Author: Sunil Agrawal

  • बकाया बिल नहीं चुकाने के कारण लुधियाना में काटी गयी 14 पुलिस थानों की बिजली

    बकाया बिल नहीं चुकाने के कारण लुधियाना में काटी गयी 14 पुलिस थानों की बिजली

    लुधियाना। पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने लुधियाना में बकाया बिजली बिल के भुगतान नहीं होने के कारण करीब 14 पुलिस थानों की बिजली काट दी है. गौलतलब है कि पंजाब में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था PSPCL की तरफ से की जाती है. पुलिस थानों की तरफ से बिजली का बिल पिछले काफी समय से जमा नहीं किया गया था. हाल के दिनों में कंपनी की तरफ से बिजली बिल को लेकर काफी कठोर कार्रवाई की गयी है. बता दें कि पंजाब में बिजली को लेकर लगातार समस्या देखने को मिलती रही है।

    बिजली चोरी और बिल नहीं चुकाने की कई वारदात सामने आती रही हैं. कुछ ही दिन पहले मोगा स्थित घोलिया खुर्द गांव में कुछ लोगों ने एक शख्स को इस वजह से बांधकर पीटा था क्योंकि उसने बिजली चोरी करने की शिकायत की थी. न्यूज एजेंसी एएनआई द्वारा मिली जानकारी के अनुसार करीब 5 लोगों ने मिलकर शख्स को पीटा था. पंजाब पुलिस के मुताबिक उन्हें संदेह था कि शख्स ने बिजली चोरी की शिकायत की थी.

  • निर्भया केस: आरोपियों को फांसी की याचिका पर सुनवाई टली…अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार…अगली सुनवाई 18 को…

    निर्भया केस: आरोपियों को फांसी की याचिका पर सुनवाई टली…अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार…अगली सुनवाई 18 को…

    दिल्ली। निर्भया गैंगरेप के चारों दोषियों की पेशी शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई। फांसी की सजा पर पटियाला हाउस कोर्ट में इनके डेथ वारंट पर बहस हुई। निर्भया के दोषियों को जल्द फांसी की मांग वाली निर्भया की मां की याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में एक दोषी की रिव्यू पिटीशन लंबित है उस पर फैसले का इंतजार करिए उसके बाद ही फैसला दिया जा सकता है।सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा कि इस मामले की अगली सुनवाई 18 दिसंबर को दोपहर दो बजे वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए होगी।

    निर्भया की मां ने कहा- 18 दिसंबर होगी फैसले की तारीखपटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई के बाद निर्भया की मां ने कहा कि हम लोग सात साल से फांसी का इंतजार कर रहे हैं और न्याय लेकर रहेंगे। जहां भी जाना पड़ेगा जाएंगे, अब पीछे नहीं हटेंगे। निर्भया की मां व उनके पिता दोनों ने कहा कि 18 दिसंबर को निर्भया के दोषियों का डेथ वारंट जारी होगा।

    17 दिसंबर को होनी है दोषी अक्षय की पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई

    निर्भया दुष्कर्म और हत्या मामले के गुनहगारों में से एक अक्षय कुमार सिंह की पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 17 दिसंबर को सुनवाई करेगा। कोर्ट ने इस मामले में चारों दोषियों को मौत की सजा सुनाई है। अक्षय ने इसके खिलाफ याचिका लगाई है।

    बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट की साइट पर जारी नोटिस के मुताबिक तीन सदस्यीय पीठ 17 दिसंबर दोपहर दो बजे सुनवाई करेगी। अक्षय ने अपने वकील के जरिये दाखिल याचिका में कहा है कि प्रदूषण के कारण वैसे ही लोगों की जिंदगी कम हो रही है फिर फांसी देने की क्या जरूरत है।

    कोर्ट मामले के तीन अन्य दोषियों मुकेश, पवन गुप्ता और विनय शर्मा की पुनर्विचार याचिका बीते साल जुलाई में खारिज कर चुका है। गौरतलब है कि इन दरिंदों ने 16-17 दिसंबर 2012 की रात पैरामेडिकल छात्रा निर्भया से दुष्कर्म कर उसकी नृशंस हत्या कर दी थी।

  • राज्य मानवाधिकार आयोग के सदस्य बनाए जा सकते हैं गिरधारी नायक, राज्य शासन ने राजभवन भेजा प्रस्ताव

    राज्य मानवाधिकार आयोग के सदस्य बनाए जा सकते हैं गिरधारी नायक, राज्य शासन ने राजभवन भेजा प्रस्ताव

    रायपुर। जल्द ही रिटायर्ड आईपीएस गिरधारी नायक को पोस्ट रिटायरमेंट पोस्टिंग मिल सकती है. खबर है कि उन्हें राज्य मानवाधिकार आयोग का सदस्य बनाया जा सकता है. सूत्र बताते हैं कि राज्य सरकार ने उन्हें सदस्य बनाए जाने के लिए इसका प्रस्ताव राजभवन को भेजा है. राज्यपाल की मंजूरी के बाद नियुक्ति आदेश जारी किया जा सकता है।

    1983 बैच के आईपीएस अधिकारी गिरधारी नायक हाल ही में रिटायर हुए थे. रिटायरमेंट के पहले नायक जेल डीजी के साथ-साथ आपदा प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. नायक सूबे के सीनियर आईपीएस अधिकारी रहे हैं. तत्कालीन सरकार में डीजी रहे ए एन उपाध्याय भी वरिष्ठता क्रम में उनके जूनियर थे. हालांकि पुलिस महकमे के ज्यादातर अधिकारी मानते हैं कि मानवाधिकार आयोग में गिरधारी नायक को सदस्य बनाया जाना, कम आंकने जैसा हैं, क्योंकि नायक डीजी स्तर के अधिकारी रहे हैं, जबकि पूर्व में राज्य का इतिहास ऐसा भी रहा है कि आईजी स्तर के रिटायर्ड अधिकारी आयोग के चेयरमेन रहे हैं।

  • देशभर में लागू हुआ नागरिकता संशोधन कानून,राष्ट्रपति के हस्ताक्षर से आज से हुआ लागू

    देशभर में लागू हुआ नागरिकता संशोधन कानून,राष्ट्रपति के हस्ताक्षर से आज से हुआ लागू

    गुरुवार देर रात राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नागरिकता संशोधन बिल 2019 को स्वीकृति दे दी है. गुरुवार देर रात राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने विधेयक पर अपने दस्तखत कर दिए, जिसके बाद नागरिकता संशोधन बिल ने कानून का रूप ले लिया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद के उच्च सदन में दोपहर 12 बजे नागरिकता संशोधन बिल को पेश किया था, जिसके बाद इस बिल पर राज्यसभा में चर्चा हुई।

    इस दौरान विपक्षी दलों ने जमकर हंगामा किया था. विपक्षी नेताओं के सवाल के जवाब का केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब दिया था. इसके बाद राज्यसभा में यह बिल पारित हो गया था. बता दें कि नागरिकता संशोधन बिल के तहत अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना की वजह से भारत आए हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लोग भारतीय में नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं और उन्हें भारत की नागरिकता दी जाएगी।

    आपको बता दें कि इसमें मुस्लिम शरणार्थियों को शामिल नहीं किया गया है. इसी वजह से विपक्ष इस बिल का विरोध कर रहा है. सोमवार को लोकसभा में इस बिल को स्वीकृति मिली थी. बीते सोमवार को लोकसभा में बिल के पक्ष में 311 मत और विरोध में 80 वोट पड़े थे. विपक्ष के कुछ संशोधनों पर मत विभाजन भी हुआ था।

  • अजीबो-गरीब प्रार्थना पत्र पढ़कर थाना प्रभारी भी हुवे परेशान, जब शिकायतकर्ता ने कहा उसे रोज़ रात को जिन्न करता है परेशान साहब मदद करो मेरी

    अजीबो-गरीब प्रार्थना पत्र पढ़कर थाना प्रभारी भी हुवे परेशान, जब शिकायतकर्ता ने कहा उसे रोज़ रात को जिन्न करता है परेशान साहब मदद करो मेरी

    कन्नौज। पुलिस से अजीबो गरीब आशा करने का वायरल वीडियो आप अक्सर देखते होंगे। देख कर उन लोगो के सोच पर आपको हंसी भी आती होगी जो पुलिस को फोन करके धान कटवाने की फरमाईश कर डालते है। एक ने तो शराब दिलवाने की फरमाईश कर डाला था कि दूकानदार उसे शराब नही देता है। आज ही एक सज्जन ने एक डीवी ग्रुप में बिजली नहीं आने पर थाना प्रभारी को प्रार्थना पत्र तक पोस्ट कर डाला। इन अजीबो गरीब हरकतों के बाद शायद ये सबसे अजीब शिकायत रही होगी जिसमे एक ग्रामीण को आशा हुई है कि थाना प्रभारी एक जिन्न को नियंत्रित करेगे।

    जी हां, कन्नौज में तिर्वा इंस्पेक्टर के सामने बड़ा पेचीदा मामला पहुंचा है। एसडीएम ने एक ग्रामीण के प्रार्थना पत्र को उचित कार्रवाई के लिए जब इंस्पेक्टर के पास भेजा तो वह प्रार्थना पत्र पढ़कर चौंक गए। पत्र में एक ग्रामीण ने शिकायत की है कि उसे एक जिन्न रोजाना रात में परेशान करता है और शादी के लिए कहता है।

    अब एसडीएम का आदेश है कि मामले की जांच कर समस्या का निस्तारण कराया जाए। ग्रामीण की इस समस्या का निस्तारण कैसे हो इसके लिए इंस्पेक्टर भी माथापच्ची करने में जुटे हैं। तिर्वा के बहसार खितारी मौजा में रहने वाला कन्हैयालाल पुत्र प्यारेलाल मंगलवार को तिर्वा एसडीएम जयकरन के पास पहुंचा और एक प्रार्थना पत्र दिया।

    इसमें लिखा था कि प्रार्थी के खेत में काली जी का मंदिर बना है। आरोप है कि गांव के तीन युवक उसे मारते पीटते हैं और कहते हैं कि अगर काली मंदिर के पास गया तो उसे जान से मार देंगे। इसके बाद लिखा था कि उसे एक जिन्न भी परेशान करता है। जिन्न रोज रात में आता है और कहता है उससे शादी कर लो। कन्हैयालाल ने मारपीट के दोषियों पर कार्रवाई और जिन्न से छुटकारा दिलाने की मांग एसडीएम से की। इस पर एसडीएम ने इंस्पेक्टर तिर्वा को प्रार्थना पत्र भेजकर जांच कर आख्या मांग ली।

    प्रार्थना पत्र जब इंस्पेक्टर के पास पहुंचा तो वह भी चौंक गए। मारपीट के दोषियों पर कार्रवाई के लिए तो पुलिस को भेज दिया लेकिन अब समस्या यह है कि कन्हैयालाल को जिन्न से कैसे छुटकारा दिलाया जाए। इंस्पेक्टर तिर्वा ने बताया कि कन्हैयालाल ने एक शिकायत में जिन्न द्वारा परेशान किए जाने की बात कही है। कन्हैयालाल को जिन्न परेशान करता है या कोई और इसकी जानकारी की जाएगी।

  • मंदिर में किया विवाह…दो साल तक साथ रखकर बनाया शारीरिक संबंध…अब घर से निकाल दिया…और धमकी में कहा…

    मंदिर में किया विवाह…दो साल तक साथ रखकर बनाया शारीरिक संबंध…अब घर से निकाल दिया…और धमकी में कहा…

    रायपुर। मंदिर में शादी कर लगातार दो साल तक युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाने के बाद अब उसे घर से निकाल देने का एक मामला सामने आया है। युवक ने साथ ही युवती को इस घटना के बारे में किसी को बताने पर या रिपोर्ट दर्ज कराने पर जान से मारने की धमकी दिया है।एक युवती के साथ मंदिर में शादी कर युवक ने दो साल तक युवती को पत्नी की तरह अपने घर में रखकर शारीरिक संबंध बनाते रहा। बाद में युवती को घर से निकाल दिया। घटना की रिपोर्ट खमतराई थाने में दर्ज की गई है।

    डब्ल्यूआरएस कॉलोनी खमतराई रायपुर निवासी पीडि़ता ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि 1 जनवरी 2017 से 1 नवंबर 2019 के मध्य धनुषलाल साहू निवासी डब्ल्यूआरएस कॉलोनी ने प्रार्थियां से मंदिर में विवाह कर पत्नी की तरह अपने घर में दो साल तक रखा व शारीरिक संबंध बनाते रहा। बाद में प्रार्थियां को घर से निकाल दिया व घटना के बारे में किसी को बताने पर या रिपोर्ट दर्ज कराने पर जान से मारने की धमकी दिया। घटना की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज कर लिया गया है।

  • 5 IFS बनाए गए एडिशनल पीसीसीएफ, राज्य सरकार ने दी जारी किया आदेश, देखिए सूची…

    5 IFS बनाए गए एडिशनल पीसीसीएफ, राज्य सरकार ने दी जारी किया आदेश, देखिए सूची…

    रायपुर। राज्य सरकार ने मुख्य वन संरक्षक के 5 आईएफएस को पदोन्नति देकर एडिशनल पीसीसीएफ बनाया है. आनंद बाबू (1992 बैच), कौशलेंद्र कुमार (1992 बैच), वी शेट्टेपनावर (1992 बैच), आलोक कटियार (1993 बैच) और अरुण कुमार पांडेय (1994 बैच) एडिशनल पीसीसीएफ बनाए गए है.
  • IFS उमा देवी केंद्र सरकार में एडिश्नल सिकरेट्री बनायी गयी…..केंद्र में इस पद पर पहुंचने वाली फिलहाल छत्तीसगढ़ से इकलौती ब्यूरोक्रेट्स ….आदेश हुआ जारी…

    IFS उमा देवी केंद्र सरकार में एडिश्नल सिकरेट्री बनायी गयी…..केंद्र में इस पद पर पहुंचने वाली फिलहाल छत्तीसगढ़ से इकलौती ब्यूरोक्रेट्स ….आदेश हुआ जारी…

    रायपुर। IFS उमा देवी केंद्र सरकार में एडिश्नल सिकरेट्री बनायी गयी है। छत्तीसगढ़ की वो फिलहाल इकलौती अफसर हैं, जिन्हे गर्वमेंट आफ इंडिया ने एडिश्नल सिकरेट्री का पोस्ट मिला है। हालांकि इससे पहले छत्तीसगढ़ कैडर के IAS अमिताभ जैन और रेणु पिल्लई एडिश्नल सिकरेट्री इम्पैनल हुई थी, लेकिन उन्हें पोस्टिंग नहीं मिली थी।1987 बैच की IFS अफसर उमा देवी की पोस्टिंग ACC यानि अपाइंटमेंट  कमेटी आफ द कैबिनेट के अप्रूवल के बाद हुई है। उमा देवी को वन एवं पर्यावरण जलवायु परिवर्तन विभाग में एडिश्नल सिकरेट्री बनाया गया है।

    उमा देवी की ये पोस्टिंग खास इसलिए है कि वो सेंट्रल में  छत्तीसगढ़ कैडर की इकलौती एडिश्नल सिकरेट्री होगी, इससे पहले सूबे IAS अफसर भी जो सेंट्रल में पोस्टेड हैं, वो भी अभी तक ज्यादातर ज्वाइंट सिकरेट्री तक ही पहुंच पाये हैं।

    उमा देवी जम्मू कश्मीर के चीफ सिकरेट्री व्हीआर सुब्रह्मण्यम की पत्नी हैं। इससे पहले केंद्र सरकार ने कुल 16 अफसरों के प्रमोशन लिस्ट जारी की है। उस सूची में उमा देवी छत्तीसगढ़ की इकलौती अफसर हैं।

  • जूनियर छात्रा को धमकाकर अश्लील वीडियो बनवाया..! लव मेर्रिज कर ली कॉलेज की दूसरी लड़की से.. फिर पत्नी के साथ मिलकर करने लगा जूनियर छात्रा को ब्लैकमेल.. मंगेतर को वीडियो भेज तुड़वा दी शादी भी..! आरोपी पति-पत्नी दोनों गिरफ्तार..

    जूनियर छात्रा को धमकाकर अश्लील वीडियो बनवाया..! लव मेर्रिज कर ली कॉलेज की दूसरी लड़की से.. फिर पत्नी के साथ मिलकर करने लगा जूनियर छात्रा को ब्लैकमेल.. मंगेतर को वीडियो भेज तुड़वा दी शादी भी..! आरोपी पति-पत्नी दोनों गिरफ्तार..

    भाटापारा। भाटापारा में पति-पत्नी को युवती के अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पीड़ित और दंपती तीनो एक ही कॉलेज में थे। कॉलेज टाइम में युवक ने सीनियरिटी का दबाव बनाकर छात्रा से उसके अश्लील फोटो और वीडियो मंगवाए थे। इन फोटो और वीडियो के आधार पर दंपती छात्रा को ब्लैकमेल भी कर रहा था।

    शहर थाना टीआई महेश ध्रुव और एसडीओपी बीके द्विवेदी ने इस पूरे मामले का खुलासा किया। उनके मुताबिक राजीव शर्मा ने पहले कॉलेज की जूनियर छात्रा को धमकाकर उसका अश्लील वीडियो बनवाया, फिर अपने ही कॉलेज की दूसरी छात्रा से प्रेम विवाह कर लिया। शादी के बाद उसकी पत्नी के हाथ छात्रा के अंतरंग वीडियो लग गए। इसके बाद दोनों पति-पत्नी ने उस छात्रा को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। यहां तक कि उसकी शादी जिस लड़के से तय हुई थी, उसे वीडियो भेज दिया, जिससे उसकी शादी टूट गई।

    रिपोर्ट के बाद फरार हो गया था आरोपी

    बात 2014 से 2019 बैच की है। पुराने वीडियो और फोटो के आधार पर आरोपी राजीव शर्मा व उसकी पत्नी पूर्णिमा द्वारा पीड़ित को लगातार धमकी दी जा रही थी कि वे उसकी जिंदगी बर्बाद कर देंगे तथा उसकी कहीं शादी नहीं होने देंगे। दोनों ने पीड़ित के परिवार वालों को भी धमकी दी, जिस पर पीड़ित परिवार ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट लिखे जाने के बाद राजीव शर्मा फरार हो गया था, जिसे नासिक महाराष्ट्र से मोबाइल लोकेशन के आधार पर गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों (पति-पत्नी) को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

  • लखमा को पूर्व मंत्री अग्रवाल का करारा जवाब, कहा- सरकार से पैसा कैसे लिया जाता है, ये हम दिखाएंगे

    लखमा को पूर्व मंत्री अग्रवाल का करारा जवाब, कहा- सरकार से पैसा कैसे लिया जाता है, ये हम दिखाएंगे

    रायपुर। उद्योग मंत्री कवासी लखमा के बयान पर भाजपा नेता और पूर्व नगरीय प्रशासन मंत्री अमर पलटवार किया है. उद्योग मंत्री को करारा जवाब देते हुए पूर्व मंत्री अग्रवाल ने कहा कि निकाय के लिए सरकार से पैसा कैसे लिया जाता है, ये हम दिखाएंगे. कोई चाहकर भी विकास का पैसा रोक नहीं सकता है।

    अमर अग्रवाल ने लखमा को ही जवाब देते हुए कहा कि लखमा हो या मंत्रिमंडल का कोई अन्य सदस्य निकायों से अधिकार कोई नहीं छिन सकता. फिर पूरी की पूरी सरकार की क्यों न हो ? हमने 15 वर्षों तक सरकार चलाया है. हमें पता है विकास की राशि पर किसी का व्यक्तिगत अधिकार नहीं होता, वह जनता का पैसा वह कहाँ आएगा, जाएगा यह मंत्री तय नहीं करेंगे.  आपको बता दे कि कवासी लखमा में कहा था कि अगर जनता निकाय चुनाव में कांग्रेस को नहीं जिताया सारा फंड सुकमा ले जाएंगे।