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  • चुनाव आयोग ने 12 राज्यों में SIR अपडेट की समय-सीमा 7 दिन बढ़ाई…

    चुनाव आयोग ने 12 राज्यों में SIR अपडेट की समय-सीमा 7 दिन बढ़ाई…

    चुनाव आयोग ने 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया की समयसीमा एक सप्ताह बढ़ा दी है। अब वोटर लिस्ट रिविजन से जुड़े सभी चरण नई तारीखों के अनुसार पूरे किए जाएंगे। 12 राज्यों में SIR अब 11 दिसंबर तक अपडेट किया जा सकता है। अब ड्राफ्ट रोल 16 दिसंबर को जारी होगा।

    चुनाव आयोग ने 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया की समय-सीमा 7 दिन बढ़ा दी है. आयोग की ओर से पूर्व आदेश को निरस्त करते हुए नया शेड्यूल जारी किया गया है. इसके अनुसार अब एन्यूमरेशन, बूथों के पुनर्गठन से लेकर ड्राफ्ट रोल की पब्लिकेशन और क्लेम-ऑब्जेक्शन की प्रक्रिया सभी संशोधित तिथियों के अनुसार होगी।
    यह विस्तार उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए है, जहां SIR पहले से चल रही थी। इनमें अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल का नाम शामिल है।
    आयोग के मुताबिक मतदाता सूची को ज्यादा सटीक, अद्यतित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए यह विस्तार जरूरी पाया गया। इससे पहले एसआईआर प्रक्रिया पूरी करने की अंतिम तिथि 4 दिसंबर तक थी। यानी सिर्फ 4 दिन शेष रह गए थे। अब 7 दिन समय-सीमा बढ़ने से अंतिम तिथि 11 दिसंबर हो गई।

  • छत्तीसगढ़ में 13 आईएएस अधिकारियों के तबादले, कई के विभाग बदले, देखिए आदेश…

    छत्तीसगढ़ में 13 आईएएस अधिकारियों के तबादले, कई के विभाग बदले, देखिए आदेश…

    रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने कई आईएएस आईएएस अधिकारियों के तबादले किये हैं।

    शिखा राजपूत तिवारी,भा.प्र.से. (2008), आयुक्त्त, चिकित्सा शिक्षा तथा अति. प्रभार आयुक्त, आयुष को अस्थाई रूप से आगामी आदेश पर्यन्त सचिव, छ.ग. राज्य निर्वाचन आयोग के पद पर पदस्थ करता है।

    शिखा राजपूत तिवारी, भा.प्र.से. द्वारा मिशन सचिव, छ.ग. राज्य निर्वाचन आयोग का कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से राज्य शासन, भारतीय प्रशासनिक सेवा (वेतन) नियम, 2016 के नियग-12 के तहत् सचिव, छ.ग. राज्य निर्वाचन आयोग के असंवर्गीय पद को प्रतिष्ठा एवं जिम्मेदारी में भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिसमय वेतनमान के संवर्गीय पद के समकक्ष घोषित करता है।

    डॉ. प्रियंका शुक्ला, भा.प्र.से. (2009), आयुक्त्त-सह-संचालक, स्वास्थ्य सेवायें तथा अतिरिक्त प्रभार प्रबंध संचालक, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन को अस्थाई रूप से आगामी आदेश पर्यन्त आयुक्त, समग्र शिक्षा के पद पर पदस्थ करते हुए प्रबंध संचालक, पाठ्य पुस्तक निगम का अतिरिक्त प्रभार सौंपता है।

    किरण कौशल, भा.प्र.से. (2009), प्रबंध संचालक, मार्कफेड तथा अतिरिक्त प्रभार प्रबंध संचालक, नागरिक आपूर्ति निगम को अस्थाई रूप से आगामी आदेश पर्यन्त सचिव, मंत्रालय पदस्थ करता है।

    पदुम सिंह एल्मा, भा.प्र.से. (2010), संचालक, महिला एवं बाल विकास तथा अति. प्रभार प्रबंध संचालक, छ.ग. खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड को अस्थाई रूप से आगामी आदेश पर्यन्त प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड के पद पर पदस्थ करते हुए प्रबंध संचालक, छ.ग. बेवरेजेस कार्पोरेशन का अतिरिक्त प्रभार सौंपता है।

    पदुम सिंह एल्मा, भा.प्र.से.. द्वारा प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड तथा प्रबंध संचालक, छ.ग. बेवरेजेस कार्पोरेशन का कार्यभार ग्रहण करने पर आर. शंगीता, भा.प्र.से. (2005), सचिव, वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग तथा अति. प्रभार आबकारी आयुक्त, प्रबंध संचालक, छ.ग. बेवरेजेस कार्पोरेशन एवं प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड केवल प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड एवं प्रबंध संचालक, छ.ग. बेवरेजेस कार्पोरेशन के अति. प्रभार से मुक्त होंगी।

    पदुम सिंह एल्गा, भा.प्र.से. द्वारा प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड का कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से राज्य शासन, भारतीय प्रशासनिक सेवा (वेतन) नियम, 2016 के नियम-12 के तहत् प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड के असंवर्गीय पद को प्रतिष्ठा एवं जिम्मेदारी में भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रवर श्रेणी वेतनमान के संवर्गीय पद के समकक्ष घोषित करता है।

    संजीव कुमार झा, भा.प्र.से. (2011), संचालक, समग्र शिक्षा तथा अतिरिक्त प्रभार प्रबंध संचालक, पाठ्य पुस्तक निगम को अस्थाई रूप से आगामी आदेश पर्यन्त संचालक, स्वास्थ्य सेवायें के पद पर पदस्थ करते हुए प्रबंध संचालक, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन का अतिरिक्त प्रभार सौंपता है।

    संजीव कुमार झा, भा.प्र.से. द्वारा संचालक, स्वास्थ्य सेवायें का कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से राज्य शासन, भारतीय प्रशासनिक सेवा (वेतन) नियम, 2016 के नियम-12 के तहत् संचालक, आयुष के असंवर्गीय पद को प्रतिष्ठा एवं जिम्मेदारी में भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रवर श्रेणी वेतनमान के संवर्गीय पद के समकक्ष घोषित करता है।

    जितेन्द्र कुमार शुक्ला, भा.प्र.से. (2012), मिशन संचालक, जल जीवन मिशन को अस्थाई रूप से आगामी आदेश पर्यन्त प्रबंध संचालक, मार्कफेड के पद पर पदस्थ करते हुए मिशन संचालक, जल जीवन मिशन का अतिरिक्त प्रभार सौंपता है।

    जितेन्द्र कुमार शुक्ला, भा.प्र.से. द्वारा प्रबंध संचालक, मार्कफेड का कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से राज्य शासन, भारतीय प्रशासनिक सेवा (वेतन) नियम, 2016 के नियम-12 के तहत् संचालक, मार्कफेड के असंवर्गीय पद को प्रतिष्ठा एवं जिम्मेदारी में भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रवर श्रेणी वेतनमान के संवर्गीय पद के समकक्ष घोषित करता है।

    इफ्फत आरा, भा.प्र.से. (2012), अपर संभागीय आयुक्त, रायपुर संभाग, रायपुर तथा अति. प्रभार अपर संभागीय आयुक्त, दुर्ग संभाग, दुर्ग को अस्थाई रूप से आगामी आदेश पर्यन्त विशेष सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के पद पर पदस्थ करते हुए प्रबंध संचालक, नागरिक आपूर्ति निगम का अतिरिक्त प्रभार सौंपता है।

    संतन देवी जांगड़े, भा.प्र.से. (2016), संयुक्त सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को उनके वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ संचालक, आयुष का अति. प्रभार सौंपता है।

    सुखनाथ अहिरवार, भा.प्र.से. (2016), सचिव, छ.ग. राज्य निर्वाचन आयोग तथा संयुक्त सचिव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग को अस्थाई रूप से आगामी आदेश पर्यन्त संयुक्त सचिव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के पद पर पदस्थ करता है।

    डॉ. रेणुका श्रीवास्तव, भा.प्र.से. (2019), उप सचिव, नगरीय प्रशासन तथा अति. प्रभार उप सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग को अस्थाई रूप से आगामी आदेश पर्यन्त उप सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग के पद पर पदस्थ करते हुए संचालक, महिला एवं बाल विकास का अतिरिक्त प्रभार सौंपता है।

    रीता यादव, भा.प्र.से. (2019), अपर कलेक्टर, धमतरी को अस्थाई रूप से आगामी आदेश पर्यन्त प्रबंध संचालक, छ.ग. खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के पद पर पदस्थ करता है।

    रीता यादव, भा.प्र.से. द्वारा प्रबंध संचालक, छ.ग. खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड का कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से राज्य शासन, भारतीय प्रशासनिक सेवा (वेतन) नियम, 2016 के नियम-12 के तहत् प्रबंध संचालक, छ.ग. खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के असंवर्गीय पद को प्रतिष्ठा एवं जिम्मेदारी में भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ वेतनमान के संवर्गीय पद के समकक्ष घोषित करता है।

    लोकेश कुमार, भा.प्र.से. (2019), उप सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग तथा अति. प्रभार उप सचिव, श्रम विभाग को अस्थाई रूप से आगामी आदेश पर्यन्त संचालक, उद्यानिकी के पद पर पदस्थ करते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी, चिराग परियोजना का अतिरिक्त प्रभार सौंपता है।

    लोकेश कुमार, भा.प्र.से. द्वारा संचालक, उद्यानिकी का कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से राज्य शासन, भारतीय प्रशासनिक सेवा (वेतन) नियम, 2016 के नियम-12 के तहत् संचालक, उद्यानिकी के असंवर्गीय पद को प्रतिष्ठा एवं जिम्मेदारी में भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ वेतनमान के संवर्गीय पद के समकक्ष घोषित करता है।

    नीचे देखें आदेश

  • रायपुर में DGP-IG कॉन्फ्रेंस: NSA अजीत डोभाल, रॉ और आईबी चीफ पहुँचे…

    रायपुर में DGP-IG कॉन्फ्रेंस: NSA अजीत डोभाल, रॉ और आईबी चीफ पहुँचे…

    रायपुर। नवा रायपुर के IIM कैंपस में 28 नवंबर से 30 नवंबर तक DGP-IG कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के उद्घाटन से पहले, NSA अजीत डोभाल, रॉ चीफ पराग जैन और आईबी चीफ तपन डेका अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक ले रहे हैं।

    पहले दिन कॉन्फ्रेंस में दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक लगातार बैठकें आयोजित होंगी, जिसमें देश की आंतरिक सुरक्षा, खुफिया तंत्र, और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा होगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहले ही गुरुवार रात रायपुर पहुँच चुके हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात नवा रायपुर पहुँचेगे।

    इस कॉन्फ्रेंस में देशभर से लगभग 600 अधिकारी और VIP शामिल हैं। प्रधानमंत्री को नए स्पीकर हाउस M-1 में ठहराया गया है, जबकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह वित्त मंत्री आवास M-11 में ठहरे हैं।

    सुरक्षा को लेकर खास इंतजाम किए गए हैं। इस बार पहली बार SP रैंक के अधिकारी भी सम्मेलन में शामिल हुए हैं। माना एयरपोर्ट का अराइवल गेट तीन दिनों के लिए आम यात्रियों के लिए बंद रहेगा, यात्री गेट-2 से प्रवेश कर सकते हैं। इसके अलावा सम्मेलन के दौरान नया रायपुर में भारी वाहनों की एंट्री पर प्रतिबंध लगाया गया है।

  • बैंक मैनेजर के घर साढ़े 3 लाख की चोरी:शादी में गया था परिवार, छत का दरवाजा काटकर अंदर घुसे, कैश-जेवर ले गए…

    बैंक मैनेजर के घर साढ़े 3 लाख की चोरी:शादी में गया था परिवार, छत का दरवाजा काटकर अंदर घुसे, कैश-जेवर ले गए…

    बिलासपुर में ग्रामीण बैंक के असिस्टेंट मैनेजर के सूने मकान में साढ़े 3 लाख की चोरी हुई है। 23 नवंबर को बैंक मैनेजर परिवार सहित शादी में गए थे, दूसरे दिन घर लौटने पर ताला टूटा मिला। अलमारी में रखे कैश और गहने गायब थे। घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र की है।


    जानकारी के मुताबिक, चोर मकान के छत के रास्ते से अंदर घुसे थे। ऊपर बने दरवाजे को काटकर अंदर की कुंडी खोली थी और सीढ़ी के रास्ते से नीचे आए थे। दूसरे दरवाजे का कुंडा उखड़ा हुआ था। फिलहाल पुलिस चोरों की तलाश कर रही है।

    शादी में गए थे, अगले दिन लौटे तो घर में चोरी हो गई थी

    नंद विहार कॉलोनी के रहने वाले विनोद पाठक छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक में असिस्टेंट मैनेजर हैं। उनका मंगला चौक में रियल हेवन्स के पीछे मकान है। जहां वो अपने परिवार के साथ रहते हैं।

    23 नवंबर की सुबह करीब 10 बजे वो परिवार के साथ सकरी स्थित नारायण मंगलम में अपने भतीजे की शादी में शामिल होने गए थे। इस दौरान उनके मकान में ताला बंद था।

    शादी में शामिल होने के बाद वो 24 नवंबर की दोपहर करीब 2 बजे अपने घर लौटे तो मकान का ताला टूटा मिला। घर के अंदर जाने पर पता चला कि पूरा सामान बिखरा हुआ था। वहीं, अलमारी खुली थी।

    1.50 कैश और गहने ले गए चोर

    अलमारी चेक करने पर उसमें से दो सोने की बाली, एक सोने का चेन, एक जोड़ी सोने के टाप्स, सोने की 2 अंगूठी, चांदी की 2 थाली, चांदी की 4 कटोरी, चांदी की गिलास, चांदी का प्लेट, चांदी का लोटा, चांदी की चम्मच, चांदी का पायल, चांदी का करधन, चांदी के करीब 50 सिक्के,

    और अलमारी में रखे 1 लाख 50 हजार रुपए सहित 3 लाख 50 हजार रुपए के जेवर व कैश गायब थे। उन्होंने घटना की जानकारी पुलिस को दी। घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद पीड़ित की रिपोर्ट पर पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।

    रेकी करने के बाद चोरी का शक

    पुलिस का कहना है कि सूने मकान की रेकी करने के बाद चोरी का शक है। चोर मुख्य दरवाजे से घुसने के बजाय छत के रास्ते से घुसे और आराम से चोरी की। इस दौरान चोरों के आने का पड़ोसियों को भी पता नहीं चला। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से संदेहियों की तलाश कर रही है।

  • घरघोड़ा के पूर्व एसडीएम,पटवारी के विरुद्ध अपराध दर्ज का आदेश,फर्जी तरीके से जमीन नामांतरण का मामला…

    घरघोड़ा के पूर्व एसडीएम,पटवारी के विरुद्ध अपराध दर्ज का आदेश,फर्जी तरीके से जमीन नामांतरण का मामला…

    रायगढ़। घरघोड़ा के पूर्व एसडीएम अशोक मार्बल और पटवारी परमेश्वर नेताम सहित जमीन विक्रेता बिहारी पटेल और विक्रय पत्र के गवाह सुरेन्द्र गुप्ता के विरुद्ध अदालत ने भारतीय दण्ड विधान की धारा 420,419, 467,468,471 एवं 120 बी का अपराध दर्ज करने का आदेश दिया है।

    लैलूंगा निवासी अशोक कुमार अग्रवाल की ओर से दायर क्रीमिनल कम्पलेन्ट फाइलिंग में उनके वकील रायगढ़ के सीनियर एडवोकेट अशोक कुमार मिश्रा-आशीष कुमार मिश्रा का तर्क सुनने के बाद अदालत ने यह आदेश पारित किया है।

    एसडीएम अशोक कुमार मार्बल एवं पटवारी परमेश्वर नेताम ने ग्राम-झींकाबहाल में जिन्दल पावर एण्ड स्टील लिमिटेड की भूमि खसरा नंबर 208 रकबा 0.773 हेक्टेयर के संबंध में राजस्व रेकार्ड में हेराफेरी और कूटरचना करके इस भूमि का स्वामी बिहारी पटेल को दर्शाते हुए ऋण पुस्तिका तैयार किया और खसरा, बी- । में भी बिहारी पटेल को मालिक होना दर्शाया जिसके बाद इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बिहारी पटेल ने 23 जनवरी2018 को 11,84,000 में जमीन लैलूंगा के व्यापारी अशोक कुमार अग्रवाल के पक्ष में बेच दी जिसकी रजिस्ट्री भी फर्जी कागजातों के आधार पर हो गई।

    आश्चर्य की बात है कि खरीददार अशोक कुमार अग्रवाल के पक्ष में जमीन बिक जाने पर उसके नाम पर इन राजस्व अधिकारियों ने फर्जी नामातंरण भी कर दिया और फर्जी ऋण पुस्तिका जारी कर दिया।

    खरीददार अशोक कुमार अग्रवाल ने जब आनलाइन दस्तावेज निकाला, तब उक्त भूमि वेणूधर वल्द ईश्वर के नाम पर दर्ज होना दिखाई दी। इसके बाद जब खरीददार ने और भी बारीकी से छान-बीन किया, तब उसे पता चला कि वर्ष 2017 के खसरा में वह जमीन जिन्दल पावर लिमिटेड के नाम पर दर्ज है तथा विक्रेता बिहारी पटेल के नाम पर यह जमीन कभी भी दर्ज नहीं रही है लेकिन एसडीएम मार्बल और पटवारी परमेश्वर ने फर्जी खसरा-बी । एवं फर्जी ऋण पुस्तिका बनाकर बिहारी पटेल को इस जमीन का मालिक होना दर्शाकर उससे यह जमीन खरीददार अशोक अग्रवाल को ठगने के लिये बिकवा दिया एवं अशोक अग्रवाल को ठगने के लिये उसके नाम पर फर्जी नामातंरण करते हुए फर्जी ऋण पुस्तिका भी बना दिया।

    इस मामले  पीड़ित खरीददार अपनी फरियाद लेकर न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी घरघोड़ा माननीय दामोदर प्रसाद चन्द्रा की अदालत में गया, जहां पीड़ित को न्याय दिलाने के लिये मिश्रा चेम्बर रायगढ़ के सीनियर वकील अशोक कुमार-आशीष कुमार मिश्रा ने पीड़ित के वकील की हैसियत से उपस्थित होकर तर्क किया।

    अदालत ने प्रकरण में तर्क सुनने और पूरे प्रकरण के दस्तावेजों का बारीकी से अध्ययन करने के बाद थानेदार लैलूंगा को निर्देशित किया कि वे एसडीएम अशोक कुमार मार्बल, पटवारी परमेश्वर नेताम, जमीन विक्रेता बिहारी पटेल और विक्रय पत्र के गवाह सुरेन्द्र गुप्ता के विरुद्ध भारतीय दण्ड विधान की धारा 420, 419, 467, 468, 471, 120 बी का अपराध दर्ज कर विवेचना करें एवं अभियोग पत्र/अंतिम प्रतिवेदन न्यायालय में दाखिल करें।

    यह आदेश पारित होने पर पीड़ित ने इसे न्याय और सत्य की जीत की संज्ञा देते हुए कहा कि उसे पूरा भरोसा था कि उसे अदालत के अलावा कहीं और से न्याय मिल ही नहीं सकता है इसलिये वह फरियाद लेकर अदालत गया था।

    क्या कहते हैं सीनियर एडवोकेट अशोक कुमार-आशीष कुमार मिश्रा
    पीड़ित के वकील सीनियर एडवोकेट अशोक कुमार-आशीष कुमार मिश्रा ने न्यायालय के इस आदेश पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अदालत का यह आदेश भ्रष्टाचार में आकण्ठ डूबे प्रशासनिक अधिकारियों के लिये एक संदेश है और इस आदेश से साफ झलकता है कि कानून की नजर में सब समान हैं एवं उच्च प्रशासनिक अधिकारी होने के आधार पर अपराध करने की छूट किसी को नहीं मिल सकती है ।

    एसडीएम अशोक कुमार मार्बल के विरुद्ध भू अर्जन घोटाला में अपराध दर्ज करने की कार्यवाही आर्थिक अपराध अनुसंधान ब्यूरो रायपुर में लंबित है तथा बजरमुड़ा जमीन घोटाला में इस अधिकारी के विरुद्ध अपराध दर्ज करने का आदेश कलेक्टर रायगढ़ द्वारा घरघोड़ा के अनुविभागीय अधिकारी को दिया गया है ।

  • हथियार डालने राजी हुए नक्सली, पर फरवरी 26 तक समय मांगा…

    हथियार डालने राजी हुए नक्सली, पर फरवरी 26 तक समय मांगा…

    नक्सली अब सरकार के सामने सरेंडर करने और हथियार डालने राजी हो गए हैं। (MMC जोन मध्य प्रदेश महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ कमेटी) के प्रवक्ता अनंत ने प्रेस रिलीज जारी कर महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश सरकार से हथियार छोड़कर पुनर्वास योजना स्वीकार करने की इच्छा जताई है। वहीं इस लेटर पर सीएम साय ने कहा है कि नक्सलियों को पहले ही सरेंडर करने कहा गया है, सरकार उनके साथ न्याय करेगी।

    इसके लिए 15 फरवरी 2026 तक समय देने की मांग की गई है। इसके अलावा PLGA सप्ताह भी रद्द करने की बात कही गई है। केंद्रीय कमेटी का कहना है कि प्रेस रिलीज पर सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जाएगा। इसके बाद अगली प्रेस रिलीज जारी कर हथियार छोड़ने की अंतिम तारीख घोषित की जाएगी।

    प्रवक्ता ने बताया कि केंद्रीय कमेटी के सदस्य और पोलित ब्यूरो मेंबर कॉमरेड सोनू दादा ने बदलती परिस्थितियों का आकलन करते हुए सशस्त्र संघर्ष को अस्थाई विराम देने का फैसला लिया है, जिसका समर्थन CCM सतीश दादा और CCM चंद्रन्ना भी कर चुके हैं। MMC जोन ने भी सामूहिक निर्णय प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है।

  • रायपुर में 28–30 नवंबर को होने वाली 60वीं अखिल भारतीय DGP-IGP कॉन्फ्रेंस की तैयारियां तेज, SPG ने संभाला मोर्चा…पीएम मोदी, अमित शाह सहित कई वीवीआईपी होंगे शामिल…

    रायपुर में 28–30 नवंबर को होने वाली 60वीं अखिल भारतीय DGP-IGP कॉन्फ्रेंस की तैयारियां तेज, SPG ने संभाला मोर्चा…पीएम मोदी, अमित शाह सहित कई वीवीआईपी होंगे शामिल…

    छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 28 से 30 नवंबर तक होने वाली 60वीं अखिल भारतीय डीजीपी-आईजीपी कॉन्फ्रेंस की तैयारियां तेज़ी से जारी हैं। नवा रायपुर स्थित IIM परिसर में आयोजित होने वाले इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल सहित कई वीवीआईपी शामिल होंगे। कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने के लिए मंगलवार को स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) की टीम रायपुर पहुंच गई है।

    एसपीजी अधिकारी सम्मेलन स्थल और आस-पास के क्षेत्रों का विस्तृत निरीक्षण कर सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा करेंगे। वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए नया रायपुर क्षेत्र को कार्यक्रम के दौरान सील रखा जाएगा। शहर में कारकेड मार्ग तैयार कर लिए गए हैं और सुरक्षा बलों को अलग-अलग बिंदुओं पर तैनात किया जा रहा है।

    सम्मेलन में देशभर से लगभग साढ़े पांच सौ वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। आगमन पर उन्हें एसपी और एएसपी स्तर के अधिकारियों द्वारा रिसीव किया जाएगा और निर्धारित रेस्ट हाउस व अन्य ठहराव स्थलों तक ले जाया जाएगा। 27 नवंबर से एयरपोर्ट पर वरिष्ठ अधिकारियों और अतिथियों के स्वागत के लिए विशेष प्रबंधन भी शुरू हो जाएगा।

    सभी संबंधित विभागों को उच्च स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के लिए अलर्ट पर रखा गया है। राजधानी में ट्रैफिक और सुरक्षा से जुड़े आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं, ताकि सम्मेलन के दौरान किसी प्रकार की बाधा न आए।

  • फ्रॉड कॉल्स पर लगेगी लगाम: अब फोन उठाते ही दिखेगा कॉलर का असली नाम, जानिए क्या है CNAP

    फ्रॉड कॉल्स पर लगेगी लगाम: अब फोन उठाते ही दिखेगा कॉलर का असली नाम, जानिए क्या है CNAP

    बढ़ते फ्रॉड को लेकर भारत सरकार मोबाइल कालिंग सिस्टम में बड़ा बदलाव करने जा रही है. इससे आने वाले दिनों में कॉल रिसीव करने का तरीका बदल सकता है, क्योंकि CNAP यानि Calling Name Presentation का नया आएगा. इसकी टेस्टिंग भी शुरू हो चुकी है और इसे टेलिकॉम कंपनियों के साथ मिलकर डेवलप किया जा रहा है.

    अब तक हम जब भी किसी अनजान (Unknow) नंबर से कॉल उठाते थे, तोह स्क्रीन पर श्रीफ कॉल करने वाले का नंबर दिखाई देता था. ऐसे में लोग दुसरे Thrid-Party Apps जजेसे TrueCaller का इस्तेमाल करना पड़ता था. लेकर CNAP के आने के बाद ऐसे थर्ड-पार्टी अप्प्स की जरुरत खत्म हो जाएगी

    CNAP क्या करेगा?
    सरकार के इस नए सिस्टम के लागू होने के बाद जब भी किसी नंबर से कॉल आएगी, तो उस कॉलर का वास्तविक नाम आपकी स्क्रीन पर दिखाई देगा. यह वही नाम होगा जो व्यक्ति ने सिम लेते समय अपने दस्तावेजों में दर्ज करवाया था.

    यानि-

    फोन स्क्रीन पर दिखने वाला नाम पूरी तरह टेलीकॉम कंपनी के ऑफिशियल रिकॉर्ड पर आधारित होगा.
    फर्जी नाम या गलत जानकारी देकर कॉल करने की संभावना बेहद कम हो जाएगी.
    ठगी, स्पैम और अनजान कॉल्स से होने वाली धोखाधड़ी पर भी रोक लगेगी, क्योंकि कॉलर की पहचान पहले ही साफ हो जाएगी.
    सरकार का उद्देश्य है कि हर यूजर को कॉल आते ही पता चल जाए कि कॉल करने वाला वास्तव में कौन है. इससे फ्रॉड कॉल्स में काफी कमी आ सकती है.

    कुछ लोगों को दो नाम क्यों दिख रहे हैं?

    टेस्टिंग के दौरान कई यूजर्स ने बताया कि उनकी स्क्रीन पर एक कॉलर के दो नाम दिखाई दे रहे हैं.

    ऐसा इसलिए हो रहा है:

    • सबसे पहले नेटवर्क CNAP के ज़रिए सरकारी रिकॉर्ड वाला नाम भेजता है
    • उसके कुछ सेकंड बाद फोन आपकी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव किया हुआ नाम दिखा देता है

    यह सिर्फ टेस्टिंग फेज के दौरान की समस्या है. CNAP के पूरी तरह लागू होने के बाद ऐसा कन्फ्यूजन शायद खत्म हो जाएगा.

    CNAP आने के बाद क्या बदलेगा?

    • अनजान कॉल्स की पहचान पहले से आसान होगी
    • स्पैम और फ्रॉड कॉल्स में कमी आएगी
    • किसी थर्ड-पार्टी ऐप की जरूरत नहीं पड़ेगी
    • यूज़र सीधे सरकारी प्रमाणित नाम देख सकेंगे
    • कॉलिंग सिस्टम और मोबाइल सुरक्षा दोनों मजबूत होंगे
  • अमित बघेल की सुप्रीम कोर्ट ने करी याचिका खारिज, सर्वोच्च न्यायालय ने कहा- प्रत्येक राज्यों में दर्ज मामलों की कानूनी प्रक्रिया का करना पड़ेगा सामना…

    अमित बघेल की सुप्रीम कोर्ट ने करी याचिका खारिज, सर्वोच्च न्यायालय ने कहा- प्रत्येक राज्यों में दर्ज मामलों की कानूनी प्रक्रिया का करना पड़ेगा सामना…

    छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अध्यक्ष और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल की मुश्किलें अब और बढ़ने वाली है। अपने बयानों को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे अमित बघेल को सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई है। अग्रिम जमानत के लिए याचिका लगाने पर अमित बघेल को राहत नहीं मिली है। 24 नवंबर को कोर्ट ने साफ कर दिया कि जहां-जहां FIR दर्ज हुई है, आरोपी को वहां की कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा। अमित बघेल की ओर से दर्ज सभी एफआईआर को क्लब करने की मांग पर कोर्ट ने कहा, आप अपनी जुबान संभालकर रखें। राज्य पुलिस आएगी, आपको अपने-अपने राज्यों में ले जाएगी। पूरे देश की सैर का आनंद लीजिए। बता दें कि अमित बघेल पिछले 26 दिनों से फरार है, उन पर 12 राज्यों में FIR दर्ज है। बघेल की ओर से पैरवी कर रहे एडवोकेट ने न्यायालय में सुनवाई के दौरान कहा था कि बयान स्वीकार्य नहीं थे, लेकिन गुस्से में दिए गए थे और किसी की भावनाएं आहत करने का इरादा नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में पांच FIR दर्ज हैं, इसलिए अन्य राज्यों के मामले वहीं ट्रांसफर कर दिए जाएं। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने दलील मानने से इनकार कर दिया। पीठ ने कहा कि वे इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगी और आरोपी को हर राज्य में दर्ज FIR के तहत प्रक्रिया का सामना करना होगा।

  • छत्तीसगढ़ में नकली नोट चलाने की कोशिश कर रहे आरोपी गिरफ्तार..छत्तीसगढ़ और तेलंगाना पुलिस की संयुक्त कार्यवाही….

    छत्तीसगढ़ में नकली नोट चलाने की कोशिश कर रहे आरोपी गिरफ्तार..
    छत्तीसगढ़ और तेलंगाना पुलिस की संयुक्त कार्यवाही….

    जांजगीर चांपा। नकली नोट खपाने वाले अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया है। तेलंगाना पुलिस से मिली सूचना के आधार पर सक्ती पुलिस एवं तेलंगाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ में नकली नोट चलाने की कोशिश कर रहे तीन आरोपियो को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपितों के पास से एक लाख 70 हजार रुपये का नकली नोट भी मिला है।

    एएसपी हरीश यादव ने बताया कि तेलंगाना राज्य के जिला कामारेड्डी में नकली नोट खपाते हुए आरोपित सिद्धा गौड़ पकड़ा गया था, जिसके विरुद्ध थाना कामारेड्डी में अपराध धारा 179, 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान पता चला कि कोलकाता के सौरव डे, नारायण भगत और बिहार निवासी रसीद अहमद कम्प्यूटर, कलर प्रिंटर व जेके एक्सल बांड पेपर के माध्यम से नकली नोट तैयार करते थे।

    फेसबुक के जरिए तलाशते थे सहयोगी

    आरोपी फेसबुक के जरिए मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में ऐसे लोगों की तलाश करते थे, जो नकली नोट खपाने में उनकी मदद कर सकें। तेलंगाना पुलिस ने इन तीनों मुख्य आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

    पूछताछ में खुलासा हुआ कि छत्तीसगढ़ के जिला सक्ती के डभरा थाना क्षेत्र में नकली नोट नंदलाल जांगड़े निवासी जवाली, छतराम आदित्य निवासी देवगांव को भेजे गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सक्ती ने थाना डभरा व चौकी छपोरा को तेलंगाना पुलिस के साथ संयुक्त टीम बनाकर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। टीम ने दोनों आरोपितों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने बिहार के रसीद अहमद से 40 हजार रुपये में दो लाख मूल्य के नकली नोट खरीदे थे और इन्हें खपाने के लिए मनहरण उर्फ सोहन लहरे निवासी भडोरा (चौकी छपोरा) को दे दिया था।

    पुलिस ने मनहरण की तलाश की तो वह रायगढ़ क्षेत्र में मिला, जिसे रात में ही हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने बताया कि वह दो लाख नकली नोट लेकर उनमें से 30 हजार रुपये अलग-अलग जगहों पर खपा चुका है, जबकि 1 लाख 70 हजार रुपये नकली नोट उसने घर में छिपाकर रखे थे। संयुक्त टीम ने उसके घर से नकली नोट बरामद कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूरे प्रकरण को तेलंगाना पुलिस को अग्रिम कार्रवाई हेतु औपचारिक रूप से सौंप दिया गया है।