Author: Sunil Agrawal

  • बाहर निकलते ही महिला ने पति की पिटाई की, महिला आयोग अध्यक्ष ने कहा….

    बाहर निकलते ही महिला ने पति की पिटाई की, महिला आयोग अध्यक्ष ने कहा….

    महिला आयोग अध्यक्ष ने कहा इसलिए बाहर निकलते ही महिला ने पति की पिटाई की

    पीड़ित महिला ने कहा अध्यक्ष ने कहा था सबक सिखाने को इसलिए मैंने सिखाया

    सभा कक्ष से निकलते ही मारपीट शुरू कर दी

    रायगढ़। छत्तीसगढ़ महिला आयोग की अध्यक्षा किरणमयी नायक रायगढ़ के सृजन सभाकक्ष में परिवार की आपसी मामले और महिला संबंधित मामलों में दोनों पक्षों को बुलाकर महिला उत्पीड़न के मामले को निपटाने की कोशिश की। और कुछ मामले जिन पर सहमति नहीं बनी, उन्हें रायपुर में निपटाने की बात कही है।
    छत्तीसगढ़ महिला आयोग की अध्यक्षा ने बताया कि रायगढ़ में 25 मामले थे जिन पर अब तक 13 मामलों का निपटारा हो चुका है बाकी मामले अभी चल रहे हैं कुछ और ऐसे मामले हैं जिन्हें बैठक में जोड़ा गया है। अधिकतर मामलों में महिला उत्पीड़न, जमीन संबंधी देखे गए हैं। कुछ मामले सेंसिटिव हैं जिन्हें रायपुर में निराकरण करने की बात कही है। प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल ने 15 अगस्त को व्हाट्सएप कॉल सेंटर का उद्घाटन किया जिसमें महिलाएं अपनी लिखित शिकायत दर्ज करा सकती हैं। शिकायत के बाद आयोग की टीम के द्वारा जानकारी जुटाकर आगे की कार्यवाही करती है। महिला आयोग की अध्यक्षा ने महिलाओं को सशक्त होने की बात कही। और साथ ही कहा कि महिलाएं शोषित होती रहेंगी तो उनको मदद कोई नहीं कर सकता। हर महिला को सशक्त होना पड़ेगा।
    छत्तीसगढ़ महिला आयोग के एक मामले में आए दंपत्ति ने सभा कक्ष से निकलते ही मारपीट शुरू कर दी। महिला पुलिस के बीच बचाव के बाद ही मामला शांत हुआ। महिला का आरोप था कि मैं शादीशुदा होने के बावजूद मुझे उसने अपनाया था 10 साल साथ रहने के बाद मुझे छोड़ दिया। और अब मुझसे 10 लाख मांग कर रहा है। पीड़ित महिला ने यहां तक कहा कि मुझसे महिला आयोग अध्यक्षा ने कहा था कि इसे सबक सिखाओ इसीलिए मैं बाहर आकर इसे सबक सिखाया है।

  • पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के पीएसओ ने खुद को गोली मार कर की आत्महत्या….

    पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के पीएसओ ने खुद को गोली मार कर की आत्महत्या….

    रायपुर। भाजपा विधायक औऱ पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के पीएसओ आरक्षक विशम्भर राठौर ने खुद को गोली मार कर खुदखुशी कर ली। मृतक जवान सुरक्षा बटालियन माना में पदस्थ था। पुलिस ने मौके से सुसाइडल नोट बरामद किया है जिसमे उसने अपनी सलहज और उसके पिता पर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है तथा इसी वजह से तंग आ कर खुदखुशी करने की बात कही है। सिविल लाइन पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है।

  • 18 वर्ष के अधिक उम्र के लोगो मे शत प्रतिशत कोरोना का पहला डोज़ लगवाने वाला छत्तीसगढ़ का रायगढ़ जिला अग्रणी…

    18 वर्ष के अधिक उम्र के लोगो मे शत प्रतिशत कोरोना का पहला डोज़ लगवाने वाला छत्तीसगढ़ का रायगढ़ जिला अग्रणी…

    रायगढ़। रायगढ़ जिले में कलेक्टर भीम सिंह के प्रयास एवं जिला प्रशासन पूरी टीम की मेहनत से प्रदेश में रायगढ़ जिला 18 वर्ष के अधिक उम्र के लोगो मे शत प्रतिशत कोरोना का पहला डोज लगाने में सफल हो गया है। जिसकी जानकारी प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने ट्विटर के माध्यम से दी और जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग को बधाई भी दी।

  • रामायण लिखने वाले वाल्मीकि की तालिबान के साथ तुलना करके धार्मिक भावनाओं को भड़काने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज…

    रामायण लिखने वाले वाल्मीकि की तालिबान के साथ तुलना करके धार्मिक भावनाओं को भड़काने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज…

    एक वरिष्ठ अधिकारी ने यहां कहा, राणा के खिलाफ पीएल भारती की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिसने आरोप लगाया था कि उसने वाल्मीकि की तुलना तालिलबन से कर धार्मिक भावनाओं को आहत किया है।

    धारा 153 ए (धर्म, जाति, जन्म स्थान आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना), 295 ए (किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कार्य), 505 ( १)(बी) (कारण के इरादे से, या जिसके कारण होने की संभावना है, जनता के लिए भय या अलार्म) और अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम।


    भारती ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि राणा ने अपने बयान में तालिबान की तुलना वाल्मीकि से कर दलितों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई और हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई.

    राणा ने एक चैनल से बात करते हुए कहा था: वाल्मीकि रामायण लिखने के बाद भगवान बन गए, इससे पहले वह एक डकैत थे। व्यक्ति का चरित्र बदल सकता है। इसी तरह, तालिबान, अभी के लिए आतंकवादी हैं, लेकिन लोग और चरित्र बदल जाते हैं। ”

    जब आप वाल्मीकि के बारे में बात करेंगे तो आपको उनके अतीत के बारे में बात करनी होगी। अपने धर्म में आप किसी को भी भगवान बनाते हैं। लेकिन वह एक लेखक थे और उन्होंने रामायण लिखी थी, लेकिन हम यहां प्रतिस्पर्धा में नहीं हैं, राणा ने कहा था।

    शायर के खिलाफ पिछले साल नवंबर में हजरतगंज पुलिस स्टेशन में इसी तरह के आरोपों में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसमें कथित तौर पर पैगंबर मुहम्मद के एक व्यंग्य पर फ्रांस में हत्याओं का बचाव करने के आरोप थे।

  • अब ऐसे वाहन और उनके मालिकों की ख़ैर नहीं, हाई कोर्ट ने दिया बड़ा आदेश….

    अब ऐसे वाहन और उनके मालिकों की ख़ैर नहीं, हाई कोर्ट ने दिया बड़ा आदेश….

    आजकल मोटरसाइकिल गाड़ियों के अलग अलग ब्रैंड्ज़ के बाइक का सैलेंसर लोगों का सरदर्द बन चुका है। समस्या इतनी बध गई है की अगर मॉडिफ़ाई किए हुए सैलेंसर वाली बाइक अगर आपके बग़ल या मुहल्ले से गुजर जाए तो सरदर्द उठना तय है। इसपर लगाम लगाने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश जारी किया है। शायद अब इस आदेश से जनता को बड़ी राहत मिल सकती है।
     
     
    इलाहाबाद हाई कोर्ट ने साफ़ साफ़ कहा है की मोटर व्हीकल अधिनियम के प्रवधानो को ताक पर रख कर मनमर्ज़ी से आवाज़ पैदा करने वाले वहनमालिको को अब बदलाव करने की ज़रूरत है, नहीं तो जुर्माना भरने के लिए तैयार रहना होगा। कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों को यह निर्देश देते हुए कहा है की इस तरह की हरकत से एकांतता के अधिकार का हनन होता है, साथ साथ लोगों की आज़ादी में ख़लल भी पड़ता है।

    कोर्ट ने साथ में साफ़ साफ़ यह बात कही है की ऐसी मोटरसाईकिलो और वाहनमालिकों के ख़िलाफ़ धारा 1902 के तह ध्वनि एवं वायु प्रदूषण फैलाने के लिए कार्यवाही का प्रावधान है, जस्टिस अब्दुल मोईंन की एकल पीठ ने फ़ैसला सुनाते हुए कहा है की बुलेट, हरले डेविडसन, ह्येसंग, यूएन कमांडो, सुजूकी व इंट्रूडर, व बिग डाग जैसी दुपहिया गाड़ियों की तेज आवाज को संज्ञान में लिया है।

  • SDM कार्यालय का बाबू रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, जमीन डाइवर्सन के लिए मांगी थी घूस…

    SDM कार्यालय का बाबू रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, जमीन डाइवर्सन के लिए मांगी थी घूस…

    सूरजपुर। जिले के एसडीएम कार्यालय में पदस्थ एक बाबू 5 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ाया है. बाबू ने जमीन डाइवर्सन कराने के नाम पर 50 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी. लेकिन दोनों के बीच बात 30 रुपए में बनी थी।

    पीड़ित के शिकायत के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बाबू मुनेशवर राम को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. यह कार्रवाई एसीबी की 9 सदस्यों की टीम ने की है.
    एसडीएम कार्यालय सूरजपुर में पदस्थ सहायक ग्रेड दो लिपिक मुनेश्वर कुमार पीड़ित सुनील कुमार से उसके जमीन के डायवर्सन कराने के नाम पर आज पांच हजार रुपए रिश्वत ले रहा था, तभी मौके पर तैनात एसीबी की टीम ने उसे रिश्वत की रकम के साथ धर दबोचा।

    पीड़ित सुनील कुमार ने बताया कि उसने अपने जमीन के डायवर्सन के लिए एसडीएम ऑफिस में आवेदन किया था लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी उसका डायवर्सन नहीं पा रहा था. पीडित की माने तों उससे बाबू ने डायवर्सन करने के एवज में 50 हजार रुपए की मांग की थी लेकिन सौदा 30 हजार में तय हुआ. घूस की तय रकम में से आज 5 हजार रुपए की किस्त बाबू मूनेश्वर राम को दिया था जिसके बाद एसीबी की टीम ने घूस की रकम के साथ गिरफ्तार कर लिया. एसीबी अरोपी को आज की न्यायालय में पेश करने की बात कह रही है।

  • छत्तीसगढ़ में होंगे 36 जिले, 4 और नए जिले बनेंगे, घोषणा से पहले तैयारी में जुटे अफसर…

    छत्तीसगढ़ में होंगे 36 जिले, 4 और नए जिले बनेंगे, घोषणा से पहले तैयारी में जुटे अफसर…

    स्पीकर डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 36 जिले होंगे और इन 4 नए जिलों को लेकर उनकी सीएम बघेल से चर्चा हुई है।

    छत्तीसगढ़ में 4 और नए जिलों के गठन की संभावनाएं तेज हो गई हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार प्रतापपुर, वाड्रफनगर, भाटापारा, पत्थलगांव, खैरागढ़, पंडरिया, सरायपाली, भानुप्रतापपुर में से कोई चार संभावित जिले हो सकते हैं। भविष्य में राज्य स्थापना दिवस या चुनाव के ठीक पहले इनका ऐलान हो सकता है।

    दरअसल, इस चर्चा को बल इसलिए मिला, क्योंकि हाल ही में स्पीकर डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 36 जिले होंगे और इन 4 नए जिलों को लेकर उनकी सीएम बघेल से चर्चा हुई है। इससे सरकार की मंशा है कि छोटे जिलों के जरिए प्रशासन जनता व जनता प्रशासन के करीब हो।

    इनमें से कुछ नए जिले के राजनीतिक कारण हैं। संकेत हैं कि स्वतंत्रता दिवस के दिन 4 नए जिलों व नई तहसीलों के आकार तथा सरहदें तय हो जाने के बाद 4 और जिलों का खाका तैयार होने लगेगा। मंत्रालय के गलियारों में तैर रही खबरों पर यकीन करें तो सरकार के इशारे पर ही अधिकारी नए जिलों की संभावना तलाशने में लगे हैं।

    ये हैं 32 जिले
    रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, बलौदाबाजार-भाटापारा, गरियाबंद, महासमुंद, धमतरी, कांकेर, बस्तर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर, बीजापुर, कबीरधाम, मानपुर-मोहला, राजनांदगांव, मुंगेली, बेमेतरा, बालोद, बलौदाबाजार, बलरामपुर, पेंड्रा-गौरेला-मारवाही, रायगढ़, सरगुजा, मनेंद्रगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, कोरिया, कोरबा, जशपुर, जांजगीर- चांपा।

    इस तरह चलती है जिले के गठन की प्रक्रिया

    • सरकार के फैसले की जानकारी सीएस राजस्व विभाग को लिखित में देंगे।
    • राजस्व विभाग इसके लिए वित्त विभाग से आबंटन मांगेगा।
    • नए जिलों के प्रस्ताव पर कैबिनेट में विचार-विमर्श व संशोधन होगा।
    • राजपत्र में होगा प्रकाशन, किसी अधिकारी को ओएसडी बनाया जाएगा।
    • जनता से दावे-आपत्तियां भी मंगवाई जाएंगी।
    • आवंटन जारी होने पर स्थापना व्यय, अधिकारियों-कर्मचारियों की पदस्थापना
    • खाली नए पदों पर भर्ती, फर्नीचर व अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होगा
    • इसके बाद पहले ओएसडी और फिर नए कलेक्टर नियुक्त होगी।

    इस तरह से बनते गए नए जिले
    स्वतंत्रता दिवस पर सीएम भूपेश बघेल ने चार नए जिले सक्ती, मनेंद्रगढ़, सारंगढ़- बिलाईगढ़, मोहला-मानपुर तथा 18 नई तहसीलें बनाने की घोषणा की है। राज्य बनने के दौरान 16 जिले थे। इसके बाद 11 मई 2007 को बीजापुर व नारायणपुर नए जिले बनाए गए। फिर 1 जनवरी 2012 को सरकार ने सुकमा, कोंडागांव, बालोद, बेमेतरा, बलौदाबाजार-भाटापारा, गरियाबंद, मुंगेली, सूरजपुर व बलरामपुर को जिला घोषित किया। भूपेश सरकार ने 10 फरवरी को 2020 को पेंड्रा-गौरेला-मरवाही को नया जिला बनाया।

    प्रशासन बेहतर होता है: बीकेएस
    प्रदेश में पूर्व एसीएस बीकेएस रे के अनुसार नए जिले जनभावनाओं से जन्म लेते हैं। इसमें क्षेत्रीय संतुलन भी देखा जाता है। इसके पीछे बेहतर प्रशासन देना सरकार का मकसद होता है। शुरू में नए जिलों पर सरकार को पैसे खर्च करने पड़ते हैं, पर जब नया जिला प्रशासन पटरी पर आ जाता है तो करों व राजस्व कलेक्शन से सब ठीक हो जाता है। प्रशासनिक कामों के लिए जनता को ज्यादा दूर नहीं जाना होता है। समय, पैसे और श्रम की बचत।

  • वैज्ञानिक कटोरी में उगा रहे थे इंसानी दिमाग, एक्सपेरिमेंट के दौरान अचानक उग आईं दो आंखें….

    वैज्ञानिक कटोरी में उगा रहे थे इंसानी दिमाग, एक्सपेरिमेंट के दौरान अचानक उग आईं दो आंखें….

    आज विज्ञान ने जितनी तरक्की कर ली है, उसके बारे में 100 साल पहले तक किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी। धरती हो या आसमान, हर जगह इंसानों ने अपनी मौजूदगी दर्ज की है। अभी भी वैज्ञानिक लगातार नई खोज करने में अपना पूरा समय लगा रहे हैं। मेडिकल साइंस की बात करें तो 21वीं सदी में मृत शरीर को जिंदा करने के अलावा लगभग हर चीज संभव हो गई है। हालांकि इस दिशा में लगातार और नए रिसर्च सामने आ रहे हैं, हाल ही में वैज्ञानिकों ने इंसानी दिमाग तैयार करने की कोशिश की।

    वैज्ञानिकों ने लैब में उगाया ‘मिनी ब्रेन’

    गौरतलब है कि दुनियाभर के वैज्ञानिक ऐसी चीजों में लगे रहते हैं जिससे नई क्रांति लाई जा सके, लेकिन कभी-कभी एक्सपेरिमेंट का परिणाम कुछ और ही निकल कर सामने आ जाता है। ऐसा ही कुछ जर्मनी के वैज्ञानिकों के साथ उस समय हुआ जब वह मिनी ब्रेन उगाने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि वह काफी हद तक इस कोशिश में सफल भी रहे लेकिन अंत में जो चीज निकलकर सामने आई उसने सभी को हैरान कर दिया।

    उगा रहे थे दिमाग, उग आई दो आंखें

    आप भी जानकर दंग रह जाएंगे कि जिस मिनी ब्रेन को वैज्ञानिकों ने तैयार किया उसमें आंखें भी उग आई थीं। जर्मनी के यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल डुसेलडॉर्फ के वैज्ञानिकों ने अपनी रिसर्च की रिपोर्ट में बताया कि लैब में उनके द्वारा उगाए जा रहे मिनी ब्रेन में आंखें भी उगने लगी थीं। इस प्रयोग को वैज्ञानिक लैब की कटोरी में कर रहे थे, जिसकी तस्वीरें भी सामने आई हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक शोधकर्ता इसे अपनी बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं और इससे आंखों की बीमारी पर शोध करने का फैसला लिया है।

    आंखें उग आने से बदला रिसर्च का तरीका

    यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल डुसेलडॉर्फ के न्यूरोसाइंटिस्ट जय गोपालकृष्णन का कहना है कि वैज्ञानिकों ने यह शोध इंसानी दिमाग में होने वाली बीमारियों के इलाज के रूप में शुरू किया था, हालांकि आंखें उग आने से अब रिसर्च को अब ब्रेन और आंखों की बीमारियों के इलाज में क्रांति लाने के लिए शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि लैब में मिनी ब्रेन उगाने के लिए वैज्ञानिकों ने एडल्ट इंसान के स्टेम सेल्स का उपयोग किया था।

    लैब में तैयार किया गया दिमाग उगाने का माहौल

    जय गोपालकृष्णन ने आगे कहा कि लैब में मिनी ब्रेन को तैयार करने के लिए सही टेम्पेरेचर और जरूरी माहौल का ध्यान रखा गया था। गोपालकृष्णन बताते हैं कि स्टेम सेल्स में कई तरह के टिश्यू उगाने की क्षमता होती है, इस बार वैज्ञानिक इसकी मदद से मिनी ब्रेन उगाने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि रिसर्च में तैयार हुए दिमाग में अब तक किसी भी प्रकार के इमोशंस और हरकत नहीं है, इसे उगाने में एक महीने का समय लगा है। उगी हुई आंखें साफ-साफ 50 दिनों में नजर आने लगी थीं।

  • बेटे की गलती की सजा भुगतेंगे पिता, ट्रैफिक नियम तोड़ने पर दोनों पर हुई कार्रवाई….

    बेटे की गलती की सजा भुगतेंगे पिता, ट्रैफिक नियम तोड़ने पर दोनों पर हुई कार्रवाई….

    ट्रैफिक नियम तोड़ने पर पिता-पुत्र दोनों का चालान हो गया है। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में ऐसा पहली बार हुआ कि जब ट्रैफिक नियम तोड़ने पर पिता-पुत्र दोनों पर कार्रवाई हुई हो।

    नाबालिग बेटे की एक गलती पिता को काफी भारी पड़ गई। ट्रैफिक नियम तोड़ने पर पिता-पुत्र दोनों का चालान हो गया है। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में ऐसा पहली बार हुआ कि जब ट्रैफिक नियम तोड़ने पर पिता-पुत्र दोनों पर कार्रवार्ई हुई हो। नए नियमों के तहत बुधवार को किशोर को ट्रैफिक पुलिस ने किशोर न्यायालय बोर्ड के समक्ष पेश किया। लापरवाही के चलते उसके पिता को सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। नए नियम के मुताबिक पिता पर 25 हजार तक का जुर्माना लग सकता है। बिलासपुर में मंगलवार शाम पुलिस ने 16 साल के किशोर को तेज रफ्तार बाइक चलाते हुए पकड़ा था। किशोर ने बचने के लिए झूठ बोला और बालिग बताया था। 

    ट्रैफिक पुलिस को पुराना बस स्टैंड के पास मंगलवार शाम तेज रफ्तार में बाइक जाती हुई दिखाई दी। रफ्तार ज्यादा होने और नाबालिग की आशंका से सिविल लाइन प्रभारी एस. एक्का ने उसे रोक लिया। उम्र पूछी तो पहले उसने खुद को 18 साल से अधिक बताया। पुलिस ने उसके बर्थ सर्टिफिकेट और बोर्ड एग्जाम का सर्टिफिकेट मंगाया। इससे पता चला कि वह 16 साल का है। इसके बाद पुलिस ने उसके पिता को बुलाया। पर दबाव बनाने के लिए किशोर के पिता नेताओं व व्यापारियों से कॉल कराते रहे।  

    पूरे मामले में ट्रैफिक पुलिस ने अदालती कार्रवाई की है। ट्रैफिक पुलिस बुधवार को नाबालिग को सरकंडा स्थित किशोर न्यायालय बोर्ड के सामने पेश किया। किशोर के पिता को जिला न्यायालय में पेश किया गया।  

    बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए केंद्र सरकार लाई है नया नियम
    केंद्र सरकार ने बढ़ते सड़क दुर्घटना को देखते हुए ट्रैफिक नियम में बदलाव किए हैं। इसके तहत 18 साल से कम उम्र के बच्चों को गियर वाली गाड़ी जान बूझकर देना अपराध की श्रेणी में आता है। इसके लिए 25 हजार जुर्माना और बच्चे का 25 साल की उम्र तक लाइसेंस नहीं बन सकता। ऐसा नए यातायात के नए नियम में प्रावधान है।ट्रैफिक ASP रोहित बघेल ने बताया कि स्कूल खुलने के साथ ही बच्चों को अभिभावकों द्वारा उनकी जीत पूरी करने के लिए मोटरसाइकिल दे दी जाती है। नाबालिगों द्वारा मोटरसाइकिल चलाने के दौरान गंभीर सड़क दुर्घटनाएं पूर्व में घट चुकी हैं। ऐसी घटना आगे न हो इसके लिए SP दीपक झा ने कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। पुलिस अब रोजाना ऐसे नाबालिकों और उनके पेरेंट्स के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
    आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई-ट्रैफिक ASP

  • सुराग देने वाले को सीबीआई देगी 5 लाख का इनाम, गुप्त रहेगी पहचान…

    धनबाद। धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश उत्तम आनंद (uttam anand) की बीते दिनों हत्या कर दी गई थी. इस मामले के बाद सीबीआई (CBI) ने इसकी जांच शुरू की. इसको लेकर सीबीआई ने धनबाद जज हत्याकांड के साजिशकर्ताओं के बारे में विश्वसनीय जानकारी देने वाले को 5 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है.जानकारी के अनुसार धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश-8 उत्तम आनंद की 28 जुलाई को सुबह करीब 5 बजे धनबाद में सैर पर जाते टक्कर मारकर हत्या कर दी थी. सैर पर निकले उत्तम आनंद को एक ऑटो ने पीछे से आकर जोरदार टक्कर मारी थी, जिसके बाद उनकी मौत हो गई।

    यह पूरी वारदात घटना स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी. इस मामले की जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है.धनबाद जज हत्याकांड मामले में सीबीआई पिछले कई दिनों से जांच कर रही है, लेकिन उसे हत्यारोपियों तक पहुंचने में सफलता नहीं मिली है. अब इस मामले में सीबीआई की ओर से बड़ी घोषणा करते हुए कहा गया है कि जो भी शख्स साजिशकर्ताओं की जानकारी देगा उसे सीबीआई 5 लाख रुपये इनाम देगी. सीबीआई ने पिछले दिनों ही एसआईटी की जांच के बाद धनबाद जज हत्याकांड मामले का जिम्मा संभाला था. सीबीआई ने जज उत्तम आनंद की हत्या मामले में 20 अधिकारियों की टीम गठित की थी।

    झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने धनबाद के न्यायाधीश 49 वर्षीय उत्तम आनंद की वाहन की टक्कर से हुई मौत की जांच सीबीआई के हवाले करने का फैसला किया था. वहीं इस घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था, जिसमें धनबाद के रणधीर वर्मा चौक के पास चौड़ी सड़क के किनारे वॉक करने जज उत्तम आनंद को पीछे आ रहे ऑटो रिक्शा ने सड़क खाली होने के बावजूद टक्कर मारी और वहां से फरार हो गया. इस घटना के बाद जज उत्तम आनंद को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था. मुख्य न्यायाधीश डॉ.रवि रंजन और न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की पीठ ने सीबीआई को मामले की जांच यथाशीघ्र करने का निर्देश दिया था।

    सुप्रीम कोर्ट ने 30 जुलाई को धनबाद के न्यायाधीश के ‘दुखद निधन’ पर स्वत: संज्ञान लेते हुए प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने झारखंड के मुख्य सचिव ओर पुलिस महानिदेशक से एक सप्ताह में मामले की जांच से संबंधित स्थिति रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया था. हांलाकि एसआईटी और सीबीआई की जांच के बावजूद अब तक कोई ठोस सबूत हाथ नहीं लग पाया है।