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  • WhatsApp ने लाॅन्च किए 4 नए घांसू फीचर्स, काॅल से लेकर चैटिंग तक, सबमें मिलेगा नया एक्सपीरियंस

    WhatsApp ने लाॅन्च किए 4 नए घांसू फीचर्स, काॅल से लेकर चैटिंग तक, सबमें मिलेगा नया एक्सपीरियंस

    नई दिल्ली। मेटा के ओनरशिप वाले पर्सनल मैसेजिंग ऐप वाट्सऐप (WhatsApp) ने अपने यूजर्स के लिए चार नए फीचर्स रोलआउट किए हैं. इन फीचर्स का उद्देश्य यूजर्स के लिए वीडियो और ऑडियो कॉलिंग अनुभव को बेहतर बनाना है. यह अपडेट न केवल मोबाइल यूजर्स बल्कि डेस्कटॉप यूजर्स के लिए भी जारी किए गए हैं. WhatsApp ने एक ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से इन नए फीचर्स की जानकारी दी है.

    कंपनी ने यह भी साझा किया है कि प्लेटफॉर्म से अब तक करीब 200 करोड़ कॉल्स की जा चुकी हैं. आइए जानते हैं इन शानदार फीचर्स के बारे में विस्तार से…

    1. ग्रुप कॉल में सीक्रेट सरप्राइज का फीचर
    वाट्सऐप ने ग्रुप कॉलिंग के लिए एक खास फीचर पेश किया है. अब यूजर ग्रुप कॉल में सीक्रेट सरप्राइज देने के लिए सेलेक्टेड लोगों को चुपके से जोड़ सकते हैं. इस तरह आप किसी खास मौके पर किसी को वाट्सऐप काॅल पर कनेक्ट कर सरप्राइज दे सकते हैं. यह फीचर तब उपयोगी होगा जब आप किसी के लिए सरप्राइज पार्टी या गिफ्ट प्लान कर रहे हों।

    2. वीडियो कॉलिंग में नाइट मोड और नए इफेक्ट्स
    वाट्सऐप ने वीडियो कॉलिंग के लिए नाइट मोड और कई नए इफेक्ट्स जोड़े हैं, जो कॉलिंग अनुभव को बेहतरीन बनाएंगे. नाइट मोड की मदद से यूजर कम रोशनी में भी बेहतर वीडियो क्वालिटी का अनुभव कर सकेंगे. वीडियो कॉलिंग में पपी ईयर, माइक्रोफोन, और अंडरवाटर जैसे इफेक्ट्स भी जोड़े गए हैं. 1:1 और ग्रुप कॉलिंग में हायर रेजोल्यूशन वीडियो क्वालिटी की सुविधा दी जा रही है, जिससे वीडियो कॉल के दौरान शानदार पिक्चर क्वालिटी मिलेगी।

    3. डेस्कटॉप कॉलिंग फीचर्स में सुधार
    डेस्कटॉप यूजर्स के लिए भी वाट्सऐप कॉलिंग अनुभव को आसान बनाने के लिए कुछ नए बदलाव किए हैं. अब डेस्कटॉप यूजर्स सीधे नंबर डायल कर काॅल लगा सकते हैं. ऐप के कॉल टैब पर क्लिक करके कॉलिंग शुरू की जा सकेगी. इसके साथ ही, कॉल लिंक क्रिएट करने की सुविधा भी उपलब्ध होगी।

    4. टाइपिंग इंडिकेटर में सुधार
    चैटिंग अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए वाट्सऐप ने नया टाइपिंग इंडिकेटर फीचर जोड़ा है. यह फीचर रियल-टाइम चैटिंग को और अधिक सहज बनाएगा. अब यूजर्स देख पाएंगे कि चैट में कौन टाइप कर रहा है. ग्रुप चैट्स में, मैसेज टाइप करने वाले यूजर्स की प्रोफाइल पिक्चर भी दिखाई देगी, जिससे सही मैसेज पर रिप्लाई करना आसान होगा. मौजूदा टाइपिंग विजुअल्स को इस नए फीचर से रिप्लेस कर दिया जाएगा।

  • बलौदाबाजार आगजनी घटना के आरोपियों को पूर्व मंत्री डहरिया ने कहा- ‘फ्रीडम फाइटर’, मंत्री टंकराम वर्मा ने बयान को बताया शहीदों का अपमान…

    बलौदाबाजार आगजनी घटना के आरोपियों को पूर्व मंत्री डहरिया ने कहा- ‘फ्रीडम फाइटर’, मंत्री टंकराम वर्मा ने बयान को बताया शहीदों का अपमान…

    बलौदाबाजार। कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने 10 जून को बलौदाबाजार में हुई आगजनी घटना में शामिल सतनामी समाज के लोगों को ‘फ्रीडम फाइटर’ बताया है. उन्होंने यह भी कहा कि इन लोगों को सम्मान के साथ रिहा किया जाना चाहिए. डहरिया के इस बयान पर मंत्री टंकराम वर्मा ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि शिवकुमार डहरिया का यह बयान देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों का अपमान है. वह अपने राजनीतिक रोटी सेकने इस तरह का बयान दे रहे हैं.

    पूर्व मंत्री डॉ शिवकुमार डहरिया का आज बड़ा बयान सतनामी समाज को लेकर आया है, जहां उन्होंने बलौदाबाजार में हुए 10 जून की आगजनी घटना में शामिल सतनामी समाज के लोगों को फ्रीडम फाइटर कहा है. वहीं उन्होंने उनके रिहाई पर सम्मान करने की बात कही. उन्होंने यह भी कहा कि सतनामी समाज हमेशा कांग्रेस की समर्थक रही है और इसलिए भाजपा की सरकार सतनामी समाज सहित कांग्रेस जनों को प्रताड़ित कर रही है.

    उनके इस बयान पर प्रदेश के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि पूर्व मंत्री शिवकुमार डहरिया का 10 जून को बलौदाबाजार आगजनी घटना में शामिल लोगों को फ्रीडम फाइटर कहना देश की आजादी में कुर्बानी देने वाले वीर शहीदों का अपमान है. शिवकुमार डहरिया अपनी राजनीतिक रोटी सेकने इस तरह का बयान दे रहे हैं, उन्हें इस तरह का बयान नहीं देना चाहिए.

    आपको बता दें कि कांग्रेस के पूर्व मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया आज बलौदाबाजार में कांग्रेस के संविधान रक्षा अभियान में शामिल होने पहुंचे थे. यहां उन्होंने प्रदेश की भाजपा सरकार पर कई गंभीर आरोप भी लगाए. इस दौरान उन्होंने कहा कि कवर्धा कांड में शामिल 40 लोगों को छोड़ने की कार्रवाई सरकार की तरफ से की गई है. उन्होंने इसी तर्ज पर बलौदाबाजार हिंसा में गिरफ्तार किए गए लोगों के मामले में भी जांच कर निर्दोष लोगों को छोड़ने की सरकार से अपील भी की.

  • राज्य सरकार ने की बड़ी कार्रवाई, 2 CMO को किया गया निलंबित, इस वजह गिरी गाज, जानिए पूरा मामला…

    राज्य सरकार ने की बड़ी कार्रवाई, 2 CMO को किया गया निलंबित, इस वजह गिरी गाज, जानिए पूरा मामला…

    रायपुर। राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के मामले में दो अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई की है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने दो मुख्य नगर पालिका अधिकरियों को निलंबित कर दिया है। ये कार्रवाई अलग अलग जिलों के सीएमओ के खिलाफ की गई है। नगर पालिका पेंड्रा के तत्काली सीएमओ कन्हैया लाल निर्मलकर को स्कूलों के रेनोवेशन के काम लिए डीएमएफ से निर्गत राशि में गड़बड़ी का आरोपी माना गया है। कन्हैया लाल निर्मलकर पेंड्रा में पोस्टिंग के दौरान बहुद्देशीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल और शासकीय शारीरिक प्रशिक्षण महाविद्यालय पेंड्रा के रेनोवेशन कार्य में 6 लाख 24 हजार 511 की गड़बड़ी का दोषी पाया गया।वहीं महासमुंद के तत्कालीन सीएमओ टामसन रात्रे को भी सस्पेंड कर दिया गया है। टामसन रात्रे पर भी भ्रष्टाचार का आरोप है। आरोप है कि बिना स्वीकृति के ही उन्होंने 50 लाख की दवा खरीदी कर ली थी।

    जारी आदेश…

  • TRAI का नया नियम आज से लागू, मैसेज भेजने से पहले Jio, Airtel, VI और BSNL यूजर दें ध्यान….

    TRAI का नया नियम आज से लागू, मैसेज भेजने से पहले Jio, Airtel, VI और BSNL यूजर दें ध्यान….

    OTP ट्रेसबिलिटी वाला TRAI का नया नियम आज से लागू हो गया है। ये देश के 1 करोड़ से ज्यादा यूजर्स के लिए काफी अहम रोल प्ले करने वाला है। यह नियम टेलीकॉम अथॉरिटी द्वारा SMS के माध्यम से होने वाले धोखाधड़ी को रोकने के लिए पेश किया गया था। इसे पहले 1 नवंबर को लागू किया जाना था, लेकिन टेलीकॉम ऑपरेटर्स के अनुरोधों और आगे की तैयारी की आवश्यकता के कारण इसे 10 दिसंबर तक टाल दिया गया था। अब यह आखिरकार प्रभावी हो गया है।

    क्या है इसका मतलब?
    सीधे शब्दों में कहें तो इसका मतलब है कि किसी भी बिजनेस मैसेज के सेंडर को ट्रेस करना आसान हो जाएगा। इससे नेटवर्क स्तर पर यूजर्स के फोन तक पहुंचने वाले धोखाधड़ी संदेशों को रोका जा सकेगा। अगर कोई मैसेज किसी स्कैमर द्वारा भेजा जाता है, तो इसे डिलीवर होने से पहले ही रोक दिया जाएगा। इस तरह, धोखाधड़ी का शिकार होने का खतरा कम हो जाएगा, और टेलीकॉम कंपनियों को हर मैसेज के संपूर्ण रास्ते की जानकारी रखनी होगी।

    क्या मैसेज डिलीवरी में होगी देरी ?
    आप सोच सकते हैं कि क्या इस नए नियम से लेन-देन के लिए जरूरी OTP प्राप्त करने में देरी होगी। TRAI ने स्पष्ट किया है कि ऐसी कोई देरी नहीं होगी; यह केवल एक गलतफहमी थी। हालांकि, कुछ टेलीकॉम कंपनियों ने इस बदलाव के लिए पूरी तरह तैयार होने को लेकर चिंता जताई थी। फिर भी, रिपोर्ट्स बताती हैं कि 95 प्रतिशत संदेश मैसेज किसी देरी के डिलीवर हो रहे हैं, और केवल एक छोटा प्रतिशत प्रभावित हो सकता है। समय के साथ, यह समस्या भी हल हो जाएगी।

  • कोल्ड ड्रिंक, सिगरेट और तंबाकू पर लगेगा तगड़ा GST! जानिए सरकार ने क्या कहा…

    कोल्ड ड्रिंक, सिगरेट और तंबाकू पर लगेगा तगड़ा GST! जानिए सरकार ने क्या कहा…

    नई दिल्ली: लग्जरी प्रोडक्ट्स, तंबाकू और सिगरेट जैसी चीजों पर जीएसटी रेट बढ़ाकर 35 फीसदी करने के बारे में मीडिया में आई रिपोर्ट को सरकार ने अटकलबाजी करार दिया है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने मंगलवार को कहा कि जीएसटी दरों को तर्कसंगत बनाने पर गठित मंत्री समूह ने कर दरों पर अंतिम निर्णय करने वाली जीएसटी काउंसिल को अब तक अपनी सिफारिशें नहीं सौंपी हैं। सीबीआईसी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि वित्त मंत्री की अगुवाई वाली जीएसटी काउंसिल ने अभी तक जीएसटी दर में किसी भी बदलाव पर चर्चा नहीं की है और मंत्रियों का समूह (जीओएम) सिर्फ ‘सिफारिशें करने वाला’ निकाय है।

    माल एवं सेवा कर (जीएसटी) से संबंधित मामलों का नियमन करने वाले सीबीआईसी का यह स्पष्टीकरण कुछ मीडिया रिपोर्ट के बीच आया है। इन खबरों में कहा गया था कि मंत्री समूह ने कोल्ड ड्रिंक, सिगरेट, तंबाकू और उससे बने उत्पादों जैसे हानिकारक उत्पादों पर कर की दर को मौजूदा 28 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत करने का सुझाव दिया है। वर्तमान में, जीएसटी एक चार-स्तरीय कर संरचना है जिसमें पांच, 12, 18 और 28 प्रतिशत के स्लैब हैं।

    सीतारमण ने क्या कहा
    सीबीआईसी ने कहा, ‘जीएसटी काउंसिल ने अभी तक जीएसटी दर में किसी भी बदलाव पर विचार-विमर्श नहीं किया है। परिषद को जीओएम की सिफारिशें भी नहीं मिली हैं। दरअसल जीओएम को अभी अपनी सिफारिशों को अंतिम रूप देना है और परिषद के समक्ष रखना है। परिषद ही जीओएम की सिफारिशों पर अंतिम निर्णय लेगी।’ इसने कहा कि जीएसटी परिषद को जीएसटी दरों में बदलाव करने समेत उनके बारे में अंतिम निर्णय लेने का भी अधिकार है।

    इस बीच, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी दर के संबंध में ‘अटकलों से बचने’ की नसीहत देते हुए कहा कि जीओएम में शामिल विभिन्न राज्यों के वित्त मंत्री जीएसटी दर में बदलाव की दिशा में काम कर रहे हैं। सीतारमण ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, ‘इसके बाद सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों की भागीदारी वाली जीएसटी परिषद की अगली बैठक में सिफारिशों पर विचार किया जाएगा।’ जीएसटी काउंसिल ने जीएसटी दर को तर्कसंगत बनाने के बारे में विचार करने के लिए एक मंत्री समूह का गठन किया था। इसमें बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक एवं केरल के मंत्री शामिल हैं और बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उसके प्रमुख हैं।

  • पांच साल बाद फिर जनता चुनेगी महापौर और अध्यक्ष, निकाय और पंचायत चुनाव में आरक्षण की सीमा 50 फीसदी तक होगी…

    पांच साल बाद फिर जनता चुनेगी महापौर और अध्यक्ष, निकाय और पंचायत चुनाव में आरक्षण की सीमा 50 फीसदी तक होगी…

    छत्तीसगढ़ में नगर निगम के महापौर तथा नगर पालिका और नगर पंचायत के अध्यक्ष का चुनाव प्रत्यक्ष तरीके से कराया जाएगा। यानी जनता अब सीधे इनके लिए वोट करेगी। इस फैसले के साथ ही साथ ही साय सरकार ने तत्कालीन भूपेश सरकार के एक और फैसले को पलट दिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सोमवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।

    इसके लिए नगर निगम तथा नगर पालिका अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी गई है। भास्कर ने अपने 14 मई के अंक में ही बता दिया था कि सरकार सीधे चुनाव कराने की तैयारी में है। इसी तरह ओबीसी आयोग द्वारा प्रस्तुत आरक्षण रिपोर्ट के आधार पर निकायों में आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत किए जाने को भी मंजूरी दे दी गई है।

    आरक्षण पर भी सहमति: राज्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विभाग ने नगरीय निकाय तथा पंचायतों में चुनाव ओबीसी के प्रतिनिधित्व एवं आरक्षण के संबंध में स्थानीय निकायों में आरक्षण को एकमुश्त सीमा 25 प्रतिशत को शिथिल कर ओबीसी की संख्या के अनुपात में अधिकतम 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग की अनुशंसाओं को भी मंजूरी दे दी गई है।

    अन्य महत्वपूर्ण फैसले

    पीडीएस में चना बांटने के लिए नान को चना खरीदी ई-ऑक्शन से करने को मंजूरी
    राज्य सरकार द्वारा चना वितरण के तहत 30.22 लाख परिवारों को लाभान्वित किया जा रहा है। चना वितरण के लिए हर साल 72.52 लाख टन चने की जरूरत होती है।
    राज्य में पर्यटन को उद्योग का दर्जा प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
    आरक्षण संशोधन को मंजूरी- डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि निकाय व पंचायतों में ओबीसी आरक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट ने ट्रिपल टेस्ट करने का दिशा-निर्देश जारी किया था। इस आधार पर सरकार ने राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग का गठन किया। आयोग की रिपोर्ट के आधार पर निकाय और पंचायतों में ओबीसी आरक्षण देने संशोधन के प्रारूप को मंजूरी दी गई है।

    तख्तापलट का खतरा कम

    मेयर तथा अध्यक्ष के सीधे चुनाव कराए जाने के पीछे नेता यह तर्क देते हैं कि अप्रत्यक्ष तरीके से चुनाव कराए जाने से हमेशा तख्ता पलट का खतरा बना रहता है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के पार्षदों की संख्या में अंतर कम होने पर अक्सर इस तरह की परिस्थिति निर्मित होती है। वहीं पार्षदों का दबाव ही अक्सर मेयर और अध्यक्ष पर रहता है, जिसके कारण फैसले लेने में भी कई बार विरोधाभाष का सामना करना पड़ता है।

    हाल ही में कुछ नगर पालिका और नगर पंचायतों में यह स्थिति देखने को मिली थी। सीधे चुनाव से तख्तापलट का खतरा कम रहता है। इसलिए शहर सरकार की स्थिरता के लिए प्रत्यक्ष तरीके से चुनाव कराए जाने पर सहमति दी गई है। सीधे चुनाव की घोषणा के बाद से अब दोनों ही दलों को मेयर और अध्यक्ष के चेहरे को लेकर मशक्कत करनी पड़ेगी, क्योंकि चेहरे के आधार पर ही मतदाता वोट करेंगे।

    चुनाव के दौरान अब मतदाता को पार्षद के साथ ही महापौर और अध्यक्ष पद के लिए दो अलग-अलग वोट डालने होंगे।

    पहले ऐसी थी व्यवस्था- अप्रत्यक्ष तरीके से हुआ था पिछला चुनाव

    अविभाजित मध्यप्रदेश में निगमों में महापौर तथा पालिकाओं के अध्यक्ष का निर्वाचन प्रत्यक्ष तरीके से कराया जाता था। छत्तीसगढ़ बनने के बाद भी यह प्रक्रिया जारी रही, पर तत्कालीन भूपेश सरकार ने निकायों के महापौर तथा पालिकाओं के अध्यक्ष का चुनाव अप्रत्यक्ष तरीके से कराने का निर्णय लिया था। इसकी अधिसूचना 12 दिसंबर 2019 को प्रकाशित की गई थी।

  • RBI के नए गवर्नर होंगे संजय मल्होत्रा, 3 साल का होगा कार्यकाल…

    RBI के नए गवर्नर होंगे संजय मल्होत्रा, 3 साल का होगा कार्यकाल…

    संजय मल्होत्रा भारतीय रिजर्व बैंक के नये गवर्नर नियुक्त किये गये

    श्री मल्होत्रा 1990 बैच के राजस्थान कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं।

    RBI के नए गवर्नर संजय मल्होत्रा होंगे. उनका यह कार्यकाल अगले 3 साल के लिए होगा. वह आरबीआई के वर्तमान गवर्नर शक्तिकांत दास की जगह लेंगे. 10 दिसंबर को आरबीआई के मौजूदा गवर्नर शक्तिकांत दास का कार्यकाल भी खत्म हो रहा है।

    बता दें कि साल 2022 में डिपाटर्मेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज (DFS) के सचिव संजय मल्होत्रा को केंद्र ने रिजर्व बैंक (RBI) के डायरेक्टर के रुप में नामांकित कर दिया था।

  • छत्तीसगढ़ GDP क्या है ? सरकार पैसा कहा से कमाती है और कहा खर्च करती है…

    छत्तीसगढ़ GDP क्या है ? सरकार पैसा कहा से कमाती है और कहा खर्च करती है…

    छत्तीसगढ़, भारत के विकासशील राज्यों में से एक है। इसकी जीडीपी लगातार बढ़ रही है, जो राज्य के आर्थिक विकास को दर्शाता है। हालाँकि, सटीक वर्तमान जीडीपी आंकड़ा प्राप्त करने के लिए, आपको आधिकारिक सरकारी वेबसाइट या आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट देखनी चाहिए। ये आंकड़े समय-समय पर अपडेट होते रहते हैं।

    छत्तीसगढ़ की GDP: संरचना, वृद्धि और सरकार की वित्तीय रणनीति (पिछले 10 वर्षों के आंकड़े सहित)

    1. छत्तीसगढ़ की GDP (वर्तमान समय): 2023-24 में छत्तीसगढ़ की GDP (सकल घरेलू उत्पाद) लगभग ₹4.3 लाख करोड़ (₹4.3 ट्रिलियन) है। यह राज्य मुख्य रूप से खनिज संसाधनों (जैसे लौह अयस्क, कोयला, बॉक्साइट) और कृषि पर आधारित है। औद्योगिक उत्पादन और सेवा क्षेत्र भी महत्वपूर्ण योगदान करते हैं।

    2. GDP में पैसे का स्रोत (छत्तीसगढ़ के राजस्व के प्रमुख स्रोत):

    छत्तीसगढ़ की जीडीपी में मुख्य योगदान निम्नलिखित क्षेत्रों से आता है:

    खनिज संसाधन: छत्तीसगढ़ भारत के सबसे बड़े खनिज उत्पादन वाले राज्यों में से एक है। यह कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, डोलोमाइट आदि जैसे खनिजों का बड़ा उत्पादक है। राज्य का खनिज राजस्व लगभग 30% GDP का है।
    कृषि: कृषि राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जहां मुख्य रूप से धान, दलहन, और गन्ने की खेती होती है। राज्य को “भारत का चावल का कटोरा” कहा जाता है। कृषि का राज्य GDP में योगदान करीब 15% के आसपास है।
    उद्योग: छत्तीसगढ़ के उद्योग क्षेत्र में स्टील, सीमेंट और बिजली उत्पादन का बड़ा हिस्सा है। राज्य का औद्योगिक विकास इसका लगभग 25-30% योगदान देता है।
    सेवा क्षेत्र: छत्तीसगढ़ में सेवा क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है। इसमें बैंकिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन शामिल हैं। सेवा क्षेत्र का योगदान लगभग 35-40% है।
    3. पिछले 10 सालों में GDP ग्रोथ रेट (2014-2023): छत्तीसगढ़ ने पिछले दशक में निरंतर आर्थिक वृद्धि देखी है। विभिन्न वर्षों में GDP वृद्धि दर इस प्रकार रही है:

    2014-15: 7.5%
    2015-16: 6.8%
    2016-17: 6.0%
    2017-18: 5.6%
    2018-19: 6.9%
    2019-20: 5.1%
    2020-21: (-2.1%) [COVID-19 महामारी के कारण संकुचन]
    2021-22: 8.4% (वापसी की वृद्धि)
    2022-23: 6.7% (अनुमानित)
    2023-24: 6.2% (प्रक्षेपण)
    पिछले 10 वर्षों में औसत GDP वृद्धि दर लगभग 6.1% रही है, जो राष्ट्रीय औसत के करीब है।

    4. छत्तीसगढ़ सरकार की आय और व्यय:

    राजस्व (Income Sources):
    कर राजस्व (Tax Revenue): छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा आय स्रोत राज्य का कर राजस्व है, जिसमें वैट, जीएसटी, स्टाम्प ड्यूटी, उत्पाद शुल्क, और संपत्ति कर शामिल हैं।
    गैर-कर राजस्व (Non-Tax Revenue): इसमें खनिज रॉयल्टी, राज्य सरकार द्वारा संचालित उद्यमों से प्राप्त आय, और अन्य शुल्क शामिल होते हैं। खनिज रॉयल्टी इस श्रेणी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।
    केन्द्रीय अनुदान (Central Grants): छत्तीसगढ़ को केंद्र सरकार से अनुदान और केंद्रीय करों का हिस्सा मिलता है। केंद्रीय योजनाओं के तहत यह अनुदान राज्य की वित्तीय स्थिति में अहम योगदान करता है।
    व्यय (Expenditure):
    विकास पर खर्च (Development Expenditure): सरकार कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा, और औद्योगिक विकास पर प्रमुखता से खर्च करती है।
    समाज कल्याण योजनाएं (Social Welfare): राज्य की आय का बड़ा हिस्सा समाज कल्याण योजनाओं पर जाता है, जिनमें मुफ्त राशन, स्वास्थ्य सेवाएं, पेंशन, और शिक्षा शामिल हैं।
    राज्य कर्मचारियों का वेतन और पेंशन: राज्य सरकार का एक बड़ा खर्चा सरकारी कर्मचारियों के वेतन और पेंशन पर होता है।
    ऋण भुगतान (Debt Servicing): राज्य सरकार के लिए ऋणों का भुगतान भी एक महत्वपूर्ण व्यय होता है।
    5. सरकार की प्राथमिकताएं और योजनाएं: छत्तीसगढ़ सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में उद्योग, कृषि और शिक्षा में निवेश बढ़ाने की कोशिश की है। 2024-2030 औद्योगिक विकास नीति इस दिशा में एक प्रमुख कदम है, जो राज्य के उद्योग और युवा उद्यमियों को समर्थन प्रदान करेगी।

    6. आर्थिक भविष्य की चुनौतियां और अवसर: आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ को अपनी खनिज-आधारित अर्थव्यवस्था से सेवा क्षेत्र और हरित ऊर्जा की ओर बढ़ने की आवश्यकता होगी। कृषि में सुधार और बुनियादी ढांचे में निवेश राज्य की दीर्घकालिक वृद्धि को स्थिर बना सकता है।

  • छत्तीसगढ़ में एम परिवहन ऐप का नया वर्जन लागू : रायपुर पुलिस द्वारा एम परिवहन ऐप के नया वर्जन का ‛ट्रैफिक प्रहरी’ Citizen Sentinel पोस्टर बनाकर किया विमोचन…

    छत्तीसगढ़ में एम परिवहन ऐप का नया वर्जन लागू : रायपुर पुलिस द्वारा एम परिवहन ऐप के नया वर्जन का ‛ट्रैफिक प्रहरी’ Citizen Sentinel पोस्टर बनाकर किया विमोचन…

    अब आम नागरिक ‘‘ट्रैफिक प्रहरी’’ बनकर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालको का फोटो वीडियो के साथ ऐप के माध्यम से पुलिस को दे सकेंगे
    छत्तीसगढ में रायपुर पुलिस द्वारा इस एप्स को आम नागरिकों के लिए प्रारंभ किया गया।
    भेजने वाले नागरिकों का नाम पता रखा जाएगा गोपनीय


    रायपुर। पुलिस अधीक्षक कार्यालय रायपुर में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर डॉ. संतोष कुमार सिंह, कीर्तन राठौर अति. पुलिस अधीक्षक ग्रामीण , डॉ. अनुराग झा अति. पुलिस अधीक्षक यातायात,  सतीश ठाकुर, गुरजीत सिंह एवं सुशांतो बनर्जी  उप पुलिस अधीक्षक यातायात रायपुर के द्वारा NIC द्वारा आम नागरिको के लिए एम परिवहन एप का नया वर्जन केरल, उड़ीसा के साथ छत्तीसगढ़ के लिए लागू किया गया है जिसके संबंध में ट्रैफिक प्रहरी (citizen sentinel)  पोस्टर बनाकर रायपुर पुलिस द्वारा आम नागरिकों के लिए जारी किया गया।

    इस एप के अंतर्गत अब कोई भी आम नागरिक ऐसे वाहन चालकों का जो बिना हेलमेट दो पहिया वाहन चालन, दो पहिया में तीन सवारी, वाहन चलाते समय मोबाईल का उपयोग, आम सड़क एवं नो पार्किंग जोन में वाहन पार्क, वाहन में गलत तरीके से नंबर प्लेट लगाकर वाहन चलाने वालो का फोटो/वीडियो बनाकर एम परिवहन एप  के सिटिजन सेन्टिनल (ट्रैफिक पहरी) बनकर ट्राफिक उल्लंघन का रिपोर्ट कर सकते है। जिस पर पुलिस द्वारा उक्त वाहन चालक का ई चालान बनाकर मोबाईल नंबर या वाहन चालक के पते पर भेज कर उचित वैधानिक कार्यवाही की जावेगी।

    इस प्रकार अब एक आम नागरिक ट्रैफिक प्रहरी बनकर यातायात नियमों का पालन न करने वाले वाहन चालको का चालान के माध्यम से जागरूक करने का प्रयास कर सकती है इस दौरान भेजने वाले नागरिकों का नाम पता गोपनीय रखा जाएगा, यातायात पुलिस रायपुर सभी आम नागरिको से अपील करती है कि इस एप  का अधिक से अधिक प्रयोग कर ऐसे वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने हेतु जागरूक करें।

  • CG 2 CMO सहित 5 सस्पेंड : राज्य सरकार ने जारी किया आदेश,इस मामले में 2 CMO सहित पांच को किया गया सस्पेंड,जानें मामला….

    CG 2 CMO सहित 5 सस्पेंड : राज्य सरकार ने जारी किया आदेश,इस मामले में 2 CMO सहित पांच को किया गया सस्पेंड,जानें मामला….

    डोंगरगढ़ नगर पालिका परिषद में निर्माण कार्यों व सामग्रियों की खरीदी में करोड़ों के भ्रष्टाचार के मामले में राज्य शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। दो तत्कालीन मुख्य नगर पंचायत अधिकारियों समेत पांच को निलंबित कर दिया है।निलंबित अफसरों में दोसब इंजीनियर व एक एकाउंटेंट भी शामिल हैं। सभी को नगरीय प्रशासन विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय दुर्ग में अटैच किया गया है।

    अवर सचिव अजय तिर्की द्वारा जारी आदेश के तहत फरवरी 2021 सितंबर 2022 तक मुख्य नगर पालिका अधिकारी यमन देवांगन को आर्थिक अनियमितता का दोषी पाए जाने पर निलंबित किया गया है। वर्तमान में वे नगर पंचायत इंदौरी (कवर्धा) में मुख्य नगर पालिका अधिकारी हैं। सितंबर 2022 से अगस्त 2023 तक डोंगरगढ़ पालिका में सीएमओ रहे प्रमोद शुक्ला को भी सस्पेंड किया गया है। अभी वे खैरागढ़ नगर पालिका में सहायक राजस्व निरीक्षक के रूप में पदस्थ हैं।

    उप अभियंता रितेश स्थापक, किशोर ठाकुर व लेखापाल दीपा भिवगढ़े को भी निलंबित किया गया है। स्थापक व भिवगढ़े डोंगरगढ़ पालिका में ही पदस्थ हैं जबकि किशोर ठाकुर उप अभियंता के रूप में नगर पंचायत कार्यालय छुरिया में सेवारत हैं।

    जांच में एक और तत्कालीन सीएमओ कुलदीप झा भी आर्थिक गड़बड़ी में दोषी पाए गए हैं। खैरागढ़ पालिका में भ्रष्टाचार के मामले में निलंबित चल रहे है। प्लेसमेंट कर्मचारी जयेस सहारे को बर्खास्त करने कहा गया है।