Author: Sunil Agrawal

  • ग्लेशियर पिघलने से भारत के 12 शहर 3 फीट तक पानी में डूब जाएंगे…. मैदानी इलाकों में भी तबाही आएगी…. 

    ग्लेशियर पिघलने से भारत के 12 शहर 3 फीट तक पानी में डूब जाएंगे…. मैदानी इलाकों में भी तबाही आएगी…. 

    धरती का तापमान बढ़ने से भारत में कैसी तबाही होगी। इसकी आशंका अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने अपनी एक रिपोर्ट में जताई है। यह रिपोर्ट करीब 80 साल बाद यानी 2100 तक की तस्वीर दिखाती है। इसमें कहा गया है कि समुद्र का जलस्तर बढ़ने से भारत के 12 तटीय शहर 3 फीट तक पानी में डूब जाएंगे। ऐसा लगातार बढ़ती गर्मी से ध्रुवों पर जमी बर्फ के पिघलने से होगा। इसका असर भारत के ओखा, मोरमुगाओ, कंडला, भावनगर, मुंबई, मैंगलोर, चेन्नई, विशाखापट्टनम, तूतीकोरन, कोच्चि, पारादीप और पश्चिम बंगाल के किडरोपोर तटीय इलाके पर पड़ेगा। 
     

    ऐसे में भविष्य में इन इलाकों में रह रहे लोगों को यह जगह छोड़नी पड़ सकती है। नासा ने एक सी लेवल प्रोजेक्शन टूल बनाया है। इससे समुद्री तटों पर आने वाली आपदा से वक्त रहते लोगों को निकालने और जरूरी इंतजाम करने में मदद मिलेगी। इस ऑनलाइन टूल के जरिए कोई भी भविष्य में आने वाली आपदा यानी बढ़ते समुद्री जलस्तर का पता कर सकेगा। नासा ने इंटर गवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कई शहरों के समुद्र में डूब जाने की चेतावनी दी है

    IPCC की ये छठी एसेसमेंट रिपोर्ट है। इसे 9 अगस्त को जारी किया गया था। यह रिपोर्ट क्लाइमेट सिस्टम और क्लाइमेट चेंज के हालात को बेहतर तरीके से सामने रखती है। IPCC 1988 से वैश्विक स्तर पर क्लाइमेट चेंज का आकलन कर रही है। यह पैनल हर 5 से 7 साल में दुनियाभर में पर्यावरण की स्थिति की रिपोर्ट देता है। इस बार की रिपोर्ट बहुत भयानक हालात की ओर इशारा कर रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2100 तक दुनिया का तापमान काफी बढ़ जाएगा। 


    लोगों को भयानक गर्मी झेलनी पड़ेगी। कार्बन उत्सर्जन और प्रदूषण नहीं रोका गया तो तापमान में औसतन 4.4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होगी। अगले दो दशक में तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ जाएगा। इस तेजी से पारा चढ़ेगा तो ग्लेशियर भी पिघलेंगे। इनका पानी मैदानी और समुद्री इलाकों में तबाही लेकर आएगा। नासा के एडमिनिस्ट्रेटर बिल नेल्सन ने कहा कि सी लेवल प्रोजेक्शन टूल दुनियाभर के नेताओं और वैज्ञानिकों को यह बताने के लिए काफी है कि अगली सदी तक हमारे कई देशों की जमीन कम हो जाएगी। 

  • लॉकडाउन में देश में बढ़ गई अरबपतियों की संख्या?…. सरकार ने दिया यह जवाब…

    लॉकडाउन में देश में बढ़ गई अरबपतियों की संख्या?…. सरकार ने दिया यह जवाब…

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि 100 करोड़ रुपये या इससे अधिक की सकल कुल आय प्रकट करने वाले व्यक्तियों की संख्या 2020-21 में 136 थी जबकि 2019-20 में ऐसे लोगों की संख्या 141 और 2018-19 में 77 थी। उन्होंने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विगत तीन आकलन वर्षों के दौरान आयकर विभाग में फाइल की गई। आयकर विवरणी में 100 करोड़ रुपये (एक अरब रुपये) से अधिक की सकल कुल आय प्रकट करने वाले व्यक्तियों की संख्या 2020-21 में 136 थी।
     
     
    उन्होंने कहा कि संपदा कर को अप्रैल, 2016 में समाप्त कर दिया गया है, इसलिए सीबीटीडी किसी व्यक्तिगत करदाता की पूर्ण संपदा के बारे में अब कोई सूचना नहीं रखता है। उन्होंने कहा कि आधिकारिक गरीबी अनुमान सांख्यिकीय और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण, कार्यालय (एनएसएसओ) द्वारा निष्पादित घरेलू उपभोक्ता व्यय पर किए गए सर्वेक्षणों पर आधारित हैं। 


    गरीबी अनुमानों के अनुसार, वर्तमान तेंदुलकर समिति कार्यप्रणाली का अनुसरण करते हुए, भारत में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले व्यक्तियों की संख्या 2011-12 में 27 करोड़ (21.9 प्रतिशत) अनुमानित थी। उनसे सवाल किया गया था कि क्या यह सच है कि लॉकडाउन के दौरान देश में अरबपतियों की संख्या में वृद्धि देखी गई है। इसके जवाब में वित्त मंत्री ने कहा कि केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के पास उपलब्ध सूचना के अनुसार, प्रत्यक्ष करों के तहत खरबपति शब्द की कोई विधायी अथवा प्रशासनिक परिभाषा नहीं है।

  • 9000 लोगो को लगा दिया नमक के पानी का इंजेक्शन, नर्स को थी कोरोना वैक्सीन से नफरत तो कर दी नापाक हरकत….

    9000 लोगो को लगा दिया नमक के पानी का इंजेक्शन, नर्स को थी कोरोना वैक्सीन से नफरत तो कर दी नापाक हरकत….

    जर्मनी (Germany) के रेड क्रॉस अस्पताल (Red Cross Hospital) की एक नर्स द्वार हजारों लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने का मामला सामने आया है. इस नर्स को कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) से नफरत थी. इस वजह से उसने करीब 8 हजार 6 सौ लोगों को वैक्सीन की जगह सलाइन सॉल्यूशन (Vaccine Solution) का इंजेक्शन लगा दिया. जैसे ही ये खबर सामने आई, अस्पताल से इंजेक्शन लेने वाले लोगों में हड़कंप मच गया. अब अस्पताल ने सभी लोगों से आग्रह किया है कि वो जल्द से जल्द फिर से कोरोना वैक्सीन आकर ले लें.
    उसने अपने फेसबुक पेज (Facebook Page) पर भी वैक्सीन के खिलाफ कई बातें लिखी. उसके पोस्ट पर लोगों की नजर तब पड़ी जब अचानक ये खबर उड़ी कि अस्पताल की एक नर्स ने लोगों को वैक्सीन की जगह नमकीन पानी का इंजेक्शन लगा दिया है. ऐसे में लोगों को दुबारा से वैक्सीन लेने को कहा गया है।

    नर्स इंजेक्शन के आने के बाद उसे नमकीन पानी से बदल देती थी. इसके बाद इसी पानी को इंजेक्शन में भरकर लोगों को लगा दिया जाता था।

    जानकारी के अनुसार मार्च और अप्रैल में कई लोगों को वैक्सीन लगाया गया था. इसमें ज्यादातर बुजुर्ग थे. जब वैक्सीन के बाद भी उन्हें कोरोना हो गया तो प्रशासन की नींद उडी. उसने जांच करवाया कि आखिर ऐसा कैसे हो रहा है? जब इसकी डिटेल जांच की गई तो पता चला कि नर्स ने इंजेक्शन को बदल दिया था. अभी तक नर्स की डिटेल सामने नहीं आई है. हालांकि, पुलिस ने अब मामले की जांच शुरू कर दी।

  • अब घर बैठे कराएं FIR, ऐसा है प्रोसेस….

    अब घर बैठे कराएं FIR, ऐसा है प्रोसेस….

    भोपाल। मध्य प्रदेश की जनता के लिए जरूरी खबर है. अब एफआईआर (FIR) के लिए पुलिस थानों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है. एमपी पुलिस ने ई-एफआईआर E-FIR सर्विस शुरू कर दी है. भोपाल के थाने में पहली ई-एफआईआर दर्ज हुई. अब https://mppolice.gov.in, https://citizen.mppolice.gov.in, मोबाइल एप MPeCOP पर प्रदेश के लोग e-FIR दर्ज करा सकते हैं. ट्रायल रन के तहत प्रदेश की सबसे पहली एफआईआर सुमित मंगल ने पिपलानी पुलिस में घर से सोने की चेन चोरी की दर्ज कराई. पुलिस वेबसाइट पर ई-एफआईआर सुमित मंगल के दर्ज कराने के बाद पिपलानी पुलिस ने उनसे संपर्क किया और घटनास्थल का मुआयना करते हुए मामले की जांच की.

    इन मामलों में दर्ज होगी ई FIR…

    स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के एडीजी चंचल शेखर ने कहा मध्यप्रदेश पुलिस की ई-एफआईआर सेवा का वृहद ट्रायल रन एससीआरबी पुलिस मुख्यालय से शुरू किया गया. इस ट्रायल रन के दौरान कोई भी पीड़ित नागरिक 15 लाख से कम कीमत के वाहन चोरी, एक लाख से कम कीमत की सामान्य चोरी, आरोपी अज्ञात हो, घटना में चोट और बल का प्रयोग ना होने के मामले की रिपोर्ट मध्यप्रदेश पुलिस की वेबसाइट https://mppolice.gov.in

    सिटीजन पोर्टल https://citizen.mppolice.gov.in और मोबाइल ऐप MPECOP से अपनी आईडी से लॉगिन कर सकते हैं. इस संबंध में सभी थानों को आवश्यक निर्देश दे दिए गये हैं. चंचल शेखर ने बताया कि प्रदेश में इस तरह के 50,000 से ज्यादा केस हर साल आते हैं. ऐसे में पुलिस थानों पर काम का लोड कम पड़ेगा और कोरोना के इस दौर में जनता को घर बैठे सुविधा मिलेगी. कार्रवाई के लिए समय सीमा तय यह सुविधा 24X7 उपलब्‍ध होगी. शिकायतकर्ता की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई कर समय सीमा में प्रकरण का निपटारा किया जा सकेगा. इससे वाहन चोरी केस में बीमा राशि हासिल करने में अब वक्त नहीं लगेगा. ई-एफआईआर कराने से लोगों को इस बात की लगातार जानकारी मिलती रहेगी कि पुलिस क्या कार्रवाई कर रही है. शिकायतकर्ता जैसे ही आवेदन अपलोड करेगा उसे एसएमएस से acknowledgement औऱ पीडीएफ में FIR की कॉपी मिल जाएगी. शिकायतकर्ता की शिकायत पढ़कर संबंधित थाना प्रभारी एफआईआर ओके करेगा और तत्काल जांच अधिकारी नियुक्त कर जांच शुरू की जाएगी.

    2 महीने में फुल फ्रेश होगी लागूADG चंचल शेखर ने बताया कि ई-एफआईआर सिस्टम विभिन्न संस्थाओं, एससीआरबी और मेप आईटी की मदद से शुरू की गयी है. आज ई-एफआईआर का ट्रायल रन शुरू किया गया है. इसके अतिरिक्त समस्त जिलों के सोशल मीडिया वेब पेज तैयार किये गए हैं. इसके जरिए प्रेस नोट और सोशल मीडिया की जानकारी सहज रूप से उपलब्ध होगी. किसी भी जिले की वेबसाइट को mppolice.gov.in पर ऐक्‍सेस किया जा सकता है. म.प्र. पुलिस की जनसेवा की दिशा में की जा रही इस पहल से न सिर्फ नागरिकों को FIR दर्ज करवाने में सुविधा होगी बल्कि इन अपराधों में तत्काल निपटारे में मदद मिलेगी.

  • बैंकों में उपभोक्ताओं को हो रही परेशानियों को लेकर चैंबर ने सौंपा ज्ञापन…

    उपभोक्ताओं को बैंकों में हो रही परेशानियों को लेकर आज सभी स्थानीय बैंकों में चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा ज्ञापन दिया गया उक्त संबंध में चेंबर अध्यक्ष राम नारायण सोनी द्वारा बताया गया कि कोविड-19 के बाद शहर धीरे-धीरे अनलॉक हो रहा है इसके साथ ही बैंकों में भीड़ बढ़ती जा रही है और बैंकों में काउंटर की संख्या कम होने के कारण भीड़ की वजह से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा है करोना अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है इसलिए सामाजिक दूरी बनाना आवश्यक है जिसके लिए बैंकों को काउंटरों की संख्या बढ़ाने के लिए ज्ञापन दिया गया और साथ ही मांग की गई है कि बाजार में छोटे नोटों की बहुत किल्लत हो गई है इसलिए 10 और 20 के छोटे नोटों तथा सिक्कों का वितरण करवाने तथा काउंटरों की संख्या बढ़ाने का ज्ञापन के माध्यम से निवेदन किया गया है साथ ही बैंकों से आग्रह किया गया कि बुजुर्गों दिव्यांगों एवं महिलाओं के बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करें ताकि बैंक में आए ग्राहको सहित इन सभी को किसी किस्म की परेशानी ना हो।

  • गृह जिले में दबिश देने पहुंची पुलिस की टीम, वहां भी नहीं मिले निलंबित आईपीएस….

    गृह जिले में दबिश देने पहुंची पुलिस की टीम, वहां भी नहीं मिले निलंबित आईपीएस….

    रायपुर। आय से अधिक संपत्ति और राजद्रोह के मामले में छत्तीसगढ़ के निलंबित आईपीएस जीपी सिंह की मुश्किलें बढ़ती जा रही है. कोतवाली पुलिस ने जीपी सिंह के ओडिशा स्थित गृहग्राम में दबिश देने पहुंची है, क्योंकि गिरफ्तारी की डर से वो कहां छुपे हुए हैं यह किसी को नहीं पता है. जिस कारण पुलिस की 3 सदस्यीय टीम क्योंझर जिले के बड़बिल गांव पहुंची हुई है. लेकिन पुलिस को जीपी सिंह गृहग्राम में भी नहीं मिले।

    पुलिस की टीम को अगर जीपी सिंह नहीं मिलते हैं, तो दोबारा नोटिस जारी की जाएगी. इसके बाद भी जीपी सिंह थाने में उपस्थित नहीं होते हैं, तो कोर्ट से लुकआउट नोटिस जारी हो सकती है. जिसके बाद एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन समेत कहीं भी जीपी सिंह पाए जाते हैं, तो उनकी तत्काल गिरफ्तारी की जाएगी।

    बता दें कि एक जुलाई की सुबह 6 बजे ACB और EOW की जांच टीम जीपी सिंह के सरकारी बंगले में दाखिल हुई थी. करीब 75 घंटे की छापेमार कार्रवाई में करोड़ों रुपये बरामद किए गए थे, जिसके बाद ACB की टीम ने जीपी सिंह पर धारा 13 (1)बी, 13 (2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम यथा संशोधित 2018 के तहत केस पंजीबद्ध किया था. निलंबित IPS जीपी सिंह के डायरी से कई राज बाहर आए हैं. आय से अधिक संपत्ति और राजद्रोह जैसे मामलों में घिरे निलंबित ADG के खिलाफ जांच तेज कर दी गई है।

  • बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का लगा आरोप,CMO को राज्य सरकार ने किया सस्पेंड…

    बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का लगा आरोप,CMO को राज्य सरकार ने किया सस्पेंड…

    रायपुर। बिलाईगढ़ नगर पंचायत के CMO को राज्य सरकार ने सस्पेंड कर दिया है। CMO सुशील कुमार चौधरी के खिलाफ बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। सस्पेंशन के बाद सीएमओ सुशील चौधरी को संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन विभाग अंबिकापुर भेजा गया है।दरअसल नगर पंचायत बिलाईगढ़ के सीएमओ सुशील कुमार चौधरी पर आरोप है कि उन्होंने बिना स्थल परिवर्तन कराये ही गलत तरीके से परिवर्तित स्थल बताकर भुगतान करा दिया। वहीं पूरे मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की।

    इस मामले में शिकायत होने के बाद जांच करायी गयी। जांच में मामला सही पाये जाने के बाद नगरीय प्रशासन विभाग ने सुशील कुमार चौधरी को सस्पेंड कर दिया।

  • छत्तीसगढ़ सहित इन राज्यों में टूटा कोरोना का कहर, मचा हड़कंप, कई जगहों पर स्कूल किया गया बंद…

    छत्तीसगढ़ सहित इन राज्यों में टूटा कोरोना का कहर, मचा हड़कंप, कई जगहों पर स्कूल किया गया बंद…

    रायपुर। स्कूली बच्चों पर कोरोना का कहर खूब टूट रहा है। छत्तीसगढ़ सहित देश के अलग-अलग राज्यों से बच्चों के कोरोना संक्रमित आने की खबरें लगातार आ रही है। छत्तीसगढ़ में जहां अब तक 10 दिन में करीब 40 बच्चे कोरोना संक्रमित हो चुके हैं, तो वहीं बैंग्लोर में 5 दिन के भीतर 300 से अधिक बच्चे कोरोना की चपेट में आ गये हैं। उसी तरह हिमाचल प्रदेश और पंजाब में भी लगातार कोरोना संक्रमित बच्चे मिल रहे हैं। स्कूलों को खोलने के बाद बच्चों के संक्रमित होने की खबरें लगातर आ रही है। सबसे अहम बात ये है कि अब स्कूल खुल जाने के कारण बच्चों पर खतरा मंडरा रहा है, कर्नाटक के बेंगलुरु में ऐसा ही नतीजे दिखे हैं. हालांकि कोरोना पॉजेटिव मिलने के बाद स्कूलों को बंद कर दिया जा रहा है, लेकिन संक्रमण का खतरा बरकरार है।

    बेंगलुरु प्रशासन द्वारा जो आंकड़े दिए गए हैं, उनमें 0 से 9 साल के करीब 127 और 10 से 19 साल के करीब 174 बच्चे कोविड पॉजिटिव पाए गए हैं.

    अब हिमाचल प्रदेश ने 22 अगस्त तक स्कूल बंद करने की बात कही है. पंजाब (Punjab) की ओर से भी स्कूलों में सख्ती बढ़ाने की तैयारी है. बता दें कि हरियाणा में नौवीं से बारहवीं तक के स्कूल जुलाई में खोले गए थे, जबकि पंजाब ने अगस्त की शुरुआत में स्कूल खोले थे. हरियाणा ने भी 2 अगस्त से 9-12वीं तक के छात्रों को स्कूल बुलाना शुरू किया था.

  • फर्ज़ी जाति-प्रमाणपत्र से नौकरी हासिल करने वालों के नाम का हुआ खुलासा..चपरासी से लेकर डिप्टी कलेक्टर, DSP रैंक के अधिकारी सहित 267 के नाम शामिल…

    फर्ज़ी जाति-प्रमाणपत्र से नौकरी हासिल करने वालों के नाम का हुआ खुलासा..चपरासी से लेकर डिप्टी कलेक्टर, DSP रैंक के अधिकारी सहित 267 के नाम शामिल…

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में फर्जी जाति प्रमाण से नौकरी पाने वाले 267 लोगों की सूची जारी की गई है। छानबीन समिति ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र प्रकरणों की जांच की है और करीब साढ़े 7 सौ प्रकरणों में 267 सरकारी अफसर-कर्मियों के जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं। फर्जी जाति प्रमाण पत्र से नौकरी पाने वालों में भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मी भी शामिल है। छानबीन के बाद जारी सूची में 18 अधिकारी कर्मचारी भिलाई इस्पात संयंत्र के मिले हैं। वहीं भूतपूर्व मुख्यमंत्री स्व अजीत जोगी, पूर्व विधायक अमित जोगी समेत 18 जनप्रतिनिधियों के प्रमाण पत्र भी फर्जी पाए गए थे। सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव डीडी सिंह ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र वालों की सूची सभी संबंधित विभागों को भेजी है और कार्रवाई की अनुशंसा की है। उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति रायपुर को 2000 से लेकर 2020 तक 758 प्रकरण मिले हैं। जिसमें से 659 प्रकरणों की जांच के बाद उसका निराकरण किया गया। 267 प्रकरणों में जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए है, जिसे संबंधित विभाग को कार्रवाई के लिए भेजा गया है। इसमें अधिकांश प्रकरण उच्च न्यायालय में विचाराधीन हैं।

    जिन अफसर-कर्मियों के जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं, उसकी सूची निम्नानुसार है-

    भिलाई इस्पात संयंत्र
    प्रबंधक रमेशचंद्र डेकाटे, वरिष्ठ प्रबंधक दीपक खापेकर, ऑपरेटर गणपति, हॉस्पिटल अटेन्डेन्ट दुर्योधन, तकनीशियन पी.इलाराज, अटेन्डेन्ट जी गिरीश, जी राजेश, संतोष भास्कर, भू.पू.सीनियर टी.ओ.टी जी संतोष, प्लांट अन्टेंडेंट महेन्द्र कुमार डेकाटे, सीनियर मैनेजर महेश कुमार गोन्नाडे, वरिष्ठ प्रबंधक राजेन्द्र कु. डेकाटे, क्रेन ऑपरेटर अनिल कुमार पराते, सीनियर ऑपरेटिव दीपक कुमार लोधी, तकनीशियन चन्द्रकुमार बारापात्रे, विद्युत कुमार दास, महेश सहारे, प्लांट अटेंडेंट नारदराम पारकर

    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी व कार्यालय-सहायक ग्रेड-2

    विनोद कुमार सोनकेशरिया,
    जनसंपर्क विभाग- सहायक संचालक अटल बिहारी काशी,
    आवास एवं पर्यावरण विभाग-सहायक ग्रेड-3 पुनित कुमार कश्यप,
    महाधिवक्ता कार्यालय बिलासपुर-भृत्य हरिहर प्रसाद पराते, गीता मेश्राम।

    सामान्य प्रशासन विभाग

    स्टेनोटायपिस्ट पुरूषोत्तम पतवार, भुवन डेकाटे, सहायक ग्रेड-2 प्रवीण कुमार निमजे, डिप्टी कलेक्ट आनंद मसीह, सहायक ग्रेड-1 राजेंद्र कुमार सोनकुसले, राजेश लिव्हिंगस्टन, हेमलता एक्का, डिप्टी कलेक्टर अनुराग लाल, संयुक्त कलेक्टर/पेट्रोल पंप डीलर शंकर डगला एवं पुत्र सुरेश कुमार डगला, शीघ्रलेखक डीडी बुरडे, निज सचिव जगदीश नारायण कोष्टा, भुवाल सिंह संयुक्त आयुक्त, अनुविभाग अधिकारी सुनील मैत्री।

    आदिम जाति-अनुसूचित जाति विकास विभाग
    उपायुक्त सीएस कोट्रीवार, शिक्षिका गंगा गोयल, सहायक ग्रेड-3 अनीमा विश्वास, सहायक ग्रेड-2 संतोष कुमार चौरसिया, संध्या कोट्रीवार, अधीक्षक एसएन राम, अनुभाग अधिकारी देवकीनंद रायकवार, सेल्सगर्ल रंजीता सिंह।

    राजस्व विभाग
    सहायक ग्रेड-2 जीवन लिव्हिंगस्टन, देवेंद्र कुमार कोल्हे, पटवारी मनीराम बैगा, किशोर कुमार निनावे, प्रवीण कुमार प्रधान, अधीक्षक रामाशीष सिंह, ऑडिटर रामाश्रय सिंह।

    स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग
    डॉक्टर कृष्ण कुमार हर्जपाल, असिस्टेंट सर्जन आर के सिंह, नर्स गीता राय, बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता भुलेश्वरी मंडावी, आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी बहादुर सिंह मार्को, सहायक शल्य चिकित्सक अमृत लाल रोहलेडर, सहायक प्राध्यापक उल्हास गोन्नाडे, औषधि संयोजक काशीराम, मथुरा प्रसाद बैगा।

    लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग
    सहायक यंत्री वीरबहादुर सिंह, सेवानिवृत्त कार्यपालन अभियंता राम प्रसाद बांगरे, सहायक मानचित्रकार (सेवानिवृत्त) नंदलाल साव, उप अभियंता बलराज दरवाड़े, निज सहायक विजय कुमार पराते, मैकेनिक अरविंद विलियम, श्यामराव सोनकुसरे सहायक अभियंता, अनिल बच्चन।

    स्कूल शिक्षा विभाग
    व्याख्याता महिपाल प्रसाद, होशराम पटेल, शंभूप्रसाद निषाद, सेवाराम धनकर, हर्षित दास, कृष्ण कुमार कोटेन्द्र, सुरेन्द्र कुमार कोटेन्द्र, सहा.शिक्षिका प्रभारानी नायडू, सहा.शिक्षक जनकराम, गसतराम, हीरालाल कश्यप, टेकराम, अतुल अनुराग अर्थर, सुरेश कुमार कोष्टि, तुलसीराम धनकर, सहायक शिक्षिका उर्मिला, मंजू टूडू, जैसलीना मसीह, विमला बाई धनकर, सलीना लिव्हिंगस्टन, उ.श्रे.शि.नारायण प्रसाद साहू, प्राचार्य मदनावती सोनवानी, प्रधान अध्यापक मिठाई लाल धु्रव, प्राचार्य भरत नाग, कमला नाग, रोहित कुमार पाटकर, शत्रुघन लाल पटेल, आशा नायडू, सहायक शिक्षक-कन्हैया लाल बरेठ, घनश्याम नगारची, ज्योत्सना गोखे, महेश राम बघेल, सहायक ग्रेड-2-बृजेश कुमार गोन्नाडे, ट्रेजामेरी अन्थोनी, चन्द्रकला डेकाटे, प्रधानाध्यापक शिवानंद प्रसाद कश्यप, उ.व.शिक्षिका सुनिता लाल, भृत्य कस्तुर राम रावटे, वरिष्ठ अंकेक्षक विजय प्रकाश मेश्राम, लेखापाल (संविदा बर्खास्त) सुनीता मण्डावी। लेखापाल कमलेश कुमार हेड़ाऊ, उच्च श्रेणी शिक्षिका पुष्पा कुम्भारे, सुकदेव प्रसाद, प्रधान अध्यापिका शांति प्रधान, सहायक शिक्षक पंचायत घनश्याम नगारची।

    महिला बाल विकास विभाग
    पर्यवेक्षक रीता सिंह, रेखा खाण्डे, पर्यवेक्षिका लक्ष्मी ठाकुर, संयुक्त संचालक क्रिस्टीना सीएस लाल।

    जल संसाधन विभाग
    निम्न श्रेणी लिपिक संध्यारानी सिंह, उपयंत्री रूपराम, अनुविभागीय अधिकारी दिनेश कुमार भगोरिया, अनुसंधान सहायक कैलाश धकाते, उपयंत्री टीकम साय, सहायक ग्रेड-3 सुनीता लिमजे, बाल मुकुन्द नामदेव, उप अभियंता जीपी कोष्टी, स्टेनोटायपिस्ट सुनील कुमार नायडु, सहायक अभियंता भगवती प्रसाद वर्मा, सहायक ग्रेड-2 जितेंद्र प्रसाद, कार्यपालन अभियंता मधुकर कुम्भारे, महेश हेड़ाऊ, लाल बहादुर शाह।

    समाज कल्याण विभाग
    सेवानिवृत्त प्रस्तुतीकरण सहाकय केडी कुलदीप

    पंचायत विभाग
    शिक्षाकर्मी वर्ग-1 अनिता सोम, शिक्षाकर्मी वर्ग-3 अनीता राय, आभा गंधर्व, सुचिता सिंह, इन्द्रपाल भास्कर शिल्की नंद, शिक्षाकर्मी वर्ग-2 सुनीता रेनाल्ड, अलका रंगा, सहायक ग्रेड-3 शेखर डेकाटे, शिक्षाकर्मी संगीता पासवान, सहायक शिक्षिका सविता भास्कर, सहायक शिक्षक अघनू राम कोटेन्द्र, सहायक ग्रेड-1 राजेश पातरे, पंचायत सचिव ध्रुव कुमार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी राधेश्याम मेहरा।

    कृषि विभाग
    सहायक मत्स्य अधिकारी पुष्पलता डेकाटे, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी प्रमिला वस्त्रकार, उपसंचालक (कृषि) राजकुमार गोनेकर, सहायक ग्रेड-3 (सेवानिवृत्त) गणपति कुम्भारे, वरिष्ठ कृषि विकास बलराम प्रसाद, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी रामदीन चंद्रा, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी पुष्कर लाल चन्द्रा, ललिता वर्मा, नमिता दास, कुन्ती देवी बैगा, सहायक ग्रेड-3 स्व. सुरेश कुमार नंदनवार, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अजय कुमार गोखले, विषय वस्तु विशेषज्ञ राजकुमार गड़पायले, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अनिल कुमार पराते

    वाणित्यिक कर विभाग
    जे के गायकवाड़ वाणिज्यिक कर अधिकारी

    गृह विभाग
    महिला आरक्षक स्नेहलता भगत, उप पुलिस अधीक्षक दशरथ डेकाटे, आरक्षक राजनारायण धकेता, सहा.जिला लोक अभि.अधिकारी नरेश कुमार ध्रुवंशी, अतिरिकत संचालक जेपी पड़वार, सहायक अभियंता डीएन धकाते, प्लाटून कमाण्डर जितेंद्र कुमार सोनकेसरी।

    ग्रामोद्योग विभाग
    सुपरवाईजर उमेश रायकवार, उप संचालक (रेशम) गोविंद नारायण अण्डेवार, उपसंचालक प्रेमलदास बघेल, सहा.संचालक डीएस धकाते, सहायक निरीक्षक गजांनद गोखे, सहायक निरीक्षक तकनीकी रोहित पातरे, कनिष्ठ रेशम निरीक्षक श्रवण कुमार नंदनवार, प्रबंधक दिलीप हेड़ाऊ, सहायक ग्रेड-2 सुनील कुमार, सहायक निरीक्षक तकनीकी नरेश कुम्भारे, निरीक्षक रामेश्वर बोकड़े।

    ऊर्जा विभाग
    सहायक श्रेणी-2 निशिबाला मसीह, कनिष्ठ अभियंता गीतांजली मानेकर, कार्यालय अधीक्षक डीएस कोल्हटकर, अतिरिक्त मुख्य अभियंता एन डब्ल्यू हेनरी, सहा. अभियंता, मदन मोहन खरवार, प्रशासनिक अधिकारी प्रकाश तललवार, सहायक अभियंता तृप्ती नागवंशी।

    वाणिज्य-उद्योग विभाग
    महाप्रबंधक राजेन्द्र कुमार जपथापी, उप संचालक हीरामन निमजे, भृत्य संतज्ञानी।
    तकनीकी शिक्षा विभाग
    विनय प्रकाश एक्का ग्रंथालय सहायक, प्रयोगशाला तकनीशियन ज्योति मेश्राम, सहायक ग्रेड-3 दामोदर सहारे, व्याख्याता संजय डेकाटे।

    उच्च शिक्षा विभाग
    व्याख्याता अरविंद वर्मा, प्राचार्य डॉ. मधुलिका लाल, शिखा शर्मा

    नगरीय प्रशासन विभाग
    संयुक्त संचालक पद्मभूषण काशी, जोन कमिश्नर वासुदेव चौहान, सहायक संचालक प्रकाश चंद्र रायकवार, अधीक्षक भोलाराम कीर, जगदीश प्रसाद मीना

    वन विभाग
    उपवन क्षेत्रपाल सहा.परिक्षेत्र अधिकारी मोहनदास मानिकपुरी, वनमंडल अधिकारी एसपी रजक, वन परिक्षेत्र अधिकारी रमन बी सोमावार, उपवन क्षेत्रपाल सुखदास नाग, सहायक वन संरक्षक दिव्या गौतम
    सहकारिता विभाग
    सहायक विस्तार अधिकारी अनिता नन्दे, गोपाल प्रसाद बिन्द, अंकेक्षण अधिकारी सुभाष कोल्हे

    लोक निर्माण विभाग
    कार्यपालन अभियंता राकेश कुमार, उप अभियंता संजय जेम्स

    योजना, आर्थिक-सांख्यिकी विभाग
    एएसओ विष्णुदास मानिकपुरी, अन्वेषक कमल कुमार माहौर
    पशुधन विकास विभाग
    संयुक्त संचालक अंजना नायडू, सहायक ग्रेड-3 गिरजा प्रसाद, सहा.पशु चिकि.क्षेत्र अधिकारी पल्लवी मेश्राम, सहायक ग्रेड-1 कपना लिखार, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्राधिकारी बाबूराव पातरे, सहायक ग्रेड-3 पार्वती राय उर्फ प्रीति जेम्स

    खेल-युवा कल्याण विभाग
    वरिष्ठ खेल अधिकारी राजेंद्र डेकाटे

    केन्द्र सरकार/बैंक/जीवन बीमा निगम में भी फर्जी प्रमाण पत्र

    बैंक
    लिपिक, ग्रामीण बैंक, कैशियर कम क्लर्क, भारतीय स्टेट बैंक राजेन्द्र कुमार गोन्नाडे, लिपिक सह रोकडिय़ा, भारतीय स्टेट बैंक सुलोचना सूरज, लिपिक भारतीय स्टेट बैंक विद्या वरूडकऱ
    केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग
    स्टाफ नर्स रीना मसीह

    इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड, नई दिल्ली
    उप प्रबंधक, इंजीनियर्स इण्डिया लिमिटेड, नई दिल्ली (प्रायवेट) निलेश कुमार भगोरिया

    केन्द्रीय विद्यालय संगठन, मुंबई
    प्राचार्य केपी मण्डल

    भारतीय जीवन बीमा निगम
    सहायक अमृतनंद, लिपिक शशि प्रसाद साहू, विद्या गोन्नाडे (डेकाटे)

    राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रायपुर
    तकनीकी सहायक अविनाश सेंदूर

    भारतीय रेलवे
    टीसी कृष्णा राव, सहायक मंडल रणजीत सिंह, वर्कशॉप सहायक रवि कुमार डोंगरे
    रविवि रायपुर
    रीडर डॉ. मनीष कुमार राय, सहायक कुल सचिव डीडी सरोदे

    केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल
    सब इंस्पेक्टर शारदा मारोति, कॉन्सटेबल के एल फ्रांसिस

    डाक-तार विभाग

    निरीक्षक लक्ष्मी नारायण महतो, डाकिया भुवन शांडिल

    केन्द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क विभाग

    निरीक्षक राजकुमार बोकाडे

    दूरदर्शन केंद्र रायपुर

    तकनीशियन रोशन दास मसीह
    कर्मचारी भविष्य निधि कार्यालय

    हिन्दी अनुवादक ग्रेड-2 अरूण कुमार कुम्भारे, वरिष्ठ सामाजिक सुरक्षा सहायक राजू निनावे

    छग राज्य इंडस्ट्रीयल डेव्ह.कार्पो.लिमि.

    प्रबंधक शंकर कुमार सोनवानी

    इन जनप्रतिनिधियों के प्रमाण पत्र फर्जी

    अध्यक्ष नगर पंचायत नवागढ़ सीताराम, पार्षद पूर्णिमा नाग, सरपंच सावित्री बाई, पार्षद नगर निगम राजेन्द्र सिंह अरोरा, अध्यक्ष जनपद पंचायत फिंगेश्वर राघोबा महाडिक़, अध्यक्ष नगर पंचायत सतनाम सिंह खनूजा, पार्षद नगर निगम अफरोज अंजूम, सरपंच शोभराज दावड़ा, जनपद सदस्य सेराज खान, जिला सदस्य विरेन्द्र सूर्यवंशी, पार्षद नगर पालिका बीरगांव अशोक कुमार बघेल, सरपंच महेश कुमार बया, चतुर राम मेश्राम, आशा लता, कनक नागे, महेश प्रसाद

  • आयकर विभाग ने टैक्सपेयर्स को दी राहत, आईटीआर के लिए कटी लेट फीस होगी वापस….

    आयकर विभाग ने टैक्सपेयर्स को दी राहत, आईटीआर के लिए कटी लेट फीस होगी वापस….

    आयकर विभाग ने इस महीने की शुरुआत में आईटीआर दाख‍िल करने वालों की गलती से कट गई लेट पेमेंट फीस वापस करने का फैसला किया है. यह उन तमाम टैक्सपेयर्स के लिए राहत भरी खबर है जो लेट पेमेंट फीस कट जाने से परेशान थे. आयकर विभाग ने कहा है कि 30 जुलाई के बाद रिटर्न दाख‍िल करने वालों की जो भी लेट पेमेंट फीस, अतिरिक्त ब्याज कटा है, उसे वापस किया जाएगा. आयकर विभाग ने कहा कि यह आईटीआर सॉफ्टवेयर में गलती से हुआ था और इसे 1 अगस्त को ही ठीक कर लिया गया था. इस गलती की वजह से 30 जुलाई के बाद आयकर दाख‍िल करने वाले लोगों का सेक्शन 234A के तहत ब्याज और सेक्शन 234F के तहत लेट पेमेंट की गलत तरीके से गणना हो जा रही थी और यह लोगों के अकाउंट से काट लिया जा रहा था।

    क्या है मामला इनकम टैक्स विभाग ने जब से नया पोर्टल लॉन्च किया है, कोई न कोई नई समस्या आती जा रही है. इस महीने की शुरुआत में एक नई समस्या यह आ गई कि 31 जुलाई के बाद इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने वालों की लेट पेमेंट पेनाल्टी कट गई है, जबकि रिटर्न की लास्ट डेट बढ़ाकर 30 सितंबर कर दी गई है. असल में आमतौर पर इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की लास्ट डेट 31 जुलाई होती है, लेकिन कोरोना संकट को देखते हुए विभाग ने इस साल रिटर्न दाख‍िल करने की लास्ट डेट बढ़ाकर 30 सितंबर कर दी है।

    कितनी लेट पेमेंट फीस कटा था आयकर की धारा 234F के मुताबिक यदि कोई टैक्सपेयर 31 जुलाई की लास्ट डेट के बाद और 31 दिसंबर तक रिटर्न दाख‍िल करता है तो उस पर अध‍िकतम 5 हजार रुपये का फाइन लगाया जा सकता है. दिसंबर के बाद यह सीमा अध‍िकतम 10 हजार रुपये हो जाती है. नियम के मुताबिक जिन लोगों की सालाना आय 5 लाख रुपये तक है उन्हें 1 हजार रुपये और जिन लोगों की सालाना आय 5 लाख से ऊपर है उन्हें 5 हजार रुपये तक फाइन देना पड़ सकता है. यह नियम सब पर लागू होता है चाहे वह कोई एक व्यक्ति हो, एचयूएफ, एओपी, बीओआई, कंपनी या फर्म. सरकार ने इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की लास्ट डेट तो बढ़ा दी है, लेकिन आयकर विभाग की वेबसाइट में यह जानकारी शायद अपडेट नहीं थी. इसकी वजह से टैक्सपेयर्स को काफी परेशानी हुई।