Author: Sunil Agrawal

  • महतारी वंदन योजना के भरे गए 1900 से अधिक फॉर्म

    महतारी वंदन योजना के भरे गए 1900 से अधिक फॉर्म

    खरसिया। 11 दिसम्बरको पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर दीनदयाल सभा भवन में नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम का बृहद आयोजन किया गया जिसमें केंद्र तथा राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई। वहीं महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं ने बढ़-चढ़कर अपने आवेदन जमा करवाए। इस दिन प्राप्त आवेदनों में से 103 आवेदन को ऑनलाइन पंजीकृत भी किया गया।

    रविवार को आयोजित इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मुख्य नगर पालिका अधिकारी विक्रण भगत, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष सतीश अग्रवाल दीनदयाल अग्रवाल विजय शर्मा, मुकेश अग्रवाल, पार्षद दीनदयाल अग्रवाल , सहित भाजपा अनेक कार्यकर्ताओं के साथ प्रेस क्लब सचिव सुनील अग्रवाल पत्रकार मनीष अग्रवाल सहित नगर के अन्य पत्रकार गणों की उपस्थिति रही वहीं महिला बाल विकास की सुपर वाईजर पुनीता दर्शन सावित्री केशरवानी खुशबू विश्वकर्मा ममता मेहरा सहित समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने महतारी वंदन योजना के 2000 से अधिक आवेदन जमा किए। कार्यक्रम में उपअभियंता रेखलाल सिन्हा, आरआई नरेश महिष लेखापाल रामकुमार बंजारे एवं नीता कंवर और राधा उरांव ने प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, प्रधानमंत्री सम्मान निधि, आयुष्मान योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना आदि की जानकारी आमजनों को प्रदान की । कार्यक्रम का सफल संचालन विकासखंड खेल अधिकारी रामगोपाल पटेल द्वारा किया गया वहीं सीएमओ विक्रण भगत द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को उनके सराहनीय योगदान को लेकर सम्मानित किया गया।

  • राम मंदिर: बाबर से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक, जानें कब-कब क्‍या हुआ?

    राम मंदिर: बाबर से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक, जानें कब-कब क्‍या हुआ?


    वर्ष 1528 : मुगल बादशाह बाबर के आदेश पर सेनापति मीर बाकी ने बाबरी मस्जिद का निर्माण कराया.



    वर्ष 1885 : महंत रघुवर दास ने फैजाबाद की जिला अदालत में याचिका दायर की. उन्होंने विवादित ढांचे के बाहर एक चबूतरा बनाने की अनुमति मांगी. अदालत ने रघुवर दास की याचिका खारिज कर दी.

    वर्ष 1949 : विवादित ढांचे के बाहर मध्य गुंबद के नीचे रामलला की मूर्ति रखी गई.

    वर्ष 1950 : फैजाबाद सिविल कोर्ट में दो याचिका दायर की गई। पहली याचिका में गोपाल सिंह विषारद ने पूजा के अधिकार को लेकर याचिका दर्ज की। दूसरी याचिका में विवादित ढांचे में भगवान राम की मूर्ति रखे रहने की मांग की।

    वर्ष 1959 : निर्मोही अखाड़ा ने तीसरी याचिका दाखिल की। अखाड़े ने कहा कि विवादित ढांचे का बाहरी आहता भगवान राम की जन्मभूमि के रूप में मान्य है, वह उनके सेवायत है यह उनका अधिकार है।

    वर्ष 1961: यू पी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने अर्जी दायर कर साइट का साइट का अधिकार मांगा इसमें विवादित ढांचे के पोजीशन और मूर्तियां हटाने की मांग की

    वर्ष 1986 कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया कि हिंदू श्रद्धालुओं के लिए जगह खोली जाए फैजाबाद जिला जज के एम पांडे ने आदेश दिया था इसके बाद विवादित ढांचे का ताला खोला गया श्रद्धालुओं प्रवेश की इजाजत मिली।

    वर्ष 1989 वीएचपी ने हजारों हिंदू समर्थकों के साथ राम जन्मभूमि का शिलान्यास किया कामेश्वर चौपाल के हाथों राम मंदिर की पहली ईद रखवाई गई इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विवादित ढांचे वाले स्थान पर यथा स्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए।







    6 दिसंबर, 1992 : 16वीं सदी की बाबरी मस्जिद को ‘कार सेवकों’ ने ध्वस्त कर दिया.

    3 अप्रैल, 1993 : केंद्र ने विवादित क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण के लिए ‘अयोध्या में निश्चित क्षेत्र का अधिग्रहण अधिनियम’ पारित किया.

    1 वर्ष 2001 बाबरी विध्वंस मामले में कोर्ट ने लालकृष्ण आडवाणी मुरली मनोहर जोशी उमा भारती बाल ठाकरे समेत 13 लोगों के खिलाफ कार्रवाई पर रोक लगाई।

    अप्रैल 2002 : विवादित स्थल के मालिकाना हक का निर्धारण करने के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सुनवाई शुरू की.

    वर्ष 2004 विवादित ढांचे के मामले में सीबीआई ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में याचिका दाखिल की।

    30 सितंबर, 2010 : उच्च न्यायालय ने 2:1 के बहुमत से विवादित क्षेत्र को सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और रामलला के बीच तीन हिस्सों में बांटने का फैसला सुनाया.



    9 मई, 2011 : सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या भूमि विवाद पर उच्च न्यायालय के फैसले पर रोक लगायी.

    जनवरी 2019 : सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ का गठन किया.

    6 अगस्त, 2019 : सुप्रीम कोर्ट ने भूमि विवाद पर रोजाना सुनवाई शुरू की.

    16 अक्टूबर, 2019 : सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई पूरी करने के बाद आदेश सुरक्षित रखा.

    9 नवंबर, 2019 : सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में पूरी 2.77 एकड़ विवादित जमीन रामलला को दे दी. जमीन का कब्जा केंद्र सरकार के रिसीवर को सौंपा. शीर्ष अदालत ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को मस्जिद बनाने के लिए मुसलमानों को किसी प्रमुख स्थान पर पांच एकड़ जमीन आवंटित करने का भी निर्देश दिया.

    5 फरवरी, 2020 : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा में राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाए जाने का ऐलान किया.

    5 अगस्त, 2020 : प्रधानमंत्री मोदी ने
    राम मंदिर
    निर्माण की बुनियाद रखी.

    वर्ष 2024 : 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की गई।

  • छत्तीसगढ़ में हुए शराब और कोयला घोटाले में दो पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक, पूर्व चीफ सेक्रेटरी, IAS अधिकारियों सहित 100 से अधिक लोगों पर ACB में ED ने कराया अपराध दर्ज….

    छत्तीसगढ़ में हुए शराब और कोयला घोटाले में दो पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक, पूर्व चीफ सेक्रेटरी, IAS अधिकारियों सहित 100 से अधिक लोगों पर ACB में ED ने कराया अपराध दर्ज….

    रायपुर : छत्तीसगढ़ में आज की सबसे बड़ी खबर सुबह के वक्त निकलकर सामने आई है। खबर है शराब और कोयला घोटाले से जुड़ी हुई है। इस मामले में ईडी ने एक बड़ी अपराध दर्ज रायपुर स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) में दर्ज कराया है।

    सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, ईडी ने तीन पूर्व मंत्रियों, कुछ पूर्व विधायकों, और पूर्व मुख्य सचिव, दो निलंबित आईएएस, एक रिटार्यड आईएएस, और कई कांग्रेस नेताओं सहित 100 से अधिक लोगों पर अपराध दर्ज हुआ है।


    सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जो नाम सामने आ रहे हैं उनमें पूर्व मुख्यमंत्री के डिप्टी सेक्रेटरी रही सौम्या चौरसिया, आई ए एस रानू साहू, समीर बिश्नोई, अनिल टुटेजा, अनिल टुटेजा के सुपुत्र यश टुटेजा, पूर्व चीफ सेक्रेटरी विवेक ढांड ,पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा पूर्व खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, पूर्व विधायक, यूडी मिंज, पूर्व विधायक गुलाब कमरों , वर्तमान विधायक देवेंद्र यादव का नाम भी शामिल है। इसके साथ ही कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, कांकेर के पूर्व विधायक शिशुपाल, पूर्व विधायक चंद्रदेव राय, पूर्व विधायक बृहस्पत सिंह इदरीश गांधी, पूर्व सीएम के मित्र विजय भाटिया आर पी सिंह, विनोद तिवारी का नाम भी नाम शामिल है।

  • त्रिनाथ त्रिपाठी ने संभाली खरसिया थाने की कमान…

    त्रिनाथ त्रिपाठी ने संभाली खरसिया थाने की कमान…



    खरसिया। खरसिया थाने में थाना प्रभारी के रूप में निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी ने पदभार संभाल लिया है। नगर निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी इससे पूर्व छ़ाल थाने में पदस्थ थेे। नगर निरीक्षक के रूप में अनुभवी अधिकारी की पदस्थापना से अपराध दरों में निश्चित तौर पर कमी आयेगी। नये थाना प्रभारी से उम्मीद जगी है कि वे आम जनता से मधुर संबंध बना कर अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगाने में सफल होंगे।
    गौरतलब है कि पुलिस कप्तान ने दुर्ग से आये अनुभवी नगर निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी को खरसिया थाना की कमान सौंपी है। रायगढ़ जिले में यह उनकी दूसरी पदस्थापना है, इससे पूर्व वे छ़ाल थाना प्रभारी के रूप में पदस्थ थे। 2008 बैच के त्रिनाथ त्रिपाठी ने अम्बिकापुर, बस्तर, रायपुर और दुर्ग जिले में अपनी सेवाएं दी है। थानेदार त्रिनाथ त्रिपाठी खरसिया थाना की कमान संभालते हुये मीड़िया से रूबरू हुये तथा क्षेत्र तथा क्षेत्रवासियों के व्यवहार एवं पीड़ितों के कमजोर मनोबल के कारण बढ़ते अपराधों के संबंध में बेबाकी से चर्चा की, मीड़िया से चर्चा करते हुये नव पदस्थ नगर निरीक्षक ने कहा की बहुत जल्द ही लोकसभा चुनाव होने वाले हैं, और खरसिया मेरे लिये नयी जगह है, यहां आम जनता के सहयोग से उनके साथ मधुर संबंध बना कर कानून के प्रति व्याप्त भ्रम को दूर करना, पुराने लंबित प्रकरणों का निराकरण करने के साथ साथ वरिष्ठ अधिकारीयों के मार्गदर्शन पर कार्य करते हुये अपराध तथा अपराधियों पर अंकुश लगाकर पूरे क्षेत्र में कानून व्यवस्था और पुलिस के प्रति विश्वास पैदा करना मेरी प्राथमिकता है, साथ ही जुआ, सट्टा, शराबखोरी जैसी सामाजिक बुराईयों को भी बहुत शिद्दत के साथ समाप्त किया जायेगा। नगर की चरमरायी यातायात व्यवस्था और जगह जगह लग रहे जाम के संबंध में उन्होंने कहा कि नगर पालिका से सामंजस्य कर नगर की बदहाल यातायात को सुधारने की कवायद की जायेगी। युवा और उर्जावान अधिकारी की पदस्थापना से क्षेत्रवासियों में उम्मीद जगी है कि नगर की बदहाल यातायात व्यवस्था में सुधार के साथ साथ नगर में बढ़ रहे अपराधों में निश्चित तौर पर कमी आयेगी, अपराधियों के हौंसले पस्त होंगे और क्षेत्र में अमन चैन कायम होगा।

  • खरसिया में तीन दिवसीय श्री कृष्णा लीला महोत्सव….

    खरसिया में तीन दिवसीय श्री कृष्णा लीला महोत्सव….

    खरसिया। नगर की महिला जागरण मंडल एवं श्री यूगल उपासक उत्सव मंडल के संयुक्त तत्वाधान में आगामी 27, 28 एवं 29 जनवरी 2024 को शहर के गंज बाजार स्थित श्री हनुमान मंदिर प्रांगण में तीन दिवसीय श्री कृष्ण लीला महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया है, जिसमें प्रतिदिन दोपहर 3:00 से शाम 6:00 बजे तक श्रीधाम वृंदावन से पधारे बृजवासियों की 20 से अधिक कलाकारों की टीम भगवान श्री कृष्ण जी की जीवंत झांकियां एवं लीलाओं की प्रस्तुति देंगे एवं यह कार्यक्रम श्री धाम वृंदावन का प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक कार्यक्रम है, जिसमें भगवान श्री कृष्ण जी की लीलाओं एवं रासलीलाओं को देखने के लिए लोग उमड़ते है। लगभग 20 वर्षो बाद खरसिया नगर में यह आयोजन किया जा रहा है।

    तीन दिवसीय आयोजन को लेकर जहां व्यापक रूप से तैयारीयां की जा रही है, तो वहीं इसका प्रचार प्रसार भी व्यापक रूप से किया जा रहा है, आयोजन समिति ने समस्त धर्म प्रेमियों से आग्रह किया है की कार्यक्रम में सपरिवार शामिल होकर पुण्य के भागी बने।

  • 88 आईएएस और एक आईपीएस अधिकारी का तबादला, छत्तीसगढ़ में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी….

    88 आईएएस और एक आईपीएस अधिकारी का तबादला, छत्तीसगढ़ में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी….

    रायपुर। राज्य सरकार ने रात को 1 बजे के लगभग बहुप्रतिक्षित ट्रांसफ़र सूची जारी की है। इसमें 89 अधिकारियों के नाम हैं। इसमें 88 नाम आईएएस के हैं तो एक नाम आईपीएस का है। यह आईपीएस मयंक श्रीवास्तव हैं जिन्हें आयुक्त-सह-संचालक जनसंपर्क बनाया गया है।


    इन ज़िलों में नए कलेक्टर
    राज्य सरकार की इस लिस्ट में कुमार लाल चौहान को सारंगढ-बिलाईगढ़,विपिन माँझी को नारायणपुर,भोसकर विलास संदीपन को सरगुजा,अभिजीत सिंह को कांकेर,रणवीर शर्मा को बेमेतरा,संजय अग्रवाल को राजनांदगाँव,नम्रता गांधी को धमतरी,गौरव सिंह को रायपुर,अजीत वसंत को कोरबा, इंद्रजीत सिंह चंद्रवार को बालोद,ऋचा प्रकाश चौधरी को दुर्ग,डी राहुल केंवट को मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर,दीपक अग्रवाल को गरियाबंद,आकाश छिकारा को जांजगीर चाँपा,रोहित व्यास को सूरजपुर,मयंक चतुर्वेदी को दंतेवाड़ा,कुणाल दुदावत को कोंडागांव,चंद्रकांत वर्मा को खैरागढ़-छुईखदान-गंडई ज़िले का कलेक्टर नियुक्त किया गया है।

    ACS और सचिव स्तर के अधिकारियों को ये जवाबदेही
    अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू को धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के साथ महानिदेशक ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान, मनोज पिंगुआ अपर मुख्य सचिव गृह एवं जेल विभाग के साथ अपर मुख्य सचिव वन विभाग, अध्यक्ष माशिम और अध्यक्ष व्यापम का अतिरिक्त प्रभार, श्रीमती निहारिका बारिक को प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास के साथ विकास आयुक्त इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग,श्रीमती शहला निगार को कृषि उत्पादन आयुक्त के साथ सचिव कृषि एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग, सचिव कृषि (उद्यानिकी मत्स्यपालन दुग्धपालन गौठान) विभाग और गन्ना आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार,डॉ कमलप्रीत सिंह को सचिव पीडब्ल्यूडी के साथ सचिव सामान्य प्रशासन विभाग का अतिरिक्त प्रभार,सिद्धार्थ कोमल परदेसी को सचिव स्कूल शिक्षा विभाग, प्रसन्ना आर को सचिव उच्च शिक्षा विभाग के साथ विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी छग इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस बिलासपुर का अतिरिक्त प्रभार,अंबलंगन पी को सचिव धार्मिक न्यास और धर्मस्व विभाग,सुश्री अलरमेलमंगई डी को सचिव श्रम विभाद के साथ श्रमायुक्त का अतिरिक्त प्रभार,सुश्री आर संगीता को सचिव आवास एवं पर्यावरण और अध्यक्ष छग पर्यावरण संरक्षण मंडल का अतिरिक्त प्रभार,राजेश सुकुमार टोप्पो को विशेष सचिव ( स्वतंत्र प्रभार ) जल संसाधन विभाग, एस प्रकाश को सचिव परिवहन विभाग और सचिव समाज कल्याण का अतिरिक्त प्रभार, नीलम महादेव एक्का को सचिव जनशिकायत निवारण विभाग,और अतिरिक्त प्रभार संचालक विमानन, अंकित आनंद को सचिव वित्त विभाग के साथ अध्यक्ष पेंशन निराकरण समिति, के साथ योजना और आर्थिक सांख्यिकी विभाग का अतिरिक्त प्रभार,दयानंद पांडेय सचिव मुख्यमंत्री के साथ साथ ऊर्जा विभाग खनिज साधन विभाग, जनसंपर्क विभाग के सचिव तथा अध्यक्ष छग स्टेट पावर कंपनी सचिव वाणिज्य और उद्योग ( रेल परियोजनायें )सचिव विमानन, सी आर प्रसन्ना को सचिव सहकारिता,भुवनेश यादव को सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, एस भारतीदासन सचिव कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और रोज़गार विभाग, श्रीमती शम्मी आबिदी को सचिव महिला बाल विकास विभाग,बसवराजू एस को सचिव खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के साथ सचिव स्वास्थ्य शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार,हिमशिखर गुप्ता सचिव वाणिज्यिक कर ( आबकारी एवं पंजीयन छोड़कर),मोहम्मद कैसर हक़ को सचिव वाणिज्य और उद्योग के साथ सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी का अतिरिक्त प्रभार,यशवंत कुमार को संचालक ग्रामोद्योग के साथ प्रबंध संचालक छग हथकरघा विकास एवं विपणन संघ मर्यादित तथा प्रबंध संचालक छग खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड का अतिरिक्त प्रभार,जनक पाठक को प्रबंध संचालक मंडी बोर्ड,भीम सिंह को सीईओ राज्य ग्रामीण विकास अभिकरण,राजेश सिंह राणा को सीईओ क्रेडा,महादेव कावरे को संचालक कोष एवं लेखा, नरेंद्र दुग्गा को सचिव आजाक अजा विकास विभाग पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक विकास विभाग के साथ आयुक्त अजा जजा विकास, डॉ प्रियंका शुक्ला को संचालक पशु चिकित्सा सेवायें के साथ संचालक तकनीकी शिक्षा रोजगार एवं प्रशिक्षण का अतिरिक्त प्रभार,श्रीमती किरण कौशल को विशेष सचिव ( स्वतंत्र प्रभार ) वाणिज्यिक कर ( पंजीयन ), तंबोली अय्याज फ़क़ीर भाई को आयुक्त गृह निर्माण मंडल,सौरभ कुमार को सीईओ नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण,सुनील जैन को संचालक भौमिकी तथा खनिकर्म के साथ विशेष सचिव खनिज विभाग, विशेष सचिव ऊर्जा विभाग और मिशन संचालक जल जीवन मिशन का अतिरिक्त प्रभार,जय प्रकाश मौर्य को विशेष सचिव उच्च शिक्षा विभाग,सारांश मित्तर विशेष सचिव कृषि विभाग,पदुम एल्मा को विशेष सचिव तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग, रमेश शर्मा को विशेष सचिव राजस्व आपदा प्रबंधन के साथ संचालक भू अभिलेख,संचालक मुद्रण लेखन सामग्री, विशेष सचिव धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग, प्रबंध संचालक मार्कफेड का अतिरिक्त प्रभार,धर्मेश साहू को महानिरीक्षक पंजीयन और मुद्रांक,भूरे सर्वेश्वर नरेंद्र को सचिव छग राज्य निर्वाचन आयोग,दीपक सोनी को पंजीयक सहकारी समिति के साथ नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन का अतिरिक्त प्रभार, संजीव झा संचालक समग्र शिक्षा,जीवन किशोर ध्रुव को प्रबंध संचालक माटीकला बोर्ड,रजत बंसल को आयुक्त वाणिज्यिक कर ( जीएसटी ),रितेश अग्रवाल को सीईओ चिप्स और आयुक्त वाणिज्यिक कर एवं संयुक्त सचिव इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी का अतिरिक्त प्रभार,पुष्पेंद्र मीणा को सचिव लोक सेवा आयोग, तारन प्रकाश सिन्हा को संयुक्त सचिव खेल एवं युवा कल्याण विभाग,सुश्री इफ्फत आरा को संचालक आयुष,दिव्या उमेश मिश्रा को संचालक लोक मंत्रालय, विनित नंदनवार को संयुक्त सचिव मंत्रालय,जगदीश सोनकर प्रबंध संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, राजेंद्र कटारा को संचालक राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद और मिशन संचालक राज्य साक्षरत मिशन का अतिरिक्त प्रभार,कुंदन कुमार को संचालक नगरीय प्रशासन और विकास,कुलदीप शर्मा प्रबंध संचालक पाठ्य पुस्तक निगम,ऋतुराज रघुवंशी को संचालक स्वास्थ्य सेवाएँ, श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी को संचालक कृषि, डॉ फरिहा आलम को उप सचिव स्कूल शिक्षा विभाग,श्रीमती रोक्तुमा यादव संचालक समाज कल्याण के साथ संचालक पंचायत का अतिरिक्त प्रभार,तुलिका प्रजापति को संचालक महिला एवं बाल विकास विभाग,पद्मिनी भोई साहू को प्रबंध संचालक छग मेडिकल सर्विसेज़ कार्पोरेशन, गोपाल वर्मा को उप सचिव मंत्रालय के पद पर नियुक्त किया गया है।

    रायपुर,भिलाई निगम और रायपुर जिला पंचायत में भी फेर बदल
    रायपुर नगर निगम में सीइओ अविनाश मिश्रा होंगे, देवेश ध्रुव भिलाई निगम के सीईओ होंगे जबकि रायपुर ज़िला पंचायत के सीईओ विश्वदीप नियुक्त किए गए हैं।

  • किसान से सीएम बनने का सफर, जानिए छग के नए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के बारे में….

    किसान से सीएम बनने का सफर, जानिए छग के नए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के बारे में….

    रायपुर। छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद पार्टी ने मुख्यमंत्री के नाम का एलान कर दिया है. प्रदेश के आदिवास नेता और पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री होंगे. भाजपा विधायक दल की बैठक में इनके नाम का ऐलान किया गया. विष्णुदेव साय प्रदेश के चौथे मुख्यमंत्री होंगे.

    विष्णुदेव राय छत्तीसगढ़ की कुनकुरी इलाके के कांसाबेल से लगे बगिया गांव के रहने वाले मूलत: किसान हैं। राज्य में आदिवासी समुराय की आबादी सबसे अधिक है और वे इसी समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनकी गिनती रमन सिंह के करीबी लोगों में होती है। 1989 में अपने गांव बगिया से पंच पद से राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाले विष्णुदेव साय 1990 में निर्विरोध सरपंच निर्वाचित हुए थे। इसके बाद तपकरा से विधायक चुनकर 1990 से 1998 तक वे मध्यप्रदेश विधानसभा के सदस्य रहे। इसके बाद 1999 में वे 13 वीं लोकसभा के लिए रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद निर्वाचित हुए।Image

    इसके बाद भाजपा ने उन्हें 2006 में पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद 2009 में 15 वीं लोकसभा के लिए हुए चुनाव में वे रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र से फिर से सांसद बने। इसके बाद 2014 में 16 वीं लोकसभा के लिए वे फिर से रायगढ़ से सांसद बने। इस बार केंद्र में मोदी की सरकार ने उन्हें केंद्रीय राज्यमंत्री, इस्पात खान, श्रम, रोजगार मंत्रालय बनाया। वे 27 मई 2014 से 2019 तक इस पद पर रहे। पार्टी ने 2 दिसंबर 2022 को उन्हें राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य और विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया। इसके बाद विष्णुदेव साय 8 जुलाई 2023 को भाजपा ने राष्ट्रीय कार्यसमिति का सदस्य बनाया। विष्णुदेव साय 2020 में भी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं। सांसद और केंद्रीय मंत्री भी रहे हैं। संघ के करीबी नेताओं में उनकी गिनती होती है। विष्णुदेव साय की इसी मजबूत प्रोफाइल की वजह से उन्हें पार्टी ने सबसे बड़ा पद दिया है।

  • PSC की जांच तक पोस्टिंग रोकेगी सरकार…बीजेपी सीएम के शपथ लेते ही जांच आयोग का होगा गठन!

    PSC की जांच तक पोस्टिंग रोकेगी सरकार…बीजेपी सीएम के शपथ लेते ही जांच आयोग का होगा गठन!

    यपुर। पीएससी पर एक बड़ी खबर आ रही है…नई सरकार में मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण के साथ ही पीएससी घोटाले पर बड़ा फैसला लिया जाएगा। जिन अधिकारियों, कर्मचारियों ने ज्वाईन नहीं किया है, उनकी ज्वाईनिंग रोकी जाएगी। बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रचार के दौरान छत्तीसगढ़ के लगभग सभी सभाओं में पीएससी के युवाओं के साथ खिलवाड़ पर जोर-शोर से हमला करते हुए जांच कराने का ऐलान किया था। उन्होंने कई बार दोहराया…हमारा सरकार बनी तो युवाओं के साथ हुए मजाक पर कार्रवाई की जाएगी, किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

    अभी तक पीएससी-2021 और 2022 के डिप्टी कलेक्टरों और डीएसपी समेत कई संवर्गो के अफसरों ने ज्वाईन नहीं किया है। हालांकि, बिलासपुर हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिनहा ने फैसला होते तक जिनकी ज्वाईनिंग नहीं हुई है, उसे रोकने कहा था। चूकि सरकार बदल गई है सो, महाधिवक्ता कार्यालय भी इस मामले का बचाव करने की बजाए कार्रवाई पर जोर देगा।

    उधर, बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने एनपीजी को बताया कि सरकार के शपथ ग्रहण के साथ ही पीएससी स्कैंडल की जांच की घोषणा की जाएगी। इसके लिए एसआईटी टाईप किसी आयोग का गठन किया जा सकता है।

    जाहिर है, पीएससी चेयरमैन के खिलाफ सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर सकती। राज्यपाल सस्पेंड कर सकते हैं, बर्खास्त करने के लिए भी लोकसभा से पारित कराना होगा। मगर दिक्कत यह है कि चेयरमैन रिटायर हो चुके हैं, लिहाजा उनका सस्पेंशन भी नहीं हो सकता। पुलिस में अगर कोई एफआईआर दर्ज कराए तभी इसकी जांच की जा सकती है। खबर है कि जांच के पश्चात सरकार पुलिस में फिर रिपोर्ट दर्ज कराएगी।

    पीएससी घोटाले में कड़ी कार्रवाई करना नई सरकार की मजबूरी भी होगी क्योंकि इसी मसले पर सूबे का यूथ कांग्रेस सरकार से नाराज हुआ। औैर समझा जाता है कि युवाओं का एकतरफा वोट भाजपा को मिले हैं। भाजपा के युवा नेता उज्जवल दीपक भी पीएससी घोटाले को लेकर लगातार सक्रिय रहे। सो, पार्टी की युवा इकाई का भी कार्रवाई को लेकर काफी प्रेशर है। इसी को देखते सरकार बड़ी कार्रवाई करने के मूड में है।

  • छत्तीसगढ़ में कमल खिलते ही एक्शन मोड पर प्रशासन, अब रात में इतने बजे के बाद नहीं खुलेंगी दुकानें, अपराध पर लगेगा लगाम….

    छत्तीसगढ़ में कमल खिलते ही एक्शन मोड पर प्रशासन, अब रात में इतने बजे के बाद नहीं खुलेंगी दुकानें, अपराध पर लगेगा लगाम….

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में कमल खिलते ही प्रशासन एक्शन मोड पर आ गया है। राजधानी रायपुर में अब देर रात तक दुकानें नहीं खुली रहेंगी। शहर में अब रात 11 बजे तक बाजार बंद होगा। इसके साथ ही अवैध अतिक्रमणों पर भी तेजी से कार्रवाई होगी। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर भुरे ने शहर में कानून व्यवस्था की स्थिति पर अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक ली। इस बैठक में एस एस पी प्रशांत अग्रवाल ने कानून व्यवस्था संबंधित आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में पुलिस के अधिकारियों सहित नगर निगम रायपुर और बीरगांव के अधिकारी भी मौजूद रहे।

    कलेक्टर डॉ. भुरे ने रायपुर शहर में यातायात को भी सुव्यवस्थित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़कों के किनारे लगी गुमठियों और अस्थायी दुकानों, ठेलों को तत्काल हटाने के निर्देश दिए, ताकि इनसे लोगों को आने-जाने में होने वाली परेशानी और भीड़ के कारण लगने वाले जाम से निजात मिल सके। सड़कों और स्कूलों के आस-पास अवैध रूप से संचालित पान ठेलों, अस्थायी दुकानों और गुमठियों को हटाने के निर्देश भी दिए।

    उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि, आसामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाए और कानून तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई करें। अवैध चखना सेंटर पर कार्रवाई करें देर रात तक चलने वाले एवं समय सीमा के बाहर चलने वाले क्लब, बार तथा सड़क-हाइवे इत्यादि पर पार्टी और अड्डेबाजी करने वाले असामाजिक तत्वों पर त्वरित एवं कड़ी कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि, दोनों नगर निगम में अतिक्रमण विरोधी दस्ता बनाया जाए, जो अवैध अतिक्रमण चिन्हित कर हटाने की कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि, सभी एडीएम पुलिस अधिकारियों के साथ रात में गस्त करें और कानून व्यवस्था भंग करने वाले तत्वों पर कार्रवाई करें।

  • रेणुका सिंह क्या छत्तीसगढ़ की नयी मुख्यमंत्री होंगी ?

    रेणुका सिंह क्या छत्तीसगढ़ की नयी मुख्यमंत्री होंगी ?

    छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही अटकलों के बीच तेजी से ये नाम सामने आ रहा है।हालांकि चुनाव परिणाम के बाद से ही मुख्यमंत्री पद का चेहरा रमन सिंह, अरूण साव, विष्णुदेव साय, ओपी चौधरी जैसे नामों के आसपास घूम रहा था, लेकिन अब खबरें ये आ रही है कि रेणुका सिंह के नाम पर आलाकमान मुहर लगाने जा रहा है।

    साथ ही एक डिप्टी सीएम भी बनाया जायेगा। चर्चा है कि डिप्टी सीएम कोई ओबीसी चेहरा हो सकता है। ऐसे में अरूण साव का नाम सामने आ रहा है। प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते उनकी दावेदारी ऐसे भी मजबूत है, लिहाजा उन्हें डिप्टी सीएम का पद दिया जा सकता है।

    हालांकि इस संदर्भ में पार्टी की तरफ से कोई अधिकृत तौर पर कुछ नहीं कह रहा है। लेकिन, कई बड़े नेता मानते हैं कि रेणुका सिंह पर पार्टी सहमत हो सकती है। दरअसल रिजल्ट के बाद जब बीजेपी पार्टी हेडक्वार्टर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे थे, तो जश्न के बाद ही पार्टी संसदीय बोर्ड की भी अनौपचारिक बैठक हो गयी थी, जिसमें मुख्यमंत्री के नामों को तय कर लिया गया था। अब सिर्फ इसे लेकर औपचारिक तौर पर ऐलान ही बचा है।

    पार्टी की है आधी आबादी पर नजर
    इस चुनाव में भाजपा की बंपर जीत के पीछे आधी आबादी का बड़ा हाथ रहा है। महिलाओं ने भाजपा को दिल खोलकर अपना समर्थन दिया है। महिला आरक्षण बिल के आधार पर पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने जो महिला वोटरों को अपनी तरफ आकर्षित करने का प्लान तैयार किया था, लोकसभा चुनाव के पहले विधानसभा चुनाव में मध्यप्रदेश में लाड़ली लक्ष्मी योजना और छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना ने उसमें पर लगा दिये। ऐसे में पार्टी महिला मुख्यमंत्री के हाथों में नेतृत्व देकर महिलाओं के बीच अलग संदेश देना चाहती है। दरअसल अब भाजपा का पूरा मिशन 2024 के लोकसभा चुनाव पर शिफ्ट हो गया है। जाहिर है जितने भी फैसले लिये जा रहे हैं, वो तमाम फैसले अब लोकभा चुनाव में फायदे और नुकसान के आधार पर लिये जा रहे हैं। ऐसे में रेणुका सिंह के हाथों में कमान देकर पार्टी अपने संदेश साफ करना चाह रही है।