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  • राष्ट्रपति महिला एजेंट को देते हैं सेक्स वर्कर की ट्रेनिंग…. पूर्व जासूस का एकेडमी में हुआ था Rape…. हुस्न के जाल में फंसाने की ट्रेनिंग….

    राष्ट्रपति महिला एजेंट को देते हैं सेक्स वर्कर की ट्रेनिंग…. पूर्व जासूस का एकेडमी में हुआ था Rape…. हुस्न के जाल में फंसाने की ट्रेनिंग….

    रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए जासूसी करने वाली एक पूर्व सीक्रेट एजेंट ने कई खुलासे किए हैं। उसने बताया कि किस तरह रूस में महिला एजेंटों को प्रताड़ना से गुजरना पड़ता है। उनका शारीरिक और मानसिक शोषण किया जाता है। लेकिन वह किसी से शिकायत नहीं कर सकतीं। यदि कोई ऐसा करने का साहस दिखता है तो उसकी पूरी जिंदगी जेल की चारदीवारी में गुजर जाती है। रूसी एजेंट के रूप में आलिया रोजा को जो जख्म मिले है उसे अब सार्वजनिक किया है। 
     
     
    आलिया रोजा देश की सेवा करने के लिए महिला एजेंट बनने के ऑफर को अपना लिया। वहीं ट्रेनिंग एकेडमी में ही उनका बलात्कार किया गया। मगर वह चाहकर भी इसकी शिकायत नहीं कर पाईं। वहीं ट्रेनिंग पूरी करने के बाद अपने पहले असाइनमेंट के तौर पर उन्हें सेक्स वर्कर की भूमिका निभानी पड़ी। आलिया सबकुछ बेचकर स्विट्जरलैंड और फिर लंदन गईं। आज वह अमेरिका की फैशन इंडस्ट्री का जाना-पहचाना चेहरा बन गई हैं। आलिया ने बताया कि वह किसी से शिकायत नहीं कर सकतीं थी।

    यदि कोई ऐसा करने का साहस दिखता है तो उसकी पूरी जिंदगी जेल की चारदीवारी में गुजर जाती है। आलिया ने कहा कि ‘अगर मैं शिकायत करती भी तो किससे, पूरा सिस्टम ही भ्रष्ट था। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ट्रेनिंग एकेडमी में महिला एजेंट को इस कला में पारंगत किया जाता है कि पुरुषों को कैसे रिझाना है, कैसे अपने हुस्न के जाल में फंसाकर उनसे जानकारी निकलवानी है। मेरे पहले टास्क में मुझसे खुद को सेक्स वर्कर की तरह पेश करने को कहा गया, ताकि में क्लब जाकर ड्रग्स गैंग के सरगना को फंसा सकूं’।

  • देश में अगले साल से बैन हो जाएगा सिंगल यूज प्लास्टिक….

    देश में अगले साल से बैन हो जाएगा सिंगल यूज प्लास्टिक….

    दिल्ली। केंद्र सरकार ने प्लास्टिक कचरा प्रबंधन संशोधन नियम-2021 को अधिसूचित कर दिया है जिसके तहत एक जुलाई 2022 से लॉलीपॉप की डंडी, प्लेट, कप और कटलरी सहित एकल इस्तेमाल प्लास्टिक के तौर पर चिह्नित वस्तुओं के उत्पादन, आयात, भंडारण, वितरण और बिक्री पर रोक होगी. बारह अगस्त को जारी अधिसूचना के मुताबिक, सामान ले जाने के लिए इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक बैग की मोटाई 30 सितंबर 2021 से 50 माइक्रॉन से बढ़ाकर 75 माइक्रॉन की जाएगी और 31 दिसंबर 2022 से यह मोटाई 120 माइक्रॉन होगी. इससे प्लास्टिक के बैग के दोबारा इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा.
    अधिसूचना के मुताबिक 30 सितंबर 2021 से गैर बुना प्लास्टिक बैग का वजन 60 ग्राम प्रति वर्ग मीटर से कम नहीं होगा।

    अधिसूचना में कहा गया, ‘एक जुलाई 2022 से पॉलिस्ट्रिन और लचीले पॉलिस्ट्रिन सहित एकल इस्तेमाल प्लास्टिक के उत्पादन, आयात, भंडारण, वितरण, बिक्री और इस्तेमाल पर रोक होगी. प्लास्टिक की डंडी युक्त ईयर बड, गुब्बारे की प्लास्टिक से बनी डंडी, प्लास्टिक के झंडे, लॉलीपॉप और आईसक्रीम की डंडी, सजावट में इस्तेमाल होने वाले पॉलिस्ट्रिन (थर्मेाकोल), प्लेट, कप, ग्लास, कटलरी जैसे कांटे, छुरी, चम्मच, चाकू, मिठाई के डिब्बों में इस्तेमाल प्लास्टिक, 100 माइक्रॉन से कम मोटे प्लास्टिक या पीवीसी के बैनर आदि पर रोक होगी.’
    अधिसूचना में कहा गया कि ये प्रावधान नष्ट होने वाली प्लास्टिक से बनी वस्तुओं पर लागू नहीं होंगे. उल्लेखनीय है कि जून 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि भारत में वर्ष 2022 से एकल इस्तेमाल प्लास्टिक का उपयोग नहीं होगा।

    वर्ष 2019 में हुई संयुक्त राष्ट्र पयार्वरण सभा में भारत ने उस प्रस्ताव का नेतृत्व किया था जिसमें एकल इस्तेमाल प्लास्टिक के उत्पादों से होने वाले प्रदूषण से निपटने की बात थी. इसमें स्वीकार किया गया था कि विश्व समुदाय को इस मुद्दे पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है.
    पर्यावरण मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि चरणपद्ध तरीके से हटाए जाने वाले, चिह्नित एकल इस्तेमाल प्लास्टिक के दायरे से बाहर के प्लास्टिक कचरे को, प्लास्टिक कचरा प्रबंधन नियम 2016 के तहत निर्माता, आयातक और ब्रांड मालिकों द्वारा विस्तारित उत्पादक जिम्मेदारी के चलते एकत्र कर उसका पर्यावरण अनुकूल प्रबंधन किया जाना चाहिए. विस्तृत निर्माता जवाबदेही के प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए दिशानिर्देश बनाए गए थे और इन संशोधित नियमों में उन्हें कानूनी ताकत दी गई है. इसके अनुपयोगी प्लास्टिक कचरे के निस्तारण की जिम्मेदारी उत्पादक की होगी।

    केंद्र सरकार ने इससे पहले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मुख्य सचिव या प्रशासक के नेतृत्व में एकल इस्तेमाल प्लास्टिक को खत्म करने के लिए कार्यबल बनाने और प्रभावी तरीके से प्लास्टिक कचरा प्रबंधन नियम को लागू करने को कहा था।

    संसद में दिए गए जवाब में पर्यावरण राज्यमंत्री अश्वनी चौबे ने बताया कि 23 जुलाई तक 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने कार्यबल गठित कर दिया था. पर्यावरण मंत्रालय ने अपने निर्देशों में समन्वय के लिए राष्ट्रीय स्तर पर भी कार्यबल का गठन किया है।

  • कमरे में मिले अफसर और महिला कर्मचारी, ड्यूटी के समय सरकारी कमरे में प्राइवेट काम! मचा हड़कंप….

    कमरे में मिले अफसर और महिला कर्मचारी, ड्यूटी के समय सरकारी कमरे में प्राइवेट काम! मचा हड़कंप….

    कोरबा। जिले में वन विभाग का एक अधिकारी ड्यूटी के समय महिला कर्मचारी के साथ बंद कमरे में प्राइवेट काम करते मिला है। जब ग्रामीणों ने इसकी पुलिस को दे दी। तो दोनों के होश उड़ गए। मामला कोरबा जिले के कोतवाली थाना इलाके का है। पुलिस दोनों को पकड़कर थाने ले गई। फिर औपचारिक कार्रवाई कर छोड़ दिया। कोतवाली थाना प्रभारी विवेक शर्मा ने बताया कि स्थानीय लोगों से सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे।
     
     
    सरकारी अधिकारी और महिला कर्मचारी एक बंद कमरे में मिले। फिलहाल उनके खिलाफ धारा 151 के तहत कार्रवाई की गई है। नयाभारत को मिली जानकारी के मुताबिक वन विकास निगम के अधिकारी को जिस बंद कमरे में महिला कर्मी के साथ पकड़ा गया। वो किसी फील्ड ऑफिसर आर।के खांडे के नाम पर आवंटित किया गया है। जबकि इसका उपयोग पकड़े गए जोड़ें के द्वारा अनैतिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए किया जा रहा था।

    सीएसईबी कॉलोनी के लोग पिछले कुछ दिनों से यहां की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे। गुरुवार को यहां पर यह जोड़ा पहुंचा और इसके बाद पुलिस को जानकारी दे दी गई। पुलिस की टीम ने घर में दबिश दी। तो दोनों एक ही रूम में मिले। पुलिस दोनों को पकड़कर रामपुर चौकी ले आई। यह मामला सार्वजनिक होने पर इसे आनन-फानन में निपटा दिया गया। पुलिस ने उनके खिलाफ 151 के तहत कार्रवाई किया है।

  • निगम-मंडलों की लिस्ट में कार्यकर्ताओं को जगह नहीं मिलने से विधानसभा अध्यक्ष महंत नाराज…. बोले, ‘मैं नाराज हूं, ये सही बात है’…

    निगम-मंडलों की लिस्ट में कार्यकर्ताओं को जगह नहीं मिलने से विधानसभा अध्यक्ष महंत नाराज…. बोले, ‘मैं नाराज हूं, ये सही बात है’…

    कोरिया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत अपने तीन दिवसीय दौरे पर कोरिया पहुंचे हैं। मनेन्द्रगढ़ में पत्रकारों ने डॉ चरणदास महंत से ढाई ढाई साल के सीएम पर सवाल किया। ढाई-ढाई साल के सीएम पद के फार्मूले पर कहा कि ये सीएम और बाबा के बीच का मामला है। इसके बारे में राहुल गांधी ही अच्छे से बता सकते हैं। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि वो निगम-मंडलों में कोरिया जिले से किसी को जगह नहीं मिलने से नाराज हैं।

    मैं नाराज हूं


    निगम मंडल में कोरिया से किसी को पद नहीं मिलने के सवाल पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत बोले की कोरिया जिले से किसी को निगम मंडल में कोई पद नही मिलने से मैं नाराज हूं। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मनेन्द्रगढ़ को जिला बनाए जाने के सवाल पर कहा कि कुछ अच्छा हो सकता है जो इतिहास बन जाएगा। मीडिया से चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक डॉ. विनय जायसवाल सहित अन्य बड़ी संख्या में कांग्रेसजन मौजूद थे। 

    ढाई ढाई साल के सीएम पर बोले ये

    विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत से ढाई ढाई साल के सीएम पर सवाल किया गया। तो विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि जब मुख्यमंत्री के नाम का फाइनल हो रहा था तब हम चार लोग थे। सेमीफाइनल खेल रहे थे। दो लोगों का नाम फाइनल हुआ। मामला मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और बाबा के बीच का है। इसके संबंध में राहुल गांधी अच्छे से बता सकते हैं।

  • सरकार नीरज चोपड़ा के गोल्ड मेडल जीतने की खुशी में 1 साल फ्री रिचार्ज दे रही है? जानें सच

    सरकार नीरज चोपड़ा के गोल्ड मेडल जीतने की खुशी में 1 साल फ्री रिचार्ज दे रही है? जानें सच

    हाल ही में टोक्यो में संपन्न हुए ओलंपिक खेलों में भारत ने शानदार प्रर्दशन किया है। इन खेलों में भारत ने एक गोल्ड मेडल समेत सात पदक जीते हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर इससे जुड़ी कई भ्रामक खबरें शेयर की जा रही है। इन दिनों व्हाट्सऐप पर एक ऐसा ही मैसेज वायरल हो रहा है। जिसमें दावा किया जा रहा है कि, नीरज चोपड़ा के गोल्ड मेडल जीतने की खुशी में भारत सरकार हर बच्चे को एक साल का मोबाइल रिचार्ज फ्री में दे रही है।

    दरअसल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहे मैसेज में कहा गया है कि, नीरज चोपड़ा ओलंपिक में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतने की खुशी में भारत सरकार सभी भारतीय बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई के लिए 2399 रुपए का 12 महीने वाला फ्री रिचार्ज फ्री में देने का वादा किया है। तो अभी नीचे नीले रंग की लिंक पर क्लिक करके अपने पर रिचार्ज करें। इसे मैजेस के साथ एक लिंक https://free-rec.site दिया है। अब इस पर सरकार की ओऱ संचार एजेंसी पीआईबी की ओऱ फैक्ट चैक किया गया है।

    पीआईबी ने आज ट्वीट कर लिखा कि, दावा: #Olympics2021 में स्वर्ण पदक मिलने की खुशी में भारत सरकार सभी को 12 महीने फ्री रिचार्ज का अवसर दे रही है। #PIBFactCheck यह दावा फर्जी है। भारत सरकार ने फ्री रिचार्ज के बारे में ऐसी कोई घोषणा नहीं की है। कृपया ऐसे किसी भी फर्जी लिंक पर अपनी निजी जानकारी साझा न करे। इसके साथ ही पीआईबी ने ऐसे लिंक पर बचने के लिए आगाह किया है।


    फर्जी खबर यानी फेक न्यूज से निपटने के लिए पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) ने केंद्र सरकार के मंत्रालयों, विभागों और योजनाओं के बारे में खबरों का सत्यापन करने के लिए एक ‘तथ्य जांच इकाई’ गठित की है जिसे पीआईबी फैक्ट चेक टीम कहा जाता है। पीआईबी फैक्ट चेक टीम द्वारा आप भी किसी भी संदेश की सत्यता की जांच करा सकते हैं। इसके तहत मीडिया में सरकार और सरकारी योजनाओं से जुड़ी खबरों की सच्चाई का पता लगाया जाता है। अगर आपके पास भी कोई डाउटफुल खबर है तो आप उसे factcheck.pib.gov.in या फिर वॉट्सऐप नंबर +918799711259 या ईमेलः pibfactcheck@gmail.com पर भेज सकते हैं। इसके बारे में ज्यादा जानकारी पीआईबी की वेबसाइट pib.gov.in पर भी उपलब्ध है।

  • 15 अगस्त और 26 जनवरी को राष्ट्रध्वज फहराने में क्या अंतर है जानिए….

    15 अगस्त और 26 जनवरी को राष्ट्रध्वज फहराने में क्या अंतर है जानिए….

    15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस वाले दिन राष्ट्रीय ध्वज को ऊपर खींचा जाता है और फिर फहराया जाता है। इसे ध्वजारोहण कहा जाता है। वहीं 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस वाले दिन राष्ट्रीय ध्वज ऊपर बंधा रहता है। उसे खोलकर फहराया जाता है जिसे झंडा फहराना कहते हैं। अंग्रेजी में ध्वजारोहण के लिए Flag Hoisting और झंडा फहराने के लिए Flag Unfurling शब्द का इस्तेमाल किया जाता है।

    प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति

    15 अगस्त को आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम में देश के प्रधानमंत्री शामिल होते हैं। इस मौके पर प्रधानमंत्री ही ध्वजारोहण करते हैं। 26 जनवरी को आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम में राष्ट्रपति झंडा फहराते हैं।

    स्थान का फर्क

    स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्य कार्यक्रम का आयोजन लाल किले पर होता है। वहीं प्रधानमंत्री ध्वजारोहण करते हैं। प्रधानमंत्री इस मौके पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हैं। वहीं गणतंत्र दिवस के मुख्य कार्यक्रम का आयोजन राजपथ पर होता है। गणतंत्र दिवस वाले दिन राष्ट्रपति झंडा फहराते हैं।

    26 जनवरी को ही राष्ट्रपति क्यों फहराते हैं ध्वज?

    प्रधानमंत्री देश के राजनीतिक प्रमुख होते हैं जबकि राष्ट्रपति संवैधानिक प्रमुख। देश का संविधान 26 जनवरी, 1950 को संविधान लागू हुआ। उससे पहले न देश में संविधान था और न राष्ट्रपति। इसी वजह से हर साल 26 जनवरी को राष्ट्रपति राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं।

  • जश्न-ए-आजादी, सीएम बघेल ने छत्तीसगढ़ को 4 नए जिले और 25 तहसील की दी सौगात

    जश्न-ए-आजादी, सीएम बघेल ने छत्तीसगढ़ को 4 नए जिले और 25 तहसील की दी सौगात

    छत्तीसगढ़ के 4 नए जिले
    मोहला मानपुर, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, मनेन्द्रगढ़ को नया जिला बनाने का ऐलान किया गया है। राज्य में अब कुल 32 जिले हो गए है।

    25 नए तहसीलों की घोषणा की

    नांदघाट, सुहेला, भडग़ांव, सीपत, बोदरी, बिहारपुर,
    चांदो, रघुनाथनगर, कोचली, कोटमी- सकोला, सरिया,

    छाल, अजगरबहार, बरपाली, अहिवारा, सरोना, कोरर,
    बारसूर, मर्दापाल, धनोरा, अड़भाड़, कुटरू, गंगालूर,
    लालबहादुर नगर, तोंगपाल तहसीलों की घोषणा

  • पूर्व IAS अफसर अमिताभ ठाकुर का बड़ा ऐलान, सीएम योगी के खिलाफ लड़ेंगे चुनाव….

    पूर्व IAS अफसर अमिताभ ठाकुर का बड़ा ऐलान, सीएम योगी के खिलाफ लड़ेंगे चुनाव….

    लखनऊ। भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने शनिवार को कहा कि वह उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ खड़े होंगे। उत्तर प्रदेश काडर के आईपीएस अधिकारी ठाकुर को समयपूर्व सेवानिवृत्त कर दिया गया था। ठाकुर ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विरुद्ध आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेंगे । उन्होंने कहा,” आदित्यनाथ ने अपने कार्यकाल में तमाम अलोकतांत्रिक, अराजक, दमनकारी, उत्पीड़नात्मक तथा विभेदकारी कार्य किये, वह इनके विरोध में मुख्यमंत्री के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे,फिर चाहे आदित्यनाथ जहां से भी चुनाव लड़ें।

    ठाकुर ने कहा कि यह उनके लिए सिद्धांतों की लड़ाई है, जिसमें वह गलत के खिलाफ अपना विरोध व्यक्त करेंगे। उन्हें गृह मंत्रालय के निर्णय के अनुपालन में गत 23 मार्च को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गयी थी। केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक आदेश में कहा गया था कि ठाकुर को “उनकी सेवा के शेष कार्यकाल के लिए बनाए रखने के लिए उपयुक्त नहीं पाया गया”। इसमें कहा गया, “जनहित में अमिताभ ठाकुर को उनकी सेवा पूरी होने से पहले तत्काल प्रभाव से समय से पहले सेवानिवृत्ति दी जा रही है।”

  • यात्रा के दौरान जीरो ट्रैफिक रूल लागू ना हो,सीएम ने लिया बड़ा फैसला…

    यात्रा के दौरान जीरो ट्रैफिक रूल लागू ना हो,सीएम ने लिया बड़ा फैसला…

    कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज एस बोम्मई ने बेंगलुरु में अपनी शहर की यात्रा के लिए जीरो ट्रैफिक रूल लागू नहीं करने का फैसला किया है. इससे पहले मुख्यमंत्री को अपने मंत्रियों के साथ शहर में यात्रा के दौरान यातायात की भीड़ से बचने के लिए जीरो ट्रैफिक मिल रहा था. इस रूल को तोड़ने के लिए कर्नाटक के सीएम बोम्मई ने अपनी यात्रा पर जीरो ट्रैफिक नहीं लगाने का फैसला किया. मुख्यमंत्री कार्यालय के एक आधिकारिक बयान के अनुसार सीएम बोम्मई ने बेंगलुरु में अपनी शहर की यात्रा के लिए जीरो ट्रैफिक नहीं देने का आदेश दिया है. इसी तरह के नोट पर बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस ने एक आदेश जारी किया है जिसमें उल्लेख किया गया है कि जब मंत्री यात्रा करेंगे तो सिग्नल फ्री (हरी बत्ती) होगा और यात्रा के दौरान एंबुलेंस को भी चलने की अनुमति होगी.

    गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने भी की थी जीरो ट्रैफिक रूल की वकालत इससे पहले कर्नाटक के गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने भी कहा था कि वो अपने लिए ये जीरो ट्रैफिक रूल नहीं चाहते हैं. इससे पहले गुरुवार को सरकारी कार्यक्रमों में गुलदस्ते, माला और स्मृति चिन्ह देने के चलन को खत्म करने के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज एस बोम्मई ने कहा कि वो जल्द ही एक आदेश जारी कर उन्हें और अन्य मंत्रियों को उनकी यात्राओं के दौरान जिलों और सार्वजनिक स्थानों पर सलामी गारद दिए जाने की प्रथा पर प्रतिबंध लगाएंगे. बोम्मई ने संवाददाताओं से कहा था कि मैंने कहा है कि हवाई अड्डों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सलामी गारद दिए जाने की कोई जरूरत नहीं है. हर बार जब मैं जाता हूं तो जिला स्तर पर इसकी आवश्यकता नहीं है.

  • नौ साल में निवेशकों के 129 करोड़ ही लौटाए जा सके, सामने नहीं आ रहे दावेदार, सेबी के खाते में है 23 हजार करोड़ रुपये…

    नौ साल में निवेशकों के 129 करोड़ ही लौटाए जा सके, सामने नहीं आ रहे दावेदार, सेबी के खाते में है 23 हजार करोड़ रुपये…

    सहारा समूह की दो कंपनियों के निवेशकों को नौ साल में मात्र 129 करोड़ रुपये ही लौटाए जा सके हैं। पिछले साल पूंजी बाजार नियामक ‘सेबी’ मात्र 14 करोड़ रुपये ही लौटा सका, जबकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर खोले गए विशेष खाते में सेबी के पास निवेशकों के लौटाने के लिए 23 हजार करोड़ रुपये का भंडार है। 

    बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय प्रतिभूमि व विनिमय बोर्ड (सेबी) को सहारा समूह की इन कंपनियों के निवेशकों को पैसा लौटाने का जिम्मा सौंपा हैै। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सहारा समूह ने निवेशकों को लौटाने के लिए विशेष एस्क्रो अकाउंट में 23,000 करोड़ रुपये जमा करा दिए हैं। सेबी द्वारा गुरुवार को  दी ताजा जानकारी में यह बात कही गई है। 


    सहारा समूह की दो कंपनियों के बांडधारकों में से अधिकांश दावे के लिए सामने नहीं आए हैं। कोर्ट ने इन कंपनियों को अगस्त 2012 में करीब तीन करोड़ निवेशकों को ब्याज समेत पैसा लौटाने का आदेश दिया था।

    पिछले साल लौटाए जा सके मात्र 14 करोड़ रुपये
    पिछले वित्त वर्ष 2020-21 में सेबी मात्र 14 करोड़ रुपये ही लौटा सका है, जबकि सेबी-सहारा के रिफंड खातों में इस दौरान 1400 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। अपनी नवीनतम वार्षिक रिपोर्ट में सेबी ने कहा कि उसे 31 मार्च, 2021 तक 19,616 आवेदन प्राप्त हुए। इसमें लगभग 81.6 करोड़ रुपये के रिफंड के दावे शामिल थे। इनमें से 16,909 मामलों में 129 करोड़ रुपये, जिसमें 66.35 करोड़ रुपये मूलधन और 62.34 करोड़ रुपये ब्याज शामिल है, का रिफंड जारी किया है। 2.3 करोड़ रुपये से अधिक के 483 आवेदनों में त्रुटियों को दूर करने के लिए निवेशकों को वापस भेजा गया है।

    इससे पहले सेबी ने 31 मार्च, 2020 को बताया था कि उसके द्वारा रिफंड की गई कुल राशि को 115.2 करोड़ रुपये है। सेबी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित विभिन्न आदेशों और नियामक द्वारा पारित कुर्की आदेशों के अनुसार, 31 मार्च, 2021 तक कुल 15,473 करोड़ रुपये की वसूली की गई है। 

    सुप्रीम कोर्ट के 31 अगस्त 2012 के फैसले के अनुसार बांडधारकों को रिफंड करने के बाद उन पर अर्जित ब्याज के साथ इन राशियों को विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों में जमा किया गया है। 31 मार्च, 2021 तक, जमा की गई कुल राशि इन बैंकों में 23,191 करोड़ रुपये हैं।जबकि 31 मार्च, 2020 को यह राशि 21,770.70 करोड़ रुपये थी।

    सहारा समूह ने यह कहा
    सेबी के नवीनतम बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, सहारा समूह ने कहा कि उसके अपने अनुमान के अनुसार सहारा-सेबी खाते में ब्याज सहित जमा राशि लगभग 25,000 करोड़ रुपये होनी चाहिए। समूह ने आरोप लगाया कि सेबी के पास सहारा और उसके निवेशक का पैसा अनुचित ढंग से रोक कर बैठा है। रिफंड के दावों को आमंत्रित करने के लिए सेबी द्वारा वर्षों से दिए गए अखबारों के विज्ञापनों के विभिन्न दौरों का उल्लेख करते हुए, सहारा ने कहा कि नियामक ने पिछले विज्ञापन में स्पष्ट कर दिया था कि वह जुलाई 2018 के बाद प्राप्त किसी भी दावे पर विचार नहीं करेगा। इसका मतलब है कि सेबी के लिए और अधिक दावेदारों का भुगतान नहीं किया जाना है और सहारा के द्वारा जमा किए गए पूरे 25,000 करोड़ रुपये अनुचित रूप से सेबी के पास हैं। उन्हें सहारा को वापस कर दिया जाना चाहिए। सहारा ने अपने तीन करोड़ निवेशकों से संबंधित सभी मूल दस्तावेज सेबी को नौ साल पहले दे दिए थे। वर्षों पहले सत्यापन के लिए और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, 25,000 करोड़ रुपये की यह राशि अंततः सहारा को वापस आ जाएगी।