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  • AIIMS में टेलिमेडिसन सेवा शुरू, बिना अस्पताल गए घर बैठे इन नंबरों पर कॉल कर ले सकते है सलाह

    AIIMS में टेलिमेडिसन सेवा शुरू, बिना अस्पताल गए घर बैठे इन नंबरों पर कॉल कर ले सकते है सलाह

    रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के एम्स अस्पताल में टेलीमेडिसिन शाखा आपको घर बैठे सेवा देगा. स्वास्थ्य संबंधी परेशानी पर अब फोन पर ही डॉक्टर्स से सलाह ली जा सकती है। ये सेवा आप वीडियो कॉल, वाइस कॉल या चेटिंग कर अपनी परेशानी का हल डॉक्टर से पूछ सकते हैं. एम्स के पुराने मरीज जिनका इलाज फिलहाल चल रहा है और गंभीर रोगी अस्पताल द्वारा जारी नंबरों पर कॉल कर विशेषज्ञ की सलाह ले सकेंगे. लॉकडाउन की वजह से कई इलाकों से मरीज एम्स तक नहीं पहुंच पा रहे हैं. ऐसे में इस नई सुविधा से जरूरतमंद मरीजों को काफी राहत मिल सकती है. टेलीमेडिसिन ओपीडी सेवाएं सोमवार से शनिवार के बीच उपलब्ध रहेगी।

    इन नंबर पर कर सकते हैं सपर्क

    पहली शिफ्ट -सुबह 9.30 से 11.30 बजे तक
    विभाग का नंबर
    जनरल मेडिसिन 7647079632
    जनरल सर्जरी 7647079633
    गायनीकोलॉजी एंड आब्सट्रेटिक्स 7647079634
    ईएनटी 7647079635
    दंत रोग 7647079636

    दूसरी शिफ्ट- सुबह 11.30 से दोपहर 1.30 बजे तक
    विभाग का नंबर
    बाल रोग 7647079637
    नेत्र रोग 7647079639
    हड्डी रोग 7647079640
    त्वचा रोग 7647079641

    मनोचिकित्सा का समय- सुबह 09.00 बजे से शाम 5.00 बजे तक – नंबर- 9981992903

    कोरोना वायरस हेल्पलाइन का समय- सुबह 9.30 से दोपहर 1.30 तक – नंबर- 7647079642, 7647079643

  • यूपी सरकार ने 17 लाख फैक्ट्री मालिकों और बिजनेसमैनों को बिजली बिल में दी बड़ी राहत, नहीं लेगी फिक्स्ड चार्ज, बिलिंग में भी छूट, क्या छत्तीसगढ़ सरकार भी अपने उद्यमियों को देगी ऐसी राहत ?

    यूपी सरकार ने 17 लाख फैक्ट्री मालिकों और बिजनेसमैनों को बिजली बिल में दी बड़ी राहत, नहीं लेगी फिक्स्ड चार्ज, बिलिंग में भी छूट, क्या छत्तीसगढ़ सरकार भी अपने उद्यमियों को देगी ऐसी राहत ?

    दिल्ली। इन दिनों कोरोना वायरस के कहर के चलते उद्योग धंधे और सभी बिजनेस गतिविधियां बंद हैं। उद्यमियों की इन्ही दिक्कतों को ध्यान में रखकर सूबे की योगी सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। सरकार ने इनका दो माह का फिक्स्ड चार्ज माफ कर दिया है।

    दरअसल, यूपी समेत देश के सभी राज्यों में कोरोना वायरस के चलते सरकार ने लॉकडाउन का ऐलान कर दिया है। अब इसके चलते सभी तरह के उद्योग धंधों का काम ठप हो गया है। ऐसे में उत्तर प्रदेश के 17.23 लाख उद्यमियों व व्यवसायियों को राहत देते हुए सूबे की योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है।
    योगी सरकार ने ऐलान किया है कि बिजनेस व औद्योगिक इकाइयों को 2 माह के फिक्स्ड चार्ज से मुक्ति मिलेगी। उन्हें दो माह का फिक्स्ड चार्ज नहीं देना होगा। दूसरी तरफ बड़ी राहत देते हुए अप्रैल की बिलिंग वर्तमान खपत के आधार पर ही की जाएगी। राज्य के उर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर लॉकडाउन से प्रभावित औद्योगिक एवं वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी गई है। इनकी अप्रैल माह की बिलिंग विगत 3 माह के औसत खपत के आधार पर न बनाकर वास्तविक खपत के आधार पर की जाएगी। औद्योगिक एवं वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को मार्च एवं अप्रैल में लॉकडाउन की अवधि के अनुपात में फिक्स्ड/डिमांड चार्जेस की देयता को अगले 2 माह के लिए स्थगित कर दिया गया है। इस फैसले से प्रदेश के 17.23 लाख व्यावसायिक तथा औद्योगिक उपभोक्ता लाभान्वित होंगे।
  • कोरोना की वजह से छत्तीसगढ़ के जेलों में बंद 584 कैदी हुए रिहा, सजा पूरी करने, पैरोल और अंतरिम जमानत वाले कैदी है शामिल

    कोरोना की वजह से छत्तीसगढ़ के जेलों में बंद 584 कैदी हुए रिहा, सजा पूरी करने, पैरोल और अंतरिम जमानत वाले कैदी है शामिल

    रायपुर। कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए राज्य की विभिन्न जेलों से अब तक कुल 584 कैदियों को छोड़ा जा चुका है. जिनमें से 391 कैदियों को अंतरिम जमानत पर, 154 कैदियों को पैरोल पर और 39 कैदियों को सजा पूरी करने पर विभिन्न जेलों से छोड़ा गया है

    उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए जेलों में कैदियों की संख्या कम करने का निर्णय लिया गया था. जिससे जेलों में बंद कैदियों में कोरोना वायरस का खतरा कम किया जा सके. इसी क्रम में 2 अप्रैल तक इन कैदियों को कुछ शर्तों के अधीन अंतरिम जमानत और पैरोल पर छोड़ा गया है

  • कोरोना से हर चौथा अमेरिकी संक्रमित, दुनिया भर में 10 लाख लोग हुए कोरोना के शिकार…..

    कोरोना से हर चौथा अमेरिकी संक्रमित, दुनिया भर में 10 लाख लोग हुए कोरोना के शिकार…..

    वाशिंगटन। दुनियाभर में कोरोना ने 10 लाख से ज़्यादा लोगों को संक्रमित कर लिया है। जबकि 5 हज़ार से ज़्यादा लोग इस बीमारी से मर चुके हैं। जिस तेजी से कोरोना संक्रमण फैल रहा है, उसी अनुपात में ठीक होने वालों की संख्या भी बढ़ रही है। कोरोना से अब तक 2 लाख 13 हज़ार लोग ठीक हो चुके हैं।

    कोरोना अब रोज़ाना करीब एक लाख लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। रोज़ाना 5 हज़ार से ज़्यादा लोगों की जान कोरोना से जा रही है। कोरोना की सबसे बुरी मार अमेरिका पर पड़ रही है। कोरोना के अब हर चौथा मरीज़ अमेरिकी को चुका है। यहां करीब 2 लाख 45 हजार लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं।

    इसके बाद इटली में करीब 1 लाख 15 हज़ार और स्पेन में 1 लाख 12 हज़ार लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। जर्मनी में कोरोना से संक्रमित लोग 85 हज़ार हैं। ये चारों देश कोरोना से संक्रमण के मामले में चीन से आगे निकल चुके हैं। चीन में कोरोना से संक्रमित लोगों की सँख्या 81 हज़ार है।

    कोरोना ने सबसे ज़्यादा जिंदगियां इटली और स्पेन में निगली हैं। दोनो देशों में रोज़ाना 600 से 900 लोग कोरोना से अभी मर रहे हैं। इटली में अब तक करीब 14 हजार लोग कोरोना से मर चुके हैं। जबकि स्पेन में मरने वालों की संख्या 10 हज़ार से ज़्यादा है। अमेरिका में कोरोना 6 हज़ार जिंदगियां निगल चुका है। चीन में अब मौत का आंकड़ा 3322 हो चुका है। इन सभी देशों में जर्मनी ने संक्रमण फैलने के बाद भी मौतों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। यहां कोरोना से मरने वालों की संख्या 1107 ही है। जो संक्रमण के अनुपात में पूरी दुनिया मे सबसे बेहतर है।

  • छत्तीसगढ़ की पहली कोरोना पीड़ित युवती हुई ठीक….. कुछ देर बाद होगी घर रवाना.. अब तक चार मरीज़ हुए ठीक….

    छत्तीसगढ़ की पहली कोरोना पीड़ित युवती हुई ठीक….. कुछ देर बाद होगी घर रवाना.. अब तक चार मरीज़ हुए ठीक….

    रायपुर। कोरोना संक्रमण से लड़ते जूझते छत्तीसगढ़ के लिए फिर एक ख़ुशख़बरी है। कोरोना संक्रमित वह युवती जिसे छत्तीसगढ़ की पहली कोरोना संक्रमित के रुप में पहचाना गया था, वो ठीक हो गई है। अब से कुछ देर बाद उसे घर रवाना कर दिया जाएगा।

    छत्तीसगढ़ की यह पहली कोरोना संक्रमित युवती ब्रिटेन से लौटी थी, और स्वेच्छा से जाँच के लिए पहुँची थी। राज्य की पहली कोरोना संक्रमित निकलते ही हड़कंप मच गया था। राज्य सरकार ने इस के तुरंत बाद कड़े कदम उठाए थे।

    आपको बता दें कि प्रदेश में कोरोना पॉजेटिव मरीजों की संख्या 9 थी, जिनमें से अब तक 4 मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। प्रदेश में अभी 5 ही मरीज अब संक्रमित बचे हैं।
    स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने कहा

    “ चिकित्सकों और पूरी टीम को बधाई.. बच्ची को शुभकामनाएँ.. सतर्क रहें.. खुद भी सावधान रहें और दूसरों को भी सावधान करते रहें”

  • स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव की गंभीर बातें… कोरोना वायरस एक-दो दिन, हफ्ते भर या 14 अप्रैल तक की बात नहीं…PM मोदी कल सुबह 9 बजे करने जा रहे हैं देश को संबोधन…

    स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव की गंभीर बातें… कोरोना वायरस एक-दो दिन, हफ्ते भर या 14 अप्रैल तक की बात नहीं…PM मोदी कल सुबह 9 बजे करने जा रहे हैं देश को संबोधन…

    रायपुर। प्रधानमंत्री मोदी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बात के बाद स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने आज कहा कि कोरोना संक्रमण आसानी से रुकने वाला नहीं है ।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी वही बातें कहीं हैं जो हम अपनी मीटिंग में, हर बैठक में रोज़ चर्चा करके प्लानिंग करते हैं।

    कोरोना वायरस को लेकर विशेषज्ञ जो बातें कह रहे हैं कि भारत मे इसका स्वरूप, तुलनात्मक कम है। हम उम्मीद करते हैं कि शायद यह बात सही हो। 4 देशों में भी जो इसका जेनेटिक रिसर्च हुआ है, वो बात यदि सच है की दूसरे देशों जैसा संक्रमण हमारे देश मे नहीं है तो ये हमारे लिए राहत की बात है ।

    स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जो इटली, अमेरिका, स्पेन और चाइना में हुआ, हमे भी हर तरह से सतर्क रहना होगा । वैसे, मुझे नहीं लगता कि यहाँ सँख्या बढ़ेगी। एक बात और भी सामने आ रही है कि जर्मनी में, जो संक्रमित हुए और कोरोना पोसिटिव टेस्ट के बस अब नेगेटिव कैटेगरी में आ गए हैं, माना जा रहा है कि उनमें इम्युनिटी डेवलप हो गई है और अब वे दोबारा संक्रमित नहीं होंगे।

    ऐसे लोगों को जर्मनी एक सर्टिफिकेट दे कर चिन्हांकित भी कर रहा है कि ये कोरोना पोसिटिव थे, जहां से निकल कर अब ये नेगेटिव कैटेगरी में आ गए हैं । पहचान पत्र देकर ये बताया जा रहा है कि ये फ्रंट लाइन में रह सकते हैं, इन्हें दोबारा संक्रमण की सम्भावना कम है ।

    टीएस सिंहदेव ने यह भी कहा कि विशेषज्ञ मान रहे हैं कि नवम्बर तक वायरस रह सकता है । स्थिति यह भी है कि यह जून, जुलाई तक चले जिसके बाद शायद कम हो। विशेषज्ञ यह भी देख रहे हैं कि नवंबर के बाद दिसम्बर, जनवरी, फरवरी की ठंड में क्या ये बढ़ भी सकता है।

    मंत्री सिंहदेव ने कहा है कि प्रधानमंत्री ने आज चिंता व्यक्त की है इसलिए, कम से कम दिवाली तक तो हमें पूरी तरह सोशल डिस्टेंसींग अर्थात दूरी बना कर चलना है ।

  • गाजियाबाद के क्वारैंटाइन सेंटर में बिना कपड़ों के घूम रहे तब्लीगी जमात के लोग, नर्सों को भद्दे इशारे किए; 6 पर केस

    गाजियाबाद के क्वारैंटाइन सेंटर में बिना कपड़ों के घूम रहे तब्लीगी जमात के लोग, नर्सों को भद्दे इशारे किए; 6 पर केस

    • एमएमजी हॉस्पिटल में स्टाफ के साथ बदतमीजी करने वाले 6 लोगों को दूसरी जगह बनाए गए क्वारैंटाइन सेंटर में शिफ्ट किया गया
    • निजामुद्दीन स्थित मरकज बिल्डिंग में जमा लोगों को बाहर निकालने का सिलसिला बुधवार सुबह तक चला, 2 हजार लोग निकाले गए
    • मरकज में मार्च में करीब 5 हजार जमाती इकट्ठा हुए थे, इनकी वापसी से राज्यों में कम्युनिटी संक्रमण का खतरा बढ़ा

    नई दिल्ली। गाजियाबाद के सीएमओ ने गुरुवार शाम जिले के डीएम से एमएमजी हॉस्पिटल में बनाए गए क्वारैंटाइन सेंटर में रह रहे तब्लीगी जमात के लोगों की शिकायत की है। सीएमओ ने कहा है कि क्वारैंटाइन सेंटर में तब्लीगी जमात के लोग बिना कपड़ों के घूम रहे हैं और नर्सों की ओर देखकर भद्दे इशारे कर रहे हैं। इस मामले में डीएम ने जांच के आदेश दिए। शिकायत मिलने के बाद पुलिस भी एमजीएम हॉस्पिटल पहुंची। इसके बाद एमएमजी अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती तब्लीगी जमात के 6 मरीजों को राजकुमार गोयल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में शिफ्ट किया गया। यहां इन्हें क्वारैंटाइन करके रखा गया है। हालांकि, एमएमजी अस्पताल के स्टाफ के साथ बदसलूकी करने की वजह से इनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है।

    दरअसल, निजामुद्दीन स्थित मरकज की इमारत से बुधवार सुबह तक 2000 से ज्यादा जमातियों को बाहर निकाला गया था। इससे पहले, तब्लीगी जमात के 167 लोगों को बसों के जरिए मंगलवार रात 9 बजकर 40 मिनट पर तुगलकाबाद क्वारैंटाइन सेंटर ले जाया गया था। इन्हें दो जगहों पर रखा गया है। दिल्ली सरकार के अधिकारी ने बताया था कि ये लोग क्वारैंटाइन सेंटर में जगह-जगह थूक रहे हैं। डॉक्टरों और देखरेख में जुटे स्टाफ को गालियां दे रहे हैं। अस्पताल में भर्ती जमात के एक व्यक्ति ने तो खुदकुशी की भी कोशिश की थी। मरकज से निकले लोगों की तलाश में 22 से ज्यादा राज्यों में अभियान छेड़ा गया है। इनमें से कई लोगों को ट्रेस कर लिया गया है। इनमें तमिलनाडु में 77, आंध्र प्रदेश 43, दिल्ली में 24, तेलंगाना में 21, अंडमान-निकोबार में 9, असम में 5 और कश्मीर में एक कोरोना संक्रमित शामिल है।

    तब्लीगी जमात के लोगों के कारण संक्रमण में बढ़ोतरी हुई- सचिव

    इससे पहले स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव लव अग्रवाल ने बुधवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि तब्लीगी जमात के लोगों के देशभर के अलग-अलग हिस्सों में जाने की वजह से संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। पिछले 24 घंटे में 386 मामले सामने आए हैं। केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा था कि तब्लीगी जमात ने तालिबानी अपराध किया है। इस प्रकार की आपराधिक गतिविधियों के लिए माफ नहीं किया जा सकता। जमात ने कई लोगों की जान खतरे में डाली है। ऐसे संगठनों और लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। हो सकता है कि ऐसा जानबूझकर किया गया हो और यह दुर्भाग्यपूर्ण है।

    डिप्टी सीएम सिसोदिया ने बताया- 36 घंटे चला अभियान

    उन यात्रियों की तलाश में जुटा रेलवे जो जमातियों के संपर्क में आए होंगे  
    रेलवे उन पांच ट्रेनों के यात्रियों का पता लगाने में जुट गया है, जिनमें जमातियों ने दिल्ली से अपने-अपने गृह राज्यों का सफर किया था। ये सभी ट्रेनें 13 से 19 मार्च के बीच दिल्ली से रवाना हुईं थीं। इनमें आंध्र प्रदेश को जाने वाली दुरंतो एक्सप्रेस, चेन्नई तक जाने वाली ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस और तमिलनाडु एक्सप्रेस शामिल है। इसके अलावा, नई दिल्ली-रांची राजधानी एक्सप्रेस और एपी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस भी हैं। चिंता है कि इन ट्रेनों में हजारों यात्री इन जमातियों के संपर्क में आए होंगे। रेलवे इन ट्रेनों के यात्रियों की लिस्ट बनाने में जुटी है।

    22 राज्यों में संक्रमण का खतरा बढ़ा
    मरकज में 1 से 15 मार्च के बीच हुए कार्यक्रम में देश-विदेश के 5 हजार से ज्यादा लोग शामिल हुए थे। लेकिन, इसके बाद भी करीब 2000 से ज्यादा लोग यहां रुके रहे, जबकि ज्यादातर लॉकडाउन से पहले अपने घरों को लौट गए। यहां से संक्रमण का कनेक्शन दिल्ली समेत 22 राज्यों से जुड़ रहा है। इनमें तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, असम, उत्तरप्रदेश, तेलंगाना, पुडुचेरी, कर्नाटक, अंडमान निकोबार, आंध्रप्रदेश, श्रीनगर, दिल्ली, ओडिशा, प.बंगाल, हिमाचल, राजस्थान, गुजरात, मेघालय, मणिपुर, बिहार, केरल और छत्तीसगढ़ शामिल हैं।

    सरकार की चिंता इसलिए बढ़ी हुई है कि मरकज से गए दो हजार से अधिक विदेशी जमाती देशभर में इधर-उधर घूम रहे हैं। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को इन्हें ढूंढकर तुरंत देश से बाहर निकालने का आदेश दिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, मरकज से गए संक्रमितों के संपर्क में 22 राज्यों के 16 शहरों में कम से कम 10 हजार लोग आए हैं। राज्यों को भी इन लोगों की सूची भेज दी गई है। मरकज में संक्रमण का खुलासा होने के बाद केंद्र ने देशभर के 10 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में कोरोना के 16 हॉटस्पॉट चिह्नित किए हैं। सोमवार तक ऐसे 10 हॉटस्पॉट थे। ये वे जगहें हैं, जहां संक्रमण का सामुदायिक फैलाव (कम्युनिटी ट्रांसमिशन) हो सकता है।

    मरकज में शामिल होने के लिए 2100 विदेशी पहुंचे थे

    • गृह मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि इस साल मरकज में शामिल होने के लिए 2100 विदेशी पहुंचे थे। इनमें इंडोनेशिया, मलेशिया, थाइलैंड, नेपाल, म्यांमार, बांग्लादेश, श्रीलंका और किर्गिस्तान के लोग शामिल हैं। आमतौर पर मरकज में पहुंचने वाले विदेशी निजामुद्दीन में बंगलेवाली मस्जिद में अपने पहुंचने की सूचना देते हैं। अब तक मरकज में शामिल होने वाले 2,137 लोगों की पहचान करके उनकी मेडिकल जांच की जा चुकी है। 1339 लोगों को नरेला, सुल्तानपुरी, बक्करवाला, झज्जर और एम्स में क्वारैंटाइन किया गया है। 303 में कोरोना के लक्षण थे, जिन्हें दिल्ली के अलग-अलग अस्पतालों में दाखिल कराया है।
    • गृह मंत्रालय ने बताया था कि 21 मार्च तक हजरत निजामुद्दीन मरकज में 1 हजार 746 लोग ठहरे हुए थे। इनमें 216 विदेशी और 1530 भारतीय थे। मरकज के अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों में 824 विदेशी 21 मार्च तक तब्लीगी गतिविधियों में शामिल थे। राज्यों की पुलिस को देश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद 824 विदेशियों की जानकारी दी गई थी, ताकि सभी की मेडिकल स्क्रीनिंग और क्वारैंटाइन के इंतजाम किए जा सकें। 28 मार्च को सभी राज्यों को भारतीय तब्लीगी जमात के लोगों की जानकारी इकठ्ठा करने की सलाह दी गई थी, ताकि उन्हें जांच के बाद क्वारैंटाइन किया जाए।

    आयोजकों पर एफआईआर 
    दिल्ली पुलिस ने लॉकडाउन का उल्लंघन करते हुए धार्मिक सम्मेलन आयोजित किए जाने पर आयोजनकर्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है और मरकज को सील कर दिया है। पुलिस ने वीडियो जारी कर बताया है कि हमने 23 मार्च को ही मरकज के वरिष्ठ लोगों को कार्यक्रम न करने की सलाह दी थी।

  • इंदौर में मेडिकल टीम पर हमला करने वाले सात आरोपित गिरफ्तार,जहाँ किया था पथराव वह पुलिस ने जमकर कूटा..! पकड़ने लगे कान, मांगने लगे माफी..

    इंदौर में मेडिकल टीम पर हमला करने वाले सात आरोपित गिरफ्तार,जहाँ किया था पथराव वह पुलिस ने जमकर कूटा..! पकड़ने लगे कान, मांगने लगे माफी..

    इंदौर। इंदौर में टाटपट्टी बाखल क्षेत्र में कोरोना संक्रमितों की जांच करने पहुंची मेडिकल टीम पर हमला करने वाले सात उपद्रवियों को पुलिस ने गुरुवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों में एक हिस्ट्रीशीटर बदमाश है। आरोपितों की उनके क्षेत्र में ही जमकर पिटाई की गई। पुलिस ने हमले में शामिल 15 अन्य को वीडियो फुटेज के आधार पर चिन्हित कर लिया है। आरोपितों के खिलाफ डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट और रासुका के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।

    पथराव की घटना का सोशल मीडिया में वायरल वीडियो
    एडिशनल एसपी (पश्चिम) राजेश व्यास के मुताबिक, कोरोना संक्रमितों की जांच करने पहुंचे डॉक्टरों के दल पर बुधवार दोपहर भीड़ ने हमला कर दिया था। उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर मारा और पथराव किया। पुलिस ने एक महिला डॉक्टर की शिकायत पर अज्ञात हमलावरों के विरुद्ध केस दर्ज किया था। बुधवार देर रात वीडियो फुटेज के आधार पर कुछ लोगों की पहचान कर ली गई। गुस्र्वार सुबह करीब 10 बजे आरोपित मोहम्मद मुस्तफा, नौशाद अहमद कादरी, मोहम्मद गुलरेज, शाहरुख खान, मुबारिक मोहम्मद, शोहेब उर्फ शोबी मोहम्मद मुख्तियार और मज्जू उर्फ मजीद अब्दुल गफूर सभी निवासी टाटपट्टी बाखल को गिरफ्तार कर लिया गया।

    हमलावरों में 23 केस वाला गुंडा भी शामिल

    सीएसपी (सिटी एसपी) डीके तिवारी के मुताबिक, आरोपितों में मज्जू हिस्ट्रीशीटर बदमाश है। उसके विरुद्ध 23 केस दर्ज हैं। एक अन्य आरोपित शोबी पर भी आपराधिक प्रकरण दर्ज है। पुलिस ने सभी की उसी स्थान पर पिटाई की जहां पथराव किया था। आरोपितों ने कान पकड़े और माफी मांगने लगे। आइजी विवेक शर्मा ने आरोपितों पर बलवा, मारपीट व जानलेवा हमले सहित डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट (डीएम) 2005 की धारा 51 भी बढ़वा दी। आइजी के मुताबिक, डीएम एक्ट रेयर केसों में लगाया जाता है। ऐसे अपराधियों को हमेशा के लिए चिन्हित कर लिया जाता है।

    सख्त कार्रवाई होगी

    डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ 20-20 घंटे काम कर रहे हैं ताकि लोगों की जान बचा सकें। उनके साथ बुरा व्यवहार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं होगा। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। ये लोग लंबे समय तक जेल में रहेंगे।

    मनीष सिंह, कलेक्टर, इंदौर

  • कोरोना पीड़ित मरीजों का इलाज करने वाले मेडिकल स्टाफ की मौत पर परिवार को देंगे 1 करोड़ की सहायता:केजरीवाल

    कोरोना पीड़ित मरीजों का इलाज करने वाले मेडिकल स्टाफ की मौत पर परिवार को देंगे 1 करोड़ की सहायता:केजरीवाल

    दिल्ली। कोरोनावायरस से सभी राज्यों की सरकार और केंद्र सरकार अपने अपने तरीके से लड़ाई लड़ रही है। अब दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने कोरोनावायरस से लड़ाई लड़ रहे स्वास्थ्य कर्मियों के लिए बड़ी घोषणा की है।

    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोरोनावायरस से लड़ने वाले योद्धाओं के सम्मान में बड़ा ऐलान किया है। केजरीवाल ने आज घोषणा की कि कोरोनावायरस से पीड़ित मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टर, नर्स या अन्य पैरामेडिकल स्टाफ के साथ साथ अस्पताल के सफाई करने वाले कर्मचारियों की अगर कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते मृत्यु हो जाती है तो दिल्ली सरकार इन योद्धाओं के सम्मान के तौर पर इनके परिवार को एक करोड़ रुपये देगी।
    केजरीवाल की घोषणा की खास बात ये है कि यह सिर्फ सरकारी अस्पतालों में काम करने वाले मेडिकल स्टाफ के लिए नहीं है बल्कि प्राइवेट अस्पताल के मेडिकल स्टाफ के लिए भी ये योजना लागू रहेगी। दरअसल, राजधानी दिल्ली में तीन डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।
  • हर कोई चाहे ऐसा बॉस, प्रत्येक कर्मचारी को देता है 50 लाख सेलरी, खुद लेता है सबसे कम वेतन….

    हर कोई चाहे ऐसा बॉस, प्रत्येक कर्मचारी को देता है 50 लाख सेलरी, खुद लेता है सबसे कम वेतन….

    दिल्ली। वैसे अक्सर हमने कर्मचारियों को अपने बॉस की बुराई करते सुना है लेकिन दुनिया में एक ऐसी कंपनी है जिसके कर्मचारी अपने बॉस से बेहद खुश और संतुष्ट रहते हैं।
    दरअसल, अमेरिका के सिऐटल में पांच साल पहले एक छोटी सी कार्ड पेमेंट कंपनी शुरू हुई। जिसने थोड़े से वक्त में जमकर कमाई की। कंपनी का बॉस अपने कर्मचारियों को खुश रखना चाहता था ताकि वो सुकून से काम कर सकें। बस, कंपनी के बॉस ने अपनी कंपनी के सभी 120 कर्मचारियों के लिए 70 हजार डॉलर यानि लगभग 50 लाख रुपये का न्यूनतम वेतन तय कर दिया। बॉस ने ऐलान किया कि इससे कम वेतन कोई कर्मचारी नहीं पाएगा।
    अगर आप सोचते हैं कि कहानी यहीं खत्म हो गई तो आप गलत हैं। कंपनी के बॉस ने इसके बाद अपनी सेलरी से 10 लाख डॉलर यानी करीब सात करोड़ रूपये की कटौती कर दी और पिछले पांच साल से कंपनी का मालिक कम सैलरी पर काम कर रहा है। अमेरिका की ग्रेविटी पेमेंट्स नाम की कंपनी के मालिक सिर्फ तीस साल की उम्र में करोड़पति बन गए थे। आज उनकी कंपनी ग्रैविटी पेमेंट्स के 2000 के आसपास ग्राहक हैं और कंपनी के मालिक डैन प्राइस का मानना है कि दुनिया में अमीर गरीब के बीच खाई हर हाल में खत्म होनी चाहिए। जिसकी शुरुआत उन्होंने अपनी ही कंपनी से की है। प्राइस के कर्मचारी अपनी कंपनी में बेहद खुश और संतुष्ट रहते हैं।