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  • कबीरधाम DEO फील्ड के लायक नही, तत्काल हटाया जावे,शिक्षक पर कार्यवाही रदद् करे व डीईओ पर भी कार्यवाही करे…

    कबीरधाम DEO फील्ड के लायक नही, तत्काल हटाया जावे,शिक्षक पर कार्यवाही रदद् करे व डीईओ पर भी कार्यवाही करे…

    बिलासपुर। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रांत अध्यक्ष संजय शर्मा, संयोजक सुधीर प्रधान, वाजिद खान, प्रदेश उपाध्यक्ष हरेंद्र सिह, देवनाथ साहू बसंत चतुर्वेदी, प्रवीण श्रीवास्तव, विनोद गुप्ता, डॉ. कोमल वैष्णव, प्रांतीय सचिव मनोज सनाढ्य, प्रांतीय कोषाध्यक्ष शैलेंद्र पारीक, रमेश चन्द्रवंशी, संजय वर्मा, रविन्द्र चन्द्रवंशी, हेमलता शर्मा, आसकरण धुर्वे, उग्रसेन चन्द्रवंशी, सुरतिया साहू, मनोज चन्द्रवंशी, राजेन्द्र कौशिक, देवानंद चन्द्रवंशी, आशा पाण्डे ने कहा कि कबीरधाम में जिला शिक्षा अधिकारी श्री राकेश पांडे द्वारा अपने निरीक्षण के दौरान शिक्षक के सही उच्चारण और लेखन की त्रुटि के लिए वेतन वृद्धि रोकने का आदेश जारी किया है, किंतु उनके द्वारा जारी आदेश में स्वयं उन्होंने गंभीर त्रुटियां की है उन्होंने दो बार असमर्थता को गलत ढंग से लिखा है और भी यह बात ध्यान में रखने योग्य है कि जिला शिक्षा अधिकारी शिक्षक को बार-बार अंत्येष्टि की जगह अंत्येष्ठि लिखने को कह रहे हैं।https://googleads.g.doubleclick.net/pagead/ads?client=ca-pub-6950617826632720&output=html&h=302&slotname=7302585466&adk=775418311&adf=3681810822&pi=t.ma~as.7302585466&w=362&fwrn=7&lmt=1628580714&rafmt=11&psa=1&format=362×302&url=https%3A%2F%2Fwww.cgwall.com%2Fteachers-organization-opened-march-against-deo-kabirdham-is-not-fit-for-deo-field%2F&flash=0&wgl=1&uach=WyJBbmRyb2lkIiwiMTAiLCIiLCJTTS1BNzUwRiIsIjkyLjAuNDUxNS4xMzEiLFtdLG51bGwsbnVsbCxudWxsXQ..&tt_state=W3siaXNzdWVyT3JpZ2luIjoiaHR0cHM6Ly9hdHRlc3RhdGlvbi5hbmRyb2lkLmNvbSIsInN0YXRlIjo3fV0.&dt=1628580712928&bpp=7&bdt=2999&idt=1877&shv=r20210805&mjsv=m202108090101&ptt=9&saldr=aa&abxe=1&cookie=ID%3D202d3b21ca7c4d13-22108f4aecc80058%3AT%3D1621865420%3ART%3D1621865420%3AS%3DALNI_MbG2NTJMHfzzyZ3nYqVZzci_Pr7zQ&prev_fmts=403×90%2C387x90&correlator=2404723756888&frm=20&pv=1&ga_vid=1848163612.1621865419&ga_sid=1628580715&ga_hid=1619704937&ga_fc=0&rplot=4&u_tz=330&u_his=1&u_java=0&u_h=846&u_w=412&u_ah=846&u_aw=412&u_cd=24&u_nplug=0&u_nmime=0&adx=25&ady=1101&biw=412&bih=718&scr_x=0&scr_y=0&eid=42530671%2C20211866%2C31060006%2C21067496&oid=3&pvsid=798320769301187&pem=792&eae=0&fc=896&brdim=0%2C0%2C0%2C0%2C412%2C0%2C412%2C718%2C412%2C718&vis=1&rsz=%7C%7CopeEbr%7C&abl=CS&pfx=0&fu=128&bc=31&ifi=3&uci=a!3&btvi=1&fsb=1&xpc=0gBufJvDEu&p=https%3A//www.cgwall.com&dtd=1905

    निश्चित रूप से इस शब्द के सही उच्चारण और लेखनी से वे स्वयं अनभिज्ञ हैं जो कि वायरल वीडियो से स्पष्ट है ।यही नहीं शिक्षक द्वारा लिखे गए शब्द की सत्यता को लेकर संदेह होने के कारण उन्होंने अपने साथ आए हुए कुरैशी जी से इसकी पुष्टि करवाई, फोटोबाज व वीडियो पसंद डीईओ ने कोरोना काल मे मास्क भी नही पहने है, शिक्षा विभाग के जिला प्रमुख का यह संदेश हजारो छात्रों तक पहुंच गया है।

    वीडियो बनवाकर वायरल करने वाले डीईओ ने शिक्षकों की गरिमा से खिलवाड़ किया है, जिससे प्रदेश भर के शिक्षकों में रोष व्याप्त है, शीघ्र डीईओ को कबीरधाम से हटाया जावे,,अपने हस्ताक्षरित नाम के पहले अपने आप को महिमा मंडित करने वाले अधिकारी ने समाज मे शिक्षक का सम्मान कम करने प्रयास किया है।

    छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन शिक्षक की कमियों का बचाव नहीं करता है और यदि शिक्षक द्वारा अपने शैक्षिक कर्तव्य में कोई चूक की जाती है तो उसके संबंध में शासन द्वारा दंडित किए जाने का भी बचाव नहीं करता है किंतु इन सब को वर्तमान परिपेक्ष में निष्पक्षता पूर्वक विश्लेषित करने की भी आवश्यकता पर बल देता है क्योंकि काफी लंबे समय से कोरोना वायरस प्रकोप के कारण शालाएं बंद थी जो बमुश्किल 10 दिन से खुली है ऐसी स्थिति में बच्चों के शैक्षिक स्तर का आंकलन तत्क्षण किया जाना भी न्यायोचित नहीं है।

    छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों शिक्षा प्रमुख सचिव, सचिव व डीपीआई से मांग करता है कि शिक्षक व जिला शिक्षा अधिकारी दोनो की गलती बराबर है अतः एक जैसी त्रुटि के लिए कर्मचारी और अधिकारी दोनों पर कार्यवाही में विभेद नहीं किया जाना चाहिए। विभाग/कलेक्टर शिक्षक पर की गई कार्यवाही रदद् करे या डीईओ पर भी समान कार्यवाही करे।

    यदि शिक्षक अपने किसी कमी के कारण जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा दंड का भागी बना है तब वही जिला शिक्षा अधिकारी यदि वैसी ही गलती स्वयं करता है तो निश्चित रूप से यह उस शिक्षक से भी बड़ी गलती मानी जानी चाहिए।

    जिला शिक्षा अधिकारी कबीरधाम को सम्पूर्ण शिक्षा जगत से क्षमा मांगते हुए, शिक्षक पर की गई कार्यवाही को रद्द करना चाहिए।अतः छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन जिला शिक्षा अधिकारी कबीरधाम के ऊपर भी समान कार्यवाही की मांग करता है एवं उनके त्रुटियों के लिए उन पर शास्ति रोपित करने तथा वेतन वृद्धि रोकने जैसी कार्रवाई करने की मांग करता है।

  • गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा से एंकर ने पूछा, हेयरस्टाइल की प्रेरणा कौन है? शाहरुख या इशांत!

    गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा से एंकर ने पूछा, हेयरस्टाइल की प्रेरणा कौन है? शाहरुख या इशांत!

    गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा (Gold Medalist Neeraj Chopra) को भला कौन नहीं जानता है. आज के समय में वो भारत के सुपरस्टार हैं. टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympic) में गोल्ड मेडल (Gold Medal) जीतकर उन्होंने इतिहास रच दिया है. पूरे देश के लिए वो प्रेरणा बन चुके हैं. आज सभी देशवासियों के सोशल मीडिया (Social Media) और व्हाट्सएप (Whatsapp) की शोभा बने हुए हैं. अभी हाल ही में नीरज चोपड़ा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है।

    वीडियो को सोशल मीडिया पर @TajinderBagga नाम के ट्विटर यूज़र ने पोस्ट किया है. ये वीडियो मात्र 54 सेकंड का है, मगर इसे देखने के बाद आप नीरज के भोलेपन के दीवाने हो जाएंगे. इस वीडियो क्लिप में आप देखेंगे कि एक एंकर नीरज चोपड़ा के पास जाता है और सवाल पूछने लगता है. नीरज चोपड़ा जवाब देने के लिए अपनी सीट से खड़े हो जाते हैं, तो एंकर उन्हें बैठने को कहता है. एंकर अपना सवाल अंग्रेजी में पूछता है तो इस पर नीरज चोपड़ा कहते हैं,सर! हिन्दी में सवाल पूछिए।

    एंकर सवाल पूछते हैं कि जैवलिन (Javelin Throw) में रुचि कब से हुई? नीरज जवाब देते हैं- गांव में अलग-अलग स्पोर्ट्स होते हैं, सीनियर्स को ये गेम खेलते देखा तो मैंने भी शुरुआत कर ली.
    एंकर इतना ही रुकता है, एंकर का अगला सवाल होता है- हेयरस्टाइल की प्रेरणा कौन है? शाहरुख या इशांत शर्मा? इस पर नीरज चोपड़ा का जवाब होता है- कोई नहीं, मैं खुद हूं।

    वीडियो 26 हज़ार से ज्यादा लोगों ने देखा है. करीब 5 हज़ार से ज्यादा लोगों ने इस वीडियो को लाइक किया है, वहीं 1 हज़ार से ज्यादा लोगों इसे रिट्विट किया है. इस वीडियो पर कई यूज़र्स ने बेहतरीन कमेंट भी किए हैं. गोल्फ खिलाड़ी अर्जुन भाटी ने कमेंट करते हुए लिखा है इस पल का मैं भी साक्षी हूं. मैं उस समय इसी समय था.


    @ganesharaokv नाम के यूज़र ने कमेंट करते हुए लिखा है- भाई की सादगी पर मैं फिदा हूं. हिन्दी में बात करना, सम्मान देना एक अच्छे भारतीय की पहचान है।

  • पीताम्बर पटेल को प्रेस क्लब ने दी भावभीनी बिदाई

    पीताम्बर पटेल को प्रेस क्लब ने दी भावभीनी बिदाई


    खरसिया। खरसिया एसडीओपी पीतांबर पटेल को पदोन्नत कर बलोदा बाजार का अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बनाया गया है, जिसकी बधाई देने के लिये खरसिया प्रेस क्लब के सदस्यों ने एसडीओपी कार्यालय में एसडीओपी पीतांबर पटेल से सौजन्य मुलाकात की तथा उनकी पदोन्नति की बधाई देते हुये उन्हे नवीन पदस्थापना के लिये शुभकामनाएं दी।


    गौरतलब है कि लगभग दो वर्ष से खरसिया एसडीओपी रहे पीतांबर पटेल को राज्य सरकार ने पदोन्नत कर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बनाया है साथ ही बलौदाबाजार जिले में स्थानांतरण भी किया है, इसी तारतम्य में खरसिया प्रेस क्लब के सदस्यों ने एसडीओपी कार्यालय में एसडीओपी पीतांबर पटेल से सौजन्य मुलाकात की तथा उनकी पदोन्नति की बधाई देते हुये उन्हे नवीन पदस्थापना के लिये शुभकामनाएं दी। इस दौरान एसडीओपी पीतांबर पटेल ने कहा कि उनके दो वर्ष के कार्यकाल में नगर के प्रेस जगत का उन्हे भरपूर सहयोग मिला है, खरसिया के पत्रकारों से उनका आत्मीय संबंध है, तथा खरसिया पुलिस का सहयोग करने के लिये उन्होंने प्रेस क्लब खरसिया का आभार व्यक्त किया। प्रेस क्लब के संयोजक सुनील अग्रवाल ने कहा कि उनके कार्यकाल में पुलिसिंग चौकस हुयी है तथा खरसिया पुलिस ने उनके नेतृत्व में कई मामलों का खुलासा किया है। खरसिया नगर में कैमरे लगाकर पूरे नगर को तीसरी आंख की जद में सुरक्षित करने के साथ साथ कोराना काल के दौरान भी उनके नेतृत्व में खरसिया पुलिस ने कोरोना वारियर्स के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    प्रेस क्लब के सदस्यों ने उन्हे पदोन्नति की बधाई देते हुये उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है। इस दौरान खरसिया प्रेस क्लब के सुनील अग्रवाल, कैलाश गर्ग, अरूण चौधरी, विकास ज्योति, प्रहलाद बंसल, जगदीश मित्तल, संतोश यादव, गोपाल नायक, दयाशंकर दर्शन , संजय गुप्ता, धीरज राठौर, ड़िग्रीलाल जगत, कैलाश शर्मा सहित अन्य पत्रकारगण उपस्थित थे।

  • शिव मंदिर भगत तालाब में भव्यता से मनाई गई शिवरात्रि…

    शिव मंदिर भगत तालाब में भव्यता से मनाई गई शिवरात्रि…

    खरसिया। सावन महिने के पावन अवसर पर खरसिया में स्थित शहर के प्रसिद्ध शिव मंदिर भगत तालाब में शिवरात्रि का पर्व शिव परिवार द्वारा बडे ही धूमधाम एवं भव्यवतापूर्वक मनाया गया। इस दौरान शिव परिवार द्वारा शिवरात्रि के पावन पर्व पर देवो के देव भगवान महादेव का विशेष रूप से श्रृंगार किया गया। शाम को भजन संध्या के पश्चात भगवान भोलेनाथ की महाआरती की गयी तथा भक्तों को प्रसाद का वितरण किया गया।
    विदित हो कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी खरसिया में विभिन्न शिव मंदिरों में शिवरात्रि के अवसर पर बडी संख्या में भगवान भोले शंकर के भक्तों द्वारा विशेष पूजा अर्चना की गई।

    इसी कडी में खरसिया के प्रसिद्ध भगत तालाब जो कि पूरे छत्तीसगढ में मछली तालाब के नाम से प्रसिद्ध है वहां स्थित शिव मंदिर में शिव परिवार द्वारा सावन मास के शिवरात्रि के अवसर पर पूरे मंदिर को विशेष तौर पर फुलों एवं रंगीन झालरों से सजाया गया था। शिवरात्रि के पावन आवसर पर शिव मंदिर भगत तालाब में भगवान शिव के भक्तों का दिन भर तांता लगा रहा। वहीं शिव परिवार द्वारा शिव मंदिर में शिवरात्री का पर्व बडे ही धूमधाम से मनाते हुए भोले भंडारी का विषेश रूप से श्रृगांर किया गया।

    शिव मंदिर भगत तालाब में रात्रि 7 बजे से बाबा के भक्तों द्वारा भोले शंकर एवं मॉं पार्वती के भजनों से बाबा को भक्तों को भाव विभोर किया गया। इस दौरान बाबा भोलेनाथ के भक्त बाबा के भजनों पर मस्ती के साथ थिरकते दिखे वहीं रात्रि में शिव परिवार द्वारा भगवान शंकर की आरती पश्चात प्रसाद का वितरण किया गया। इस दौरान शिवमण्ड़ल के पुरषोत्तम अग्रवाल, श्याम सुन्दर अग्रवाल, विजय अग्रवाल, पवन अग्रवाल, सुनील अग्रवाल, संतोष अग्रवाल, दिनदयाल अग्रवाल, नारायण चक्रधारी, मुकेश अग्रवाल, विकास कबुलपुरिया, विनोद अग्रवाल, कन्हैया राठौर, शेरू शर्मा, राधे अग्रवाल, आकाश शर्मा, महिला मण्ड़ल की शकुन्तला देवी अग्रवाल, कविता अग्रवाल, मनीषा अग्रवाल, रेखा अग्रवाल, आशा अग्रवाल, नंदिनी गोयल सहित नगर के भक्त उपस्थित थे।

  • IPS के बाद IAS अधिकारी का अश्लील वीडियो वायरल, पुलिस जांच में जुटी…

    IPS के बाद IAS अधिकारी का अश्लील वीडियो वायरल, पुलिस जांच में जुटी…

    उत्तर प्रदेश में एक आईपीएस का अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद अब एक आईएएस अधिकारी का अश्लील वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो शिक्षा विभाग में विशेष सचिव स्तर के एक अफसर का है. जिसमें एक महिला से चैट के दौरान बनाया गया उनका अश्लील वीडियो सामने आया है. इस संबंध में लखनऊ साइबर सेल ने छानबीन शुरू कर दी है. यह मामला यूपी की राजधानी लखनऊ का है. दरअसल, आईएएस अधिकारी का वायरल वीडियो इसी साल मार्च से पहले का बताया जा रहा है. अधिकारी को हनी ट्रैप में फंसाकर वीडियो बनाया गया है. पहले महिला ने अधिकारी को जाल में फंसा कर उसका वीडियो बनाया और इसके बाद वह अधिकारी को ब्लैकमेल करने लगी. अब यह अश्लील वीडियो जब सोशल मीडिया में वायरल हुआ तो पीड़ित आईएएस अधिकारी ने मामले की शिकायत लखनऊ पुलिस के साइबर सेल में की. शिकायत मिलते ही लखनऊ साइबर सेल की टीम मामले की जांच में जुट गई है. अभी आरोपी महिला पुलिस के हाथ नहीं आई है.

  • लोगों को मिलेगी राहत, ट्रैफिक पुलिस अब गाड़ी रोककर नहीं चेक कर सकेगी दस्तावेज, नया आदेश जारी…

    लोगों को मिलेगी राहत, ट्रैफिक पुलिस अब गाड़ी रोककर नहीं चेक कर सकेगी दस्तावेज, नया आदेश जारी…

    मुंबई। सड़कों पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से शहरवासियों को मुक्ति दिलाने के लिए अब सड़कों पर वाहन चेकिंग नहीं की जाएगी। ट्रैफिक पुलिस के लिए नया आदेश जारी कर दिया है। इस आदेश के तहत ट्रैफिक पुलिसकर्मी अब सड़कों पर वाहनों को रोककर चालकों से दस्तावेज संबंधी पूछताछ नहीं कर सकते। हालांकि, पुलिस आयुक्त ने इस आदेश में कहा है कि ट्रैफिक पुलिस को विशेष परिस्थिति में या ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने की स्थिति में दोषी वाहन चालकों के खिलाफ कानूनी जांच या नाकाबंदी कर वाहनों की जांच करने का अधिकार होगा।

  • सोशल मीडिया पर वायरल हुआ हेडक्वॉर्टर में तैनात पुलिस का यह जवान ड्यूटी के बाद करता है डांस…

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ हेडक्वॉर्टर में तैनात पुलिस का यह जवान ड्यूटी के बाद करता है डांस…

    मुंबई पुलिस काम के प्रति अपनी ईमानदारी को लेकर काफी लोकप्रिय है, लेकिन इस बार यहां तैनात एक पुलिसकर्मी अपने डांस वीडियो के लिए वाहवाही लूट रहा है। दरअसल, मुंबई पुलिस के 38 वर्षीय पुलिस नायक का डांस वीडियो सोशल मीडिया पर धूम मचा रहा है और खबर लिखे जाने तक इसे हजारों लाइक मिल चुके हैं। यह है पूरा मामला जानकारी के मुताबिक, मुंबई पुलिस में तैनात अमोल यशवंत कांबले नयगांव पुलिस हेडक्वॉर्टर में पोस्टेड हैं। वह अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद डांस करते हैं और छुट्टी के दिन भी अपना शौक पूरा करते हैं। वह इन वीडियो को सोशल मीडिया पर भी पोस्ट करते हैं, जिनमें से एक वीडियो इस वक्त वायरल हो चुका है। बता दें कि अमोल ने फिल्म अप्पू राजा के गाने ‘आया है राजा’ पर जोरदार डांस किया था, जिसका वीडियो अब धूम मचा रहा है।

    लोगों को करते हैं जागरूक

    कांबले ने बताया कि उनका डांस एक थीम पर आधारित था, जिसमें एक ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी दोपहिया वाहन चालकों को मास्क लगाने के प्रति जागरूक करता है। साथ ही, अपने डांस मूव से उन्हें समझाता है। मुंबई के माहिम इलाके में रहने वाले कांबले 2004 में पुलिस फोर्स में शामिल हुए थे। डांस उनका पैशन है और वह बचपन से परफॉर्म कर रहे हैं।

    कई डांस शो कर चुके हैं अमोल

    उन्होंने बताया कि उनके बड़े भाई कोरियोग्राफर हैं। मैं पुलिस फोर्स में शामिल होने से पहले उनके साथ कई डांस शो भी कर चुका हूं। पुलिसकर्मी होने के नाते मेरी जिम्मेदारी कानून व्यवस्था बरकरार रखना और लोगों की सुरक्षा करना सबसे पहले है। हालांकि, जब मेरी छुट्टी होती है तो मैं अपने और बहन के बच्चों के साथ जमकर मस्ती करता हूं।

  • राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदला, अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार रखा गया नाम…

    राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदला, अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार रखा गया नाम…

    दिल्ली। राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदल दिया गया है। अब खेल रत्न पुरस्कार मेजर ध्यानचंद के नाम पर रखा गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है।

    मुझे पूरे भारत के नागरिकों से खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद के नाम पर रखने के लिए कई अनुरोध प्राप्त हो रहे हैं।

    उनकी भावना का सम्मान करते हुए, खेल रत्न पुरस्कार को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार कहा जाएगा: प्रधानमंत्री

  • इतिहास में पहली और आखिरी बार हुआ था परमाणु बमों से हमला, जानें 6 और 9 अगस्त 1945 को कैसी क़यामत आई?

    इतिहास में पहली और आखिरी बार हुआ था परमाणु बमों से हमला, जानें 6 और 9 अगस्त 1945 को कैसी क़यामत आई?

    आज 6 अगस्त है. आज ही के दिन 76 साल पहले 6 अगस्त 1945 को अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा शहर पर दुनिया का पहला परमाणु बम हमला किया था. इसके तीन दिन बाद जापान के ही नागासाकी शहर पर दूसरा परमाणु बम गिराया गया. दोनों शहर लगभग पूरी तरह तबाह हो गए. डेढ लाख से अधिक लोगों की पल भर में जान चली गई और जो बच गए वो अपंगता के शिकार हो गए. दूर-दूर तक के इलाकों में घंटों काली बारिश होती रही और रेडियोएक्टिव विकिरण ने जिंदादिली से भरे इन दोनों शहरों में कहर बरपा दिया. चारों तरफ मौत का मंजर पसरा था।

    वक्त बीतता गया लेकिन तबाही थमी नहीं और आने वाले कई दशकों तक इसका असर दिखा. दुनिया के इतिहास में इससे भीषण जंग न पहले कभी हुई थी और ना ही उसके बाद कभी दुनिया ने देखी. परमाणु हथियारों की होड़ में लगी दुनिया में इसके इस्तेमाल की धमकियां तो कई देश लगातार देते रहे हैं लेकिन उसके इस्तेमाल के नतीजे सबको पता है. इसलिए कई एक्सपर्ट परमाणु हथियारों को युद्ध न होने की गारंटी भी बताते हैं।

    1939 में शुरू हुआ दूसरा विश्व युद्ध निर्णायक स्थिति की ओर पहुंच रहा था लेकिन जापान के हमले थमने का नाम नहीं ले रहे थे. ऐसे में अमेरिका ने वो कदम उठाया जिसका न तो दुनिया में किसी को इल्म था और ना ही भविष्य में कोई भी वो मंजर देखना चाहेगा. 6 अगस्त 1945 को सुबह के करीब आठ बजे हिरोशिमा पर परमाणु बम का जोरदार हमला हुआ. ये हमला इतना जबरदस्त था कि कुछ ही पल में 80 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई. बम धमाकों में इतनी गर्मी थी कि लोग सीधे जल गए. एक मिनट के भीतर हिरोशिमा शहर का 80 फीसदी हिस्सा राख हो गया. तबाही यही नहीं थमी. इसके बाद हजारों लोग परमाणु विकिरण से जुड़ी बीमारियों के चलते मारे गए. एक अध्ययन से पता चला कि बम गिरने की जगह के 29 किलोमीटर क्षेत्र में काली बारिश हुई. जिससे मौतें बढ़ीं और इस काली बारिश ने अपने संपर्क में आने वाली सभी चीजों को भी दूषित कर दिया।

    हिरोशिमा शहर में हुए परमाणु बम हमले से जापान उबरा भी नहीं था कि तीन दिन बाद ही 9 अगस्त को दूसरे शहर नागासाकी पर दूसरा परमाणु बम हमला हो गया. नागासाकी पर गिराया गया बम हिरोशिमा से भी ज्यादा शक्तिशाली था. नागासाकी में 9 अगस्त की सुबह करीब 11 बजे परमाणु बम गिराया गया. इस हमले में 40 हजार से ज्यादा लोगों की जान चली गई. विस्फोट के बाद परमाणु विकिरण के संपर्क में आने और विस्फोटों के बाद हुई ‘काली बारिश’ से भी दोनों शहरों में हज़ारों लोगों की मौत हो गई थी।

    हिरोशिमा पर अमेरिकी परमाणु हमले को 1941 के अमेरिका के नौसैनिक बेस पर्ल हार्बर पर किए गए जापानी सेना के हमले का बदला माना गया. अमेरिका को उम्मीद थी कि परमाणु हमले के बाद जापान सरेंडर कर देगा. नागासाकी पर हमले के 6 दिन बाद जापान ने बिना किसी शर्त समर्पण करने की घोषणा भी कर दी और इसी के साथ द्वितीय विश्व युद्ध भी आधिकारिक तौर पर खत्म हो गया।

    क्या अब भी हैं तबाही के निशां? परमाणु हमलों के बाद रेडियोएक्टि विकिरण के शिकार जापानी लोगों की अदालती लड़ाई 76 साल बाद अब भी जारी है. अभी पिछले महीने ही वहां के हाईकोर्ट ने काली बारिश के पीड़ित 84 लोगों की याचिका पर उन्हें मेडिकल सुविधाएं देने के पक्ष में फैसला दिया. जापानी अदालत के इस फैसले का असर सरकार की ओर से जारी उस रिव्यू प्रोसेस पर भी होगा जो इस बात का परीक्षण करने के लिए शुरू किया है कि क्या परमाणु बम हमले के शिकार लोगों और काली बारिश के प्रभाव के लिए चिन्हित एरिया से बाहर के प्रभावित लोगों को भी समान हेल्थ सुविधाएं दी जानी चाहिए. दशकों से पीड़ित लोग अदालतों में अपनी मांग के लिए लड़ रहे हैं. अदालत ने साफ कहा कि सरकार द्वारा चिन्हित इलाके के बाहर भी काली बारिश से बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए थे और उन्हें हेल्थ सुविधाएं दी जानी चाहिए. अब उन्हें विकिरण से होने वाली 11 चिन्हित बीमारियों के इलाज की सुविधा मिल सकेगी. जापान की अदालत के इस फैसले से कोर्ट के बाहर मौजूद पीड़ितों में उत्साह की लहर दौड़ गई. स्थानीय मीडिया से बात करते हुए पीड़ितों के संघ के 83 साल के अध्यक्ष मसाकी तकानो ने कहा- ‘मैं कोर्ट का इस फैसले के लिए आभार जताता हूं. साथ ही राज्य प्रशासन और शहर के प्रशासन से अपील करता हूं कि पीड़ितों को ये सुविधाएं मिलने दें और ऊपरी अदालत में इस फैसले को चुनौती न दें’. अदालत के इस फैसले पर हिरोशिमा के मेयर कजूमी मतसुई ने कहा- ‘शहर के लोगों की इच्छा को ध्यान में रखते हुए सिटी प्रशासन सरकार और तमाम पक्षों के साथ इस बारे में विचार करेगी कि क्या काली बारिश से प्रभावित इलाके का दायरा बढ़ाया जा सकता है?

    ‘ कोर्ट में दशकों से लंबित मामले के पीछे विवाद क्या?

    परमाणु हमले के शिकार हिरोशिमा के लोगों की दशकों पुरानी ये लड़ाई सरकार के उस फैसले के खिलाफ है जिसमें सरकार ने बम गिरने की जगह के 19 किलोमीटर लंबे और 11 किलोमीटर चौड़े दायरे के एक ओवल शेप्ड इलाके को काली बारिश से प्रभावित माना था. परमाणु बम हमले के बाद कई इलाकों में एक घंटे तक काली बारिश हुई थी और विकिरण के कारण बहुत सारे लोगों की मौत हो गई थी तो कई लोग विकलांग हो गए थे. इन इलाकों में कई दशकों तक जन्मने वाले लोगों में विकलांगता के लक्षण पाए गए. लेकिन इस दायरे के बाहर कई इलाके के लोगों ने भी दावा किया कि विकिरण का असर उनके इलाकों में हेल्थ पर भी हुआ है और सरकार की ओर से उन्हें भी मेडिकल सुविधाएं और अन्य राहत मिलनी चाहिए।

    आज का हिरोशिमा कैसा है?

    परमाणु हमले से तबाह हुआ हिरोशिमा शहर जापान के सबसे बड़े द्वीप होंशू में स्थित है. तबाही के बाद दोबारा इस शहर को बसाने में जापान ने काफी मेहनत की. आज यह एक अच्छा खासा विस्तारित शहर है. यहां की आबादी करीब 12 लाख है. यहां की आबादी काफी घनी बसी हुई है लेकिन सिस्टमेटिक डेवलपमेंट और जल स्रोतों के बेहतर मैनेजमेंट के कारण आज हिरोशिमा काफी सुंदर शहर के रूप में दिखता है. देश की राजधानी टोक्यो के साथ ही चीन, ताइवान, सिंगापुर और दक्षिण कोरिया के लिए अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स भी यहां से सीधे उड़ान भरती हैं. शहर के अंदर देखें तो एस्ट्राम लाइन, सीनो लाइन और ट्रेन सेवा भी शहर को काफी व्यवस्थित बनाती हैं. हिरोशिमा की सड़कों के बीच में चलने वाली स्ट्रीटकार और लाइट रेल वेहिकल खासकर जापान भर में मशहूर हैं. कई आधुनिक शिक्षण संस्थान, यूनिवर्सिटी, कल्चरल सेंटर और रॉयल कैसल यहां की सांस्कृतिक विविधता और खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं. लोहे के प्लेट पर बनने वाले स्वादिष्ट पैनकेक के लिए हिरोशिमा शहर खास तौर पर जाना जाता है. लाखों की तादाद में सैलानी दुनियाभर से हर साल यहां आते हैं. हिरोशिमा मेमोरियल और म्यूजियम लोगों को परमाणु हमले की तबाही के निशां याद दिलाते हैं।

    आज के नागासाकी की तस्वीर कैसी है?

    नागासाकी जापान के दक्षिण पश्चिम क्यूशू द्वीप में समुद्र के किनारे स्थित शहर है. यह शहर 405.9 वर्ग किलोमीटर इलाके में फैला हुआ है. यहां की आबादी 4 लाख 7 हजार के करीब है. हाशिमा द्वीप, पीस पार्क, एटॉमिक बम मेमोरियल यहां के प्रमुख टूरिस्ट केंद्र हैं. फरवरी-मार्च में होने वाला नागासाकी लैलटर्न फेस्टिवल यहां का मुख्य सांस्कृतिक आयोजन है. सख्त ट्रैफिक रूल और सड़क के बीच चलने वाले एसट्राम यहां की परिवहन व्यवस्था को सुविधाजनक बनाते हैं. आज नागासाकी एक पोर्ट सिटी के रूप में जाना जाता है. खासकर यहां की जहाज निर्माण इंडस्ट्री बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार देने का साधन साबित हुई है. समंदर के लंबे किनारों के कारण यह शहर एक खूबसूरत टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में भी विकसित हुआ है. अगस्त का महीना यहां सबसे गर्म रहता है. हालांकि, सर्दी के मौसम में बर्फबारी भी आकर्षण का केंद्र रहती है. 2016 में यहां 17 सेंटीमीटर तक स्नोफॉल हुआ था।

    दुनिया क्या सबक ले सकती है?

    परमाणु बम हमले की मार झेल चुका जापान आज अपनी तकनीक और मेहनत की बदौलत दुनिया के सबसे विकसित देशों में है. लेकिन उसकी प्रतिज्ञा साफ है कि वह देश में परमाणु हथियारों का स्वामित्व, उत्पादन या अनुमति नहीं देगा. परमाणु तकनीक को वह केवल शांतिपूर्ण तरीके से ऊर्जा उत्पादन के लिए इस्तेमाल का समर्थन करता है. हालांकि, दुनिया की आज की तस्वीर जापान जैसी नहीं है. दुनिया में परमाणु हथियारों की रेस तेज ही होती जा रही है. दुनिया के परमाणु हथियारों पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था सिपरी के अनुसार वैश्विक रूप से परमाणु हथियारों की संख्या पिछले साल से और अधिक बढ़ गई है. साल 2020 में 3,720 परमाणु बम दुनियाभर में तैनात थे, वहीं साल 2021 में 3,825 परमाणु हथियार कभी भी हमला करने के लिए बिल्कुल तैयार हालत में रखे गए हैं. सिपरी के अनुसार नौ परमाणु सशस्त्र देश इस रेस को बढ़ा रहे हैं जिनमें अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन, भारत, पाकिस्तान, इस्राइल और उत्तर कोरिया को शामिल किया गया है. रिपोट के मुताबिक साल 2021 में इन देशों के पास कुल 13,080 परमाणु बम हैं जबकि साल 2020 में यह आंकड़ा 13,400 था.

  • समाज की ‘सेहत’ के लिए नुकसानदेह हैं कुंद्रा, गहना की भी ज़मानत अर्जी खारिज…

    समाज की ‘सेहत’ के लिए नुकसानदेह हैं कुंद्रा, गहना की भी ज़मानत अर्जी खारिज…

    मुंबई। मुंबई की एक अदालत ने फिल्म अदाकारा शिल्पा शेट्टी के खाविंद और कारोबारी राज कुंद्रा और उनके सहयोगी रेयान थोर्प की जमानत की अर्जी खारिज कर दी. इसके साथ ही अदालत ने कहा है कि दोनों को जिस मुबैयना गुनाह के लिए गिरफ्तार किया गया है, वह समाज की सेहत के लिए ‘‘नुकसानदेह’’ था, और ऐसे मामलों में समाज के हित की ‘‘अनदेखी’’ नहीं की जा सकती है. अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट एस बी भाजीपाले ने ऐप्स के जरिए अश्लील सामग्री के मुबैयना निर्माण और उसकी स्ट्रीमिंग से संबंधित मामले में 28 जुलाई को कुंद्रा और थोर्प की जमानत अर्जी खारिज करते हुए यह टिप्पणी की थी. अदालत ने यह भी कहा कि पुलिस ने इस मामले में सही कानूनी प्रक्रिया का पालन किया है. अदालत के आदेश की काॅपी मंगल को ही उपलब्ध हुई है. वहीँ दूसरी जानिब मंगल को एक सेशन कोर्ट ने अभिनेत्री गहना वशिष्ट की गिरफ़्तारी से बचने के लिए अग्रिम ज़मानत की अर्जी को खारिज कर दिया है. गहना राज कुंद्रा के अश्लील फिल्म केस में एक आरोपी हैं. उन्हें पुलिस ने पूछताछ के लिए कई बार बुलाया है और उनका बयान दर्ज किया है. गहना को इस बात का अंदेशा है कि उनकी भी इस केस में गिरफ़्तारी हो सकती है।

    सामाजिक हित को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता 
    कुंद्रा और थोर्प को मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने 19 जुलाई को गिरफ्तार किया था और अभी वह न्यायिक हिरासत में है. मजिस्ट्रेट ने कहा कि कथित अपराध ‘‘समाज के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक’’ है और ‘‘एक व्यापक सामाजिक आयाम वाले अपराध के अभियोजन में सामाजिक हित को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. आरोपियों ने बम्बई उच्च न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाया है और यह कहते हुए अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी है कि पुलिस ने गिरफ्तारी से पहले अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 41 ए के तहत जरूरी नोटिस जारी नहीं किया है. इस मामले में उच्च न्यायालय ने अपना फैसला सुरक्षित रखा है।

    यह कहना सही नहीं है कि आरोपी जमानत के लायक हैं 
    हालांकि, मजिस्ट्रेट ने पाया कि मामले के जांच अधिकारी (आईओ) ने जरूरत के हिसाब से गिरफ्तारी की वजह दर्ज की थी. उन्होंने कहा कि यह अदालत 20 जुलाई (रिमांड के लिए सुनवाई के दौरान) को इस नतीजे पर पहुंची थी कि यह गिरफ्तारी कानून के मुताबिक हुई है. मजिस्ट्रेट ने कहा कि आईओ ने दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के कारण दर्ज किए थे. ऐसे हालात में यह नहीं कहा जा सकता है कि आरोपी जमानत के लायक हैं. अदालत ने कहा कि आईओ के जवाब के मुताबिक, मामले का एक दूसरा आरोपी और कुंद्रा का रिश्तेदार, प्रदीप बख्शी फरार है और साथ ही, पुलिस ने बड़ी मात्रा में डेटा एकत्र किया जिसका विश्लेषण अब भी जारी है।