Author: Sunil Agrawal

  • सावधान… ये है Pegasus spyware जानिए कैसे करता है ये आपके मोबाइल की जासूसी….

    सावधान… ये है Pegasus spyware जानिए कैसे करता है ये आपके मोबाइल की जासूसी….

    कंपनी का दावा है कि इस फर्म का काम इसी तरह के जासूसी सॉफ्टवेयर बनाना है और इन्हें अपराध और आतंकवादी गतिविधियों को रोकने और लोगों के जीवन बचाने के एकमात्र उद्देश्य के लिए सरकारों की खुफिया एजेंसियों को बेचा जाता है. Pegasus spyware एक ऐसा सॉफ्टवेयर है जो बिना सहमति के आपके फोन तक पहुंच हासिल करने और व्यक्तिगत और संवेदनशील जानकारी इकट्ठा कर जासूसी करने वाले यूज़र को देने के लिए बनाया गया है।

    क्या कर सकता है पेगासस स्पाइवेयर?

    Kaspersky के अनुसार, Pegasus spyware यूज़र के एसएमएस मैसेज और ईमेल को पढ़ने, कॉल सुनने, स्क्रीनशॉट लेने, कीस्ट्रोक्स रिकॉर्ड करने और कॉन्टेक्ट्स व ब्राउज़र हिस्ट्री तक पहुंचने में सक्षम है। एक अन्य रिपोर्ट इस बात की पुष्टि करती है कि एक हैकर फोन के माइक्रोफोन और कैमरे को हाईजैक कर सकता है, इसे रीयल-टाइम सर्विलांस डिवाइस में बदल सकता है।

    पेगासस स्पाइवेयर को पहली बार कब खोजा गया था?

    पेगासस स्पाइवेयर को पहली बार 2016 में iOS डिवाइस में खोजा गया था और फिर Android पर थोड़ा अलग वर्ज़न पाया गया. Kaspersky का कहना है कि शुरुआती दिनों में, इसका अटैक एक एसएमएस के जरिए होता था। पीड़ित को एक लिंक के साथ एक SMS मिलता था। यदि वह उस लिंक पर क्लिक करता है, तो उसका डिवाइस स्पाइवेयर से संक्रमित हो जाता था।

  • आई टी की बड़ी कारवाई, भास्कर समूह के कई शहरों में फैले 40 प्रतिष्ठानों पर इनकम टैक्स का छापा…

    आई टी की बड़ी कारवाई, भास्कर समूह के कई शहरों में फैले 40 प्रतिष्ठानों पर इनकम टैक्स का छापा…

    भोपाल। मध्यप्रदेश के भास्कर समूह के देशभर में फैले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर गुरुवार सुबह इनकम टैक्स विभाग (आइटी) ने बड़ी कार्रवाई की है। आइटी की इन्वेस्टिगेशन विंग (investigation wing) ने मीडिया समूह के अलावा करीब 40 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर यह कार्रवाई की है। इन प्रतिष्ठानों में मॉल, फैक्ट्री, ज्वेलरी, नमक, माइनिंग, रियल स्टेट आदि व्यवसाय शामिल हैं। यह कार्रवाई भोपाल, जयपुर और अहमदाबाद समेत आधा दर्जन स्थानों पर जारी है।
    भोपाल के ई-1 अरेरा कॉलोनी स्थित भास्कर के मालिक अग्रवाल बंधुओं यानि भास्कर के चेयरमेन सुधीर अग्रवाल, गिरीश और पवन अग्रवाल के घर सहित भास्कर के प्रमोटर्स के आवास और दफ़्तरों पर भी पहुंची है। वहीं प्रेस काम्पलेक्स स्थित दफ्तर पर भी आयकर विभाग की टीम ने सुबह ड्यूटी पर आए कर्मचारियों को बाहर ही रोक दिया गया। इसके लिए सर्च टीम का सहयोग सीआरपीएफ़ और स्थानीय मध्य प्रदेश पुलिस कर रही है।

    भास्कर समूह (dainik bhaskar group) के देशभर में फैली कई कंपनियों पर आयकर विभाग (Income Tax Department) ने गुरुवार को एक साथ छापे मारे हैं। भोपाल के ई-1 अरेरा कालोनी स्थित भास्कर समूह के मालिक के बंगले पर भी कार्रवाई जारी थी। वहीं प्रेस काम्पलेक्स स्थित हेड आफिस में सुबह ड्यूटी पर गए कई कर्मचारियों को भीतर जाने से रोक दिया गया। वे दफ्तर के बाहर ही इंतजार करते देखे गए। आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन टीम भोपाल मुख्यालय समेत पांच राज्यों में आधा दर्जन स्थानों पर मौजूद हैं। इस छापेमारी में स्थानीय पुलिस की भी मदद ली गई है।

    भोपाल, जयपुर, अहमदाबाद के कार्यालयों पर भी कार्रवाई जारी है। इन छापों को दिल्ली और मुंबई की टीम संचालित कर रही है। छापे की सूचना के बाद कर्मचारियों को घर से काम (work from home) करने के लिए कहा गया है।

    राजस्थान में भी छापे जारी

    उधर, आयकर विभाग ने भास्कर समूह के राजस्थान स्थित दफ्तर पर भी छापे मारे हैं। जयपुर में जेएलएन मार्ग स्थित मुख्यालय पर टीम पहुंची है। जयपुर हेड आफिस पर कार्रवाई चल रही है। यहां आयकर विभाग के करीब 35 अधिकारी दस्तावेजों की छानबीन कर रहे हैं

  • शिक्षा मंत्री के रिश्तेदारों को टॉपर से ज्यादा नंबर मिलने को BJP ने बताया ‘चमत्कार’, कहा- मामले की हो जांच…

    शिक्षा मंत्री के रिश्तेदारों को टॉपर से ज्यादा नंबर मिलने को BJP ने बताया ‘चमत्कार’, कहा- मामले की हो जांच…

    जयपुर। राजस्थान प्रशासनिक सेवा परीक्षा यानी आरएएस (RAS Exam) में शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा (Govind Singh Dotasara) के दो रिश्तेदारों के चयन पर बवाल मचा है. डोटासरा के दोनों रिश्तेदारों के इंटरव्यू में 100 में से 80 अंक मिले हैं. जबकि इस एक्जाम की टॉपर को इंटर्व्यू में मात्र 77 अंक मिले. जिसके बाद बीजेपी ने मामले में मंत्री की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं और मामले की जांच की मागं की है।

    परीक्षा नतीजों से पहले से ही विवादों में आ गई थी. एंटी करप्सन ब्यूरो ने नतीजों से पहले इस परीक्षा मे इंटरव्यू में अच्छे नंबर दिलाने के नाम पर 23 लाख की घूस के मामले का भंडाफोड़ किया है. अब हाल ही में परीक्षा के नतीजे घोषित किए गए. एग्जाम में राजस्थान के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा के दो रिश्तेदारों का भी चयन हुआ. डोटासरा की बहु प्रतिभा के भाई गौरव और बहन प्रभा का भी चयन हुआ. गौरव और प्रभा के इंटर्व्यू में 100 मे से 80- 80 अंक आए. ये इंटर्व्यू में सबसे अधिक अंक पाने वालों की लिस्ट में हैं. जिसपर अब बीजेपी ने सवाल उठाया है.

    डोटासरा के रिश्तेदारों को एग्जाम की टॉपर से मिले ज्यादा नंबर

    नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया का कहना है कि हैरानी है कि इस परीक्षा में टॉपर रही मुक्ता राव को इंटरव्यू में इनसे कम यानी 77 अंक ही मिले. राजस्थान बीजेपी अध्यक्ष सतीश पूनियां ने इसे चमत्कार बताते मामले की जांच कराने की मांग की है. वहीं रिश्तेदारों को ज्यादा अंक मिलने पर घिरे मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने मामले में सफाई दी है. डोटसरा ने कहा कि दोनों रिश्तेदार गौरव और प्रभा प्रतिभाशाली है. चयन योग्यता के आधार पर हुआ है।

    बेटे का बीजेपी राज में हुआ था चयन: डोटासरा

    डोटसरा का कहना है कि इसमें किसी भी राजनेता का कोई लेना देना नहीं है. किसी के रिश्तेदार या जानकार होने से चयन नहीं होता. जो बच्चा दिल्ली यूनिवरसिटी से टॉपर हो, जो बीडएस कर चुकी हो उसके चयन पर सवाल उठाना गलत है. डोटसरा ने कहा कि मेरे बेटे का भी पहले चयन हुआ था. तब बीजेपी का राज था. मंत्री का कहना है कि मेरी बहु की बहन और भाई होने से क्या हुआ. एक संयोग ये भी है कि डोटसरा की बहु प्रतिभा का 2016 में आरएएस में चयन हुआ था. तब उन्हें भी इंटरव्यू में 80 अंक मिले थे. लेकिन तब डोटसरा मंत्री नहीं थे।

    इंटर्व्यू के लिए मांगी गई थी लोखों की घूस

    इस परीक्षा में इंटरव्यू में अंकों पर सवाल इसलिए खड़े हो रहे हैं क्योंकि नतीजों से पहले राजस्थान एंटी करप्सन ब्यूरो ने इंटर्व्यू में अधिक अंक दिलाने के नाम पर घूस का मामला पकड़ा था. जहां एक अभ्यार्थी से एक दलाल ने 23 लाख मांगे थे. आरोप है कि ये घूस राजस्थान लोक सेवा आयोग की सदस्या राजकुमारी गुर्जर के पति भैंरो सिंह गुर्जर की ओर से मांगी गई. जिसके बाद मामले में दलाल को गिरफ्तार कर लिया गया. वहीं भैरोसिंह को पूछताछ के लिए एसीबी नोटिस जारी कर चुकी है. लेकिन भैंरो सिंह फरार है।

  • हाईकोर्ट ने विभागीय जांच को बताया असंवैधानिक..जिला न्यायालय के आदेश को किया खारिज….

    हाईकोर्ट ने विभागीय जांच को बताया असंवैधानिक..जिला न्यायालय के आदेश को किया खारिज….

    बिलासपुर। हाईकोर्ट ने जिला न्यायाधीश के आदेश खारिज कर आरक्षक के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश को असंवैधानिक बताया है। हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता को बिना सुने विभागीय जांच का आदेश दिया जाना गलत है।           

    हाईकोर्ट अधिवक्ता संदीप दुबे ने बताया कि चंदन सिंह ने उर्गा पुलिस स्टेशन कोरबा में पदस्थी के दौरान अवैध शराब की जप्ती कर दो अभियुक्तों के खिलाफ धारा 34 35 आबकारी अधिनियम के तहत कार्यवाही की।  दोनो अभियुक्तों ने जिला न्यायालय कोरबा में जमानत आवेदन प्रस्तुत किया। अभियुक्तों ने कोर्ट को बताया कि प्रधान आरक्षक को धारा 54 और 55 आबकारी अधिनियम के तहत शराब जप्ती का अधिकार नहीं है।          

    अभियुक्तों की फरियाद पर सुनवाई करते हुए जिला न्यायालय कोरबा ने दोनो को जमानत दिया। साथ ही जिला न्यायालय के न्यायधीश ने जिक्र किया कि प्रधान आरक्षक ने अवैधानिक कार्यवाही की है। इसके चलते आवेदकों को जमानत प्राप्तः करने का अधिकार है। कोर्ट ने आदेश पत्र की प्रतिलिपि पुलिस अधिक्षक कोरबा और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को प्रधान आरक्षक के लिये विभागीय कार्यवाही के लिए भेजा।             

    जिला न्यायालय के फैसले के खिलाफ याचिकाकर्ता चंदन सिंह ने हाईकोर्ट में चुनौती दी । याचिकाकर्ता ने बताया कि जिला न्यायालय का आदेश हितों के विपरीत है। जिला न्यायालय को आदेश पारित करने का एक तरफा अधिकार नहीं है। याचिका कर्ता के वकील ने फरियादी के समर्थन में हाईकोर्ट के सामने सुप्रीम कोर्ट का न्याय दृष्टात पेश किया। संदीप दुबे ने उच्च न्यायालय को बताया कि बिना याचिकाकर्ता के पक्ष को सुने इस प्रकार का आदेश दिया जाना भेदभावपूर्ण और दूषित है।              

       उच्च न्यायालय ने सुनवाई करते हुए माना कि प्रकरण के परिस्थिति को देखते हुए अभियुक्तों को जमानत दिया जाना उचित माना जा सकता है। लेकिन जिला न्यायधीश को बिना याचिकाकर्ता को सुने विभागीय जांच का आदेश दिया जाना गलत है। उच्चतम न्यायालय के विभिन्न आदेशों को ध्यान में रखते हुए जिला न्यायालय के आदेश को खारिज किया जाता है।

  • अधिकारी ने महिला टीचर को भेजी अश्लील फोटो की पूरी एल्बम…. धमकी देकर लेडी टीचर से की गंदी बातें….. शिक्षा विभाग की छवि तार-तार….

    अधिकारी ने महिला टीचर को भेजी अश्लील फोटो की पूरी एल्बम…. धमकी देकर लेडी टीचर से की गंदी बातें….. शिक्षा विभाग की छवि तार-तार….

    राजनांदगांव। महिला टीचर को अश्लील फोटो भेजने वाले शिक्षा विभाग के खेल अधिकारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने टीचर को अश्लील तस्वीरें की पूरी एल्बम भेजी थी। इतना ही नहीं आरोपी ने टीचर के आपत्ति जताने पर फोन पर उससे धमकी देकर गंदी बातें भी की थीं। आरोपी द्वारा यह जानते हुए कि पीड़िता शिक्षा विभाग के एक सम्मान जनक पद पद पदस्थ है के बावजूद जानबूझकर लज्जा भंग करने एवं मान सम्मान एवं छवि को धूरमिल करने के नियत से शोसल मीडिया के माध्यम से अश्लील फोटो भेजी।
     

    आरोपी की इन हरकतों से शिक्षा विभाग की छवि हुई तारतार हो गई। अपराध की गंभीरता को देखते हुए थाना बसंतपुर पुलिस द्वारा आरोपी के विरुध्द तत्काल अपराध पंजीबध्द किया गया। आरोपी जो कि शासन के सम्मानजनक पद जिला किडा अधिकारी राजनांदगांव के पद पर पदस्थ है अपने पद का दुरूपयोग करते हुए महिला के साथ अश्लील हरकते करता था। थाना बसंतपुर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

    शिक्षा विभाग राजनांदगांव में शिक्षिका के पद पर पदस्थ महिला टीचर ने शिकायत दर्ज कराई की किशोर मेहरा पिता स्व बिरझू मेहरा उम्र 57 साल निवासी लेबर कालोनी म.न. 178 थाना कोतवाली राजनांदगांव जो कि शासन के वरिष्ठ पद जिला किडा अधिकारी राजनांदगाव के पद पद पदस्थ है। जिला किडा अधिकारी के द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से पीड़िता को उनके व्हाट्सएप्प पर अश्लील फोटो का पीडीएफ बनाकर भेजा गया एवं पीड़िता को फोन पर भी अश्लील बातें करने लगा।

    मना करने पर धमकी पीडिता को धमकी देने लगा। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद थाना बसंतपुर पुलिस द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्यवाही करते हुए थाना बसंतपुर में आरोपी के विरुध्द अपराध क्रमांक 248 / 2021 धारा 67 (ए) आईटी एक्ट के तहत अपराध पंजीबध्द कर आरोपी पता तलाश में लिया गया आरोपी को अपराध पंजीबध्द होने की सूचना मिलने पर आरोपी फरार हो गया। आरोपी के पता तलाश हेतु लगातार प्रयास किया जा रहा था। लगातार प्रयास करने आरोपी के उनके निवासरत स्थान लेबर कालोनी राजनांदगांव से आरोपी को विधिवत् गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।

  • फेसबुक के माध्यम से अश्लील वीडियो काॅल कर रकम उगाही करने वाला राजस्थान का अंतर्राज्यीय आरोपी गिरफ्तार, फेसबुक में महिलाओं के नाम से फर्जी आईडी बनाकर लोगों को लेता था झांसे में…

    फेसबुक के माध्यम से अश्लील वीडियो काॅल कर रकम उगाही करने वाला राजस्थान का अंतर्राज्यीय आरोपी गिरफ्तार, फेसबुक में महिलाओं के नाम से फर्जी आईडी बनाकर लोगों को लेता था झांसे में…

    रायपुर। प्रार्थी निवासी आरंग ने थाना आरंग में रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसके फेसबुक आईडी में दिनांक 24.06.21 को रोहिनी शर्मा नामक युवती का फ्रेंड रिक्वेस्ट आया था जिसे प्रार्थी द्वारा स्वीकार किया गया तत्पश्चात कुछ दिनों तक बात करने के बाद रोहिनी शर्मा ने प्रार्थी का व्हाट्सएप नंबर मांगा जिस पर प्रार्थी ने अपना व्हाट्सएप नंबर दे दिया। 04 दिनों तक बात होने के बाद दिनांक  28.06.21 को उसकी ओर से प्रार्थी के व्हाट्सएप में वीडियो काॅल आया, जिसमें उसकी ओर से अश्लील हरकते होने लगी जिससे प्रार्थी अपना आपा खो बैठा और उसकी बातों में आकर उसके बोलेनुसार अश्लील हरकत किया। दिनांक 29.06.21 को रोहिनी शर्मा द्वारा वीडियो काॅल करके प्रार्थी की अश्लील विडियो को रिकार्ड कर प्रार्थी के फेसबुक के मित्रों का मैसेंजर पर शेयर किया और अलग-अलग मोबाईल नंबरों से काॅल कर प्रार्थी से पैसे की डिमांड कर ब्लैकमेल किया जिस पर प्रार्थी ने उसके बताये खाते में 37,000 रूपए भेज दिया। उसके बाद भी रोहिनी शर्मा द्वारा प्रार्थी से लगातार पैसों की मांग कर धमकी देकर ब्लैकमेल किया जा रहा था। जिस पर प्रार्थी की रिपोर्ट पर आरोपी के विरूद्ध थाना आरंग में अपराध क्रमांक 337/21 धारा 384 भादवि का अपराध पंजीबद्ध किया गया। घटना को पुलिस उपमहानिरीक्षक अजय यादव द्वारा गंभीरता से लेते हुये अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण तारकेश्वर पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध अभिषेक माहेश्वरी, प्रभारी सायबर सेल वीरेन्द्र चन्द्रा एवं थाना प्रभारी आरंग एल.डी. दीवान को आरोपी की पतासाजी कर गिरफ्तार करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। जिस पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में सायबर सेल एवं थाना आरंग की संयुक्त टीम का गठन कर आरोपी की पतासाजी करना प्रारंभ किया गया। टीम के सदस्यों द्वारा घटना के संबंध में प्रार्थी से विस्तृत पूछताछ किया गया। सायबर सेल की तकनीकी टीम द्वारा आरोपी के फेसबुक आईडी को विश्लेषित करने पर जानकारी प्राप्त हुई कि किसी अज्ञात आरोपी द्वारा रोहिनी शर्मा के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर प्रार्थी को अपने झांसे में लेकर शिकार बनाया गया है। जिस पर अज्ञात आरोपी की गिरफ्तारी में लगी टीम के सदस्यों द्वारा जिन मोबाईल नंबरों से प्रार्थी के मोबाईल फोन पर काॅल आया था, उन मोबाईल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण कर प्रार्थी द्वारा जिस बैंक खाता में रकम स्थानांतरित किया गया था उस बैंक खाता के संबंध में भी संबंधित बैंक से जानकारी प्राप्त करने के साथ ही अज्ञात आरोपी के संबंध में कई अन्य साक्ष्य एकत्र किये गये। अज्ञात आरोपी के संबंध में प्राप्त उक्त सभी तथ्यों, जानकारी एवं साक्ष्यों का लगातार विश्लेषण करते हुये अंततः आरोपी को चिन्हांकित करने में सफलता मिली तथा आरोपी की पहचान लियाकत खान के रूप में करते हुये आरोपी की उपस्थिति राजस्थान के जिला अलवर में होना पाया गया। जिस पर थाना आरंग के उपनिरीक्षक टी.आर. साहू के नेतृत्व में सायबर सेल की 04 सदस्यीय टीम को राजस्थान अलवर रवाना किया गया। टीम द्वारा अलवर में पड़ताल प्रारंभ करने पर यह सुनिश्चित हुआ कि आरोपी द्वारा बहुत ही सर्तकता से अपनी स्वयं की पहचान छिपाते हुये इस तरह की वारदात को अंजाम दिया गया है। आरोपी द्वारा उपयोग किये गये मोबाईल नंबर व बैंक खातों के नाम व पते दूसरों के होने के साथ ही अन्य राज्यों के थे, जो पूर्णतः फर्जी थे। मोबाईल नंबरों एवं बैंक खाता का उपयोग सिर्फ और सिर्फ वारदात को कारित करने के लिए किया गया था। अलवर में कैम्प कर रही टीम को तकनीकी विश्लेषण के आधार पर घटना के आरोपी लियाकत खान के निवास स्थान के संबंध में अहम सुराग प्राप्त हुआ। जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा आरोपी लियाकत खान को गिरफ्तार करने में सफलता मिली। प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आरोपी लियाकत खान से कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी द्वारा उक्त घटना को कारित करना स्वीकार किया गया। पूछताछ में आरोपी लियाकत खान पिता हनीफ खान उम्र 39 साल निवासी ग्राम कजोता पोस्ट चिमरौली थाना लक्ष्मणगढ़ जिला अलवर राजस्थान हाल नारंगी खान का मकान पुराना अनाज मंडी के पीछे मालाखेड़ा थाना मालाखेड़ा जिला अलवर राजस्थान ने बताया कि वह अलग-अलग महिलाओं के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजता था। फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने वाले लोगों से वह कुछ दिनों तक फेसबुक में चैट करने के बाद पीड़ित से उसका व्हाट्सएप नंबर प्राप्त कर लेता था। आरोपी, पीड़ित को अपने झांसे में लेकर दूसरे मोबाईल फोन से एप्लीकेशनों के माध्यम से अश्लील विडियो चालू कर पीड़ित के व्हाट्सएप नंबर में अश्लील वीडियो काॅल कर पीड़ित को भी अश्लील हरकतें करने कहता था। इसी दौरान आरोपी पीड़ित के अश्लील हरकतों का वीडियो रिकार्ड कर लेता था एवं वह पीड़ितों को फोन कर उनके अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लेकमेल करता था जिससे पीड़ित डर से आरोपी द्वारा बताये खातों में रकम भेज देते थे। आरोपी द्वारा अब तक देश भर के अलग-अलग राज्यों में 50 से अधिक पीड़ितो को अपना शिकार बनाते हुये पीड़ितों से लाखों रूपये की उगाही की गई है। आरोपी के पास उड़ीसा और असम राज्य का मोबाईल नंबर है जिसे वह राजस्थान के भरतपुर से लिया था साथ ही उसके द्वारा यह भी बताया कि भरतपुर में किसी भी राज्य का मोबाईल नंबर आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। आरोपी द्वारा उपयोग किये जाने वाला खाता पूर्णतः फर्जी है। आरोपी द्वारा फर्जी दस्तावेजों के माध्यमों से आॅन लाईन फर्जी खाता खोलकर असम के फर्जी मोबाईल नंबर को रजिस्ट्रर्ड किया गया था। आरोपी की निशानदेही पर उसके कब्जे से घटना से संबंधित नगदी 19,000 रूपये, 02 नग मोबाईल फोन, 03 नग सिम कार्ड एवं ए.टी.एम. कार्ड जप्त किया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर उसके विरूद्ध अग्रिम कार्यवाही किया गया। 

    तरीका वारदात – 

    वर्तमान में इस प्रकार की कई घटनायें लगातार सामने आ रहीं है। इस प्रकार की घटनाओं में अज्ञात आरोपियों द्वारा महिलाओं के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर फ्रेण्ड रिक्वेस्ट भेजकर दोस्त बनाया जाता है तथा धीरे-धीरे पीड़ितों का विश्वास व भरोसा जीतकर व्हाट्सएप नंबर प्राप्त कर लिया जाता है तथा आरोपी द्वारा पीड़ित के व्हाट्सएप नंबर में अश्लील विडियो काॅल कर पीड़ित को भी अश्लील हरकतें कहने कहा जाता है। इस दौरान आरोपी 02 मोबाईल फोन का उपयोग करते है, एक मोबाईल फोन से आरोपी चैट करते है एवं दूसरे मोबाईल फोन से एप्लीकेशनों के माध्यम से अश्लील विडियो चालू कर पीड़ित की अश्लील हरकतों के विडियों को कैप्चर कर रिकार्ड कर लेते है तथा उसी वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर पीड़ित से पैसों की मांग कर उगाही करते है। आरोपी अपनी पहचान गोपनीय रखने के लिए अपराध में उपयोग किये गये सिम व मोबाईल को नष्ट कर देने के साथ ही फर्जी फेसबुक आई डी को भी डि-एक्टिवेट कर देते है तथा इनके द्वारा दिये गये सभी बैंक खाते भी फर्जी होते है। आरोपी को गिरफ्तार करने एवं मशरूका बरामद करने में उपनिरीक्षक टी.आर. साहू थाना आरंग, सायबर सेल से प्र.आर. महेन्द्र राजपूत, राधाकांत पाण्डेय, आर. हिमांशु राठौर एवं विकास क्षत्री की महत्वपूर्ण भूमिंका रहीं

  • CG नायब तहसीलदार समेत 3 की मौत, बोलेरो और ट्रक में भीषण टक्कर, दर्दनाक मौत….

    CG नायब तहसीलदार समेत 3 की मौत, बोलेरो और ट्रक में भीषण टक्कर, दर्दनाक मौत….

    कवर्धा। NH-30 पर सड़क हादसे में नायब तहसीदार सतीश कृषान (35) सहित 3 लोगों की मौत हो गई। जबकि आबकारी विभाग का गार्ड गंभीर रूप से घायल हो गया। तहसीलदार अपने दोस्तों और गार्ड के साथ धवाईपानी में ढाबे पर चाय पीकर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में सामने से आए ट्रक से टक्कर हो गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने घायल को अस्पताल में भर्ती कराया है। 

    बोड़ला तहसील में नायब तहसीलदार सतीश कृषान के दो दोस्त बाहर से मिलने के लिए पहुंचे थे। उनके साथ सरकारी गाड़ी में सतीश शनिवार सुबह 6 बजे चाय पीने के लिए चिल्फी से धवईपानी के लिए निकले थे। इस दौरान रास्ते में रायपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे पर आबकारी विभाग में गार्ड सुरेंद्र झारिया उर्फ चंदन मिल गया। पहचान का होने के चलते उसे भी गाड़ी में बिठा लिया। फिर सभी ढाबे पर पहुंचे और वहां से चाय पीने के बाद लौट रहे थे। गाड़ी सतीश ही ड्राइव कर रहे थे।
     

    बगई पहाड़ के पास मोड़ पर पहुंचे ही थे कि अचानक से तेज रफ्तार ट्रक से सामने से आ गया और दोनों गाड़ियों में टक्कर हो गई। हादसा इतना जबरदस्त था कि सरकारी गाड़ी आगे से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। जबकि ट्रक अनियंत्रित होकर पेड़ से जा भिड़ा। हादसे में तहसीलदार सतीश कृषान सहित उनके दो दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई। आसपास के लोगों ने हादसा होते देखा तो डायल-112 पर सूचना दी। पुलिस ने तीनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। वह अपने घर के इकलौते बेटे थे।

  • छत्तीसगढ़ सरकार ने दी अनुमति, आम लोग भी करा सकेंगे अपने नवीन भवनों के गुणवत्ता की जांच…

    छत्तीसगढ़ सरकार ने दी अनुमति, आम लोग भी करा सकेंगे अपने नवीन भवनों के गुणवत्ता की जांच…

    रायपुर। राज्य के आम नागरिक, शासकीय, अर्धशासकीय एवं अशासकीय संस्थाएं राज्य शासन के मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) कार्यालय के माध्यम से अपने नवीन भवनों के कांक्रीट की गुणवत्ता की जांच करा सकेंगे। इसके लिए इच्छुक व्यक्ति एवं संस्था को विधिवत आवेदन एवं निर्धारित शुल्क अदा करना होगा। राज्य शासन द्वारा मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) कार्यालय को इसके लिए अनुमति प्रदान की है। नवीन भवनों के कांक्रीट की गुणवत्ता की जांच नॉन डिस्ट्रेक्टिव टेस्टिंग (एनडीटी) उपकरणों के माध्यम से निर्धारित शुल्क देने पर की जाएगी। इससे आम नागरिकों को लागत के अनुरूप गुणवत्तायुक्त भवन की उपलब्धता सुनिश्चित होने के साथ ही भवन संधारण में आने वाले अनावश्यक अतिरिक्त व्यय से मुक्ति मिलेगी। राज्य शासन द्वारा स्वीकृत निर्माण कार्यों के गुणवत्ता पर नियंत्रण रखा जा सकेगा। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के प्रति आम लोगों में जागरूकता आयेगी एवं राज्य सरकार को राजस्व की प्राप्ति होगी। शासन के द्वारा कार्यालय में उपलब्ध डिजीटल रिबाउंड हैमर हेतु परीक्षण शुल्क 2500 रूपए प्रति रिडिंग एवं अल्ट्रासोनिक पल्स वेलोसिटी उपकरण हेतु शुल्क 3 हजार रूपए प्रति रिडिंग जी.एस.टी. सहित निर्धारित है।

    परीक्षण शुल्क राशि के लिए ऑनलाईन/कार्यालय में सीधे जमा की जा सकती है। शासकीय, अर्द्धशासकीय एवं निजी निर्माण कार्यों के कांकीट की गुणवत्ता परीक्षण हेतु कार्यालय मुख्य तकनीकी परीक्षक (सर्तकता) के वेबसाईट ctev.cg.gov.in में ई-परीक्षक मेनु में जाकर निर्धारित शुल्क ई-चालान के माध्यम से राजस्व मद 0070-60-800 अन्य प्राप्तियां में भुगतान कर सकेगे अथवा कार्यालय में आवेदक नियम एवं शर्ते स्वीकार करने के उपरांत मनी रीसिप्ट के माध्यम से राशि जमा कर गुणवत्ता परीक्षण कराया जा सकता है। ई-परीक्षक मेनू को उपयोग करने की विधि का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है – मेनू में जाकर ई-परीक्षक लिंक को क्लिक करें। वेब पेज में डिजीटल रिबांऊण्ड हैमर एवं अल्ट्रासोनिक पल्स वेलोसिटी उपकरण का परीक्षण मूल्य प्रदर्शित होगा। आवेदक स्वयं की आवश्यकतानुसार विवरण में क्लिक करेंगे। परीक्षणों की संख्या दर्ज कर, कार्ट में डाले, को क्लिक करेंगे। निरीक्षण स्थल का विवरण भर कर, घोषणा के लिए बनाये गये चेक बॉक्स को क्लिक करने के पश्चात् कुल देय राशि की गणना में क्लिक करें। ओ.टी.पी. सत्यापित कर राशि का भुगतान करें, पर क्लिक करें। आवेदक के मोबाईल फोन पर आये ओ.टी.पी. नंबर को सत्यापित करना होगा।

    आवेदक ई-चालान सेवाओं के माध्यम से परीक्षण शुल्क की राशि सीधे शासन के राजस्व मद में जमा करेंगे। परीक्षण शुल्क राशि प्राप्त करने के पश्चात् कार्यालय मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) की टीम कार्य स्थल पर पहुंचकर कांक्रीट की गुणवत्ता का परीक्षण एनडीटी उपकरण के माध्यम से करेगी। आवेदक को निश्चित समय में परीक्षण परिणाम उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गयी है। तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) श्री आर. पुराम ने बताया कि ई-परीक्षक मॉड्यूल में प्रत्येक जिले के आवेदकों के लिए न्यूनतम परीक्षण निर्धारित किया गया है जिसमें बलरामपुर एवं जशपुर में न्यूनतम 4 परीक्षण कराना अनिवार्य है। इसी प्रकार बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कोरिया, सुकमा, सूरजपुर एवं सरगुजा में 3 परीक्षण, जांजगीर-चांपा, कवर्धा, कांकेर, कोण्डागांव, कोरबा, नारायणपुर, रायगढ़ एवं गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 2 परीक्षण एवं बालोद, बलौदाबाजार, बेमेतरा, बिलासपुर, धमतरी, दुर्ग, गरियाबंद, महासमुन्द, मुंगेली, रायपुर एवं राजनांदगांव में 1 परीक्षण किए जाएंगे। न्यूनतम परीक्षण संख्या के अतिरिक्त प्रत्येक परीक्षण में चयनित उपकरण के आधार पर परीक्षण शुल्क में वृद्धि होगी। संगठन के द्वारा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता नियंत्रण हेतु 100 बिन्दु चेक लिस्ट पुस्तिका अंग्रेजी एवं हिन्दी संस्करण में तैयार किया गया है, जो कि ई-परीक्षक पोर्टल में उपलब्ध है। प्रत्येक पुस्तिका की कीमत 80 रूपए है, इसको ऑनलाईन भुगतान करने के पश्चात् प्राप्त किया जा सकता है। ई-परीक्षक पोर्टल के संबंध में तकनीकी सहायता हेतु सहायक कम्प्यूटर प्रोग्रामर के मोबाईल नं. 98932-28899 पर संपर्क किया जा सकता है।

  • एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा पर कसा शिकंजा, अश्लील फिल्में बनाने के है आरोपी…

    एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा पर कसा शिकंजा, अश्लील फिल्में बनाने के है आरोपी…

    मुंबई। बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी कुंद्रा (Shilpa Shetty) के पति और बिजनेसमैन राज कुंद्रा (Raj Kundra) को सोमवार रात क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया. राज कुंद्रा को अश्लील फिल्में बनाने और कुछ ऐप के जरिये इन्हें प्रदर्शित करने के मामले में गिरफ्तार किया (Raj Kundra Arrest) गया है. उनके गिरफ्तार होने की खबर अब चारों तरफ फैल चुकी है. मुंबई क्राइम ब्रांच इस मामले की जांच कर रही है. मुंबई क्राइम ब्रांच का कहना है कि राज कुंद्रा इस मामले में साजिशकर्ता के तौर पर सामने आ रहे हैं और उनके पास राज कुंद्रा के खिलाफ पर्याप्त सबूत भी मौजूद हैं. लेकिन, अगर आप नहीं जानते कि पूरा मामला क्या है, तो चलिए आपको बताते हैं मामले की इनसाइड स्टोरी-

    कब दर्ज हुआ मामला

    राज कुंद्रा के खिलाफ इसी साल 4 फरवरी को मुंबई के मालवानी थाना क्राइम ब्रांच ने केस दर्ज किया था. उनके खिलाफ अपराध संख्या- 103/2021 के तहत मामला दर्ज किया गया था. राज कुंद्रा पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 292, 293, 420, 34 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत धारा 67 और 67A सहित अन्य धाराएं लगाई गई थीं. क्या है मामला दरअसल, मुंबई क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल ने फिल्म इंडस्ट्री में ब्रेक देने के बहाने महिलाओं और युाओं को अश्लील वीडियो और पोर्नोग्राफी में धकेलने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है. इस मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. जिनमें दो पुरुष अभिनेता, एक लाइटमैन के तौर पर काम करने वाला शख्स और दो महिलाएं शामिल हैं. जो वीडियोग्राफर, फोटोग्राफर और ग्राफिक डिजाइनर के रूप में काम करती हैं।

    बताया जा रहा है कि मामले से जुड़े आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बनाए गए अश्लील वीडियोज को जारी करती थे, जिसकी सूचना मिलने पर मुंबई क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल ने जांच शुरू की. मुंबई क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल को सूचना मिली थी कि मलाड पश्चिम के मड गांव में अश्लील वीडियो की शूटिंग चल रही है. मामले की सूचना मिलने पर एपीआई लक्ष्मीकांत सालुंखे ने बंगले पर छापेमारी की. जहां न्यूड वीडियो की शूटिंग जारी थी. शुरुआती जांच में पुलिस को आरोपियों के पास से मिले मोबाइल से ‘होथित मूवीज’ का पता चला, जो कि एक मोबाइल ऐप है, इसमें इन वीडियोज को अपलोड किया जाता है. अश्लील वीडियो देखने के लिए इस ऐप्लिकेशन की सदस्यता लेनी पड़ती है. जिसके लिए रुपयों का भुगतान करना होता है. इस गिरोह के पास कुछ और भी ऐसे ही मोबाइल एप्लिकेशन हैं.

    दो एफआईआर दर्ज
    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने दो एफआईआर फाइल की हैं और इस मामले में कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया है, जो एक्टर्स से जबरन अश्लील फिल्मों के लिए न्यूड सीन्स शूट करवाते थे। वहीं रिपोर्ट्स के मुताबिक इन फिल्मों को पेड मोबाइल एप्लीकेशन्स के जरिए रिलीज/ डिस्ट्रीब्यूट किया जाता था।

  • पेगासस जासूसी मामला, जिसपर घिरी हुई है केंद्र सरकार, कौन हुआ हैकिंग का शिकार…

    पेगासस जासूसी मामला, जिसपर घिरी हुई है केंद्र सरकार, कौन हुआ हैकिंग का शिकार…

    इजरायली कंपनी एनएसओ के पेगासस सॉफ्टवेयर से भारत में कथित तौर पर 300 से ज्यादा हस्तियों के फोन हैक किए जाने का मामला अब तूल पकड़ गया है। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के एक दिन पहले ही इस जासूसी कांड का खुलासा हुआ है। दावा किया जा रहा है कि जिन लोगों के फोन टैप किए गए उनमें कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और प्रह्लाद सिंह पटेल, पूर्व निर्वाचन आयुक्त अशोक लवासा और चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर सहित कई पत्रकार भी शामिल हैं। हालांकि, सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है और रिपोर्ट जारी होने की टाइमिंग को लेकर सवाल खड़े किए हैं। आइए आपको बताते हैं अब तक इस मामले में क्या-क्या हुआ और यह सॉफ्टवेयर दुनिया का सबसे खतरनाक स्पाईवेयर क्यों माना जाता है

    कहां से आई रिपोर्ट?
    लीक हुए आंकड़ों के आधार पर की गई एक वैश्विक मीडिया संघ की जांच के बाद इस बात के और सबूत मिले हैं कि इजराइल स्थित कंपनी ‘एनएसओ ग्रुप के सैन्य दर्जे के मालवेयर का इस्तेमाल पत्रकारों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और राजनीतिक असंतुष्टों की जासूसी करने के लिए किया जा रहा है। पत्रकारिता संबंधी पेरिस स्थित गैर-लाभकारी संस्था ‘फॉरबिडन स्टोरीज एवं मानवाधिकार समूह ‘एमनेस्टी इंटरनेशनल द्वारा हासिल की गई और 16 समाचार संगठनों के साथ साझा की गई 50,000 से अधिक सेलफोन नंबरों की सूची से पत्रकारों ने 50 देशों में 1,000 से अधिक ऐसे व्यक्तियों की पहचान की है, जिन्हें एनएसओ के ग्राहकों ने संभावित निगरानी के लिए कथित तौर पर चुना। वैश्विक मीडिया संघ के सदस्य ‘द वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार, जिन लोगों को संभावित निगरानी के लिए चुना गया, उनमें 189 पत्रकार, 600 से अधिक नेता एवं सरकारी अधिकारी, कम से कम 65 व्यावसायिक अधिकारी, 85 मानवाधिकार कार्यकर्ता और कई राष्ट्राध्यक्ष शामिल हैं। ये पत्रकार ‘द एसोसिएटेड प्रेस (एपी), ‘रॉयटर, ‘सीएनएन, ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल, ‘ले मोंदे और ‘द फाइनेंशियल टाइम्स जैसे संगठनों के लिए काम करते हैं। एनएसओ ग्रुप के स्पाइवेयर को मुख्य रूप से पश्चिम एशिया और मैक्सिको में लक्षित निगरानी के लिए इस्तेमाल किए जाने के आरोप हैं। सऊदी अरब को एनएसओ के ग्राहकों में से एक बताया जाता है। इसके अलावा सूची में फ्रांस, हंगरी, भारत, अजरबैजान, कजाकिस्तान और पाकिस्तान सहित कई देशों के फोन हैं। इस सूची में मैक्सिको के सर्वाधिक फोन नंबर हैं। इसमें मैक्सिको के 15,000 नंबर हैं।

    भारत में किसके फोन हुए हैक?
    कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, भाजपा के मंत्रियों अश्विनी वैष्णव और प्रह्लाद सिंह पटेल, पूर्व निर्वाचन आयुक्त अशोक लवासा और चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर उन लोगों में शामिल हैं, जिनके फोन नंबरों को इजराइली स्पाइवेयर के जरिए हैकिंग के लिए सूचीबद्ध किया गया था। एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया संघ ने सोमवार को यह जानकारी दी।  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे तथा तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद अभिषेक बनर्जी और भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई पर अप्रैल 2019 में यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली उच्चतम न्यायालय की कर्मचारी और उसके रिश्तेदारों से जुड़े 11 फोन नंबर हैकरों के निशाने पर थे। गांधी और केंद्रीय मंत्रियों वैष्णव और प्रहलाद सिंह पटेल के अलावा जिन लोगों के फोन नंबरों को निशाना बनाने के लिये सूचीबद्ध किया गया उनमें चुनाव पर नजर रखने वाली संस्था एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) के संस्थापक जगदीप छोकर और शीर्ष वायरोलॉजिस्ट गगनदीप कांग शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार सूची में राजस्थान की मुख्यमंत्री रहते वसुंधरा राजे सिंधिया के निजी सचिव और संजय काचरू का नाम शामिल था, जो 2014 से 2019 के दौरान केन्द्रीय मंत्री के रूप में स्मृति ईरानी के पहले कार्यकाल के दौरान उनके विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) थे। इस सूची में भारतीय जनता पार्टी से जुड़े अन्य जूनियर नेताओं और विश्व हिंदू परिषद के नेता प्रवीण तोगड़िया का फोन नंबर भी शामिल था।

    द गार्डियन’ की ओर रविवार रात जारी इस बहुस्तरीय जांच की पहली किस्त में दावा किया गया है कि 40 भारतीय पत्रकारों सहित दुनियाभर के 180 संवाददाताओं के फोन हैक किए गए। इनमें ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ और ‘मिंट’ के तीन पत्रकारों के अलावा ‘फाइनैंशियल टाइम्स’ की संपादक रौला खलाफ तथा इंडिया टुडे, नेटवर्क-18, द हिंदू, द इंडियन एक्सप्रेस, द वॉल स्ट्रीट जर्नल, सीएनएन, द न्यूयॉर्क टाइम्स व ले मॉन्टे के वरिष्ठ संवाददाताओं के फोन शामिल हैं। जांच में दिल्ली यूनिवर्सिटी के एक पूर्व प्रोफेसर और जून 2018 से अक्तूबर 2020 के बीच एल्गार परिषद मामले में गिरफ्तार आठ कार्यकर्ताओं के फोन हैक किए जाने का भी दावा किया गया है।

    भारत सरकार का क्या है पक्ष?
    भारत सरकार ने जांच को खारिज करते हुए इसे पूरी तरह से बेबुनियाद करार दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ”इस तथाकथित रिपोर्ट के लीक होने का समय और फिर संसद में ये व्यवधान, इसे जोड़कर देखने की आवश्यक्ता है। यह एक विघटनकारी वैश्विक संगठन हैं जो भारत की प्रगति को पसंद नहीं करता है। ये अवरोधक भारत में राजनीतिक खिलाड़ी हैं जो नहीं चाहते कि भारत प्रगति करे। भारत के लोग इस घटना और संबंध को समझने में बहुत परिपक्व हैं।’ उन्होंने कहा, “कल देर शाम हमने एक रिपोर्ट देखी, जिसे केवल एक ही उद्देश्य के साथ कुछ वर्गों द्वारा शेयर किया गया है।’ सरकार ने कहा है कि भारत में अवैध ढंग से इस प्रकार की जासूसी कराना संभव नहीं है।

    जांच का आधार
    यह जांच एमनेस्टी इंटरनेशनल और फॉरबिडेन स्टोरीज को प्राप्त लगभग 50 हजार नामों और नंबरों पर आधारित है। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इनमें से 67 फोन की फॉरेन्सिक जांच की। इस दौरान 23 फोन हैक मिले, जबकि 14 अन्य में सेंधमारी की कोशिश की पुष्टि हुई। ‘द वायर’ ने खुलासा किया कि भारत में भी दस फोन की फॉरेन्सिक जांच करवाई गई। ये सभी या तो हैक हुए थे, या फिर इनकी हैकिंग का प्रयास किया गया था।

    कंपनी का क्या कहना है?

    इजरायली कंपनी एनएसओ ने जांच रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि एमनेस्टी इंटरनेशनल और फॉरबिडेन स्टोरीज का डाटा गुमराह करता है। यह डाटा उन नंबरों का नहीं हो सकता है, जिनकी सरकारों ने निगरानी की है। इसके अलावा एनएसओ अपने ग्राहकों की खुफिया निगरानी गतिविधियों से वाकिफ नहीं है।

    एक नजर सॉफ्टवेयर पर
    पेगासस संबंधित फोन पर आने-जाने वाले हर कॉल का ब्योरा जुटाने में सक्षम है। यह फोन में मौजूद मीडिया फाइल और दस्तावेजों के अलावा उस पर आने-जाने वाले एसएमएस, ईमेल और सोशल मीडिया मैसेज की भी जानकारी दे सकता है। पेगासस सॉफ्टवेयर को जासूसी के क्षेत्र में अचूक माना जाता है। तकनीक जानकारों का दावा है कि इससे व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे एप भी सुरक्षित नहीं। क्योंकि यह फोन में मौजूद एंड टू एंड एंक्रिप्टेड चैट को भी पढ़ सकता है। पेगासस एक स्पाइवेयर (जासूसी साफ्टवेयर) है, जिसे इसराइली साइबर सुरक्षा कंपनी एनएसओ ग्रुप टेक्नॉलॉजीज़ ने बनाया है। इसका दूसरा नाम क्यू-सुईट भी है।

    क्यों खतरनाक
    किसी फोन में सिर्फ मिस कॉल के जरिए इसे इंस्टॉल किया जा सकता है। इसे यूजर की इजाजत और जानकारी के बिना भी फोन में डाला जा सकता है। एक बार फोन में पहुंच जाने के बाद इसे हटाना आसान नहीं होता।

    कैसे काम करता है
    ये एक ऐसा प्रोग्राम है, जिसे अगर किसी स्मार्टफ़ोन फ़ोन में डाल दिया जाए, तो कोई हैकर उस स्मार्टफोन के माइक्रोफ़ोन, कैमरा, ऑडियो और टेक्सट मैसेज, ईमेल और लोकेशन तक की जानकारी हासिल कर सकता है।