Author: Sunil Agrawal

  • क्या शराब पीना है आपका कानूनी अधिकार? बहुत कम लोग जानते होंगे ये खास बात…

    क्या शराब पीना है आपका कानूनी अधिकार? बहुत कम लोग जानते होंगे ये खास बात…

    शराब पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है. ये बात सभी लोग जानते हैं, लेकिन कई लोग इसका सेवन करते हैं. अब हर खुशी के अवसर पर लोग शराब का सेवन कर रहे है, जिन राज्यों में शराब बैन है, वहां अलग-अलग जुगाड़ से लोग शराब खरीद रहे हैं. इतना ही नहीं, कई लोग शराब पर लगाए गए बैन को भी गलत भी बताते हैं और उनका तर्क होता है कि उन्हें अधिकार है कि वो कुछ भी खाएं और कुछ भी पीएं. क्या शराब के लिए भी ऐसा ही है, क्या शराब पीना आपका अधिकार है?
    आज हम जानने की कोशिश करते हैं कि आखिर क्या शराब सही में आपका मौलिक अधिकार है, जिसे पीने से आपको रोका नहीं जा सकता है. जानते हैं कोर्ट के उन फैसलों के बारे में बारे में, जो कोर्ट ने शराब को मौलिक अधिकार बताए जाने को लेकर लिए हैं…

    क्या सही में है मौलिक अधिकार?

    अगर सीधे शब्दों में कहें तो शराब पीना मौलिक अधिकार नहीं है. कोर्ट ने कई बार अपने फैसलों में माना है कि शराब पीना मौलिक अधिकार की श्रेणी में नहीं है और राज्य इसकी बिक्री को अपने हिसाब से नियंत्रित कर सकते हैं. जब साल 1960 में भी गुजरात ने बॉम्बे प्रोहिबिएशन एक्ट 1949 को बरकरार रखा था, जिसके तरह शराब को बैन कर दिया गया था. इसके साथ ही इस एक्ट के सेक्शन 12 और सेक्शन 13 में स्टेट को अधिकार दिया है कि वो अपने हिसाब से शराब की बिक्री को नियंत्रित रख सकते हैं.

    हालांकि, इसके अलावा इंडस्ट्रीयल कार्यों के लिए शराब की बिक्री को अलग रखा गया है, ऐसे में बैन लगे राज्यों में इंडस्ट्रीयल कार्यों के लिए शराब की खरीददारी की जा सकती है. इसमें शराब पीने को लेकर मनाही है. वैसे तो आर्टिकल 19 (1) (G) कहता है कि कोई भी व्यक्ति अपने हिसाब से किसी चीज का व्यापार कर सकता है, लेकिन कई चीजों को इनसे दूर रखा गया है, जो समाज के लिए विरुद्ध हो. वहीं, आर्टिकल 47 के हिसाब से स्टेट शराब पर बैन लगाने का फैसला सकता है और इसमें स्टेट को जिम्मेदारी है कि वो स्टेट में हेल्थ मामलों को लेकर कोई भी फैसला ले सकता है.

    केरल में कुछ अलग है नीति

    जहां तक स्टेट को दिए गए अधिकार की बात है तो हर राज्य अपने हिसाब से नीति बना सकता है. ऐसे ही केरल में 2-3 स्टार के होटल में शराब की बिक्री की मनाही है, लेकिन 4-5 स्टार में शराब की बिक्री की जा सकती है. क्योंकि सरकार का मानना है कि वहां का माहौल, सुरक्षा अलग है. जब इस नीति को चुनौती दी गई तो सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे जारी रखा, जिसके आधार पर केरल की अलग नीति है. वैसे ही जब बिहार में भी शराब पर बैन लगा तो इस फैसले को कई चुनौती मिली, लेकिन कोर्ट ने साफ कर दिया है कि यह राज्यों का अधिकार है.

  • मंत्री परिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय, प्रदेश में खुलेंगे स्कूल,मीटिंग में कालेज खोलने को लेकर भी हुआ यह निर्णय….

    मंत्री परिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय, प्रदेश में खुलेंगे स्कूल,मीटिंग में कालेज खोलने को लेकर भी हुआ यह निर्णय….

    रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में उनके निवास कार्यालय में मंत्री परिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में निम्नानुसार महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।प्रथम अनुपूरक अनुमान वर्ष 2021-2022 का विधान सभा में उपस्थापन बाबत् छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक, 2021 का अनुमोदन किया गया। संविदा नियम, 2012 की कंडिका 7 (2) में शिथिलता प्रदान करते हुए, कर्नल रजनीश शर्मा, तत्कालीन पुलिस उप महानिरीक्षक (एसटीएफ) बघेरा जिला दुर्ग की संविदा सेवा में एक वर्ष की वृद्धि का अनुमोदन किया गया।छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की राज्य के विभिन्न जिलों में स्थित 58 कॉलोनियों को संबंधित क्षेत्रों के नगरीय निकायों को तथा रायपुर विकास प्राधिकरण अंतर्गत कमल विहार योजना के पूर्ण हो चुके सेक्टर, इंद्रप्रस्थ योजना के फेस-1 और फेस-2, डॉ. खूबचंद बघेल ट्रांसपोर्ट नगर तथा श्यामा प्रसाद मुखर्जी आवासीय एवं व्यावसायिक क्षेत्र को रायपुर नगर निगम को हस्तांतरित किए जाने का निर्णय लिया गया।छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल के स्व-वित्तीय आवासीय/व्यावसायिक सम्पत्तियों को विक्रय योजना के तहत लागत मूल्य पर विक्रय करने एवं विशेष भाड़ा क्रय योजना तथा One Time Settelment लागू करने का अनुमोदन किया गया। विशेष भाड़ा क्रय योजना एवं सामान्य भाड़ा क्रय योजना में सभी को अंतिम किश्तों के भुगतान के समय कुल देय ब्याज राशि में 15 प्रतिशत की छूट दिए जाने का निर्णय लिया। हाउसिंग बोर्ड की 14 चिन्हित कॉलोनियों एवं 7 व्यावसायिक परिसर को लागत मूल्य पर विक्रय का निर्णय लिया गया। इससे मकानों की कीमत औसत रूप से 16.5 प्रतिशत कम होगी।



    नवा रायपुर, छत्तीसगढ़ में विश्व स्तरीय शिक्षण संस्थान की स्थापना के लिए नवा रायपुर में 20 एकड़ भूमि स्कूल शिक्षा विभाग को निःशुल्क आबंटित किए जाने का निर्णय लिया गया। इस विश्व स्तरीय शिक्षण संस्थान के निर्माण के लिए माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा 15 करोड़, छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल द्वारा 10 करोड़ और व्यावसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा 25 करोड़ रूपए इस प्रकार कुल 50 करोड़ रूपए की राशि दी जाएगी।छत्तीसगढ़, चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय दुर्ग (अधिग्रहण) विधेयक, 2021 अनुमोदन किया गया।छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा स्वयं अथवा पब्लिक प्राईवेट पार्टनशिप के माध्यम से निर्मित आयुर्वेदिक दवाओं, हर्बल उत्पादों एवं लघु वनोपज से प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ के क्रय के संबंध में छत्तीसगढ़ भण्डार क्रय नियम 2002 यथा संशोधित 2020) के नियम 8 में संशोधन का निर्णय लिया गया। जिसके तहत राज्य शासन के समस्त विभाग, उपक्रम एवं शासनाधीन संस्थाओं द्वारा अपने आवश्यकता के अनुसार तथा उपलब्ध बजट के अंतर्गत आयुर्वेदिक दवाओं हर्बल उत्पादों एवं लघु वनोपज से प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थाें का छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज के माध्यम से सीधे क्रय कर सकेंगे। इस सबंध में छत्तीसगढ़ भण्डार क्रय नियम के प्रावधान के अनुसार निविदा आमंत्रित करने की आवश्यकताओं को शिथिल किए जाने का निर्णय लिया गया।
    वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के उपक्रम सीएसआईडीसी के आधिपत्य में सेक्टर-सी, औद्योगिक विकास केन्द्र सिरगिट्टी जिला- बिलासपुर की 38.944 एकड़ भूमि का आवास एवं पर्यावरण विभाग के उपक्रम छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल तथा औद्योगिक विकास केन्द्र सिरगिट्टी में 9 एकड़ भूमि में सीएसआईडीसी द्वारा संचालित किए जा रहे हाईटेक बस स्टैंड परिसर को नगर निगम बिलासपुर को हस्तांतरण किये जाने का निर्णय लिया गया।
    छत्तीसगढ़ राज्य की औद्योगिक नीति 2019-24 के अंतर्गत फार्मास्युटिकल उद्योग में निवेश हेतु विशेष निवेश प्रोत्साहन पैकेज का अनुमोदन किया गया है। जिसके तहत इस पैकेज का लाभ उन्हीे उद्योगों को प्राप्त होगा, जो पैकेज घोषणा की तिथि से पूर्व छत्तीसगढ़ शासन के साथ एमओयू का निष्पादन कर चुके हैं। ऐसी इकाईयां जो अपना व्यावसायिक 15 करोड़ से अधिक का नवीन स्थायी पूंजी निवेश कर उत्पादन 31 अक्टूबर 2024 को अथवा उसके पूर्व करें। इस पैकेज के अंतर्गत आर्थिक निवेश प्रोत्साहन हेतु घोषित अधिकतम मान्य निवेश सीमा 20 करोड़ तक देय होगी। विशेष प्रोत्साहन पैकेज के अंतर्गत फार्मास्युटिकल उद्योगों को विभिन्न सुविधाएं जैसे विद्युत शुल्क में छूट, स्टाम्प शुल्क में छूट, ब्याज अनुदान, परियोजना प्रतिवेदन, गुणवत्ता प्रमाणीकरण और तकनीकी पैटंेंट में अनुदान आदि सुविधाएं दिए जाने का निर्णय लिया गया। यदि ये उद्योग निविदा में भाग लेती है, वांछित गुणवत्ता की दवा एल-1 दर पर प्रदाय करने के लिए तैयार होती है। तब इन उद्योगों से राज्य में क्रय की जाने वाली दवाईयों में से अधिकतम 50 प्रतिशत दवाईयां सीधे क्रय करने का निर्णय भी लिया गया।
    ‘‘मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के संबंध में मंत्रिपरिषद के समक्ष प्रस्तुत एक पूरक प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत कृषकों को निजी भूमि में वाणिज्यिक वृक्षारोपण को प्रोत्साहन तथा अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत अधिनियम 2006 के अंतर्गत जिन नागरिकों को वन अधिकार मान्यता पत्र प्राप्त हुआ है उनके द्वारा अपनी भूमि पर फलदार पौधे, वनोपज वनौषधि का रोपण किए जाने पर उन्हें 10 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इन पौधों के बीच अंतरवर्ती फसल के रूप में अन्य फसलें भी लगाई जा सकती है।
    राजीव गांधी किसान न्याय योजना के क्रियान्वयन हेतु जारी दिशा-निर्देश का अनुमोदन किया तथा योजना में रागी फसल को शामिल करने का निर्णय लिया गया। गोधन न्याय योजनान्तर्गत वैकल्पिक विधि से बायो इनरिच्ड आर्गेनिक मेन्योर तैयार करने एवं दर निर्धारण का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत बायो इनरिच्ड जैविक खाद का निर्माण स्व-सहायता समूह के माध्यम से किया जाएगा। उत्पादित खाद को सुपर कम्पोस्ट प्लस के नाम से विक्रय न्यूनतम दर 6.50 रूपए प्रति किलोग्राम की दर से किया जाएगा।
    प्रदेश के जिला मुख्यालय की मंडियों में भूमि की उपलब्धता के आधार पर छत्तीसगढ़ बाजार (C-MART) की स्थापना राज्य विपणन विकास निधि से किए जाने केे प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। सी-मार्ट में प्रदेश के विभिन्न शासकीय-अर्धशासकीय संस्थाओं, गौठानों, स्व-सहायता समूहों, कृषि उत्पादक संगठनों के माध्यम से राज्य के कृषकों, कामगारों, शिल्पकारों, बुनकर इत्यादि के द्वारा उत्पादित सामाग्री के विपणन तथा उसकी ब्राडिंग के साथ-साथ उपभोक्ताओं को एक ही स्थान पर सामग्री क्रय करने की सुविधा उपलब्ध होगी। एग्री बिजनेस से संबंधित उत्पाद जैसे बीज,खाद, कृषि यंत्र, कृषि उपकरण, पम्प, मल्टीप्लैक्स, मनोरंजन सुविधा के साथ-साथ कृषकों के दैनिक उपयोग की सामग्री के विक्रय की व्यवस्था की जाएगी। इसका उद्देश्य स्थानीय उत्पादकों को विपणन की सुविधा कुटिर उद्योग का बढ़ावा तथा कृषकों की आय में वृद्धि करना है।

    छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद में सदस्यों की संख्या 10 से बढ़ाकर 21 किए जाने का निर्णय लिया गया।छत्तीसगढ़ विधान मंडल सदस्य निरर्हता निवारण अधिनियम, 1967 (क्र. 16 सन् 1967) को और संशोधित करने हेतु विधेयक के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। आदिम जनजातियों का संरक्षण (वृक्षों में हित) अधिनियम, 1999 एवं नियम, 2000 के क्रियान्वयन हेतु उक्त कार्य राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग को आबंटित किये जाने के संबंध में छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन प्रारूप का अनुमोदन किया गया। सेवा क्षेत्र को वाणिज्य एवं उद्योग विभाग का कार्य आबंटित किए जाने का निर्णय लिया गया।
    शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक एवं संग्रहालय के लिए नया रायपुर अटल नगर में 6.42 एकड़ भूमि नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण से आदिम जाति तथा अनुसूचित जनजाति विकास विभाग को निःशुल्क उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया।कोरोना संक्रमण काल के चलते बंद कराये गये आश्रम/छात्रावास एवं पोटा केबिन (कक्षा 8वीं से 12वीं तक के बच्चों) को प्रारंभ करने के आयुक्त बस्तर संभाग के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। बस्तर संभाग के जिला सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर में कुल 320 आश्रम एवं 118 छात्रावास संचालित है। इसके अलावा बस्तर संभाग के शेष चार जिलों में जिला मुख्यालय से भिन्न संचालित छात्रावास एवं आश्रम को भी संचालित करने की अनुमति देने का निर्णय लिया गया।
    भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी स्वर्गीय श्री चंद्रकांत उइके की पत्नि श्रीमती रमा उइके को विशेष प्रकरण के तहत आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के अंतर्गत सहायक अनुसंधान अधिकारी (द्वितीय श्रेणी) के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति देने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।बाजार मूल्य (गाईड लाईन) एवं पंजीयन शुल्क में 31 मई 2022 तक छूट दिए जाने की अधिसूचना का कार्याेत्तर अनुमोदन किया गया। बाजार मूल्य गाईड लाईन दर पर पंजीयन शुल्क में (30 प्रतिशत) जारी छूट तथा 75 लाख से कम अथवा बराबर बाजार मूल्य के आवासीय मकानों एवं फ्लैट्स रजिस्ट्री पर पंजीयन शुल्क में 2 प्रतिशत की छूट 31 मार्च 2022 तक जारी रहेगी।वाणिज्यिक कर पंजीयन विभाग में रिक्त दो वरिष्ठ जिला पंजीयकों के पदों की पूर्ति के लिए वरिष्ठ जिला पंजीयक के पद पर पदोन्नति हेतु अर्हता मंे दो वर्ष की छूट एक बार के लिए दिए जाने का निर्णय लिया गया।
    कैबिनेट बैठक में राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना का क्रियान्वयन वर्ष 2021-22 से किए जाने का सैध्दांतिक निर्णय लिया गया। योजना का अंतिम रूप देने के लिए माननीय मुख्यमंत्री जी को अधिकृत किया गया।नगरीय क्षेत्रों में शासकीय भूमि का आवंटन, अतिक्रमित भूमि का व्यवस्थापन तथा गैर रियायती एवं रियायती स्थायी पट्टों को भूमि स्वामी अधिकार में परिवर्तन विलेखों पर देय स्टाम्प शुल्क/पंजीयन शुल्क में अधिकतम 2 हजार रूपए तक की छूट तथा नगरीय निकाय शुल्क में 31 मार्च 2022 तक छूट देने का निर्णय लिया गया। वर्ष 2016 बैच के नायब तहसीलदार से तहसीलदार के पद पर पदोन्नति हेतु छत्तीसगढ़ जूनियर प्रशासकीय सेवा भर्ती नियम 1980 की अनुसूची-4 में निर्धारित पांच वर्ष के सेवा काल में अधिकतम एक वर्ष की एक बार के लिए छूट प्रदान किए जाने निर्णय लिए गए।
    कोविड-19 के संक्रमण की स्थिति में प्रदेश के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लिए 2 अगस्त 2021 से भौतिक रूप से शिक्षण तथा अध्यापन कालखण्डो में विद्यार्थियों को उपस्थिति का निर्णय लिया गया। जिसके तहत कक्षाओं का संचालन प्रतिदिन 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ किया जाएगा। अर्थात विद्यार्थी अलटरनेट डे कक्षा में उपस्थित होंगे। समस्त संकायों/कक्षाओं के लिए पूर्व से संचालित ऑनलाइन कक्षाएं भी यथावत संचालित रहेंगी। कोविड-19 के सुरक्षा मानकों का ध्यान रखा जाएगा। राज्य के सभी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) प्रारंभ होंगे। मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलीटेक्निक चरणबद्ध रूप से खोले जाएंगे। कॉलेजों में विद्यार्थियों की उपस्थिति की अनिवार्यता नहीं है।कक्षा 10वीं और 12वीं के कक्षाएं 2 अगस्त 2021 से शुरू होंगी। कक्षाओं का संचालन विद्यार्थियों की 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ किया जाएगा। इसके लिए पालकों की सहमति आवश्यक होगी। यदि कोविड के एक भी प्रकरण नहीं है, ऐसी स्थिति में ग्राम पचंायतें पालकों के परामर्श से स्कूलों के संचालन का निर्णय ले सकेंगी। इसी प्रकार शहरी क्षेत्रों में स्कूलों के संचालन के संबंध में स्थानीय पार्षद एवं पालकों की सहमति से निर्णय लिया जाएगा।
    निजी विश्वविद्यालय की स्थापना एवं निगमन विषयक – प्रस्तावित विश्वविद्यालय, दुर्ग, छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक, 2021 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। भारत सरकार कोयला मंत्रालय/नॉमिनेटेड अथॉरिटी द्वारा 12वें ट्रेंच के रूप में सेल आफ कोल के तहत नीलामी हेतु छत्तीसगढ़ राज्य के अंतर्गत चिन्हांकित 18 कोल ब्लॉकों में से 17 कोल ब्लॉकों की नीलामी की सहमति दी गई। मुख्यमंत्री सस्ती दवा दुकान योजना एवं अंतर्विभागीय/अंतर्निकाय समन्वय से संबंधित अन्य लोकहित, लोक स्वास्थ्य, नगरीय नियोजन, शहरी अधोसंरचना विकास की केन्द्र/राज्य प्रवर्तित योजनाओं के क्लस्टर स्तर पर क्रियान्वयन/अनुश्रवण हेतु प्रदेश के 9 अर्बन एग्लोमरेशन को विघटित करते हुए समस्त 28 जिलांे को 28 जिला स्तरीय एग्लोमरेशन एवं जिला स्तरीय समिति के गठन करने तथा मुख्यमंत्री सस्ती दवा योजना के प्रस्तावित प्रारूप का सैध्दांतिक अनुमोदन किया गया। छत्तीसगढ़ खाद्य एवं पोषण सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत जारी राशन कार्डों पर प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के समकक्ष माह जुलाई 2021 से नवम्बर 2021 तक सामान्य श्रेणी के राशन कार्डाें का छोड़कर अन्य सभी राशन कार्डाें पर नियमित एवं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना की अतिरिक्त खाद्यान्न पात्रता में से जो बेहतर हो के अनुसार निःशुल्क राशन वितरण के निर्णय का अनुमोदन किया गया।

    खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित एवं नीलामी हेतु समितियों में भण्डारित अतिशेष धान 1.45 लाख मीट्रिक टन की नीलामी संग्रहण केन्द्रों से करने तथा समितियों से उक्त धान का परिवहन संग्रहण केन्द्रों में कराने के विभागीय निर्णय का अनुमोदन किया गया।मछली पालन को कृषि के समान विद्युत दर, सिंचाई दर एवं संस्थागत ऋण उपलब्ध कराने के विभागीय प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। आंगनबाड़ियों 26 जुलाई से दो पालियों में संचालित किए जाने का निर्णय लिया गया।

    मेसर्स मां कुदरगढ़ी एल्युमिना रिफाईनरी प्राईवेट लिमिटेड ग्राम चिरंगा, जिला सरगुजा में स्थापित की जा रही है। एल्युमिना संयंत्र को छत्तीसगढ़ शासन के सार्वजनिक उपकरण छत्तीसगढ़ डेव्हलपमेंट कॉर्पाेंरेशन के माध्यम से खनिज बॉक्साइड हेतु स्वीकृत खनि पट्टा क्षेत्रों से प्रति वर्ष अधिकतम 2.5 मिलियन टन बॉक्साइड अयस्क प्रदान करने हेतु लॉग टर्म लिंकेज पॉलिसी का अनुमोदन किया गया।

  • IAS जेल में लगा रहा झाड़ू, जज का फर्जी आदेश तैयार करने वाले संतोष वर्मा जेल में बंद…

    IAS जेल में लगा रहा झाड़ू, जज का फर्जी आदेश तैयार करने वाले संतोष वर्मा जेल में बंद…

    जज का फर्जी फैसला बनाकर IAS अवॉर्ड लेने के मामले में जेल में बंद संतोष वर्मा अपनी बैरक में खुद झाड़ू लगा रहा है। संतोष वर्मा के जेल में 2 दिन बड़ी मुश्किल से अपनी रात बिताई है। रात भर वह सो नहीं रहा है। सिर्फ करवटें बदलते नजर आ रहा है। इसी बैरक में उनके साथ निलंबित आबकारी अधिकारी पराक्रम सिंह चंद्रावत भी है। फर्जी आईएएस अफसर को कोर्ट ने शनिवार को 30 जुलाई तक जेल भेज दिया है।
    आरोपी आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा जेल में बंद रहते हुए अपने बैरक की सफाई समेत अन्य काम खुद करता है। जब जेलकर्मियों ने उसे झाड़ू लगाने से रोका, तो उसका कहना था कि वह घर में भी झाड़ू खुद ही लगाता था। इसलिए बैरक में सफाई करने में उसे कोई परेशानी नहीं है। बता दें, जेल में आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा को अन्य कैदियों से दूर रखा गया है। कोरोना वायरस के कारण जेल में नए कैदी को पहले क्वारैंटाइन सेंटर में रखा जाता है। उसमें 18 अन्य कैदी भी शामिल हैं।
    IAS वर्मा के खिलाफ 27 जून को एमजी रोड पुलिस ने जज की शिकायत पर धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने का केस दर्ज किया था। इसके बाद एमजी रोड पुलिस द्वारा दो बार संतोष वर्मा की रिमांड लेकर उन्हें जिला जेल भेज दिया गया है।

    क्यों बनाया फर्जी आदेश

    राज्य प्रशासनिक सेवा से भारतीय प्रशासनिक सेवा में प्रमोट करने के अधिकारी की जांच की जाती है। मामूली अपराध होने पर IAS अवॉर्ड रुक जाती है। ऐसे में वर्मा के खिलाफ दो केस लंबित होने की जानकारी DPC को मिलती तो उन्हें अपने सेवाकाल में कभी IAS अवॉर्ड होता ही नहीं, इसलिए उसने फर्जी आदेश बनाकर DPC के सामने लगा दिया।

  • निलंबित IPS जीपी सिंह और सरकार दोनों पहुंचे हाइकोर्ट, एक ने कहा- मामला द्वेषपूर्ण तो दूसरे ने कोर्ट से कहा- पहले पक्ष सुनो फिर…

    निलंबित IPS जीपी सिंह और सरकार दोनों पहुंचे हाइकोर्ट, एक ने कहा- मामला द्वेषपूर्ण तो दूसरे ने कोर्ट से कहा- पहले पक्ष सुनो फिर…

    छत्तीसगढ़ के निलंबित एडीजी गुरजिंदर पाल सिंह के प्रकरण में प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट में कैविएट दाखिल की है जिसमे राज्य सरकार ने हाईकोर्ट से इस मसले पर दायर याचिका में सीधे कोई फ़ैसला या संरक्षण देने के पूर्व राज्य सरकार का पक्ष सुनने की बात कही है।

    बता दे कि छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा देशद्रोह का मामला दर्ज करने के एक दिन बाद, एडीजी जी.पी. सिंह ने शुक्रवार को उच्च न्यायालय का रुख करते हुए प्रदेश सरकार द्वारा ‘पक्षपातपूर्ण कार्रवाई’ पर अंतरिम राहत और मामले की सीबीआई जांच की भी मांग की है।

    छत्तीसगढ़ पुलिस ने निलंबित एडीजी जीपी सिंह के खिलाफ गुरुवार देर रात राजद्रोह का केस दर्ज किया गया है। एसीबी के छापे के दौरान एडीजी के सरकारी बंगले से कुछ चिट्ठियां और पेन ड्राइव मिली थीं। उनकी जांच के बाद सिटी कोतवाली में राजद्रोह की धारा 124 और धारा 153 में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इस पर पुलिस आज और खुलासा कर सकती है। राज्य में राजद्रोह का यह पहला मामला बताया जा रहा है।

    पुलिस के अनुसार छापेमारी के दौरान जो चिट्ठियां और दस्तावेज मिले हैं, उनमें ऐसी बातें लिखी हैं जो सरकार के खिलाफ साजिश की तरफ सीधा इशारा कर रही हैं। पत्र के अलावा डायरी के कुछ पन्ने ऐसे हैं, जिनमें कुछ लोगों को लेकर गंभीर आपत्तिजनक टिप्पणियां हैं, जिन्हें पुलिस यह मान कर चल रही है कि इनसे समाज में वैमनस्यता फैलाने का प्रयास भी किया गया है।

    उल्लेखनीय है कि एसीबी ने आयकर विभाग के इनपुट पर अनुपातहीन संपत्ति की जांच के लिए 1 जुलाई की सुबह 6 बजे एडीजी जीपी सिंह के पुलिस लाइन स्थित सरकारी बंगले सहित 15 ठिकानों पर छापेमारी की थी। करीब 64 घंटे तक लगातार चली जांच के दौरान एसीबी की टीम को उनकी 10 करोड़ अनुपातहीन संपत्ति का पता चला था। डायरी के पन्नों और पेन ड्राइव से निकाले गए दस्तावेजों से सरकारी विरोधी गतिविधियों के संकेत मिले थे। एसीबी ने डायरी के पन्ने और पेन ड्राइव से निकाले गए दस्तावेजों का ब्योरा तीन दिन पहले ही पुलिस को सौंप दिया था। पुलिस ने इन्हें साक्ष्य मानते हुए जीपी सिंह के खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज कर लिया।

  • GP की डायरी उगल रही दफन राज: बस्तर को किस तरह सुलगाया जाए, हर पन्ने पर षडयंत्र की कहानी, कई बड़े नेताओं की भी मिली जन्मकुंडली !

    GP की डायरी उगल रही दफन राज: बस्तर को किस तरह सुलगाया जाए, हर पन्ने पर षडयंत्र की कहानी, कई बड़े नेताओं की भी मिली जन्मकुंडली !

    रायपुर।छत्तीसगढ़ में इन दिनों निलंबित IPS अफसर जीपी सिंह के करप्शन की कहानी हर किसी के जुबान पर है।GP सिंह के कारनामे हर रोज नए स्टोरी में तब्दील होकर सामने आ रहे हैं. बेनामी संपत्ति मामला और राजद्रोह का प्रकरण दर्ज होने के बाद जी पी सिंह की डायरी कई हैरान करने वाले राज खोल रही है. सरकार के खिलाफ और बस्तर को किस तरह सुलगाया जाए. इन जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया है. सूत्रों का कहना है कि GP सिंह की डायरी के हर पन्ने अलग ही राज उगल रहे हैं।

    GP सिंह की डायरी में षडयंत्र की कहानी

    जीपी सिंह डायरी लिखने के काफी शौकीन रहे हैं. आज उनका शौक, उनके लिए ही गले का फंदा बनता दिख रहा है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक GP की डायरी में राज्य सरकार और खास तौर पर सीएम सचिवालय के कई बड़े अधिकारियों के खिलाफ गंभीर टिप्पणियां दर्ज हैं. सरकार के मंत्रियों, नेताओं और अन्य राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के खिलाफ भी षड्यंत्र किए जाने संबंधी दस्तावेज छापे के दौरान बरामद हुए हैं. जीपी सिंह दूसरे राजनीतिक दलों को सरकार के विरोध में दस्तावेज उपलब्ध कराते थे. साथ ही कई अन्य अहम जानकारियां भी साझा करते थे.

    कामाख्या और दतिया में चढ़ाई गई बलि 

    सूत्र बताते हैं कि कुछ ऐसे दस्तावेज बरामद हुए हैं, जो इस बात की तस्दीक करते हैं कि राज्य में राजनीतिक संकट खड़े करने के लिए भी सुनियोजित योजनाएं जीपी सिंह बनाते थे. छत्तीसगढ़ के कई बड़े नेताओं की जन्मकुंडली भी जीपी सिंह के घर से बरामद हुई है. ACB के सूत्र बताते हैं कि जीपी सिंह तंत्र क्रियाएं करते थे. बताया जा रहा है कि कामाख्या और दतिया में न केवल तंत्र क्रियाएं कराई गई, बल्कि बलि भी चढ़ाई गई. इसके प्रमाण छापे के दौरान मिली डायरी से मिलती है.

    अजीत जोगी को कांग्रेस में लाने की थी तैयारी

    ACB के सूत्र बताते हैं GP सिंह अपनी डायरी में कोडेट वर्ड का इस्तेमाल करते थे. बीजेपी की वरिष्ठ नेत्री को लेकर भी डायरी में आपत्तिजनक टिप्पणी दर्ज पाई गई है. इस टिप्पणी में यह भी लिखा है. आजकल दिल्ली में इनका भाव कम हो गया है. ACB के सूत्र बताते हैं कि दिवंगत नेता अजीत जोगी को कांग्रेस में लाने की भी तैयारी की जा रही थी.

    गवर्नर पर गंभीर टिप्पणियां

    बताया जा रहा है कि डायरी में गवर्नर को लेकर भी कई टिप्पणियां दर्ज है, जिसमें यह लिखा गया है कि आदिवासी महिला को भूपेश सरकार को टाइट करने के लिए भेजा गया था, लेकिन वह कुछ नहीं कर पाए. इसलिए अमित शाह ने खूब डांट फटकार लगाई है. इस तरह के कई राज वो डायरी उगल रही है. अभी दस्तावेजों की छानबीन जारी है.

    निलंबित ADG जीपी सिंह के यहां जब्त डायरी से षडयंत्रकारी गतिविधियों का खुलासा हुआ है. पुलिस ने एसीबी की लिखित शिकायत पर जीपी सिंह के खिलाफ राजद्रोह का प्रकरण दर्ज किया है. जीपी सिंह की कथित हस्तलिखित पन्नों में मौजूदा सरकार के मंत्री से लेकर पूर्व सीएम के खिलाफ भी आपत्तिजनक बातें कही गई है. पन्नों में इस बात का भी जिक्र है कि बस्तर को किस तरह सुलगाया जा सकता है.

    आधी डायरी और पन्नों को किया गया बरामद 

    सूत्र बताते हैं कि एसीबी की टीम के अंदर आने से पहले कई सामान इधर–उधर किए गए. डायरी के पन्नों को फाडक़र फेंक दिया गया. एसीबी ने किसी तरह आधी डायरी और पन्नों को बरामद कर लिया. पन्नों को गोंद से जोडक़र मूल स्वरूप में लाने की कोशिश की गई. इसमें कई गंभीर और षडयंत्रकारी गतिविधियों का जिक्र है.

    बस्तर को किस तरह सुलगाया जा सकता है?

    सूत्रों की मानें तो डायरी के पन्नों में मौजूदा, और पिछली सरकार के प्रभावशाली लोगों के खिलाफ ऐसी–ऐसी बातें लिखी गई हैं, जिसे बेहद संगीन माना जा रहा है. यही नहीं, डायरी में बस्तर और सरगुजा के अलग–अलग हिस्सों का राजनीतिक विश्लेषण भी है. बस्तर को किस तरह सुलगाया जा सकता है? सरगुजा की विधानसभा सीटों का बारीक विश्लेषण भी है. सीबी ने छापेमारी के बाद डायरी को पुलिस को सौंप दिया था. पुलिस ने विवेचना के बाद प्रकरण को राजद्रोह के लायक माना है. सूत्रों के मुताबिक पुलिस की टीम जीपी सिंह की गिरफ्तारी के लिए रवाना हो गई है.

  • महिला CA ने अपने मंगेतर के साथ मिलकर स्वास्थ्यकर्मी बन की लूटपाट, पुलिस ने किया गिरफ्तार…

    महिला CA ने अपने मंगेतर के साथ मिलकर स्वास्थ्यकर्मी बन की लूटपाट, पुलिस ने किया गिरफ्तार…

    छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में फ्लैट में जबरन घुसकर लूट करने वाले महिला सीए सहित उसके मंगेतर आरोपी को राजधानी पुलिस ने महाराष्ट्र व उत्तरप्रदेश से गिरफ्तार करके रायपुर लाई है।पुलिस के अनुसार आरोपियों की पहचान रत्नागिरी (महाराष्ट्र) निवासी आयशा अघाड़ी (36) और नोयडा (उत्तरप्रदेश) निवासी
    ईरशाद (21) के रूप मे हुई है।
    प्रार्थिया धरम शीला ने थाना डी.डी.नगर में रिपोर्ट दर्ज कराया कि वह सलासार ग्रीन्स स्थित फ्लैट में अपने पुत्र तनिष्क उम्र 16 वर्ष के साथ अपने घर पर थी एवं प्रार्थिया के पति संजीव कुमार ड्युटी पर गये थे। उसी समय प्रार्थिया के घर का बेल बजने से वह दरवाजा खोली तो दरवाजा के सामने एक लड़का जिसकी उम्र करीबन 30-35 वर्ष का जो काला कोट, काला हेलमेट पहना था और उसके साथ एक महिला जिसकी उम्र करीबन 30 वर्ष जो सन्तरे कलर की छिटदार कुर्ता हरे रंग का सलवार एवं ब्लु कलर चुन्नी एवं काले रंग का हेलमेट पहनी थी दोनों के द्वारा वैक्सीन का डोज लगवाने के संबंध मे पुछताछ किया गया। जिस प प्रार्थिया हम लोग वैक्सीन लगवा चुके है बोलने पर उसके पति के बारे मे पुछे तो वह बताई की वे भी दोनो डोज लगवा चुके है। तब उनके द्धारा पीने के लिये पानी मांगे तब प्रार्थिया पानी लाकर दी और उनसे आई डी मांगी तब उनके द्वारा प्रार्थिया को धक्का देकर नीचे गिरा दिया गया।
    इसी दौरान प्रार्थिया का लड़का तनिष्क बीच बचाव करने आया तो महिला अपने पास रखें चाकु को प्रार्थिया के लड़के के गर्दन में टिका दी और प्रार्थिया को बोली हल्ला करोगे तो तुम्हारे लडके को मार देगे तथा पुरूष द्वारा अपने पास रखें कुछ स्प्रे को निकालकर प्रार्थिया के मुंह में छिड़का और मुंह को रूमाल से दबा दिया तो प्रार्थिया डर मे बेहोश होने का बहाना की तो उसे जमीन में लिटा दिये और प्रार्थिया के लडके को बाथरूम में बंद कर दिये और प्रार्थिया के हाथ पैर को अपने पास रखें नायलोन की रस्सी से बांध कर घसीटते हुये कमरे में ले गये उससे पहले लडकी अन्दर के रूम में जाकर अलमारी खोलकर सामान निकालने लगी और साथ में आये पुरूष के साथ प्रार्थिया झुमा झपकी होने लगी था इस दौरान उसके पहने हैलमेट को निकाल कर प्रार्थिया उसके मुंह मे मुक्का मारी जिससे उसके पहने हुये चश्मे का दोनों ग्लास निकलकर गिर गया। दोनो अलमारी और रूम से सामान लूट करने लगे तब प्रार्थिया चिल्लाई तो दोनों घर के दरवाजे को बाहर से बंद कर भाग गये। आवाज सुनकर कालोनी के लोग आकर दरवाजा खोले और प्रार्थिया के लडके को बाथरूम से निकाले और प्रार्थिया के हाथ एवं पैर में बंधे रस्सी को खोले। प्रार्थिया अपने अलमारी को चेक की तो उसमें रखंे सोने चांदी के जेवरात, 01 नग मोबाईल फोन तथा 01 नग आई पेड लूट कर भाग गये थे।
    पुलिस ने मामला दर्ज करके छानबीन शुरू की और सीसीटीवी के फुटेज से पता चला कि आरोपियों ने किराए की एक्टिवा मे फर्जी नंबर लिखकर वाहन के नंबर प्लेट में चिपकाया गया था एवं एक्टिवा वाहन के सामने कागज में कोविड रिलिभ डाॅ. शर्मा लिखकर चिपकाये थे। घटना कारित करने के बाद आरोपियों द्वारा डी डी नगर क्षेत्र में ही एक स्थान पर अपने कपड़े बदले एवं वाहन के नंबर प्लेट में चिपकाये फर्जी नंबर को उखाड़ कर फेंक दिये थे। कागज में लिखें उस फर्जी नंबर को टीम के सदस्यों द्वारा उक्त स्थान से बरामद किया गया। टीम के सदस्यों द्वारा फुटेजों का अवलोकन करते अंततः एक्टिवा वाहन को चिन्हांकित करने में सफलता मिलीं तथा एक्टिवा वाहन के स्वामी को पकड़कर घटना के संबंध में पूछताछ करने पर उसके द्वारा बताया गया कि वह किराये पर लोगों को दोपहिया वाहन देता है। जिस पर उक्त वाहन को कौन किराये पर लेकर गया था के संबंध में जानकारी ली गई, जिस पर अज्ञात आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई एवं अज्ञात आरोपियों को चिन्हांकित करने में सफलता प्राप्त हुई। जिस पर आरोपियों के संबंध में तकनीकी विश्लेषण किया गया, विश्लेषण के दौरान एक आरोपी की उपस्थिति महाराष्ट्र के रत्नागिरी में होना पाया गया।

    जिस पर प्रभारी सायबर सेल वीरेन्द्र चन्द्रा के नेतृत्व में 04 सदस्यीय टीम (महिला कर्म. सहित) को रत्नागिरी रवाना किया गया। टीम के सदस्यों द्वारा रत्नागिरी पहुंचकर महिला आरोपी को लोकेट किया गया एवं महिला आरोपी आयशा अघाड़ी को गिरफ्तार किया गया। कड़ाई से पूछताछ में महिला आरोपी आयशा द्वारा अपने मंगेतर ईरशाद के साथ मिलकर लूट की उक्त घटना को कारित करना स्वीकार किया गया। महिला आरोपी आयशा ने बताया कि वह मूलतः रत्नागिरी महाराष्ट्र की रहने वाली है तथा वह सी.ए. है एवं उसकी सगाई ईरशाद के साथ हो गई है। आयशा एवं ईरशाद आॅन लाईन शेयर बाजार टेड्रिंग में इनवेस्ट करते है। इसी दौरान आयशा का संपर्क प्रार्थिया के पति संजीव कुमार के साथ हुई थी तथा दोनों का आॅन लाईन शेयर बाजार टेड्रिंग में लेन- देन होता रहता था तथा आयशा, संजीव कुमार के निवास स्थान का भी पता जानती थी।
    इसी बीच संजीव कुमार द्वारा अधिक रकम देने का प्रलोभन देकर आयशा से रकम आॅन लाईन शेयर बाजार टेड्रिंग में इनवेस्ट कराया गया था जिसमें संजीव कुमार को नुकसान हो गया। आयशा द्वारा अपना रकम संजीव कुमार से वापस मांगने पर संजीव कुमार रकम वापस देने में टाल मटोल करने लगा तथा रकम वापस नहीं दिया। जिस पर आयशा ने अपने मंगेतर ईरशाद के साथ मिलकर संजीव कुमार के निवास रायपुर में लूट करने की योजना बनायी। योजना के अनुसार दोनों आरोपी दिनांक 01.07.21 को रायपुर आये एवं पंडरी स्थित एक लाॅज में कमरा लेकर रूके तथा थाना तेलीबांधा क्षेत्र से किराये में एक एक्टिवा वाहन लिये तथा दिनांक 01.07.21 को ही आरोपियान संजीव कुमार के निवासी सलासार ग्रीन सिटी में जाकर रेकी किये एवं संजीव कुमार के घर को चिन्हांकित कर लिये तथा दिनांक 02.07.21 को योजना के अनुसार लूट की घटना को अंजाम दिये एवं फरार हो गये। महिला आरोपी आयशा को ट्रांजिट रिमाण्ड पर रायपुर लाया गया। घटना में संलिप्त आरोपी ईरशाद को भी पकड़ा गया। आरोपियों की निशानदेही पर उनके कब्जे से लूट की सोने चांदी के जेवरात, मोबाईल फोन, आई पेड जुमला कीमती करीबन 1,00,000/- रूपये एवं घटना में प्रयुक्त एक्टिवा वाहन एवं हेलमेट को जप्त किया गया है। आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरूद्ध अग्रिम कार्यवाही किया गया

  • परत दर परत खुल रहे फरार GP सिंह के अनसुने राज, CBI के पूर्व मजिस्ट्रेट ने कर दिया चौंकाने वाला खुलासा !

    परत दर परत खुल रहे फरार GP सिंह के अनसुने राज, CBI के पूर्व मजिस्ट्रेट ने कर दिया चौंकाने वाला खुलासा !

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में इन दिनों निलंबित IPS जीपी सिंह की कहानी हर किसी के जुबान पर है. उनके क्राइम और भ्रष्टाचार की हर स्टोरी से सोशल मीडिया, टेलीवीजन से लेकर अखबारों के पन्ने अब पटने लगे हैं. सुबह से लेकर शाम तक GP सिंह के करप्शन की कहानी हेडलाइन बनकर गवाही दे रहे हैं. हर रोज पन्नों में दफन नए राज खुल रहे हैं. दस्तावेज हर किसी को चौका रहे हैं. इसी बीच CBI के पूर्व मजिस्ट्रेट प्रभाकर ग्वाल ने चौकाने वाला खुलासा किया है, जिसने हर किसी की नींद उड़ा दी है. GP सिंह के चरित्र पर एक और दाग दर्ज हो गया है, जो कभी किसी के मिटाए नहीं मिटेगा.

    IPS राहुल शर्मा सुसाइड केस में खुलासा

    IPS राहुल शर्मा सुसाइड केस एक बार फिर सच की तलाश में लोगों के जुबान से बाहर आने लगा है. निलंबित ADG जीपी सिंह पर उंगलियां उठने लगी हैं. CBI के पूर्व मजिस्ट्रेट प्रभाकर ग्वाल ने चौकाने वाला खुलासा किया है. प्रभाकर ग्वाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर कहा कि इस केस में जीपी सिंह को बचाने की कोशिश हो रही है. जब IPS राहुल शर्मा ने सुसाइड किया था, तब जीपी सिंह बिलासपुर के IG थे. साथ ही राहुल शर्मा ने खुदकुशी से पहले सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें अपने बॉस पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था, लेकिन अब भी जीपी सिंह को बचाने की कोशिश जारी है.


    इस दौरान उन्होंने कहा कि कोई आत्महत्या करने के लिए IPS नहीं बनता है. हमने खुद राहुल शर्मा की फाइलों का अध्ययन किया है. राहुल शर्मा छोटी-मोटी हस्ती नहीं थी. राहुल शर्मा के मौत का कारण कुछ कोल माफिया का लगता है. खैर अभी तो सब कुछ पिक्चर से गायब है. उन्होंने कहा कि सुसाइड के वक्त पुलिस परिसर में जो थे, जिनकी लिप्त होने की संभावना है. उसमें किसी का भी बयान ठीक से नहीं लिया गया था. वहां मौजूद तीन व्यक्ति बताएंगे कि वह क्यों मरा है या फिर यह रहा होगा कि उन लोगों ने ही उसे मारा है.

    ग्वाल ने कहा कि राहुल शर्मा आत्महत्या जैसे बड़े-बड़े मामले जब तक उजागर नहीं होंगे, तो छत्तीसगढ़ में किसी को भी न्याय नहीं मिल पाएगा. विवेचना में और साक्ष्य तो दबाया गया है. छुपाया गया है. इस मौत के पीछे प्रथम दृष्टया सुसाइड नोट के अनुसार जीपी सिंह और सतीश अग्निहोत्री का हाथ लग रहा है. उस घटना स्थल पर जो जो लोग उपस्थित थे, वह लोगों की संलिप्तता है. ग्वाल ने कहा कि राहुल शर्मा के सुसाइड नोट के अनुसार जीपी सिंह और सुशील अग्निहोत्री का हाथ है.

    प्रभाकर ग्वाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस केस में IPS राहुल शर्मा का लैपटॉप अब तक गायब है. वो लैपटॉप में कई तरह के दस्तावेज और जरूरी जानकारियां रखते थे. आज तक उनकी कॉल डीटेल सामने नहीं आ सकी. साथ ही उन्होंने कहा कि GP के साथ कुछ और अफसर भी इस केस में शामिल थे, उन्हें भी बचाया जा रहा है. राहुल शर्मा की मौत अकेले जीपी सिंह के बस की बात नहीं थी. प्रभाकर ग्वाल इस केस में कार्रवाई की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में हैं.

    बता दें कि ACB के रिपोर्ट सौंपते ही सरकार ने छत्तीसगढ़ के सीनियर IPS अफसर जीपी सिंह को निलंबित कर दिया गया है. ACB के छापेमार कार्रवाई से कई सुलासे हुए हैं. जीपी सिंह के सरकारी बंगले से लेकर अन्य 15 ठिकानों से करप्शन से भरे कई दस्तावेज एकत्रित किए गए हैं. इनमें बेनामी संपत्ति समेत विदेशों में कई खातों का जिक्र है. ACB की टीम ने 70 घंटे से ज्यादा की कार्रवाई में कई दस्तावेज खंगाले हैं. जब जीपी सिंह ACB चीफ थे, तब लोगों को ब्लैकमेल करने, अवैध वसूली करने, बेशुमार प्रॉपर्टी के मालिक बनने के आरोप थे. इसके बाद से ही वे ACB और EOW के रडार में थे. 10 करोड़ से ज्यादा की प्रॉपर्टी का खुलासा हुआ है. फिलहाल जीपी सिंह फरार हैं.

  • देशभर की सड़कों को गड्ढा मुक्त रखने की तैयारी, बनेगी ऑनलाइन मॉनिटरिंग सेल…

    देशभर की सड़कों को गड्ढा मुक्त रखने की तैयारी, बनेगी ऑनलाइन मॉनिटरिंग सेल…

    राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव और मरम्मत कार्य को लेकर बरती जा रही लापरवाही पर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने नाराजगी जाहिर की है। इसके बाद केंद्र सरकार ने सख्त रवैया अपनाते हुए केंद्र और राज्य एजेंसियों को अगस्त तक अलग समर्पित ऑनलाइन मॉनिटरिंग सेल स्थापित करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इससे राष्ट्रीय राजमार्गों का रखरखाव सही से हो सकेगा।

    राष्ट्रीय राजमार्गों का समय पर मरम्मत कार्य होगा। वहीं, रख-रखाव के उच्च मानदंड से यात्रियों को तेज-सुगम-सुविधाजनक सफर मुहैया कराया जा सकेगा। इससे गड्ढों से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की मौतें कम होंगी।

    सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने 8 जुलाई को एनएचआईडीसीएल, बीआरओ, राज्यों के प्रमुख सचिवों, सभी पीडल्यूडी के इंजीनियर इन चीफ को आदेश जारी कर दिया है। इसमें सभी केंद्रीय व राज्य एजेंसियों से राजमार्गों की मरम्मत व रखरखाव के लिए पृथक समर्पित ऑनलाइन मॉनिटरिंग सेल बनाने को कहा है। सभी एजेंसियां से दो आधुनिक वाहन फॉलिंग वेट डिफेक्टोमीटर और नेटवर्क सर्वे व्हीकल राजमार्गों से जुड़ी तमाम जाानकारी व डाटा वेबसाइट पर अपलोड करने को कहा गया है। इसके लिए मंत्रालय रोड ऐसेट मैनेजमेंट (आरएएम) सिस्टम नामक सॉफ्टवेयर पहले ही तैयार कर चुका है। क्षेत्रीय अधिकारी (आरओ) अपने इलाके की जानकारी समयबद्ध अपलोड करेंगे। जबकि दिल्ली में केंद्रीयकृत आरएएम में बैठे टेक्नोक्रेट्स-विशेषज्ञ इसका अध्ययन व विश्लेषण करेंगे।

    भारतीय राजमार्ग अभियंता अकादमी (आईएएचई) के निदेशक संजीव कुमार को ऑनलाइन मॉनिटरिंग सेल गठित करने के कार्य का नोडल अफसर बनाया गया है। समर्पित ऑनलाइन मॉनिटरिंग सेल स्थापना, कार्यालय, उपकरण, सॉफ्टवेयर, कार्यबल आदि के लिए प्रस्ताव तैयार करने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर डाली गई है। जिससे प्रतिदिन सेल में अपलोड होने वाले डाटा, जानकारी, समस्या आदि का पता लगाया जा सके। ऑनलाइन तंत्र को चलाने के लिए मंत्रालय की ओर से टेक्नोक्रेट्स (इंजीनियर) नियुक्त होंगे। इसके साथ ही विषय वस्तु के जानकारों की भर्ती आउटसोर्सिंग के जरिये की जाएगी। जिससे अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सके और नाकारा अफसरों पर कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

    सड़क परिवहन मंत्रालय ने माना है कि खराब-जर्जर व गड्ढायुक्त सड़कों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। इससे सार्वजनिक तौर पर जनता आलोचनाएं करती हैं और सरकार की किरकिरी हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रोड सेक्टर की समीक्षा बैठक में उक्त विषय पर नाखुशी जता चुके हैं। माना है कि वर्तमान में एजेंसियों के बीच उचित समन्वय नहीं होने के कारण यह मुद्दा और भी गंभीर हो जाता है। ऑनलाइन मॉनिटरिंग समय की जरूरत है और इससे समस्या का काफी हद तक हल हो जाएगा।

  • 31 जुलाई तक सभी राज्य ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ लागू करें – सुप्रीम कोर्ट

    31 जुलाई तक सभी राज्य ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ लागू करें – सुप्रीम कोर्ट

    सुप्रीम कोर्ट ने 31 जुलाई तक सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वन नेशन वन राशन कार्ड योजना को लागू करने का निर्देश दिया है। 2019 में ये स्कीम तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू हुई थी। 1 जून 2020 तक इसे पूरे देश में लागू किया जाना था, पर कोरोना की वजह से इसे अब तक लागू नहीं किया जा सका है।

    हालांकि इसी कोरोना के कारण इसकी जरूरत को और शिद्दत से महसूस किया गया। अगर ये योजना लागू हो गई होती तो प्रवासी मजदूरों की परेशानी काफी कम हो सकती थी। इसी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हर राज्य 31 जुलाई तक निश्चित तौर पर वन नेशन वन राशन कार्ड की स्कीम लागू करे ताकि हर प्रवासी मजदूर को देश के किसी भी हिस्से से अपना राशन मिल सके।

    वन नेशन वन राशन कार्ड योजना क्या है? अब तक कितने राज्यों में लागू हो चुकी है? इससे क्या फायदा होने वाला है? स्कीम के लागू होने के बाद क्या बदलेगा? योजना लागू होने के बाद राशन दुकानों में क्या बदलेगा? क्या इसके लिए नया राशन कार्ड बनेगा? आइए समझते हैं…

    वन नेशन वन राशन कार्ड स्कीम क्या है?
    आपने वन नेशन वन टैक्स यानी GST के बारे में सुना ही होगा। GST आने के बाद देश में अलग-अलग टैक्सों को मिलाकर एक कर दिया गया और अब पूरे भारत में केवल एक ही टैक्स लगता है। ठीक इसी तरह अभी हर राज्य में अलग-अलग राशन कार्ड हैं।

    वन नेशन वन राशन कार्ड के तहत इन सभी राशन कार्ड को एक सेंट्रल सिस्टम के जरिए जोड़ दिया जाएगा। फिर आपको ये सुविधा मिलेगी कि देश में किसी भी राशन दुकान से आप एक ही राशन कार्ड के जरिए राशन ले सकेंगे। यानी, भले ही आपका राशन कार्ड भोपाल का हो आपको उससे दिल्ली में भी राशन मिल जाएगा।

    2019 में केंद्रीय खाद्यमंत्री रामविलास पासवान ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इस योजना को 4 राज्यों में शुरू किया था। ये राज्य थे – तेलंगाना, महाराष्ट्र, गुजरात और आंध्रप्रदेश। धीरे-धीरे इस योजना में बाकी राज्यों को भी शामिल किया गया। जनवरी 2020 में खाद्यमंत्री रामविलास पासवान ने ऐलान किया था कि 1 जून 2020 तक पूरे देश में इस स्कीम को लागू कर दिया जाएगा। हालांकि, अब तक ऐसा नहीं हो सका।

    अभी कैसे मिलता है राशन?
    सरकार गरीबों को सब्सिडाइज्ड रेट पर राशन देने के लिए राशन कार्ड जारी करती है। इस राशन कार्ड को आपके नजदीकी सरकारी राशन दुकान के साथ जोड़ा जाता है, जहां से आप अपना राशन ले सकते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में समस्या ये है कि आपके राशन कार्ड में जो दुकान निर्धारित की गई है आप केवल वहीं से राशन ले सकते हैं।

    उदाहरण के लिए अगर आपका राशन कार्ड भोपाल के सुभाष नगर का बना हुआ है तो आपको केवल सुभाष नगर की उचित मूल्य दुकान से ही अपना राशन मिलेगा। यानी आपका राशन कार्ड जिस इलाके का बना हुआ है वहीं आपको राशन मिलेगा।

    स्कीम के लागू होने के बाद क्या बदलेगा?
    स्कीम लागू होने के बाद ये होगा कि आप देश की किसी भी उचित मूल्य दुकान से अपना राशन ले सकेंगे। इसके लिए आपको आधार के जरिए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करना होगा। यानी आपका राशन कार्ड भले ही भोपाल का बना हो, लेकिन आप दिल्ली की किसी दुकान से भी अपना राशन ले सकते हैं।

    तो क्या आपको नया राशन कार्ड बनवाना होगा?
    नहीं। आपके पास पहले से जो राशन कार्ड बना हुआ है उसे ही आपके आधार से लिंक कर दिया जाएगा। इसके बाद आपके राशन कार्ड को एक सेंट्रल सिस्टम के जरिए जोड़ दिया जाएगा। इस सिस्टम में देशभर के राशनकार्ड धारकों और उचित मूल्य की दुकानों का डेटा होगा।

    योजना लागू होने के बाद राशन दुकानों में क्या बदलेगा?
    ज्यादा कुछ नहीं। फिलहाल आपके राज्य में अगर ये योजना लागू नहीं है तो आपको राशन कार्ड के जरिए एक रजिस्टर पर मैनुअल एंट्री कर राशन दिया जाता था। योजना लागू होने के बाद आपको राशन नंबर या आधार कार्ड के जरिए राशन दिया जाएगा। हर राशन दुकान पर एक बायोमेट्रिक स्कैनर होगा, जिसमें आपके फिंगरप्रिंट लिए जाएंगे। वेरिफिकेशन होने के बाद आपको राशन दिया जाएगा।

    अगर घर का केवल एक सदस्य बाहर गया हो तो क्या उसे अलग से राशन मिल सकता है?
    अक्सर ये भी होता है कि घर के कुछ सदस्य काम के सिलसिले में बाहर चले जाते हैं। जबकि, बाकी पूरा परिवार घर पर ही रहता है। ऐसी स्थिति में जो सदस्य बाहर गए हुए हैं वो अपने हिस्से का राशन कहीं से भी ले सकते हैं। घर के बाकी सदस्यों को उनके हिस्से का राशन पहले वाली दुकान से ही मिलता रहेगा।

    क्या 31 जुलाई तक देश में पूरी तरह ये स्कीम लागू हो पाएगी?
    इसके लिए समझना होगा कि स्कीम को लागू करने में कहां-कहां अड़चनें आ रही हैं।

    • हर राशन दुकान को Aadhaar enabled Public Distribution System (AePDS) से जोड़ना होगा। यानी हर राशन दुकान पर बायोमेट्रिक स्कैनर मशीनें लगानी होंगी। असम ने अभी तक इस योजना को लागू नहीं किया है, केवल असम में ही 36 हजार राशन दुकानें ऐसी हैं जहां ये मशीनें लगाई जानी हैं।
    • मशीन लगाने के बाद अगला काम हर राशन कार्ड को आधार कार्ड से जोड़ना है। ये भी एक लंबी कागजी प्रक्रिया है।
    • इंटरनेट नेटवर्क भी एक बड़ी समस्या है। इन मशीनों को इंटरनेट के जरिए सेंट्रल पोर्टल से कनेक्ट रखना होता है। ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क की परेशानी की वजह से ये मशीनें उतनी बेहतरी से काम नहीं कर पाती हैं।

    कब तक पूरे देश में लागू हो पाएगी स्कीम?
    इस बारे में कुछ कहना मुश्किल है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद राज्यों ने इस योजना को लागू करने के लिए कदम उठाने शुरू किए हैं। छत्तीसगढ़, जो अभी तक इस योजना से दूर था, ने घोषणा की है कि राज्य में अगस्त से स्कीम लागू की जाएगी। 1 जुलाई से रायपुर और धमतरी जिले में योजना पर ट्रायल शुरू किया गया है।

    मई 2021 तक देश के 16 राज्यों में करीब 44 हजार राशन की दुकानें ऐसी हैं जहां बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के लिए मशीनें नहीं है। इसी तरह कई राज्यों में बायोमेट्रिक मशीनों से लेकर आधार लिंकिंग का काम बाकी है। ऐसे में जुलाई अंत तक देशभर में योजना शुरू करना बड़ी चुनौती होगी।

    फिलहाल किन राज्यों में चल रही है ये योजना?
    फिलहाल असम, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और दिल्ली को छोड़कर देश के बाकी सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ये योजना लागू की जा चुकी है।

  • जांजगीर में सिंहदेव तो रायपुर में मंत्री प्रेमसाय को सीएम बना तान दिया गया पोस्टर ? मंत्री प्रेमसाय हैरान !

    जांजगीर में सिंहदेव तो रायपुर में मंत्री प्रेमसाय को सीएम बना तान दिया गया पोस्टर ? मंत्री प्रेमसाय हैरान !

    रायपुर। अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस पर आयोजित समारोह के स्वागत द्वार पर एक पोस्टर को लेकर सरगर्मी है। दोपहर को पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें सहकारिता मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह को मुख्यमंत्री लिखा गया था, इस पोस्टर में हालाँकि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की तस्वीर भी थी और उसके नीचे भी मुख्यमंत्री लिखा हुआ था। सोशल मीडिया पर वायरल इस तस्वीर की जब तस्दीक़ की गई तो पाया गया कि पोस्टर तो लगा हुआ है लेकिन वहाँ डॉ प्रेमसाय सिंह के नीचे सहकारिता मंत्री लिखा गया है।
    पोस्टर सहकारी बैंक की ओर से याने अपेक्स बैंक की ओर से लगाया गया था। जिसमें कुल सात लोगों की तस्वीरें और पदनाम थे।
    मंत्री प्रेमसाय सिंह से इस मसले पर जब जानकारी चाही गई तो उन्होंने ऐसे किसी पोस्टर की जानकारी से इंकार किया और कुछ देर बाद उनके द्वारा भी वह पोस्टर भेजा गया जिसमें डॉ प्रेमसाय सिंह की तस्वीर के नीचे सहकारिता मंत्री लिखा गया था।


    यह स्पष्ट नहीं है कि यह चुक किसकी थी, या कि पोस्टर को शरारत के साथ वायरल किया गया या कि वास्तव में इस पोस्टर में भी दो मुख्यमंत्री लिखे गए थे।यदि वाक़ई में पोस्टर पर इतना बड़ा ब्लंडर था तो उसे लगाने के पहले चेक क्यों नहीं किया गया या कि जब टंग गया तब भी देर तक क्या किसी ने नहीं देखा।
    तमाम सवाल हैं जिसके जवाब फ़िलहाल विभाग या बैंक प्रबंधन के पास नहीं है या कि वे देने से बच रहे हैं। यह जरुर था कि लोग इस पोस्टर की मौज लेते रहे।