नई दिल्ली। कोरोना वायरस के फैलते संक्रमण की वजह से देश में लागू लॉकडाउन की वजह से रद्द ट्रेन सेवा के जल्द शुरू होने के आसान नजर नहीं आ रहे हैं. इस बीच आईआरसीटीसी ने देश में संचालित तीन निजी ट्रेनों के लिए 30 अप्रैल तक की बुकिंग रद्द करने की घोषणा कर दी है।
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रेलवे ने 2500 कोच को बदला आइसोलेशन कोच में, आपात स्थिति के लिए तैयार हुए 4000 आइसोलेशन बिस्तर
रायपुर। कोविड 19 से पार पाने के प्रयासों में सहयोग देने के क्रम में भारतीय रेलवे अपनी पूरी ताकत और संसाधन लगा दिए हैं। इतने कम समय में उसने अपने 5,000 कोच को आइसोलेशन (एकांत) कोच में तब्दील करने के शुरुआती लक्ष्य में 2,500 कोच के साथ आधा लक्ष्य हासिल कर लिया है।

लॉकडाउन के दौर में जब कार्यबल संबंधी संसाधन सीमित बने हुए हैं और उनका समझ-बूझ से इस्तेमाल किया जाना जरूरी है, रेलवे के विभिन्न मंडल कार्यालयों ने इतने कम समय में असंभव से लग रहे इस कार्य को लगभग पूरा कर लिया है। लगभग 2,500 कोचों में बदलाव के साथ अब 4,000 आइसोलेशन बेड आपात स्थिति के लिए तैयार हैं।

एक बार नमूने को जैसे ही मंजूरी मिली, मंडल रेलवे कार्यालयों ने तेजी से बदलाव का काम शुरू कर दिया था। भारतीय रेलवे के रोजाना औसतन 375 कोचों में बदलाव किया जा रहा है। देश के 133 स्थानों पर यह काम किया जा रहा है। पूर्व में जारी किए गए चिकित्सा परामर्शों के तहत इन कोचों में सभी सुविधाएं हैं। जरूरतों और नियमों के तहत सर्वश्रेष्ठ विश्राम और चिकित्सा निगरानी सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि कोविड 19 के खिलाफ लड़ाई में स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा किए जा रहे प्रयासों के पूरक के तौर पर इन आइसोलेशन कोचों को सिर्फ आपात स्थिति के लिए तैयार किया जा रहा है।

इसी कड़ी में रायपुर रेल मंडल ने अब तक दिए गए लक्ष्य 50 कोच को आइसोलेशन करना था जिसमें से रायपुर रेल मंडल द्वारा 30 काचों को आइसोलेशन कोच में दिनांक 07 अप्रैल 2020 तक आइसोलेशन में बदल दिया गया हैं।
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कोरोना मरीजों पर मिली सफलता का अनुभव सार्क देशों के साथ साझा करेंगे रायपुर एम्स के डॉक्टर
,रायपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायपुर एम्स के चिकित्सक और वैज्ञानिक सार्क देशों के साथ यहां मिली सफलता को साझा करने की तैयारी कर रहे हैं. इन अनुभवों को अन्य देशों के चिकित्सकों को बताकर उन्हें कोरोना वायरस की चुनौती से जूझने के लिए अपनाई गई रणनीति समझाई जाएगी।
उप-निदेशक नीरेश शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सार्क देशों के प्रधानमंत्रियों के साथ वार्ता में इसके लिए प्रस्ताव रखा था. इसी के अनुरूप 13 से 20 अप्रैल के मध्य सार्क देशों के चिकित्सकों और वैज्ञानिकों की ऑनलाइन कांफ्रेंस वेबनायर आयोजित करने का प्रस्ताव है. इसमें एम्स दिल्ली के साथ ही एम्स रायपुर के चिकित्सक भी भाग लेंगे. इस वेबनायर में सार्क देशों के प्रतिनिधि मिलकर कोरोना वायरस की चुनौती के बारे में संयुक्त रणनीति पर विचार करेंगे और एक-दूसरे के देशों में मिले अनुभवों को जानेंगे।
निदेशक प्रो. डॉ. नितिन एम. नागरकर का कहना है कि यह एम्स रायपुर के लिए अति महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां के चिकित्सकों ने अब तक कोरोना वायरस से पीड़ित 6 रोगियों को ठीक करके भेज दिया है. ऐसे में एम्स रायपुर द्वारा जो प्रोटोकॉल अपनाया गया है उसे अन्य देशों के साथ साझा किया जाएगा. जिससे वे भी इससे लाभान्वित हो सके. यह ज्ञान को साझा करने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल का ही एक भाग होगा।
गौरतलब है कि प्रदेश में 10 कोरोना पॉजिटिव मरीज थे. जिसमें से 8 मरीज ठीक होने के बाद डिस्चार्च कर दिया गया है. फिलहाल 28 दिन के लिए होम क्वारंटाईन में है।
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लॉक डाउन में जाना है घर से बाहर या अपने जिले से राज्य के किसी और जिले में तो यह एप्प करेगा आपकी मदद, आओ जाने किसे और कैसे मिलेगी अनुमति
लॉक डाउन में आपको घर से बाहर जाना है मतलब अपने जिले से राज्य के दूसरे जिले में जाना है तो यह एप्प आपकी पूरी मदद करेगा। ई-पास एंड्राएड एप्प से ही आपको राज्य स्तर पर आवागमन की अनुमति मिलेगी। ज्ञात हो कि कोरोना संक्रमण के बाद लॉक डाउन ने सभी को एक जगह ठहरा दिया है। कोई कहीं आ जा नहीं सकता। मगर राज्य और जिला प्रशासन को लोगों की इस दिक्कत का भी ख्याल है जिसके लिये उपाय भी निकाले जा रहे हैं। जिला प्रशासन की ओर से आये निर्देश में बताया गया है कि लाॅकडाउन के दौरान आवश्यक सेवाओं को निर्बाध जारी रखने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एप्प लॉन्च किया है। बताया गया कि कोरोना संक्रमण को लेकर 25 मार्च से लाॅकडाउन है, लोग अपने घर में रह कर सुरक्षा के उपाय अपना रहे है। जिन्हें बाहर जाने नहीं दिया जा रहा है और यदि जाना है तो अनुमति के लिये बहुत सी पेचीदगियों से गुजरना पड़ रहा। जिसे ध्यान में रखते हुये छत्तीसगढ़ शासन ने सी.जी. कोविड-19 ई-पास एंड्राॅयड एप्प लाॅन्च किया है, जिसके जरिये 22 प्रकार की आवश्यक सेवा के परिवहन में लगे सेवा प्रदाताओं को ऑनलाइन आवागमन की स्वीकृति आसानी से मिल सकेगी। इस ऑनलाइन सिस्टम से प्रदेश के भीतर अन्य शहरों और जिलों में आने-जाने के लिए आवश्यक प्रशासनिक स्वीकृति घर बैठे मिल सकेेगी। कलेक्टर श्री रजत बंसल ने इस संबंध में बताया कि मुख्यमंत्री श्री बघेल ने शुक्रवार 03 अप्रैल को राजधानी रायपुर में सी.जी. कोविड-19 “ई-पास“ एंड्राॅयड एप्प का शुभारंभ किया।
इसके जरिए 22 प्रकार की आवश्यक सेवा के परिवहन में लगे सेवा प्रदाताओं को ऑनलाइन आवागमन की स्वीकृति आसानी से मिल सकेगी। कोविड-19 ई-पास की अनुमति की प्रक्रिया भी बहुत सरल हैै। इसके लिए https://rebrand&ly/z9k75qp लिंक पर जाकर कोविड-19 ई-पास एप डाउनलोड करके इसे इंस्टल करना होगा। इंस्टाल करने के बाद अपना मोबाइल नंबर व ओटीपी दर्ज कर अपना आवेदन पत्र पूर्ण करना होगा। आवेदन के साथ आधार कार्ड व वाहन का नंबर भी दर्ज करना जरूरी होगा। इस ई-फार्म में आवेदक को फोटो व पहचान पत्र व सेवा प्रदाता प्रमाण भी अपलोड करना अनिवार्य होगा। भरे हुए फार्म को पुलिस विभाग गुण-दोष के आधार पर स्वीकृत या अस्वीकृत करेगा। सड़क पर मौजूद पुलिस कर्मचारी इस एप्प के माध्यम से स्वीकृत आवेदनों का सत्यापन भी अपने मोबाइल के जरिए तुरंत जांच सकेंगे। उन्होंने बताया कि यह ई-पास सब्जी, दूध, फल, दवा, अनाज की दुकानों, पेट्रोल पंप व बैंक कर्मियों के लिए काफी उपयोगी है, जिन्हें आवश्यक सेवा प्रदाता के रूप में आवागमन की स्वीकृति आवश्यकता होती है। एक शहर के भीतर अथवा एक से दूसरे जिले अथवा शहर में जाने के लिए यह पास वैधानिक अनुमति के रूप में होगी एवं यात्रा करने वाले को स्वीकृति प्राप्त होने के बाद कोई असुविधा नहीं होगी। इस संबंध में बताया गया कि इसमें स्वास्थ्य कर्मचारी (डाॅक्टर, नर्स और पैरामेडिकल कर्मचारी) और ड्यूटी पर सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों को ई-पास के लिए आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है।
यह भी बताया गया कि उक्त एप्प में 22 प्रकार की सेवाओं के लिए अनुमति प्राप्त की जा सकती है, जिसमें थोक व्यापार (खाद्य पदार्थ, किराने का सामान, सब्जियां, दूध, बेकरी, मांस, मछली आदि), रिटेलर- खाद्य पदार्थ, किराने का सामान, फल, सब्जियां, बेकरी आयटम आदि, इसन सामानों का वितरण, भोजनालय से होम डिलीवरी, खाद्य, दवाओं सहित आवश्यक वस्तुओं का ई-काॅमर्स, चिकित्सा उपकरण, उचित मूल्य की दुकानें, दुग्ध संबंधित संयंत्र, बैंक कर्मचारी, नकद कोष यान, दवा एवं औषधि विक्रेता, प्रिंट और इलेक्ट्राॅनिक मीडिया/पत्रकार, वेतन और लेखा कार्यालय (केवल वेतन, मजदूरी, आकस्मिक, स्वास्थ्य एवं आवश्यक सेवाओं से संबंधित व्यय के लिए), दूरसंचार और इंटरनेट नेटवर्क सर्विस प्रदाता, पेट्रोल पम्प, एलपीजी, सीएनजी, तेल एजेंसिंयां (उनके गोदाम और परिवहन संबंधी गतिविधियों सहित), पशुओं के चारे का परिवहन। उपरोक्त सेवाओं/स्थापना से संबंधित निर्माण, रखरखाव, विनिर्माण, प्रसंस्करण, परिवहन, वितरण, भण्डारण, व्यापार, वाणिज्य और रसद, अखबार विक्रेता, दिव्यांग एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए काम करने वाले एनजीओ, व्यक्तिगत आपातकालीन स्थिति, अस्पताल में भर्ती जैसी अनिवार्य सेवाओं के लिए उक्त एप के माध्यम से अनुमति प्राप्त की जा सकती है।
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जिन जिलों में कोरोना का एक भी पीड़ित नहीं है, वहां सबसे पहले दी जाएगी लॉकडाउन से राहत
दिल्ली। सरकार के 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा के बाद अब ये पीरियड खत्म होने की कगार पर है। ऐसे में किन इलाकों को पहले लॉकडाउन से मुक्ति दी जाय इस पर मंथन चल रहा है।केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के टाप अधिकारियों के बीच इसे लेकर मीटिंग का दौर जारी है। इसके बीच जो बात साफ हो रही है वो ये कि सभी अधिकारी इस बात से सहमत हैं कि जिन शहरों में कोरोना का कोई मरीज नहीं है और जहां कोरोना का प्रकोप नहीं है वहां लॉकडाउन से सबसे पहले लोगों को राहत दी जाय। इतना ही नहीं केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारी इस बात पर सहमत हैं कि समयबद्ध तरीके से लॉकडाउन को खत्म किया जाय। इससे साफ है कि 14 अप्रैल के बाद भी तुरंत लॉकडाउन नहीं खत्म किया जाएगा। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ भी इस बारे में साफ कह चुके हैं।कोरोना वायरस के प्रभाव से जो जिले मुक्त हैं उन्हें राहत देते हुए पहले पूर्णबंदी हटाया जा सकता है। ऐसा बहुत से राज्यों के अधिकारियों का मानना है। उन्होंने इस बात के संकेत दिए हैं कि कैसे चरणबद्ध तरीके 15 अप्रैल के बाद सामान्य गतिविधि शुरू हो सकती है, जब देश में लागू लॉकडाउन खत्म होने वाला है। फिलहाल सबको सरकार के अगले ऐलान का इंंतजार है।
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छत्तीसगढ़ में 17 तब्लीगी जमातियों पर एफआइआर, जानकारी छिपाने पर की गई कार्रवाई
रायपुर। छत्तीसगढ़ में तब्लीगी जमात के 17 लोगों पर जानकारी छिपाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें 16 लोग कोरबा जिले की कटघोरा मस्जिद में मिले थे, जबकि एक अंबिकापुर में।
उधर, सरकार ने दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज से लौटे तब्लीगी जमात और उनसे जुड़े 107 लोगों की जांच कराई थी। इसकी रिपोर्ट सोमवार दोपहर बाद जारी की गई। इसके अनुसार, 83 सैंपल निगेटिव पाए गए हैं, जबकि 23 लोगों की रिपोर्ट आना बाकी है। इसमें कठघोरा की मस्जिद से मिले एक 16 वर्षीय युवक का सैंपल पहले ही पॉजिटिव पाया गया है। उसे एम्स में भर्ती कराया गया है।
विदेशी तब्लीगी जमातियों को भेजेंगे उनके मुल्क
मध्य प्रदेश के भोपाल में मौजूद विदेशी तब्लीगी जमातियों की पूरी जानकारी जुटाने के बाद पुलिस अब उन्हें डिपोर्ट (देश से बाहर करना) करने की तैयारी कर रही है। अभी उनकी संख्या करीब 70 है। पुलिस के आलाधिकारियों के मुताबिक मार्च के पहले सप्ताह में बेल्जियम, म्यांमार, कनाडा और आईवरी पोस्ट से तब्लीगी जमाती भोपाल पहुंचे थे। इनमें अधिकांश श्यामला हिल्स, ऐशबाग और जहांगीराबाद की मस्जिदों में रुके थे। सभी 70 लोगों की जांच करवाई गई तो उनमें से 20 में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। सभी विदेशी जमातियों को ताजुल मस्जिद में शिफ्ट कर दिया गया है। उपेंद्र जैन, आइजी भोपाल जोन का कहना है कि जमातियों को बाहर भेजा जाएगा। इससे संबंधित प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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जिला अस्पताल में नदारद रहे डॉक्टर, परेशान हुए मरीज और उनके परिजन, CMHO ने दी सफाई, कहा- सभी डॉक्टर ड्यूटी पर थे…
रायपुर। राजधानी के पंडरी स्थित जिला अस्पताल में आज मरीज और उनके परिजन इलाज के लिए भटकते नजर आए. जिला अस्पताल में दोपहर 12 बजे तक कोई डॉक्टर मौजूद नहीं थे। जब इसकी जानकारी जिला चिकित्सा अधिकारी को दी गई तो वे सफाई देने लगे. उन्होंने कहा कि डॉक्टर कही न कही ड्यूटी पर रहे होंगे इस वजह से वे अस्पताल नहीं पहुंच पाए।

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कई राज्यों ने भेजा था सुझाव,बढ़ सकता है लॉकडाउन-विचार कर रही है केन्द्र सरकार….
नई दिल्ली। देश भर में जारी 21 दिनों का लॉक डाउन और बढाया जा सकता है ,दरअसल, कई प्रदेश सरकारों ने लॉकडाउन को बढ़ाने का सुझाव दिया है, इसके साथ ही कोरोना मरीजों की संख्या में हो रही बढ़ोतरी के मद्देनजर कई एक्सपर्ट्स ने भी लॉकडाउन को और कुछ हफ्तों के लिए बढ़ाने की बात कही है, केंद्र सरकार भी लॉकडाउन को बढ़ाने पर विचार कर रही है।
ANI ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया है कि कई राज्य सरकारों ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि लॉकडाउन को बढ़ाया जाये, राज्यों से मिले अनुरोध के बाद अब केंद्र सरकार इस दिशा में तेजी से सोच रही है, आपको बता दें कि 14 अप्रैल तक अभी मौजूदा लॉकडाउन का पीरियड है, लेकिन उसे नये साइकिल तक के लिए अब एक्सटेंड किया जा सकता है, इससे पहले तेलंगाना, यूपी, मध्यप्रदेश की राज्य सरकार ने पहले इस बात के संकेत दे दिये थे कि राज्यों के हितों को देखते हुए लॉकडाउन का पीरियड बढाया जाना चाहिये, इसी तरह छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखी और लॉकडाउन के बाद रेलवे, हवाई यात्रा और राज्यों के बीच सड़क मार्ग को शुरू करने को लेकर चिंता जाहिर की, उन्होंने आशंका जताई कि अगर ये सब सेवाएं शुरू हुईं तो दूसरे राज्यों से कोरोना पॉजिटिव छत्तीसगढ़ आ सकते हैं, उन्होंने पीएम मोदी को सुझाव दिया कि इन सेवाओं को शुरू करने से पहले पूरी तरह से विचार करें, अन्य राज्यों से भी मिले सुझाव के बाद केंद्र सरकार के निर्देश पर 14 अप्रैल के बाद भी लॉकडाउन जारी रह सकता है।
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कोरोना से लड़ने दिल्ली से स्पेशल फ्लाइट से पहुंची चिकित्सा सामग्री …
रायपुर। कोरोना वायरस के खिलाफ चल रही लड़ाई में चिकित्सा सामग्री की कमी बड़ी बाधा बनकर सामने आ रही है. इस स्थिति से उबरने के लिए एयर इंडिया विशेष कार्गों फ्लाइट के जरिए चिकित्सा सामग्रियों की आपूर्ति कर रहा है. इसी कड़ी में सोमवार को दोपहर स्पेशल कार्गों प्लेन चिकित्सा सामग्री लेकर रायपुर हवाई अड्डे पर उतरा।

दिल्ली से चिक्तिसा सामग्री लेकर उड़ान भरने वाला कार्गों प्लेन वाराणसी के बाद दोपहर 2.20 बजे रायपुर हवाई अड्डे में उतरा है, जहां जरूरी चिकित्सा सामग्री को उतारने के बाद हैदराबाद के लिए उड़ान भर ली।


स्पेशल फ्लाइट के जरिए दूसरी बार चिकित्सा सामग्री की आपूर्ति की जा रही है. उतारी गई चिकित्सा सामग्री राज्य स्वास्थ्य विभाग को प्रदान की जाएगी। -

कोरोना वायरस का असर, सांसदों को दो साल तक नहीं मिलेगी सांसद निधि, वेतन में 30 प्रतिशत की कटौती भी ….
दिल्ली। कोरोना वायरस के खिलाफ चल रही जंग को देखते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सांसदों को अगले दो साल तक मिलने वाली सांसद निधि को निरस्त कर दिया है. वहीं सांसदों को मिलने वाली तनख्वाह में भी चालू वित्तीय वर्ष के लिए 30 प्रतिशत की कटौती की है।
केंद्रीय कैबिनेट की फैसले की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि वेतन कटौती को लेकर राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और राज्यपालों ने भी अपनी ओर से सहमति पत्र प्रदान किया है. उनके भी तनख्वाह में 30 प्रतिशत की कटौती की जाएगी।
बता दें कि हर साल सांसदों को स्थानीय क्षेत्र के विकास के लिए पांच करोड़ रुपए प्रदान किए जाते हैं. इस लिहाज से दो वित्तीय वर्ष को मिलाकर प्रत्येक सांसद का 10 करोड़ रुपए वित्तीय वर्ष 2020-21 और 2021-22 के लिए नहीं प्रदान किया जाएगा।

