है.

    काबरा ही क्यों?

    राज्य गठन के बाद से अब तक यह पहला मौका है जब किसी सीनियर आईपीएस के हाथों जनसंपर्क की कमान सौंप दी गई है. सवाल उठा कि सरकार ने इस पद के लिए दीपांशु काबरा को ही क्यों चुना? और जिम्मेदारी दी तो परिवहन के साथ-साथ. इसे लेकर चर्चा है कि काबरा कई लोगों की दुखती रग से वाकिफ हैं. पुलिस वाले हैं, सो जानते हैं, किसका कान कब और कितना मरोड़ना है. मीडिया से अच्छे ताल्लुकात और सोशल मीडिया में उनकी एक्टिविटी ने भी सरकार का ध्यान खींचा होगा. वैसे दीपांशु काबरा के लिए जनसंपर्क कोई नई बात नहीं है. जब जहां रहे, भरपूर जनसंपर्क किया. मिलने-जुलने में छलनी का इस्तेमाल नहीं किया. क्या पत्रकार और क्या नेता. राजधानी में एसपी-आईजी रहे हैं. तासीर बखूबी समझते हैं. हां यह जरूर है कि हार्डकोर पुलिसिंग और जनसंपर्क के कामकाज में जमीन-आसमान का अंतर है. यहां सरकार की छवि चमकाने के लिए थोड़ी कास्मेटिक की जरूरत पड़ती है. यहां पुलिस की सख्ती काम नहीं आती.

    मंत्री की दिलचस्पी

    वैसे भी सरगुजा इन दिनों खूब चर्चा में है. अब यहां से एक नई चर्चा सामने आई है. मामला बगैर निविदा तीन करोड़ रूपए का ठेका देने का है. इसमें एक मंत्री की खास रूचि सामने आई है. बताते हैं कि अधिकारियों ने स्कूलों में सूखा राशन बांटे जाने के लिए एक महिला स्व सहायता समूह को ठेका निविदा से नहीं, बल्कि मंत्री की दिलचस्पी से दे दिया. इतनी मेहरबानी समझ नहीं आई. ऐसा नहीं है कि गड़बड़ी सिर्फ इस जिले में ही सामने आई हो. कोंडागांव, बिल्हा जैसी जगहों से भी यह शिकायत आई थी कि सूखा राशन ऐसी संस्थाओं के जरिए बगैर निविदा खरीदा गया, जिनसे खरीदा ही नहीं जा सकता था. खैर मंत्री की महिमा मंत्री ही जाने.

    अमित शाह की नजर छत्तीसगढ़ पर

    पिछले हफ्ते नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक की अमित शाह से मुलाकात हुई थी. इस हफ्ते पूर्व मुख्यमंत्री डाॅक्टर रमन सिंह लंबी गुफ्तगू कर लौटे हैं. बीजेपी में अमित शाह इस बात को लेकर कुख्यात हैं कि बगैर काम वक्त नहीं देते और मिलते भी हैं तो चंद मिनटों में रफा-दफा कर देते हैं, लेकिन अबकी बार रमन-कौशिक से हुई मुलाकात में अच्छा खासा वक्त दिया. संकेत मिल रहे हैं कि राज्य के भीतर के सियासी समीकरणों पर बातचीत हुई है. मध्यप्रदेश जैसी स्थिति तो यहां बन नहीं सकती, लेकिन मुद्दों पर कैसे सरकार को बैकफुट पर लाकर दबाव बनाया जा सकता है, ऐसे विषयों पर विमर्श जरूर हुआ होगा. एक बड़े बीजेपी नेता की टिप्पणी भी गौर करने वाली है. अमित शाह से मिलकर लौटने के बाद विनम्र डाॅक्टर साहब भी कवर्धा की घटना पर आक्रामक नजर आए…..

  • NCB ने नाइजीरियन नागरिक को किया गिरफ्तार, अब तब 20 आरोपी आ चुके हैं शिकंजे में…

    NCB ने नाइजीरियन नागरिक को किया गिरफ्तार, अब तब 20 आरोपी आ चुके हैं शिकंजे में…

    मुंबई। क्रूज़ में ड्रग्स मामले पर रेड मारकर अभी तक 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें आज एक नाइजीरियन नागरिक को भी गिरफ्तार किया है. अभी भी कई लोग NCB के रडार पर हैं. इसी छापेमारी में NCB ने बॉलीवुड के बादशाह शाहरूख खान के बेटे आर्यन खान को गिरफ्तार किया गया है. आर्यन खान अभी सलाखों के पीछे है.

    एनसीबी ने क्रूज मामले में आर्यान खान और अरबाज मर्चेंट से कथित संबंध रखने वाले ड्रग तस्कर शिवराज रामदास को कल तक के लिए एनसीबी की हिरासत में भेज दिया गया है. वहीं दूसरी तरफ फिल्म प्रोड्यूसर इम्तियाज खत्री से कई घंटों तक पूछताछ की.


    सोमवार को पेश होने के लिए समन किया है. एनसीबी ने शाहरुख के ड्राइवर से भी सवाल-जवाब किए हैं. सूत्रों के मुताबिक इस मामले में कई विदेशी पेडलर के शामिल होने की भी बात कही जा रही है।

    जोनल डाइरेक्टर समीर वानखेड़े ने किया खुलासा

    जोनल निदेशक, एनसीबी मुंबई समीर वानखेड़े ने बताया कि NCB मुंबई की एक टीम ने कल कोकीन की कुछ मात्रा के साथ एक नाइजीरियाई नागरिक ओकारो ओजामा को गोरेगांव के ओबेरॉय माल के पास पकड़ा था. इस मामले में यह 20वीं गिरफ्तारी है. उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा. यह आरोपी रेव पार्टी के ड्रग सप्लायरों में से एक है.

    बता दें कि मुंबई क्रूज ड्रग्स केस में 20 वीं गिरफ्तारी हुई है. NCB ने नाइजिरियन नागरिक को गिरफ्तार किया है. NCB ने बताया कि आरोपी रेव पार्टियों में ड्रग्स की सप्लाई करता है. गोरेगांव के ओबरॉय मॉल से नाइजिरियन नागरिक को गिरफ्तार किया गया है

  • कैसे चैन ने माफी मांगी थी जब उनका बेटा ड्रग्स के साथ पकड़ा गया था…

    कैसे चैन ने माफी मांगी थी जब उनका बेटा ड्रग्स के साथ पकड़ा गया था…

    इन दिनों बॉलीवुड के कथित ‘सुपरस्टार’ शाहरुख खान और उनके बेटे आर्यन खान काफी चर्चा में है। हो भी क्यों न, आखिर उनके कर्म ही ऐसे हैं। हाल ही में मुंबई के तट से कुछ दूरी पर एक क्रूज़ शिप पर पड़े NCB के छापे के दौरान ड्रग्स के साथ कई लोग हिरासत में लिए गए, जिसमें आर्यन खान भी शामिल था। अब आर्यन खान और शाहरुख के समर्थन में फिल्म उद्योग के कई हस्ती सामने आए हैं, परंतु कोई भी आर्यन द्वारा ड्रग्स के सेवन पर एक उंगली तक नहीं उठा रहा। क्या आप जानते हैं 7 साल पहले, एक और विश्व प्रसिद्ध हस्ती उसी स्थिति में थे जिस स्थिति में आज शाहरुख खान हैं? लेकिन शाहरुख से इतर उन्होंने अपने बेटे का बचाव करने के बजाए कानून को अपना काम करने दिया?

    चैन ने पूरी दुनिया से मांगी थी माफी

    दरअसल, हम प्रसिद्ध मार्शल आर्ट्स विशेषज्ञ एवं हॉलीवुड अभिनेता जैकी चैन की बात कर रहे हैं। साल 2014 में उनके बेटे जेसी चैन को ड्रग्स सेवन के संबंध में पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया था। चीनी पुलिस ने उन्हें बीजिंग में हिरासत में लिया था।
    दैनिक जागरण के रिपोर्ट के अनुसार, “चीनी पुलिस ने पुष्टि की थी कि उन्हें जेसी चैन के घर में 3.5 औंस से अधिक मारिजुआना मिला है। प्रतिबंधित पदार्थ का सेवन करने के मामले में एक्टर के 32 वर्षीय बेटे का टेस्ट पॉजिटिव आया था। 23 वर्षीय ताइवानी फिल्म स्टार काई को और मिस्टर सॉन्ग के नाम से जाने जाने वाले एक तीसरे व्यक्ति के साथ उसका भंडाफोड़ किया गया था, जिस पर संपत्ति में उजागर दवाओं को सर्कुलेट करने का आरोप लगाया गया था”।

    उस समय जैकी चैन स्वयं चीनी पुलिस के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल एंबेसडर थे और अपनी भूमिका के कारण वह विभिन्न नशीली दवाओं के विरोधी आंदोलनों का चेहरा भी रहे थे। तब वह अक्सर सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के समर्थन में बोलते थे लेकिन जब उनके बेटे के कृत्य सबके सामने आए, तो उन्होंने पूरी दुनिया से माफी मांगते हुए कहा, “मुझे बहुत शर्म आती है”। इसके साथ ही उन्होंने अपने बेटे पर अपनी निराशा जाहिर करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “मैं अपने बेटे की हरकत से बहुत नाराज हूं और मुझे शर्म आती है”

    जेसी चैन को हुई थी 6 महीनें की सजा

    ड्रग मामले में उस समय जेसी चैन को छह महीने जेल की सजा सुनाई गई थी। उस अवधि के दौरान स्वयं जेसी चैन ने अदालत में अपनी गलती को स्वीकार किया और वादा किया कि जब वह अपनी सजा पूरी होने के बाद वापस आएगा, तो वह एक आदर्श व्यक्ति के रूप में एक उदाहरण स्थापित करेगा।

    यूं तो चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का समर्थक एक आदर्श उदाहरण तो नहीं माना जा सकता है, परंतु जिस फिल्म उद्योग में ड्रग्स पाए जाने के बावजूद ‘I_Stand_with_Rhea’ और ‘Release_Aryan_Khan’ जैसे निकृष्ट अभियान चलाए जाते हों, जिस फिल्म उद्योग में संजय दत्त जैसे व्यक्तियों के कृत्यों को उचित ठहराने के लिए लोगों ने बायोपिक तक बनाई हों, तो वहां पर आप शिष्टाचार और शुद्ध आचरण की आशा भी कैसे कर सकते हैं? लेकिन जैकी चैन का उदाहरण इतना बताने के लिए पर्याप्त है कि यदि आपने कोई भूल की है, तो उसे स्वीकारने से आप छोटे नहीं हो जाएंगे। काश इतना समझने की ताकत हमारे बॉलीवुड स्टार्स में होती।