Blog

  • अंजली जैन प्रकरण-सखी सेंटर से कल सुबह 11 बजे होगी अंजली की रिहाई, कानूनी पेंच को सुलझाने में जुटी पुलिस

    अंजली जैन प्रकरण-सखी सेंटर से कल सुबह 11 बजे होगी अंजली की रिहाई, कानूनी पेंच को सुलझाने में जुटी पुलिस

    रायपुर। हाईकोर्ट के आदेश की वजह से उलझी पुलिस अब इस पेंच को सुलझाने में जुटी हुई है।खबरें हैं कि आज देर शाम तक यह पेंच सुलझ जाएगा। पेंच सुलझते ही अंजली की रिहाई हो जाएगी.. और यह रिहाई यदि सब ठीक रहा तो कल सुबह ग्यारह बजे हो जाएगी।दरअसल हाईकोर्ट का आदेश स्पष्ट करता है कि“अंजली जैन को सखी सेंटर से रिहा किया जाए और 24 घंटे पूर्व उसके पिता को सुचित किया जाए, इसके लिए दूरभाष की व्यवस्था का उपयोग शामिल है”अब ये जो सशर्त रिहाई है,इसी ने पुलिस के लिए पेंच फंसा दिया है। पुलिस को इस शर्त को पूरा करने के लिए अंजली के पिता से संवाद करना है, और अंजली के पिता का मोबाईल बंद है और ना ही अपने निवास पर वे उपलब्ध हैं।

    पुलिस ने इसके लिए नोटिस चस्पा करने और ईश्तहार जारी करने की “आईपीसी-तकनीक” अपनाई है, लेकिन यह तकनीक हाईकोर्ट के इस आदेश का पालन सुनिश्चित करेगी इसे लेकर विधि के जानकारों की राय जुदा है।पुलिस इस संवेदनशील मामले में खुद को मोहरा बनाने की किसी भी संभावना को बनने ही देना नहीं चाहती। हालाँकि अभी तक की ही कार्यवाही पर पुलिस को मामले से जुड़े दोनों पक्ष आरोप लगा रहे हैं।पुलिस इस मसले को लेकर अपने पत्ते नहीं खोल रही है, लेकिन उच्च पदस्थ सूत्र ने देर रात यह संकेत दिए हैं कि, रिहाई में आई पेंच का समाधान आज पुलिस निकाल लेगी।कप्तान आरिफ़ शेख़ ने NPG से इस मसले पर संक्षिप्त लेकिन अहम जवाब दिया

    “अंजली जैन की कल सुबह 11 बजे रिहाई हो जाएगी”

  • टैक्सपेयर्स को मिलेगी बड़ी राहत, क्रेडिट कार्ड से कर सकेंगे टैक्स का भुगतान

    टैक्सपेयर्स को मिलेगी बड़ी राहत, क्रेडिट कार्ड से कर सकेंगे टैक्स का भुगतान

    दिल्ली। टैक्सपेयर्स को मोदी सरकार बड़ी राहत देने की तैयारी में है। ये राहत टैक्स को अदा करने के मामले में है। सरकार ऐसी योजना पर काम कर रही है जिसके तहत करदाता क्रेडिट कार्ड, यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) और मोबाइल वॉलेट के जरिए इनकम टैक्स का भुगतान कर पाएंगे। मीडिया रिपोट्र्स में राजस्व सचिव अजय भूषण ने पुष्टि की है कि जल्द ही यूपीआई के माध्यम से इनकम टैक्स की भुगतान की सुविधा प्रदान की जाएगी और इस पर काम भी चल रहा है। भूषण के मुताबिक आज हम केवल नेटबैंकिंग और डेबिट कार्ड के जरिए भुगतान कर पाते हैं।फिलहाल टैक्स का भुगतान नेटबैंकिंग और डेबिट कार्ड से ही हो पाता है। इसके अलावा आप नकद रूप में टैक्स का भुगतान कर पाते हैं।  उल्लेखनीय है कि हाल ही में सरकार ने करदाताओं को एक और राहत देते हुए वित्त वर्ष 2017-18 और 2018-19 के लिए जीएसटी वार्षिक रिटर्न भरने की तारीख को बृहस्पतिवार को बढ़ाकर क्रमश : 31 दिसंबर 2019 और 31 मार्च 2020 कर दिया। इसी प्रकार , मिलान ब्योरा जमा करने की तारीख को भी बढ़ाया गया है।
  • टाटा मोटर्स ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिये लिथियम अरबन के साथ गठजोड़ किया

    टाटा मोटर्स ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिये लिथियम अरबन के साथ गठजोड़ किया

    दिल्ली। टाटा मोटर्स ने सोमवार को कहा कि उसने इलेक्ट्रानिक वाहन उपलब्ध कराने वाली लिथियम अरबन टेक्नोलॉजीज के साथ समझौता किया है। यात्री, माल ढुलाई समेत विभिन्न खंडों में वाहनों के समाधान को लेकर यह समझौता किया गया है। टाटा मोटर्स ने एक बयान में कहा कि समझौते के तहत चालू वित्त वर्ष के अंत तक वह 400 टिगोर इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) लिथियम अरबन को आपूर्ति करेगी। समझौते के तहत कंपनी आने वाले नेक्सोन ईवी जैसे 100 और इलेक्ट्रिक वाहन भी उपलब्ध कराएगी।टाटा मोटर्स के अध्यक्ष (इलेक्ट्रिक मोबिलिटी बिजनेस एंड कॉरपोरेट स्ट्रैटजी) शैलेष चंद्रा ने कहा, ‘‘यह न केवल टाटा मोटर्स के लिये मील का पत्थर है बल्कि ईवी बाजार में एक बड़ा बदलाव है। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों में तेजी आएगी।
  • ब्लैक Bikni पहन स्विमिंग पूल में आग लगा रही मोनोलिसा…

    ब्लैक Bikni पहन स्विमिंग पूल में आग लगा रही मोनोलिसा…

    मुंबई. भोजपुरी क्वीन मोनालिसा सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरों की वजह से काफी सुर्खियों में रहती हैं. मोनालिसा की जबरदस्त फैन फॉलोइंग है. यहां तक की इंस्टाग्राम पर उनके 2.5 मिलियन फॉलोअर्स हैं.हाल ही में इस बोल्ड एक्ट्रेस ने ब्लैक बिकनी में अपनी कुछ फोटोज़ शेयर की हैं. जिसे लोग बहुत पसंद कर रहे हैं
    फैंस के साथ कनेक्ट रहने के लिए वो अपनी कोई ना कोई फोटो और वीडियो अपने पर्सनल इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर करती रहती हैं. मोनालिसा फैंस के साथ अपनी हर खुशी को शेयर करती हैं.अब उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपने 2.5 मिलियन फॉलोअर्स होने की खुशी फैंस के साथ शेयर की हैं. दरअसल, एक्ट्रेस ने अपना एक डांस वीडियो शेयर किया है. इसमें वो ‘सिंह इज किंग’ के गाने ‘तेरी ओर…’ डांस मूव्ज दिखा रही हैं. फैंस इनके वीडियो को खूब पसंद कर रहे हैं और बधाई भी दे रहे हैं।
  • चौकी प्रभारी पर महिला ने लगाया छेड़छाड़ का आरोप, कहा- शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

    चौकी प्रभारी पर महिला ने लगाया छेड़छाड़ का आरोप, कहा- शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

    लोरमी. मुंगेली जिले के चिल्फी चौकी प्रभारी के खिलाफ एक महिला ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया है. महिला ने मामले की शिकायत एसपी से की है. लेकिन आरोपी चौकी प्रभारी के खिलाफ किसी तरह की जांच नहीं की गई है.

    यह पूरा मामला 16  तारीख का है. कुछ दिन पहले महिला का पति यौन शोषण के मामले में जेल गए थे. जेल से रिहा होने के बाद महिला अपने पति के साथ गिरफ्तारी के समय जब्त की गई मोबाइल को लेने चौकी पहुंची.

    महिला का आरोप है कि इस दौरान मौका पाकर चिल्फी चौकी प्रभारी शिवकुमार  कोसरिया ने  महिला के साथ छेड़छाड़ किया. चौकी प्रभारी ने हाथ पकड़कर आपत्तिजनक हरकते की. पति ने आपत्ति की तो उसके सिर को दीवार से पटक दिया और हथकड़ी से मारा गया. जिससे पति के सिर पर चोंट आई थी. महिला ने इसकी शिकायत एसपी से की थी, शिकायत के बाद भी मुंगेली पुलिस ने चौकी प्रभारी शिवकुमार कोसरिया के खिलाफ अपराध दर्ज नहीं किया है.

    बड़ा सवाल यह है कि पीड़ित व्यक्ति यदि किसी मामले को लेकर बहुत उम्मीद के साथ न्याय मांगते हुए थाना पहुंचते हैं. इस दौरान थाना के जिम्मेदार अधिकारी के द्वारा ही महिला से छेड़छाड़ की वारदात को अंजाम दे दिया जाता है, तो न्याय की उम्मीद लोग किससे करें.

    मामले में मुंगेली जिले के पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी की भूमिका भी संदेह के घेरे में हैं. फिलहाल इस पूरे मामले में छेड़छाड़ की पीड़ित महिला न्याय की गुहार लगाकर दर-दर भटकने को मजबूर है. बहरहाल देखना होगा कब तक महिला को न्याय मिलता है।

    झूठे मामले में फंसाने का प्रयास-चौकी प्रभारी शिवकुमार कोसरिया

    आरोप पर चिल्फी चौकी प्रभारी शिवकुमार कोसरिया ने महिला के द्वारा उन्हें झूठा मामला में फंसाने का प्रयास बताया है. उनका कहना है कि महिला के पति को कुछ दिनों पहले ही यौन शोषण के मामले में जेल भेजा गया था.

    मामले में मुंगेली के पुलिस अधीक्षक सीडी टंडन ने जांच कराने की बात कही है.

  • भूख हड़ताल के बाद अंजलि जैन को सखी सेंटर से छोड़ने का हुआ फैसला, 20 नवंबर की तारीख निर्धारित…

    भूख हड़ताल के बाद अंजलि जैन को सखी सेंटर से छोड़ने का हुआ फैसला, 20 नवंबर की तारीख निर्धारित…

    रायपुर. अंजली जैन ने सखी सेंटर से छोड़ने की मांग को लेकर सोमवार को भूख हड़ताल शुरू की. उन्होंने न्यायालय के आदेश के बाद भी सखी वन स्टॉप सेंटर से नहीं छोड़ने का आरोप लगाया था. इस आरोप के बाद अब प्रशासन उन्हें जाने देने का फैसला लिया है. जनसंपर्क विभाग ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि अंजली जैन को छोड़ने के लिए 20 नवंबर सुबह 11 बजे का समय निर्धारित किया गया है. यह फैसला उच्य न्यायालय के आदेश के परिपालन में लिया गया है।

    प्रशासन ने बताया कि पूर्व में इसके लिए 17 नवंबर का दिन निर्धारित किया गया था. इसके लिए अशोक जैन तथा मोहम्मद इब्राहिम को उनके दूरभाष एवं ईमेल आईडी के माध्यम से दिए जाने का प्रयास किया गया,  लेकिन अशोक जैन के दूरभाष बंद होने तथा पुलिस के अनुसार उनके धमतरी के निवास पर सपरिवार अनुपस्थित के कारण सूचना तामिली नहीं हो पाई।

    इस कारण अब आम सूचना जारी कर अंजली जैन को 20 नवंबर को सुबह 11 बजे सखी सेंटर से छोड़ा जाएगा. यह भी उल्लेखनीय है कि कानून और व्यवस्था बनाए रखने की दृष्टि से जिला कलेक्टर और दंडाधिकारी रायपुर द्वारा सखी सेंटर, बैरन बाजार रायपुर के 200 मीटर की परिधि में भारतीय दंड संहिता की धारा 144 लगाई गई है।

  • सुनील कुजूर बने राज्य सहकारिता निर्वाचन आयुक्त, 31 अक्टूबर को हुए थे मुख्य सचिव पद से रिटायर …

    सुनील कुजूर बने राज्य सहकारिता निर्वाचन आयुक्त, 31 अक्टूबर को हुए थे मुख्य सचिव पद से रिटायर …

    रायपुर। हाल ही में मुख्य सचिव पद से रिटायर हुए सुनील कुजूर को सहकारिता निर्वाचन आयुक्त बनाया गया है. राज्य शासन ने उनका आदेश जारी कर दिया है. आदेश जारी होने के साथ ही उन्होंने पदभार ग्रहण कर लिया है. कुजूर 31 अक्टूबर को रिटायर हुए थे. भूपेश सरकार सुनील कुजूर को बतौर मुख्य सचिव एक्सटेंशन देना चाहती थी. इसके लिए केंद्र सरकार को दो बार चिट्ठी भी लिखी गई थी, लेकिन केंद्र ने एक्सटेंशन देने से साफ मना कर दिया था. यह तय माना जा रहा था कि कुजूर को पोस्ट रिटायरमेंट पोस्टिंग दी जा सकती है.इससे पहले पिछली सरकार में गणेश शंकर मिश्रा सहकारिता निर्वाचन आयुक्त बनाए गए थे. भूपेश सरकार बनने के बाद कांग्रेसी विधायक देवेंद्र यादव ने रेडियस वाटर घोटाले मामले की शिकायत की थी. इस घोटाले की जांच विधानसभा की कमेटी ने की थी, जिसमें गणेश शंकर मिश्रा की भूमिका पर सवाल उठाए गए थे. इस शिकायत के बाद ही उन्हें सहकारिता निर्वाचन आय़ुक्त के पद से हटा दिया गया था
  • हनीट्रैप स्टिंग का नया वीडियो आया सामने, पूर्व बीजेपी मंत्री और श्वेता स्वप्निल जैन का रंगरलियां मनाते आपत्तिजनक वीडियो वायरल

    हनीट्रैप स्टिंग का नया वीडियो आया सामने, पूर्व बीजेपी मंत्री और श्वेता स्वप्निल जैन का रंगरलियां मनाते आपत्तिजनक वीडियो वायरल

    भोपाल। हनीट्रैप का मकड़जाल खत्म होने के बजाय और बढ़ता जा रहा है. पूर्व बीजेपी सरकार में मंत्री रहे लक्ष्मीकांत शर्मा का आपत्तिजनक वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में लक्ष्मीकांत शर्मा हनीट्रैप की आरोपी श्वेता स्वप्निल जैन के साथ रंगरलियां मनाते नजर आ रहे हैं. इस वीडियो के आने से एक बार फिर राजनीतिक गलियारे में खलबली जरुर मचेगी. इस वीडियो एक निजी अखबार ने रिलीज किया।

    वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि आरोपी श्वेता स्वपनिल जैन के साथ मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा बंद कमरे में मौज कर रहे हैं. वीडियो को किसी कमरे में शूट किया गया है. वीडियो में दिख रहा है कि श्वेता के हुस्न की नुमाइंदगी पर लक्ष्मीकांत शर्मा लट्टू होते जा रहे है. ये वहीं लक्ष्मीकांत शर्मा है जो व्यापमं घोटाले में आरोपी रहे हैं. जानकारी ये भी मिल रही है कि लक्ष्मीकांत शर्मा जब जेल से छूट कर बाहर आए थे, उसके बाद का यह वीडियो है. वीडियो में देख सकते हैं कि कैसे श्वेता स्वपनिल जैन पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा को अपने लपेटे में ली हुई है।

    बताया जा रहा है कि इस वीडियो के जरिए पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा को भी श्वेता स्वपनिल जैन ब्लैकमेल कर रही थी. हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह वीडियो कहां से वायरल हुआ है और किसने वायरल किया है.

    दरअसल हनीट्रैप मामले के खुलासे के बाद से ही कांग्रेस यह आरोप लगा रही थी कि इसमें बीजेपी के कई लोग फंसे हुए हैं. साथ ही वर्तमान औऱ कई पूर्व मंत्रियों के इनके पास वीडियो होने का दावा किया जा रहा है. इस कांड से जुड़ा यह पहला वीडियो वायरल हुआ है. ऐसे में एसआईटी भी अब चौंकनी हो सकती है. आने वाले दिनों में इस वीडियो को आधार बनाकर लक्ष्मीकांत शर्मा से एसआईटी पूछताछ भी कर सकती है. हालांकि इस मामले में अभी तक लक्ष्मीकांत वर्मा का कोई भी बयान सामने नहीं आया है.

    ऐसे हुआ था हनीट्रैप का खुलासा

    19 सितंबर 2019 को मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से पुलिस ने पांच महिलाओं के साथ उनके कार के ड्राइवर को गिरफ्तार किया था. शुरुआती जांच में सामने आया था कि इन महिलाओं ने इंदौर के एक इंजीनियर का सेक्स वीडियो बनाया और फिर उस वीडियो के एवज में इंजीनियर से तीन करोड़ रुपये मांगे. लेकिन जब पुलिस ने इस पूरे मामले के तार खंगालने शुरू किए तो पता चला कि ये महिलाएं मध्यप्रदेश के कई जिलों में सेक्स रैकेट चलाती थी. नेताओं और बड़े-बड़े अधिकारियों को लड़कियां सप्लाई करती थीं और फिर वीडियो बनाकर नेताओं-अफसरों को ब्लैकमेल करती थीं. पुलिस आरोपी आरती दयाल, श्वेता विजय जैन, श्वेता स्वप्निल जैन, बरखा भटनागर सोनी, मोनिका यादव को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है.

    इस मामले में एसआईटी गठित कर जांच की जा रही है. इसके अलावा इंदौर पुलिस और ATS टीम भी जांच में जुटी हुई है. ये सभी महिला आरोपी गिरफ्तार होने से पहले नेताओं और अफसरों से करोड़ों रुपए ऐंठ चुकी थी. अब हनीट्रैप मामले में पूर्व मंत्री का वीडियो वायरल हुआ है तो पुलिस जांच जरुर करेगी.

  • टिकटॉक पर प्रतिबंध के लिए तीन बच्चों की मां पहुंची कोर्ट, लगाया ये आरोप

    टिकटॉक पर प्रतिबंध के लिए तीन बच्चों की मां पहुंची कोर्ट, लगाया ये आरोप

    मुंबई। बॉम्बे हाई कोर्ट में टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक जनहित याचिका दाखिल की गई है। आरोप है कि टिकटॉक अश्लील सामग्री परोसे जाने का माध्यम बन गया है और इससे देश के युवाओं पर बुरा असर पड़ रहा है। यह याचिका तीन बच्चों की मां हिना दरवेश की तरफ से 11 नवंबर को दाखिल की गई है। उम्मीद है कि खंडपीठ याचिका पर इसी हफ्ते सुनवाई करेगी। टिकटॉक एप पर शॉर्ट वीडियो बनाए और साझा किए जा सकते हैं। इसे चीनी कंपनी बाइटडांस ने वर्ष 2017 में लॉन्च किया था।

    बता दें, दरवेश ने इससे पहले पिछले साल मद्रास हाईकोर्ट में भी इसी तरह की याचिका दायर कर अश्लील विषयवस्तु के लिए ऐप पर पाबंदी लगाने की मांग की थी। याचिका में कहा गया, ‘टिकटॉक पर निर्बाध अश्लील विषयवस्तु से देश के युवाओं को नुकसान हो रहा है। इस साल जुलाई में मुंबई पुलिस ने हिंसा भड़काने और धार्मिक समूहों के बीच रंजिश बढ़ाने के लिए टिकटॉक पर वीडियो पोस्ट करने के लिए कुछ लोगों के खिलाफ दो मामले दर्ज किए थे।’ अगले सप्ताह एक खंडपीठ के समक्ष याचिका पर सुनवाई होने की उम्मीद है।

  • अच्छे दिनों के इंतजार में गर्भवती महिलाएं, प्रसव खर्च के लिए 30 फीसदी परिवारों को बेचनी पड़ी संपत्ति

    अच्छे दिनों के इंतजार में गर्भवती महिलाएं, प्रसव खर्च के लिए 30 फीसदी परिवारों को बेचनी पड़ी संपत्ति

    विदेश में यह बताने के बाद कि भारत में सब अच्छा है और सब बेहतर है, एक सर्वे ऐसा सामने आया है जो बताता है कि यहां सब ठीक नहीं है। देश के छह राज्यों के ग्रामीण इलाकों में रहने वाली गर्भवती और हाल ही में मां बनी माताओं के बीच हुए एक सर्वे के नतीजे चौंकाने वाले हैं। इस सर्वे के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं की स्थिति निराश करने वाली है।यह सर्वे मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, झारखंड, ओडिशा और हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों और आंगनबाड़ी में जून 2016 में कराया गया था। इसके अनुसार 30 फीसदी परिवारों को प्रसव का खर्च उठाने के लिए अपनी संपत्ति बेचनी पड़ी, वहीं 63 फीसदी महिलाएं डिलिवरी के दिन तक खेतों या घरों में काम करती रहीं। कई महिलाओं का डिलिवरी के दिन तक वजन 40 किलो से भी कम था।

    उत्तर प्रदेश में हालात सबसे खराब

    सबसे ज्यादा निराशाजनक तस्वीर उत्तर प्रदेश की है। यहां गर्भावस्था के दौरान की जरूरतों पर बेहद कम ध्यान दिया गया। यूपी में 48 फीसदी गर्भवतियों को यह जानकारी भी नहीं थी कि इस दौरान उनका वजन बढ़ा या घटा। बच्चे को जन्म दे चुकीं 39 फीसदी माताओं को अपने वजन घटने या बढ़ने की जानकारी नहीं थी। वहीं, केवल 12 फीसदी महिलाओं ने माना कि उन्हें पौष्टिक भोजन मिल रहा है।

    13 से 18 किलो वजन बढ़ना चाहिए, बढ़ा सिर्फ सात

    सामान्यत: गर्भावस्था के दौरान महिलाओं का वजन बढ़ता है। लेकिन अगर खानपान में लापरवाही होने पर इसमें कमी भी आ जाती है। चिकित्सक बताते हैं कि गर्भावस्था के दौरान आम तौर पर महिला का वजन 13 से 18 किलोग्राम तक बढ़ना चाहिए। लेकिन, सर्वे में शामिल महिलाओं की औसत वजन वृद्धि केवल सात किलो ही थी। वहीं उत्तर प्रदेश में यह आंकड़ा केवल चार किलो है।

    आधी महिलाओं को मिला ही नहीं मातृत्व लाभ

    बता दें कि 31 दिसंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एलान किया था कि पूरे देश में गर्भवती महिलाओं को छह हजार रुपये का मातृत्व लाभ प्रदान किया जाएगा। लेकिन, हकीकत देखें तो इसका लाभ कुछ को ही मिल पा रहा है। प्रधानमंत्री के एलान के बाद 2018-18 बजट में मातृत्व लाभ योजना के लिए 2700 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया था।हालांकि, अगर जरूरत को देखें तो यह राशि काफी कम है और आंकड़े देखें तो हर महिला को थह हजार रुपये देने के लिए सालाना जरूरत होगी लगभग 15 हजार करोड़ रुपये की। वहीं, एक आरटीआई का जवाब बताया है कि साल 2018-19 में इस योजना की पात्र महिलाओं में आधी आबादी को ही राशि मिली, वह भी थोड़ी-थोड़ी। वहीं, पहले बच्चे के जीवित होने की शर्त के चलते 55 फीसदी महिलाएं अपात्र हो गईं।