Blog

  • खरसिया के श्याम मुरथलिया की उड़ान अब अंतरराष्ट्रीय मंच तक….

    खरसिया के श्याम मुरथलिया की उड़ान अब अंतरराष्ट्रीय मंच तक….



    खरसिया। खरसिया निवासी श्याम सिंघल मुरथलिया ने रायपुर के अपने साथियों हरजोत सलूजा और ऋतिका जुमानी के साथ मिलकर ICAI (भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट संस्थान) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय पिच डेक प्रतियोगिता में अखिल भारतीय प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह प्रतियोगिता 18-19 जुलाई 2025 को जयपुर में आयोजित हुई थी, जिसमें देशभर की प्रमुख टीमों ने भाग लिया। श्याम एवं उनकी टीम ने पहले क्षेत्रीय स्तर पर 34 टीमों को हराकर CIRC (Central India Regional Council) का प्रतिनिधित्व किया और फिर राष्ट्रीय स्तर पर 4 टीमों को पराजित कर यह ऐतिहासिक जीत दर्ज की। अब यह विजेता टीम भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जाएगी, जहाँ ICAI की ग्लोबल पिच डेक प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।


    यह खरसिया ही नहीं, पूरे छत्तीसगढ़ और भारत के लिए एक अत्यंत गौरवपूर्ण उपलब्धि है। समस्त नगरवासी इन होनहार युवाओं को अपना आशीर्वाद व शुभकामनाएं दें रहें हैं ताकि वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी भारत का नाम रोशन करें।

  • सावन की बरसे बदरिया, चलो बाबा की नगरिया, बाबा बैद्यनाथ की अलौकिक कांवड़ यात्रा…

    सावन की बरसे बदरिया, चलो बाबा की नगरिया, बाबा बैद्यनाथ की अलौकिक कांवड़ यात्रा…


    खरसिया। प्राचीन ग्रंथो एवं पुराणो में बाबा बैद्यनाथ का विशेष महत्व है और सावन के महीने में जो पैदल यात्रा कर गंगा जल चढ़ाकर बाबा को रिझाता है उसकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। हर साल खरसिया, छत्तीसगढ़ एवं देश के कोने-कोने से हजारो बोलबम भक्त अपने-अपने ग्रुप के साथ बाबा का जलाभिषेक करने देवघर जाते है और जो एक बार बाबा की यह अलौकिक यात्रा कर लेता है वह हर वर्ष बेसब्री से सावन का इंतजार करता है एवं सुल्तानगंज से देवघर की इस पैदल यात्रा में बाबा की मस्ती में झूमने के लिए बेकरार रहता है। भक्तो सुल्तानगंज से बाबा बैद्यनाथ धाम की कांवड़ यात्रा विश्व में एक ऐसी ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा है जिसमें रोजाना लाखो लोग सावन के महीने में लगातार चलते है और बाबा को जल चढ़ाकर अपने मनोरथ पूर्ण करते है। हिन्दुस्तान में भोले की कांवड़ यात्रा तो अनेक तिर्थो से प्रारम्भ होती है तथा बाबा को जल चढ़ाया जाता है किन्तु बाबा बैद्यनाथ जैसी कांवड़ यात्रा आपने न तो कही देखी होगी और न कही सुनी होगी। जीवन में एक बार अवश्य बाबा बैद्यनाथ की कांवड़ यात्रा में शामिल होवें।

    औघड़दानी भी कर रहे अपने भक्तो का बेसब्री से इंतजार

    जैसे भक्त अपने प्रभु शिवशंकर, बाबा बैजू, नीलकंठ, भूतनाथ एवं जिनके अनंत नाम है उस देवादि देव महादेव के दीदार के लिए आतुर रहते है वैसे ही श्रावण मास आते ही बाबा भोले को भी अपने भक्तो के आने का इंतजार रहता है और छत्तीसगढ़ के बम भाईयों के उपर तो बाबा की विशेष कृपा रहती है।
     
    अशोक अग्रवाल (पत्रकार)-  बाबा भोलेनाथ के आशीर्वाद एवं विशेष कृपा से लगातार 38वें वर्ष भी बाबा बैद्यनाथ की कांवड़ यात्रा में परिवार सहित जाने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। बाबा बैद्यनाथ एवं बाबा बासुकीनाथ बोलबम कांवड़िया भक्तो के सभी मनोरथ पूर्ण करते है। बाबा की कृपा से ही मुझे सब कुछ प्राप्त हुआ है तथा वर्षों बाद मुझे पुत्र रत्न की प्राप्ति भी बाबा की असीम कृपा से हुई है। बाबा बैद्यनाथ धाम की पैदल यात्रा अलौकिक यात्रा है। बाबा बैद्यनाथ जैसा धाम पुरे संसार में कही भी नही है। वहां जाने से परम आनंद की प्राप्ति होती है। फैमिली कांवड़िया संघ खरसिया की ओर से इस वर्ष भी 90 से अधिक बोल बम साथी 28 जुलाई को बाबा के दीदार के लिए रवाना होंगे।

    सुनील बंसल- वैसे तो साल के 12 महीने भगवान भोलेशंकर की पूजा अर्चना की जाती है किंतु श्रावण माह में भगवान शंकर की पूजा अर्चना को विशेष महत्व दिया गया है। मै सावन महिने में बाबा बैद्यनाथ धाम में जैसे ही कांवड़ चढ़ाता हूं मुझे पुनः सावन माह की प्रतिक्षा होने लगती है। बाबा की कृपा से मुझे इस वर्ष 39वीं कावड़ चढ़ाने का सौभाग्य मिल रहा है।

    सुभाष पप्पू ठेकेदार- मुझे बाबा बैद्यनाथ की कांवड़ यात्रा का साल भर जुनुन रहता है। इस वर्श 39वीं कांवड़ चढ़ाने का सौभाग्य मुझे मिल रहा है। बाबा बैद्यनाथ की विशेष कृपा से मुझे वह सब कुछ मिला है जो मुझे और मेरे परिवार को चाहिए। बाबा के आशीर्वाद से मै परिवार सहित प्रत्येक वर्ष कांवड़ चढ़ाता हूं। बाबा से मेरी प्रार्थना है कि जीवन भर मुझे यह अवसर प्रदान करते रहें। आप सभी से मेरा आग्रह है कि एक बार बाबा की कांवड़ यात्रा का आनंद जरूर उठायें।

    अवधनारायण सोनी (बन्टी) – बाबा बैद्यनाथ की कृपा से मैने 39 कांवड़ चढ़ा ली है तथा इस वर्श भी 40वीं कांवड़ चढ़ाने नवयुवक कांवडियां संघ खरसिया के साथ रवाना हो रहा हूं। मेरी बाबा बैद्यनाथ से यही प्रार्थना है कि खरसिया नगर का आपसी भाईचारा एवं सौहाद्र बना रहें। नगर का सर्वागींण विकास हो और बाबा अपने सभी भक्तो की मनोकामना पूर्ण करें।

    राजेश घनसु- नवयुवक कांवडिया संघ के प्रमुख राजेश घनसु  ने बताया कि सावन आते ही मेरे मन में सेवा की भावना उत्पन्न हो जाती है और कांवड़ यात्रियों की सेवा करने का सौभाग्य प्राप्त होता है। मै सावन महिना का बेसब्रीं से इंतजार करता हूं और बाबा का दर्शन करने हम पूरी टोली के साथ बैद्यनाथ धाम जाते है।

    आनंद बंसल- नवयुवक कांवड़िया संघ ग्रुप विगत 37 वर्षों से बाबा की नगरी बैद्यनाथ धाम जाता है और 100 कि.मी. की पैदल कांवड़ यात्रा कर बाबा भोलेनाथ को सभी अरदास लगाते है कि बाबा भोलेनाथ हमारे खरसिया नगर की खुशहाली के लिए अपना आशीर्वाद हमेशा बनाये रखें और भक्तो को प्रत्येक वर्ष इसी तरह बुलाते रहें।

    सौरभ मोन्टी- भोलेनाथ के आशीर्वाद से 18वें वर्ष बाबा की कांवड़ चढ़ाने का सौभाग्य मुझे मिल रहा है एवं इस वर्ष भी बैजू कांवड़िया संघ खरसिया के 120 कांवड़ियों के साथ बाबा के दरबार पहुंचकर बाबा का जलाभिषेक करेंगे। बाबा से प्रार्थना है कि सभी कांवड़िया बंधुओ की मनोकामना पूर्ण करें।

    प्रदीप बाराद्वार- बाबा बैद्यनाथ के विशेष आशीर्वाद से इस वर्ष बाबा की 30वीं कांवड़ चढाने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। बाबा की इस कांवड़ यात्रा में 100 कि.मी. पैदल चलने के बाद जब बाबा को गंगा जल चढ़ाता हूं तो मन में जो अनूभूति प्राप्त होती है उसे शब्दों में बताया नही किया जा सकता। मैं बाबा से प्रार्थना करता हूं की हमारी बाराद्वार नगरी से जाने वाले एवं अन्य बोल बम कांवड़िया साथियों के सभी मनोरथ पूर्ण करें।

    विधी आशीष बंसल कोरबा- मेरे ऊपर तो बाबा की हमेशा ऐसी कृपा रही की मैने जब से जन्म लिया बाबा के दरबार में जाती रही। मेरे विवाह से पूर्व मैने 14 कांवड बाबा को अर्पण की, यह उसी का प्रताप है कि मैने जैसा वर मांगा वह पाया तथा बाबा ने हमेशा मेरी झोली भरी। लेकिन कई वर्षों से बाबा का बुलावा नही आरहा था किन्तु बाबा ने फिर से कृपा करी और विगत 2 वर्षों से मैं बाबा को कांवड़ चढ़ाने जा रही हूं। मेरी बाबा से बस अब यही प्रार्थना है की वह जीवन मे कम से कम एक बार सभी को यह अवसर प्रदान करें। 

    निधी अभिषेक बोंदिया कोरबा- सावन आते ही बाबा बैद्यनाथ की याद आने लगती है, मैने मम्मी-पापा, चाचा-चाची एवं खरसिया के बाबा भक्तो के साथ 18 कांवड़ चढ़ाई है, इस साल मै बाबा बैद्यनाथ की 19वीं कांवड़ चढ़ाने अपने परिवार के साथ जा रही हूं, मैने आज तक बाबा से जो मांगा वो पाया है, बाबा से प्रार्थना है की सभी की कांवड़ यात्रा को सफल करे।

    तुषार मित्तल (राजा) पत्थलगांव- सावन महीना शिव भक्तो के लिए भी खास होता है। इस माह में कांवड़ यात्रा का विशेष महत्व रहता है। यहां भक्त ऊंच-नीच, जात-पात, अमीर-गरीब के भेदभाव से परे एक परिवार की तरह मस्ती में नाचते-गाते कब देवघर पहुंच जाते है पता ही नही चलता। यह सब बाबा की कृपा और फैमिली कांवडिया संघ खरसिया का प्यार एवं सभी कांवडिया भाईयो का आपसी सहयोग और सामंजस्य से ही होता है। बाबा बैद्यनाथ की कृपा से इस वर्ष फिर से कांवड चढ़ाने बाबाधाम जा रहा हूं।

    अर्चित गर्ग बिलासपुर- बाबा बैद्यनाथ की ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा मे जाने का सौभाग्य विगत 3 वर्षों से प्राप्त हो रहा है। बाबा की कृपा से इस वर्ष चौथी  कांवड़ बाबा को अर्पण करने 28 जुलाई को जा रहा हूं। बाबा भोलनाथ की कांवड़ यात्रा में अपार सुख एवं आनंद की अनुभुति होती है। बाबा बैद्यनाथ मनोकामना ज्योर्तिलिंग है। यहां सभी की मनोकामनाएं पूर्ण होती है।

  • हाईकोर्ट से पूर्व मंत्री कवासी लखमा को बड़ा झटका, जमानत याचिका की खारिज….

    हाईकोर्ट से पूर्व मंत्री कवासी लखमा को बड़ा झटका, जमानत याचिका की खारिज….

    बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। लखमा की ओर से दाखिल की गई जमानत याचिका पर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए उसे खारिज कर दिया है। जस्टिस अरविंद वर्मा की सिंगल बेंच में इस याचिका पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए लखमा को जमानत नहीं दी जा सकती है।

    बता दें कि शराब घोटाला मामले में ईडी ने पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को इसी साल 15 जनवरी को गिरफ्तार किया था। इस मामले में EOW ने भी केस दर्ज किया है और गिरफ्तारी की। जिसकी जांच के बाद चार्ज शीट पेश की गई। कवासी लखमा ने अपने वकील हर्षवर्धन के माध्यम से अलग-अलग याचिका दायर की है। शुक्रवार को EOW की गिरफ्तारी के केस में बेल पर सुनवाई हुई, जिसमें तर्क दिया गया कि साल 2024 में केस दर्ज किया गया था, जिसमें डेढ़ साल बाद गिरफ्तारी की गई है, जो गलत है। इस दौरान कभी उनका पक्ष ही नहीं लिया गया। लेकिन जब उन्हें गिरफ्तारी का शक हुआ और अग्रिम जमानत अर्जी लगाई, तब अरेस्ट कर लिया गया।


    कोर्ट को यह भी बताया गया कि केवल बयानों के आधार पर उन्हें आरोपी बनाया गया है। जबकि, उनके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं है। पूर्व मंत्री को राजनीतिक षडयंत्र के तहत फंसाने का आरोप लगाया गया है।


    जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान EOW की तरफ से अतिरिक्त महाधिवक्ता विवेक शर्मा ने बताया कि चार्जशीट के मुताबिक कवासी लखमा के बंगले में हर महीने 2 करोड़ रुपए कमीशन पहुंचता था। शराब घोटाला सिंडीकेट की तरह चलता था, जिसमें अधिकारी से लेकर मंत्री तक कमीशन लेते थे। EOW के अधिकारियों ने लखमा के 27 करीबियों से बयान लेकर इस बात का साक्ष्य इकट्‌ठा किया है। जिसमें उनकी भूमिका और मिलीभगत के सारे साक्ष्य मौजूद हैं।

    पूर्व मंत्री को घोटाले में मिले 64 करोड़ रुपये

    शराब घोटाला मामले की जांच में अबतक यह पता है कि पूर्व मंत्री लखमा के संरक्षण में विभागीय अधिकारियों, सहयोगियों और ठेकेदारों के माध्यम से सुनियोजित घोटाले को क्रियान्वित किया गया। इस घोटाले से हासिल की गई रकम को व्यक्तिगत और परिवार के हितों में खर्च किया गया, जिससे उन्हें अत्यधिक और अनुचित आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ। अब तक तीन पूरक अभियोग पत्रों सहित कुल चार अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं। इसके अलावा मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। घोटाले की जांच जारी है।

    21 जनवरी से जेल में हैं कवासी लखमा

    गौरतलब है कि शराब घोटाले मामले में ED ने 15 जनवरी को कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था। इससे पहले उनसे 2 बार ED दफ्तर बुलाकर पूछताछ की गई थी। पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को गिरफ्तार करने से पहले ED ने उन्हें 7 दिन कस्टोडियल रिमांड में लेकर पूछताछ की थी। उसके बाद 21 जनवरी से 4 फरवरी तक लखमा को 14 दिन के न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था। पिछली सुनवाई के दौरान जेल में पर्याप्त सुरक्षा बल नहीं होने के कारण लखमा की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने लखमा की 18 फरवरी तक रिमांड बढ़ा दी थी।

    क्या है शराब घोटाला?

    तत्कालीन भूपेश सरकार में पूर्व IAS अनिल टुटेजा, उनके बेटे यश टुटेजा और मुख्यमंत्री सचिवालय की तत्कालीन उप सचिव सौम्या चौरसिया के खिलाफ आयकर विभाग ने दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में 11 मई, 2022 को याचिका दायर की थी, जिसमें कहा गया कि छत्तीसगढ़ में रिश्वत, अवैध दलाली के बेहिसाब पैसे का खेल चल रहा है। इसमें रायपुर महापौर रहे एजाज ढेबर का भाई अनवर ढेबर अवैध वसूली करता है। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में दायर याचिका के आधार पर ईडी (ED) ने 18 नवंबर, 2022 को PMLA एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। आयकर विभाग से मिले दस्तावेजों के आधार पर ईडी ने जांच के बाद 2161 करोड़ के घोटाले की बात का कोर्ट में पेश चार्जशीट में जिक्र किया था।

    ED ने अपनी चार्जशीट में बताया कि किस तरह एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर के आपराधिक सिंडिकेट के जरिए आबकारी विभाग में बड़े पैमाने पर घोटाला किया गया। ED ने चार्जशीट में कहा कि 2017 में आबकारी नीति में संशोधन कर CSMCL के जरिए शराब बेचने का प्रावधान किया गया, लेकिन 2019 के बाद शराब घोटाले के किंगपिन अनवर ढेबर ने अरुणपति त्रिपाठी को CSMCL का MD नियुक्त कराया। उसके बाद अधिकारियों, कारोबारियों और राजनीतिक रसूख वाले लोगों के सिंडिकेट के जरिए भ्रष्टाचार किया गया, जिससे 3200 करोड़ का घोटाला हुआ। इस मामले में ED ने 15 जनवरी को कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था।

  • शर्मनाक : होटल में ठहरी महिला डॉक्टर से रेप की कोशिश, आधी रात को सोता देख सफाईकर्मी की नियत…

    शर्मनाक : होटल में ठहरी महिला डॉक्टर से रेप की कोशिश, आधी रात को सोता देख सफाईकर्मी की नियत…

    कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के मध्य स्थित एसपी कार्यालय के सामने मौजूद होटल ‘टॉप एन टाउन’ में एक महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म का प्रयास करने की सनसनीखेज घटना सामने आई है।

    महिला डॉक्टर को देखकर बिगड़ी नियत

    सक्ती जिले से चार डॉक्टर कोरबा जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ट्रेनिंग के लिए आये हुए थे। ये सभी महिला डॉक्टर टॉप इन टॉउन होटल में रुके हुए थे। 2 महिला डॉक्टर ट्रेनिंग खत्म होने के बाद वापस चले गए थे। जबकि दो डॉक्टर रुकी हुईं थीं। दोनों अलग-अलग कमरे में रुकी हुईं थीं। महिला डॉक्टर रूम नंबर 122 में रुकी हुई थी।


    होटल के कर्मचारी ने की दुष्कर्म की कोशिश

    महिला डॉक्टर को देखकर होटल के कर्मचारी नियत बिगड़ गयी। गलत इरादे के साथ खिड़की से कूद कर महिला डॉक्टर कमरे के घुसा गया। और दुष्कर्म करने की कोशिश की। जब महिला डॉक्टर ने इसका विरोध किया तो उसने चाकू निकाल कर मारने की धमकी दी। डॉक्टर चीखने चिल्लाने लगी। उनकी आवाज सुनकर अन्य लोग आने लगे। जिसके बाद डर से आरोपी निकला। आरोपी की पहचान होटल के सफाई कर्मी 35 वर्षीय राजा खड़िया के रूप में हुई है। सिविल लाइन थाना पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

  • ईओडब्ल्यू की बड़ी कार्रवाई: कोल घोटाले में 100 करोड़ के अंदर करने वाले कांग्रेस के समर्थक मैनेजर गैंग के लोग गिरफ्तार, कोर्ट ने 7 दिन की मंजूरी पर भेजा…

    ईओडब्ल्यू की बड़ी कार्रवाई: कोल घोटाले में 100 करोड़ के अंदर करने वाले कांग्रेस के समर्थक मैनेजर गैंग के लोग गिरफ्तार, कोर्ट ने 7 दिन की मंजूरी पर भेजा…

    ED की जांच में सामने आया कि कुछ लोगों ने राज्य के वरिष्ठ राजनेताओं और नौकरशाहों से मिलीभगत के बाद ऑनलाइन मिलने वाले परमिट को ऑफलाइन कर कोयला ट्रांसपोर्ट करने वालों से अवैध वसूली की। जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच कोयले के हर टन पर 25 रुपये की अवैध लेवी वसूली गई। 15 जुलाई 2020 को इसके लिए आदेश जारी किया गया था।

    खनिज विभाग के तत्कालीन संचालक IAS समीर बिश्रोई ने आदेश जारी किया था। यह परमिट कोल परिवहन में कोल व्यापारियों को दिया जाता है। पूरे मामले का मास्टरमाइंड किंगपिन कोल व्यापारी सूर्यकांत तिवारी को माना गया। इसमें जो व्यापारी पैसे देता उसे ही खनिज विभाग से पीट और परिवहन पास जारी होता था, यह रकम 25 रुपये प्रति टन के हिसाब से सूर्यकांत के कर्मचारियों के पास जमा होती थी। इस तरह से स्कैम कर कुल 570 करोड़ रुपये की वसूली की गई।

    कहां खर्च की अवैध कमाई

    जांच में सामने आया है कि इस घोटाले की राशि को सरकारी अधिकारियों और राजनेताओं को रिश्वत देने में खर्च किया गया। साथ ही चुनावी खर्चों के लिए भी इस अवैध राशि का इस्‍तेमाल किया गया। आरोपियों ने इससे कई चल-अचल संपतियां खरीदी।

  • चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी से गरमाई छत्तीसगढ़ की राजनीति: कांग्रेस ने 19 जुलाई को ईडी के खिलाफ प्रदेशव्यापी प्रदर्शन का किया ऐलान…

    चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी से गरमाई छत्तीसगढ़ की राजनीति: कांग्रेस ने 19 जुलाई को ईडी के खिलाफ प्रदेशव्यापी प्रदर्शन का किया ऐलान…

    रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार देते हुए केंद्र सरकार और ईडी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वहीं पार्टी ने ऐलान किया है कि 19 जुलाई को पूरे प्रदेशभर में ED के खिलाफ प्रदर्शन और पुतला दहन किया जाएगा।
    प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से इस संबंध में सभी जिलों को निर्देश भेजा गया है। जिसमें सभी जिला मुख्यालयों में पुतला दहन और विरोध प्रदर्शन के निर्देश दिए गए हैं। इस प्रदर्शन में कांग्रेस के सांसद, विधायक, पार्षद, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे।
    इस मामले पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास पर जिस तरह से छापा मारा, वह पूरी तरह से बदले की राजनीति का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बघेल के परिवार को डराने और धमकाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता अब इस सरकार से बुरी तरह त्रस्त हो चुकी है। यही वजह है कि कभी केंद्रीय मंत्रियों के काफिले को रोका जा रहा है, तो कभी उपमुख्यमंत्री की गाड़ियों को। सत्ता पक्ष के सांसदों तक को अब जनता का सामना करने में मुश्किल हो रही है। सरकार डराने की कोशिश कर रही है। यह छत्तीसगढ़ की जनता को भी मंजूर नहीं है।
    दीपक बैज ने साफ किया कि यह कार्रवाई लोकतंत्र के खिलाफ है और कांग्रेस इसका जोरदार विरोध करेगी। उन्होंने ऐलान किया कि 19 जुलाई, शनिवार को छत्तीसगढ़ के सभी ज़िलों में ईडी के खिलाफ प्रदर्शन और पुतला दहन किया जाएगा। कांग्रेस ने ईडी की कार्रवाई को सत्ता का दुरुपयोग बताया है और आगामी 19 जुलाई को पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन की तैयारी में जुट गई है।

  • महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष को पुलिस ने फरार बताकर पेश किया चालान…

    महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष को पुलिस ने फरार बताकर पेश किया चालान…

    बिलासपुर में महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष व बीजेपी नेत्री हर्षिता पांडेय को 2 साल से फरार बताकर पुलिस ने चालान पेश कर दिया। मामले की जानकारी मिलते ही बीजेपी नेत्री ने आज समर्थकों के साथ कोटा कोर्ट में पेश होकर जमानत ली। दरअसल, भाजपा कार्यकर्ताओं की नक्सल क्षेत्र में लगातार हो रही हत्याओं के विरोध में पार्टी के कार्यक्रम के तहत 13 फरवरी 2023 को सकरी कोटा मुख्य मार्ग पर गनियारी के पास चक्का जाम किया गया था। उस समय प्रदेश में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार थी। इस चक्का जाम को लेकर कोटा पुलिस ने 12 लोगों के खिलाफ एफआईआर की थी।
    खास बात ये रही कि, पुलिस ने बाकी 11 लोगों को गिरफ्तार किया और उन्होंने जमानत ले ली, लेकिन बीजेपी नेत्री हर्षिता पांडेय को ना तो एफआईआर की जानकारी दी गई और ना ही उन्हें कोई वारंट तामील किया गया। बल्कि न्यायालय में चालान पेश कर उन्हें फरार बता दिया गया।
    इस मामले की जानकारी मिलते ही बीजेपी नेत्री हर्षिता पांडेय ने आज कोटा कोर्ट में पेश हुईं और विधिवत जमानत ली। बीजेपी नेत्री ने सवाल उठाया है कि, पुलिस उन्हें फरार बता रही थी, जबकि इस दौरान वे मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री सहित प्रशासन के कई कार्यक्रमों में मौजूद रही हैं। जहां पुलिस की भी मौजूदगी रही है।
    उन्होंने कहा कि, जनहित के मामलों को उठाने की जिम्मेदारी राजनैतिक लोगों की रहती है। उसी कड़ी में ये प्रकरण हुआ है । पिछली सरकार ने ऐसे कई मामलों में चुन चुन कर लोगों पर एफआईआर दर्ज करवाई थी। गौरतलब है कि, बीजेपी नेत्री के खिलाफ धारा 147, 347 का मामला दर्ज है, जिसमें उन्हें आरोपी बनाया गया है।

  • MLA भूपेश के पुत्र चैतन्य क्यों हुए गिरफ्तार…इस घोटाले में क्या है चैतन्य का रोल…

    MLA भूपेश के पुत्र चैतन्य क्यों हुए गिरफ्तार…इस घोटाले में क्या है चैतन्य का रोल…

    प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शराब घोटाले में छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया है। ईडी ने चैतन्य को गिरफ्तार कर विशेष न्यायाधीश डमरूधर चौहान की विशेष कोर्ट रायपुर में पेश किया, जहां से कोर्ट ने उन्हें पांच दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया। रिमांड के दौरान ईडी शराब घोटाला मामले को लेकर उनसे पूछताछ करेगी। बड़ा सवाल ये है कि ईडी ने चैतन्य बघेल को किस शक के आधार पर गिरफ्तार किया?। इस घोटाले में उनकी क्या भूमिका है? इसके पीछे की कहानी क्या है? इस गिरफ्तारी के पीछे एजेंसी ने क्या तर्क दिए हैं।

    इस गिरफ्तारी के बाद जो बातें सामने आ रही हैं। उसके मुताबिक, चैतन्य बघेल को धन शोधन रोधी अधिनियम की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, नए सबूत मिलने के बाद की गई छापेमारी के दौरान चैतन्य कथिततौर पर सहयोग नहीं कर रहे थे। चैतन्य बघेल से कथित रूप से जुड़ी कंपनियों को कथित शराब घोटाले से अर्जित लगभग 17 करोड़ रुपये की ‘अपराध आय’ प्राप्त हुई है। करीब 1,070 करोड़ रुपये की धनराशि के साथ ही उनकी भूमिका एजेंसी की जांच के दायरे में है।

    बंसल, त्रिलोक और दीपेंद्र के जरिये चैतन्य तक पहुंचा पैसा


    ईडी के अधिकारियों को ये साबूत बघेल करीबियों से पूछताछ के बाद मिले हैं। पप्पू बंसल, त्रिलोक ढिल्लन और दीपेंद्र चावड़ा के माध्यम से चैतन्य बघेल पैसा पहुंचाया गया। ईडी के वकील सौरभ पांडेय ने रायपुर कोर्ट में कही। चैतन्य बघेल ने ये पैसा हवाला कारोबारियों की सहायता से अलग-अलग राज्यों में निवेश करवाया।  ईडी की कार्रवाई के दौरान एक पेन ड्राइव भी मिला है। इसे लेकर  ईडी ने पप्पू बंसल और दीपेन चावड़ा से पूछताछ की थी। इस मामले में ईडी ने दुर्ग के बघेल बिल्डकॉन और बिलासपुर के विट्टल ग्रीन्स को भी अपने जाँच के दायरे में रखा है। ईडी ने इनमें से कई लोगों के बयानों का हवाला देते हुए यह लिख रखा है कि इस पूरे चेन के ज़रिए लभभग एक हजार करोड़ रुपए लगाकर पैसे सफेद करने की कथित कोशिश का पता चला है। इस चेन में अनवर ढेबर ने दीपेंद्र को दिए गए शराब स्कैन के पैसे भी गए हैं। इनमें से अधिकांश आरोपी शराब घोटाला मामले में जेल में बंद हैं।

    चार महीने पहले भी पड़ी थी रेड
    ईडी शराब घोटाला, कोल घोटाला, महादेव सट्टा एप समेत कई मामलों की जांच कर रही है। 10 मार्च 2025 को ईडी टीम ने बस्तर, रायपुर और भिलाई में छापेमारी की थी। भूपेश बघेल के भिलाई और रायपुर स्थित निवास, कारोबारी पप्पू बंसल, दीपेन चावड़ा, समेत अन्य कारोबारियो के ठिकानों पर दबिश दी थी। आरोपियों से जब्त पेन ड्राइव से मिले बयानों की समीक्षा की। चार महीने बाद भूपेश बघेल की ठिकाने पर दोबारा दबिश देकर भिलाई से चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया।

    क्या करते हैं चैतन्य बघेल?
    चैतन्य बघेल रियल एस्टेट जुड़े हैं। उन्हें बिट्टू के नाम से भी जाना जाता है। जुलाई में उनके फार्म ने भिलाई में दो रिहायसी कॉलोनी विट्ठलपुरम और विट्ठल ग्रीन्स बनाई है। चैतन्य करोड रुपए की संपत्ति के मालिक हैं। इस कारोबार से उन्हें हर कमाने करोड़ों रुपये की कमाई होती है।

  • छत्तीसगढ़ में जनविश्वास विधेयक पारित : छोटे तकनीकी उल्लंघनों पर अब नहीं होगा आपराधिक मामला…

    छत्तीसगढ़ में जनविश्वास विधेयक पारित : छोटे तकनीकी उल्लंघनों पर अब नहीं होगा आपराधिक मामला…

    रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन राज्य सरकार ने जनविश्वास विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे “विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाए गए भारतीय न्याय संहिता की तर्ज पर यह विधेयक तैयार किया गया है। छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश के बाद इस तरह का विधेयक पारित करने वाला दूसरा राज्य बन गया है।

    मुख्यमंत्री साय ने बताया कि इस विधेयक का उद्देश्य राज्य में रोजगार और व्यापार को आसान बनाना है। साथ ही गैर-अपराधिक श्रेणी के मामलों में व्यवसायियों और आम नागरिकों को अदालती मुकदमों से राहत देना भी इसका मुख्य उद्देश्य है। यह कानून दंडात्मक कार्रवाई के बजाय सुधारात्मक नीति को बढ़ावा देगा।

    छोटे उल्लंघनों पर अब सिर्फ जुर्माना

    जनविश्वास विधेयक का सबसे अहम पक्ष यह है कि अब छोटे-मोटे तकनीकी उल्लंघनों को आपराधिक श्रेणी से हटाकर प्रशासकीय जुर्माने की श्रेणी में रखा गया है। इससे अनावश्यक मुकदमेबाजी कम होगी और अदालती बोझ भी घटेगा।

    इस विधेयक के तहत 8 अधिनियमों के 163 प्रावधानों में संशोधन किया गया है, जिनमें शामिल हैं:

    नगरीय प्रशासन विभाग, नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, सोसायटी रजिस्ट्रेशन अधिनियम, छत्तीसगढ़ औद्योगिक संबंध अधिनियम, सहकारिता सोसायटी अधिनियम, आबकारी अधिनियम में बदलाव

    छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 में भी संशोधन किया गया है। अब सार्वजनिक स्थल पर शराब पीने की पहली गलती पर केवल जुर्माना लगेगा। यदि दोबारा उल्लंघन होता है तो जुर्माने के साथ कारावास का प्रावधान भी रहेगा।

    किराया और सोसायटी नियमों में राहत:

    किराया वृद्धि की सूचना न देने पर अब आपराधिक मामला नहीं बनेगा, बल्कि अधिकतम ₹1,000 का जुर्माना लगेगा।

    सोसायटी के वार्षिक प्रतिवेदन में देरी होने पर अब केवल नाममात्र का आर्थिक दंड लगेगा, खासकर महिला समूहों के लिए इसे और भी न्यूनतम रखा गया है।

    यदि कोई संस्था ‘सहकारी’ शब्द का प्रयोग गलती से कर लेती है, तो अब उस पर आपराधिक मुकदमा नहीं चलेगा, बल्कि केवल प्रशासकीय जुर्माना लगेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विधेयक राज्य में व्यावसायिक सुगमता, न्यायिक बोझ में कमी, और नागरिकों में विश्वास बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल है।

  • चैतन्य बघेल ED हिरासत में लिए गए…

    चैतन्य बघेल ED हिरासत में लिए गए…

    भिलाई। चैतन्य बघेल ED हिरासत में लिए गए है। चैतन्य बघेल को हिरासत में लिए जाने की सूचना मिलते ही भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भूपेश बघेल के भिलाई 3 आवास के बाहर जमा हुए हैं। साथ ही भूपेश बघेल के भिलाई तीन बंगले के सामने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के घर पर ED की टीम ने दबिश दी है।

    ED की टीम पूर्व सीएम बघेल के भिलाई स्थित निवास पर पहुंची है और घर में जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि ईडी के अधिकारी तीन गाड़ियों में भूपेश बघेल के आवास पर पहुंचे और भारी संख्या में सुरक्षा जवानों की भी तैनाती की गई है। फिलहाल ईडी की कार्रवाई लगातार जारी है।