रायपुर। रायपुर में आयोजित 60वें अखिल भारतीय DGP/IGP सम्मेलन का दूसरा दिन बेहद व्यस्त और महत्वपूर्ण रहा। सुबह शुरू हुई बैठक लगातार 11 घंटे तक चली और देर शाम संपन्न हुई। इस दौरान देशभर के शीर्ष पुलिस अधिकारी, पैरामिलिट्री फोर्सेस के कमांडर और केंद्रीय नेतृत्व सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दों पर एकजुट होकर चर्चा करते दिखे।
सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी उपस्थित रहकर अधिकारियों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया। बैठक में BSF, CRPF, ITBP, CISF समेत अन्य केंद्रीय सुरक्षा बलों के अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने अपने हालिया अभियान और नई रणनीतियों पर प्रस्तुति दी।
सीमा सुरक्षा और एंटी-नक्सल ऑपरेशंस पर विशेष चर्चा
सम्मेलन में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने—
एंटी-नक्सल ऑपरेशन,
पाकिस्तान और बांग्लादेश से जुड़े सीमा राज्यों की सुरक्षा,
सुरक्षा बलों की तैनाती,
भविष्य की सुरक्षा योजनाएं
जैसे प्रमुख विषयों पर विस्तृत समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार निगरानी, आधुनिक तकनीक और बेहतर संसाधनों की मदद से सुरक्षा मजबूत की जा रही है।
पुलिस सुधार, रणनीति और अपराध नियंत्रण पर मंथन
बैठक में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, विभिन्न राज्यों में अपराध नियंत्रण, सामरिक योजना और पुलिस सुधारों पर भी गहन विचार-विमर्श हुआ।
इसका उद्देश्य—
देश के सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करना,
बलों की कार्यक्षमता बढ़ाना,
और आने वाले समय में चुनौतियों से निपटने के लिए बेहतर रणनीति बनाना रहा।
आतंकवाद, नक्सलवाद और साइबर अपराध मुख्य फोकस
सूत्रों के अनुसार, सम्मेलन में इस वर्ष—
आतंकवाद,
नक्सलवाद,
सीमा सुरक्षा,
साइबर अपराध के बढ़ते खतरे को विशेष रूप से केंद्र में रखा गया। अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में हुए सफल अभियानों की जानकारी साझा की और प्रशिक्षण एवं क्षमता सुधार से जुड़े सुझाव भी प्रस्तुत किए।
बैठक के बाद पीएम मोदी IIM से रवाना
बैठक के समापन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी IIM नवा रायपुर से निकलकर विधानसभा अध्यक्ष के नए आवास की ओर रवाना हुए। अधिकारियों के अनुसार सम्मेलन में हुई चर्चा आगामी समय में देश की सुरक्षा नीतियों और रणनीतियों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालेगी।
सम्मेलन का महत्व
यह 60वां अखिल भारतीय DGP/IGP सम्मेलन देश के सुरक्षा ढांचे के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ है।
यह मंच—
पुलिस बलों के बीच बेहतर समन्वय,
पारदर्शिता,
सामरिक दृष्टिकोण
के साथ देश की सुरक्षा नीतियों को नई दिशा देता है।
सम्मेलन के दूसरे दिन की चर्चा राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए भविष्य की रणनीति तय करने का केंद्र बिंदु बनी, जो आने वाले अभियानों के लिए बेहद उपयोगी रहने वाली है।
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रायपुर में 60वें DGP/IGP सम्मेलन का दूसरा दिन 11 घंटे तक चला…
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डिजिटल अरेस्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, CBI देशभर में करेगी डिजिटल अरेस्ट केस की जांच…
डिजिटल अरेस्ट के मामलों की जांच CBI करेगी, यह आदेश सुप्रीम कोर्ट ने दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि डिजिटल अरेस्ट स्कैम पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है, इसलिए डिजिटल अरेस्ट स्कैम से संबंधित दर्ज मामलों की जांच CBI करेगी. कोर्ट ने जांच के लिए CBI को विशेष अधिकार दिया है. जहां भी साइबर अपराध में उपयोग किए गए बैंक खातों का पता चलता है, वहां संबंधित बैंकरों की जांच करने के लिए CBI को पूर्ण स्वतंत्रता होगी.
बैंकरों की भूमिका की जांच का आदेश
CJI सूर्यकांत ने CBI को अधिक अधिकार देते हुए CBI को (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) PCA के तहत उन बैंकों के बैंकरों की भूमिका की जांच करने की पूरी आजादी दी, जहां ऐसे डिजिटल अरेस्ट स्कैम के मकसद से अकाउंट खोले गए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर रिजर्व बैंक (RBI) को पक्षकार बनाते हुए नोटिस जारी किया और कहा कि रिजर्व बैंक कोर्ट की मदद करे, ताकि फ्रॉड करने वाले अकाउंट की पहचान हो सकते और अपराध की कमाई को फ्रीज किया जा सके.
अथॉरिटीज को सहयोग करने के निर्देशसुप्रीम कोर्ट ने कहा कि रिजर्व बैंक बताए कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या मशीन लर्निंग कब लागू की जाएगी? सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि IT इंटरमीडियरी रूल्स 2021 के तहत अथॉरिटीज CBI को पूरा सहयोग देंगी. जिन राज्यों ने CBI को मंज़ूरी नहीं दी है, वे अपने अधिकार क्षेत्र में IT एक्ट 2021 की जांच के लिए मंजूरी दें, ताकि CBI पूरे देश में बड़े पैमाने पर कार्रवाई कर सके. SC ने कहा कि CBI जरूरत पड़ने पर इंटरपोल अधिकारियों से भी मदद ले सकती है।
टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स को भी निर्देश
SC ने टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स एक ही नाम पर SIM या कई SIM जारी करने के मामले में टेलीकॉम डिपार्टमेंट से एक प्रपोजल जमा करने को कहा, ताकि सभी टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स को सिम कार्ड का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए आदेश जारी किया जा सके. राज्य सरकारें साइबर क्राइम सेंटर जल्दी स्थापित करें और अगर कोई रुकावट आए तो राज्य SC को बताएं. IT नियमों के तहत अधिकारियों को निर्देश जाए कि वे बरामद सभी फोन का डेटा स्टोर करें.SC ने सभी राज्यों और UT को निर्देश दिया है कि जहां भी IT एक्ट 2021 के तहत FIR दर्ज की जाती है, सभी CBI को सौंपे जाएं. 2 हफ्ते बाद मामले में अगली सुनवाई होगी।
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आदिवासी गोंड़ समाज ने आदिवासी महाकवि कालिदास पंडो की 1675 वीं जयंती मनायी…
रायपुर बंजारी। विगत दिनों रायपुर के बंजारी धाम में आदिवासी गोंड़ समाज ने विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी आदिवासी परंपरा के अनुसार आदिवासी महाकवि कालिदास पंडो की 1675 वीं जयंती मनायी। इस अवसर पर आदिवासी महाकवि कालिदास पंडो की प्रतिमा की पूजा अर्चना कर तथा प्रसाद वितरण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. राम विजय शर्मा इतिहासकार एवं पुरातत्व वेता रायपुर भारत ने आदिवासी महाकवि कालिदास पंडो की जीवनी तथा उनकी रचनाओ के बारे में विस्तार पूर्वक प्रकाश डाला। उन्होंने नें बताया की आदिवासी महाकवि कालिदास पंडो का जन्म 15 नवंबर 350 ईस्वी को मृगाडाँड़ में हुवा था। उनके पिता का नाम शिव दास पंडो तथा माता का नाम तारा देवी था। उन्होंने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा मृगाडाँड़ में प्राप्त की तथा बाद में वाराणसी में 6 वर्षों तक संस्कृत का अध्ययन किया उस समय वाराणसी संस्कृत शिक्षा का प्रमुख केंद्र था। वाराणसी से लौटने के पश्चात मृगाडाँड़ के रामगढ़ पहाड़ी के एक गुफा में बैठकर ऋतुसंहार, मेघदूत तथा अभिज्ञानशाकुन्तलम कुल 3 ग्रंथों की रचना की। इन ग्रंथों की रचना के पश्चात उनकी ख्याति देश विदेश में फैल गयी और उनकी ख्याति सुन कर चन्द्रगुप्त द्वितीय विक्रमादित्य नें अपने राजदरबार में पाटलीपुत्र बुलाया तथा अपने दरबार के नवरत्नों में प्रथम स्थान दे कर सम्मानित किया। उनकी रचनाओं में प्रकृति पर जोर, मौखिक कहानियों, पौराणिक कथाओं तथा प्रतीकवाद पर जोर दिया गया है जो सर्वत्र दिखता है और ये सभी तत्व आदिवासी संस्कृति के मूल तत्व है। गुप्त राजदरबार में रहकर अन्य ग्रंथों की रचना की जिनपर राजसी प्रभाव परिलक्षित होता है अपने ग्रंथों में राजदरबार के कुटिल माहौल तथा चाटुकारिता का भी वर्णन किया है। बाद में चन्द्रगुप्त द्वितीय ने अपनी पुत्री प्रभावती गुप्ता का विवाह वाकाटक राजा रुद्रसेनद्वितीय से विवाह किया तो कालिदास जी को साथ में उनके सलाह तथा मार्गदर्शन के लिए वाकाटको की राजधानी नागपूर भेज दिया गया । प्रभावती गुप्ता के दोनों पुत्रों दिवाकर सेन और दामोदर सेन की शिक्षा कालिदास द्वारा दी गयी। बाद में दामोदर सेन (प्रवर सेन द्वितीय) जब वाकाटक राजा बने तो कालिदास उनके दरबार की शोभा बढ़ाए तथा उन्हे मार्गदर्शन तथा सलाह दिया। प्रवर सेन द्वितीय ने “सेतु बंध” नामक प्राकृत ग्रंथ लिखा तो कालिदास जी ने ही उसे लिखवाया तथा संशोधित किया। प्रवर सेन द्वितीय का शासनकाल 420 ई. से 455 ई. तक था। इस अवसर पर समारोह की अध्यक्षता बंजारी के उपसरपंच थनवार ध्रुव ने किया, उन्होंने बताया कि हम सभी आदिवासी समाज महाकवि कालिदास पंडो के बताए मार्गों पर चलेंगे। उन्होंने आगे बताया कि कालिदास काली की पूजा करते थे। हर आदिवासी के घर में काली कंकाली की पूजा होती है तथा उनका स्थान रहता है। हमारे पूर्वज बताते थे कि कालिदास हमारे आदिवासी समाज के हैं। इस अवसर पर देव कुमार ध्रुव, घनश्याम ध्रुव, देवेन्द्र ध्रुव, तरुण ध्रुव सहित ग्रामीण जनता उपस्थित थे ।
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अब सिम के बिना नहीं चलेगा वॉट्सऐप और टेलीग्राम, सरकार की नई गाइडलाइन लागू, साइबर ठगी रोकने केंद्र सरकार का बड़ा फैसला…
केंद्र सरकार ने देश में बढ़ते साइबर अपराध और फर्जी खातों पर लगाम लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब वॉट्सऐप, टेलीग्राम और अन्य मैसेजिंग ऐप्स को अनिवार्य सिम बाइंडिग लागू करनी होगी। साथ ही, वेब और डेस्कटॉप वर्जन का उपयोग करने वाले यूजर्स को हर 6 घंटे में स्वतः लॉग-आउट किया जाएगा।
सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अब प्रत्येक यूजर का मैसेजिंग अकाउंट उसके भौतिक सिम कार्ड से स्थायी रूप से जुड़ा रहेगा। यानी यदि कोई व्यक्ति आपके रजिस्टर्ड सिम के बिना किसी दूसरे डिवाइस से वॉट्सऐप या टेलीग्राम अकाउंट को एक्सेस करने की कोशिश करेगा, तो यह प्रक्रिया असंभव हो जाएगी।
अब तक वॉट्सऐप और टेलीग्राम जैसे ऐप्स केवल एक ओटीपी वेरिफिकेशन के आधार पर चलते थे। इससे सिम कार्ड बदलने, क्लोनिंग या नंबर हैकिंग की स्थिति में अकाउंट के दुरुपयोग की संभावना बनी रहती थी।नई व्यवस्था से यूजर की पहचान और प्रामाणिकता सुनिश्चित होगी, जिससे फर्जी अकाउंट, साइबर ठगी और अनधिकृत गतिविधियों पर रोक लगाई जा सकेगी।
नई गाइडलाइन के अनुसार, अब कोई भी यूजर छह घंटे से अधिक समय तक लगातार वेब या डेस्कटॉप वर्जन पर लॉग-इन नहीं रह सकेगा। हर छह घंटे बाद यूजर को स्वचालित रूप से लॉग-आउट कर दिया जाएगा।दोबारा लॉग-इन करने के लिए यूजर को क्यूआर कोड स्कैन करना होगा या पासवर्ड डालना पड़ेगा।इस कदम का उद्देश्य किसी अनधिकृत कंप्यूटर या नेटवर्क पर लंबे समय तक अकाउंट के सक्रिय रहने को रोकना है, जिससे डेटा चोरी या हैकिंग की घटनाएं घटेंगी।वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के अनुसार, यह कदम देश के डिजिटल सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने और नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाने के लिए उठाया गया है। सिम बाइंडिंग जैसी तकनीक फर्जी पहचान और ऑनलाइन ठगी के मामलों को कम करने में मदद करेगी।
नया सिम या मोबाइल बदलने पर वेरिफिकेशन प्रक्रिया और सख्त होगी।एक ही अकाउंट को कई डिवाइस पर चलाना कठिन होगा,सुरक्षा बढ़ेगी, लेकिन यूजर्स को बार-बार लॉग-इन करना पड़ सकता है।सरकार का यह फैसला डिजिटल भारत को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब वॉट्सऐप या टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर खाता चलाने के लिए सक्रिय सिम लिंकिंग जरूरी होगी।
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आर्थोपेडिक डॉक्टर को गिरफ्तारी से राहत, HC से अग्रिम जमानत मंजूर…
बिलासपुर । छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 2018 में दुर्ग जिले के भिलाई नगर थाने में दर्ज दुष्कर्म मामले में पुणे के एक आर्थोपेडिक सर्जन को अग्रिम जमानत प्रदान कर दी है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने पाया कि पुलिस जांच सात वर्षों तक लंबी खिंची, और इस दौरान डॉक्टर को कोई नोटिस भी जारी नहीं किया गया।एफआईआर के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि मार्च 2017 में भिलाई और 12 अप्रैल 2017 को पुणे के एक होटल में डॉक्टर ने शादी का वादा करके शारीरिक संबंध बनाए।
इस शिकायत पर धारा 376 आईपीसी के तहत अपराध दर्ज किया गया था। अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान डॉक्टर की ओर से पेश वकील ने कहा कि शिकायत झूठी है। उन्होंने अस्पताल के हेड ऑफ डिपार्टमेंट द्वारा प्रमाणित उपस्थिति रेकॉर्ड पेश किए, जिनसे साबित होता है कि डॉक्टर कथित घटनाओं के पूरे समय पुणे में ड्यूटी पर थे। वकील ने यह भी तर्क दिया कि जांच को एफआईआर तक पहुंचने में 19 माह की देरी हुई। इसमें कोई स्वतंत्र सबूत नहीं है, जिससे आरोपों की विश्वसनीयता कमजोर हो जाती है।सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से जमानत का विरोध किया गया, लेकिन कोर्ट ने पुलिस से मिली रिपोर्ट पर गंभीर टिप्पणी की। डीजीपी की ओर से जमा की गई रिपोर्ट में बताया गया कि मामले की जांच में देरी के लिए पुलिसकर्मियों के दिए गए स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाए गए। तीन जांच अधिकारियों को ‘चरित्र दोष’ की सजा दी गई और आईजी दुर्ग रेंज को वरिष्ठ पर्यवेक्षक अधिकारी की भूमिका की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया। कोर्ट ने यह भी नोट किया कि 27 नवंबर 2025 को जब शिकायतकर्ता को बुलाने का नोटिस भेजा गया, तो एसएचओ को उसका घर खाली मिला और केवल फोन पर संपर्क किया जा सका। कोर्ट ने कहा कि सात साल की देरी का दोष अभियुक्त पर नहीं डाला जा सकता।
इसलिए डॉक्टर की अग्रिम जमानत अर्जी स्वीकार की जाती है। मुख्य न्यायाधीश ने आदेश दिया कि गिरफ्तारी की स्थिति में आवेदक को व्यक्तिगत बांड और समान राशि की एक जमानतदार पेश करने पर रिहा किया जाए।डॉक्टर ने अदालत को आश्वासन दिया है कि उसके पास मौजूद व्हाट्सऐप चैट और वॉयस रिकॉर्डिंग वह फोरेंसिक जांच के लिए उपलब्ध कराएंगे।
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चुनाव आयोग ने 12 राज्यों में SIR अपडेट की समय-सीमा 7 दिन बढ़ाई…
चुनाव आयोग ने 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया की समयसीमा एक सप्ताह बढ़ा दी है। अब वोटर लिस्ट रिविजन से जुड़े सभी चरण नई तारीखों के अनुसार पूरे किए जाएंगे। 12 राज्यों में SIR अब 11 दिसंबर तक अपडेट किया जा सकता है। अब ड्राफ्ट रोल 16 दिसंबर को जारी होगा।
चुनाव आयोग ने 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया की समय-सीमा 7 दिन बढ़ा दी है. आयोग की ओर से पूर्व आदेश को निरस्त करते हुए नया शेड्यूल जारी किया गया है. इसके अनुसार अब एन्यूमरेशन, बूथों के पुनर्गठन से लेकर ड्राफ्ट रोल की पब्लिकेशन और क्लेम-ऑब्जेक्शन की प्रक्रिया सभी संशोधित तिथियों के अनुसार होगी।
यह विस्तार उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए है, जहां SIR पहले से चल रही थी। इनमें अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल का नाम शामिल है।
आयोग के मुताबिक मतदाता सूची को ज्यादा सटीक, अद्यतित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए यह विस्तार जरूरी पाया गया। इससे पहले एसआईआर प्रक्रिया पूरी करने की अंतिम तिथि 4 दिसंबर तक थी। यानी सिर्फ 4 दिन शेष रह गए थे। अब 7 दिन समय-सीमा बढ़ने से अंतिम तिथि 11 दिसंबर हो गई।
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छत्तीसगढ़ में 13 आईएएस अधिकारियों के तबादले, कई के विभाग बदले, देखिए आदेश…
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने कई आईएएस आईएएस अधिकारियों के तबादले किये हैं।
शिखा राजपूत तिवारी,भा.प्र.से. (2008), आयुक्त्त, चिकित्सा शिक्षा तथा अति. प्रभार आयुक्त, आयुष को अस्थाई रूप से आगामी आदेश पर्यन्त सचिव, छ.ग. राज्य निर्वाचन आयोग के पद पर पदस्थ करता है।
शिखा राजपूत तिवारी, भा.प्र.से. द्वारा मिशन सचिव, छ.ग. राज्य निर्वाचन आयोग का कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से राज्य शासन, भारतीय प्रशासनिक सेवा (वेतन) नियम, 2016 के नियग-12 के तहत् सचिव, छ.ग. राज्य निर्वाचन आयोग के असंवर्गीय पद को प्रतिष्ठा एवं जिम्मेदारी में भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिसमय वेतनमान के संवर्गीय पद के समकक्ष घोषित करता है।
डॉ. प्रियंका शुक्ला, भा.प्र.से. (2009), आयुक्त्त-सह-संचालक, स्वास्थ्य सेवायें तथा अतिरिक्त प्रभार प्रबंध संचालक, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन को अस्थाई रूप से आगामी आदेश पर्यन्त आयुक्त, समग्र शिक्षा के पद पर पदस्थ करते हुए प्रबंध संचालक, पाठ्य पुस्तक निगम का अतिरिक्त प्रभार सौंपता है।
किरण कौशल, भा.प्र.से. (2009), प्रबंध संचालक, मार्कफेड तथा अतिरिक्त प्रभार प्रबंध संचालक, नागरिक आपूर्ति निगम को अस्थाई रूप से आगामी आदेश पर्यन्त सचिव, मंत्रालय पदस्थ करता है।पदुम सिंह एल्मा, भा.प्र.से. (2010), संचालक, महिला एवं बाल विकास तथा अति. प्रभार प्रबंध संचालक, छ.ग. खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड को अस्थाई रूप से आगामी आदेश पर्यन्त प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड के पद पर पदस्थ करते हुए प्रबंध संचालक, छ.ग. बेवरेजेस कार्पोरेशन का अतिरिक्त प्रभार सौंपता है।
पदुम सिंह एल्मा, भा.प्र.से.. द्वारा प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड तथा प्रबंध संचालक, छ.ग. बेवरेजेस कार्पोरेशन का कार्यभार ग्रहण करने पर आर. शंगीता, भा.प्र.से. (2005), सचिव, वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग तथा अति. प्रभार आबकारी आयुक्त, प्रबंध संचालक, छ.ग. बेवरेजेस कार्पोरेशन एवं प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड केवल प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड एवं प्रबंध संचालक, छ.ग. बेवरेजेस कार्पोरेशन के अति. प्रभार से मुक्त होंगी।
पदुम सिंह एल्गा, भा.प्र.से. द्वारा प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड का कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से राज्य शासन, भारतीय प्रशासनिक सेवा (वेतन) नियम, 2016 के नियम-12 के तहत् प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड के असंवर्गीय पद को प्रतिष्ठा एवं जिम्मेदारी में भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रवर श्रेणी वेतनमान के संवर्गीय पद के समकक्ष घोषित करता है।
संजीव कुमार झा, भा.प्र.से. (2011), संचालक, समग्र शिक्षा तथा अतिरिक्त प्रभार प्रबंध संचालक, पाठ्य पुस्तक निगम को अस्थाई रूप से आगामी आदेश पर्यन्त संचालक, स्वास्थ्य सेवायें के पद पर पदस्थ करते हुए प्रबंध संचालक, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन का अतिरिक्त प्रभार सौंपता है।
संजीव कुमार झा, भा.प्र.से. द्वारा संचालक, स्वास्थ्य सेवायें का कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से राज्य शासन, भारतीय प्रशासनिक सेवा (वेतन) नियम, 2016 के नियम-12 के तहत् संचालक, आयुष के असंवर्गीय पद को प्रतिष्ठा एवं जिम्मेदारी में भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रवर श्रेणी वेतनमान के संवर्गीय पद के समकक्ष घोषित करता है।
जितेन्द्र कुमार शुक्ला, भा.प्र.से. (2012), मिशन संचालक, जल जीवन मिशन को अस्थाई रूप से आगामी आदेश पर्यन्त प्रबंध संचालक, मार्कफेड के पद पर पदस्थ करते हुए मिशन संचालक, जल जीवन मिशन का अतिरिक्त प्रभार सौंपता है।जितेन्द्र कुमार शुक्ला, भा.प्र.से. द्वारा प्रबंध संचालक, मार्कफेड का कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से राज्य शासन, भारतीय प्रशासनिक सेवा (वेतन) नियम, 2016 के नियम-12 के तहत् संचालक, मार्कफेड के असंवर्गीय पद को प्रतिष्ठा एवं जिम्मेदारी में भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रवर श्रेणी वेतनमान के संवर्गीय पद के समकक्ष घोषित करता है।
इफ्फत आरा, भा.प्र.से. (2012), अपर संभागीय आयुक्त, रायपुर संभाग, रायपुर तथा अति. प्रभार अपर संभागीय आयुक्त, दुर्ग संभाग, दुर्ग को अस्थाई रूप से आगामी आदेश पर्यन्त विशेष सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के पद पर पदस्थ करते हुए प्रबंध संचालक, नागरिक आपूर्ति निगम का अतिरिक्त प्रभार सौंपता है।
संतन देवी जांगड़े, भा.प्र.से. (2016), संयुक्त सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को उनके वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ संचालक, आयुष का अति. प्रभार सौंपता है।
सुखनाथ अहिरवार, भा.प्र.से. (2016), सचिव, छ.ग. राज्य निर्वाचन आयोग तथा संयुक्त सचिव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग को अस्थाई रूप से आगामी आदेश पर्यन्त संयुक्त सचिव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के पद पर पदस्थ करता है।
डॉ. रेणुका श्रीवास्तव, भा.प्र.से. (2019), उप सचिव, नगरीय प्रशासन तथा अति. प्रभार उप सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग को अस्थाई रूप से आगामी आदेश पर्यन्त उप सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग के पद पर पदस्थ करते हुए संचालक, महिला एवं बाल विकास का अतिरिक्त प्रभार सौंपता है।
रीता यादव, भा.प्र.से. (2019), अपर कलेक्टर, धमतरी को अस्थाई रूप से आगामी आदेश पर्यन्त प्रबंध संचालक, छ.ग. खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के पद पर पदस्थ करता है।
रीता यादव, भा.प्र.से. द्वारा प्रबंध संचालक, छ.ग. खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड का कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से राज्य शासन, भारतीय प्रशासनिक सेवा (वेतन) नियम, 2016 के नियम-12 के तहत् प्रबंध संचालक, छ.ग. खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के असंवर्गीय पद को प्रतिष्ठा एवं जिम्मेदारी में भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ वेतनमान के संवर्गीय पद के समकक्ष घोषित करता है।
लोकेश कुमार, भा.प्र.से. (2019), उप सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग तथा अति. प्रभार उप सचिव, श्रम विभाग को अस्थाई रूप से आगामी आदेश पर्यन्त संचालक, उद्यानिकी के पद पर पदस्थ करते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी, चिराग परियोजना का अतिरिक्त प्रभार सौंपता है।लोकेश कुमार, भा.प्र.से. द्वारा संचालक, उद्यानिकी का कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से राज्य शासन, भारतीय प्रशासनिक सेवा (वेतन) नियम, 2016 के नियम-12 के तहत् संचालक, उद्यानिकी के असंवर्गीय पद को प्रतिष्ठा एवं जिम्मेदारी में भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ वेतनमान के संवर्गीय पद के समकक्ष घोषित करता है।
नीचे देखें आदेश


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रायपुर में DGP-IG कॉन्फ्रेंस: NSA अजीत डोभाल, रॉ और आईबी चीफ पहुँचे…
रायपुर। नवा रायपुर के IIM कैंपस में 28 नवंबर से 30 नवंबर तक DGP-IG कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के उद्घाटन से पहले, NSA अजीत डोभाल, रॉ चीफ पराग जैन और आईबी चीफ तपन डेका अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक ले रहे हैं।
पहले दिन कॉन्फ्रेंस में दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक लगातार बैठकें आयोजित होंगी, जिसमें देश की आंतरिक सुरक्षा, खुफिया तंत्र, और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा होगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहले ही गुरुवार रात रायपुर पहुँच चुके हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात नवा रायपुर पहुँचेगे।
इस कॉन्फ्रेंस में देशभर से लगभग 600 अधिकारी और VIP शामिल हैं। प्रधानमंत्री को नए स्पीकर हाउस M-1 में ठहराया गया है, जबकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह वित्त मंत्री आवास M-11 में ठहरे हैं।
सुरक्षा को लेकर खास इंतजाम किए गए हैं। इस बार पहली बार SP रैंक के अधिकारी भी सम्मेलन में शामिल हुए हैं। माना एयरपोर्ट का अराइवल गेट तीन दिनों के लिए आम यात्रियों के लिए बंद रहेगा, यात्री गेट-2 से प्रवेश कर सकते हैं। इसके अलावा सम्मेलन के दौरान नया रायपुर में भारी वाहनों की एंट्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। -

बैंक मैनेजर के घर साढ़े 3 लाख की चोरी:शादी में गया था परिवार, छत का दरवाजा काटकर अंदर घुसे, कैश-जेवर ले गए…
बिलासपुर में ग्रामीण बैंक के असिस्टेंट मैनेजर के सूने मकान में साढ़े 3 लाख की चोरी हुई है। 23 नवंबर को बैंक मैनेजर परिवार सहित शादी में गए थे, दूसरे दिन घर लौटने पर ताला टूटा मिला। अलमारी में रखे कैश और गहने गायब थे। घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र की है।
जानकारी के मुताबिक, चोर मकान के छत के रास्ते से अंदर घुसे थे। ऊपर बने दरवाजे को काटकर अंदर की कुंडी खोली थी और सीढ़ी के रास्ते से नीचे आए थे। दूसरे दरवाजे का कुंडा उखड़ा हुआ था। फिलहाल पुलिस चोरों की तलाश कर रही है।शादी में गए थे, अगले दिन लौटे तो घर में चोरी हो गई थी
नंद विहार कॉलोनी के रहने वाले विनोद पाठक छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक में असिस्टेंट मैनेजर हैं। उनका मंगला चौक में रियल हेवन्स के पीछे मकान है। जहां वो अपने परिवार के साथ रहते हैं।
23 नवंबर की सुबह करीब 10 बजे वो परिवार के साथ सकरी स्थित नारायण मंगलम में अपने भतीजे की शादी में शामिल होने गए थे। इस दौरान उनके मकान में ताला बंद था।
शादी में शामिल होने के बाद वो 24 नवंबर की दोपहर करीब 2 बजे अपने घर लौटे तो मकान का ताला टूटा मिला। घर के अंदर जाने पर पता चला कि पूरा सामान बिखरा हुआ था। वहीं, अलमारी खुली थी।1.50 कैश और गहने ले गए चोर
अलमारी चेक करने पर उसमें से दो सोने की बाली, एक सोने का चेन, एक जोड़ी सोने के टाप्स, सोने की 2 अंगूठी, चांदी की 2 थाली, चांदी की 4 कटोरी, चांदी की गिलास, चांदी का प्लेट, चांदी का लोटा, चांदी की चम्मच, चांदी का पायल, चांदी का करधन, चांदी के करीब 50 सिक्के,
और अलमारी में रखे 1 लाख 50 हजार रुपए सहित 3 लाख 50 हजार रुपए के जेवर व कैश गायब थे। उन्होंने घटना की जानकारी पुलिस को दी। घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद पीड़ित की रिपोर्ट पर पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
रेकी करने के बाद चोरी का शक
पुलिस का कहना है कि सूने मकान की रेकी करने के बाद चोरी का शक है। चोर मुख्य दरवाजे से घुसने के बजाय छत के रास्ते से घुसे और आराम से चोरी की। इस दौरान चोरों के आने का पड़ोसियों को भी पता नहीं चला। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से संदेहियों की तलाश कर रही है। -

घरघोड़ा के पूर्व एसडीएम,पटवारी के विरुद्ध अपराध दर्ज का आदेश,फर्जी तरीके से जमीन नामांतरण का मामला…
रायगढ़। घरघोड़ा के पूर्व एसडीएम अशोक मार्बल और पटवारी परमेश्वर नेताम सहित जमीन विक्रेता बिहारी पटेल और विक्रय पत्र के गवाह सुरेन्द्र गुप्ता के विरुद्ध अदालत ने भारतीय दण्ड विधान की धारा 420,419, 467,468,471 एवं 120 बी का अपराध दर्ज करने का आदेश दिया है।
लैलूंगा निवासी अशोक कुमार अग्रवाल की ओर से दायर क्रीमिनल कम्पलेन्ट फाइलिंग में उनके वकील रायगढ़ के सीनियर एडवोकेट अशोक कुमार मिश्रा-आशीष कुमार मिश्रा का तर्क सुनने के बाद अदालत ने यह आदेश पारित किया है।एसडीएम अशोक कुमार मार्बल एवं पटवारी परमेश्वर नेताम ने ग्राम-झींकाबहाल में जिन्दल पावर एण्ड स्टील लिमिटेड की भूमि खसरा नंबर 208 रकबा 0.773 हेक्टेयर के संबंध में राजस्व रेकार्ड में हेराफेरी और कूटरचना करके इस भूमि का स्वामी बिहारी पटेल को दर्शाते हुए ऋण पुस्तिका तैयार किया और खसरा, बी- । में भी बिहारी पटेल को मालिक होना दर्शाया जिसके बाद इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बिहारी पटेल ने 23 जनवरी2018 को 11,84,000 में जमीन लैलूंगा के व्यापारी अशोक कुमार अग्रवाल के पक्ष में बेच दी जिसकी रजिस्ट्री भी फर्जी कागजातों के आधार पर हो गई।
आश्चर्य की बात है कि खरीददार अशोक कुमार अग्रवाल के पक्ष में जमीन बिक जाने पर उसके नाम पर इन राजस्व अधिकारियों ने फर्जी नामातंरण भी कर दिया और फर्जी ऋण पुस्तिका जारी कर दिया।
खरीददार अशोक कुमार अग्रवाल ने जब आनलाइन दस्तावेज निकाला, तब उक्त भूमि वेणूधर वल्द ईश्वर के नाम पर दर्ज होना दिखाई दी। इसके बाद जब खरीददार ने और भी बारीकी से छान-बीन किया, तब उसे पता चला कि वर्ष 2017 के खसरा में वह जमीन जिन्दल पावर लिमिटेड के नाम पर दर्ज है तथा विक्रेता बिहारी पटेल के नाम पर यह जमीन कभी भी दर्ज नहीं रही है लेकिन एसडीएम मार्बल और पटवारी परमेश्वर ने फर्जी खसरा-बी । एवं फर्जी ऋण पुस्तिका बनाकर बिहारी पटेल को इस जमीन का मालिक होना दर्शाकर उससे यह जमीन खरीददार अशोक अग्रवाल को ठगने के लिये बिकवा दिया एवं अशोक अग्रवाल को ठगने के लिये उसके नाम पर फर्जी नामातंरण करते हुए फर्जी ऋण पुस्तिका भी बना दिया।
इस मामले पीड़ित खरीददार अपनी फरियाद लेकर न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी घरघोड़ा माननीय दामोदर प्रसाद चन्द्रा की अदालत में गया, जहां पीड़ित को न्याय दिलाने के लिये मिश्रा चेम्बर रायगढ़ के सीनियर वकील अशोक कुमार-आशीष कुमार मिश्रा ने पीड़ित के वकील की हैसियत से उपस्थित होकर तर्क किया।
अदालत ने प्रकरण में तर्क सुनने और पूरे प्रकरण के दस्तावेजों का बारीकी से अध्ययन करने के बाद थानेदार लैलूंगा को निर्देशित किया कि वे एसडीएम अशोक कुमार मार्बल, पटवारी परमेश्वर नेताम, जमीन विक्रेता बिहारी पटेल और विक्रय पत्र के गवाह सुरेन्द्र गुप्ता के विरुद्ध भारतीय दण्ड विधान की धारा 420, 419, 467, 468, 471, 120 बी का अपराध दर्ज कर विवेचना करें एवं अभियोग पत्र/अंतिम प्रतिवेदन न्यायालय में दाखिल करें।
यह आदेश पारित होने पर पीड़ित ने इसे न्याय और सत्य की जीत की संज्ञा देते हुए कहा कि उसे पूरा भरोसा था कि उसे अदालत के अलावा कहीं और से न्याय मिल ही नहीं सकता है इसलिये वह फरियाद लेकर अदालत गया था।क्या कहते हैं सीनियर एडवोकेट अशोक कुमार-आशीष कुमार मिश्रा
पीड़ित के वकील सीनियर एडवोकेट अशोक कुमार-आशीष कुमार मिश्रा ने न्यायालय के इस आदेश पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अदालत का यह आदेश भ्रष्टाचार में आकण्ठ डूबे प्रशासनिक अधिकारियों के लिये एक संदेश है और इस आदेश से साफ झलकता है कि कानून की नजर में सब समान हैं एवं उच्च प्रशासनिक अधिकारी होने के आधार पर अपराध करने की छूट किसी को नहीं मिल सकती है ।
एसडीएम अशोक कुमार मार्बल के विरुद्ध भू अर्जन घोटाला में अपराध दर्ज करने की कार्यवाही आर्थिक अपराध अनुसंधान ब्यूरो रायपुर में लंबित है तथा बजरमुड़ा जमीन घोटाला में इस अधिकारी के विरुद्ध अपराध दर्ज करने का आदेश कलेक्टर रायगढ़ द्वारा घरघोड़ा के अनुविभागीय अधिकारी को दिया गया है ।