Author: Sunil Agrawal

  • WhatsApp और Facebook की पॉलिसी के खिलाफ उतरे व्यापारी, ऐप्स पर बैन लगाने की उठी मांग, जानें पूरा मामला….

    WhatsApp और Facebook की पॉलिसी के खिलाफ उतरे व्यापारी, ऐप्स पर बैन लगाने की उठी मांग, जानें पूरा मामला….

    व्यापारियों के संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने वॉट्सऐप की नई गोपनीयता नीति पर कड़ी आपत्ति जताई है जिसके माध्यम से वॉट्सऐप का उपयोग करने वाले व्यक्ति के सभी प्रकार के डेटा, भुगतान लेनदेन, संपर्क, स्थान और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी को वॉट्सऐप नई नीति के जरिए हासिल कर उसे अपने किसी भी उद्देश्य के लिए उपयोग कर सकता है।

    इस मुद्दे पर सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद को भेजे गए एक पत्र में कैट ने मांग की है कि सरकार को वॉट्सऐप को नई गोपनीयता नीति को लागू करने से तुरंत रोकना चाहिए तथा वॉट्सऐप और उसकी मूल कंपनी फेसबुक पर तुरंत प्रतिबंध लगाना चाहिए. भारत में फेसबुक के 20 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता हैं और कंपनी द्वारा प्रत्येक उपयोगकर्ता के डेटा को अपनी नीति के माध्यम से जबरन प्राप्त करने से न केवल अर्थव्यवस्था बल्कि देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।

    बताया ईस्ट इंडिया कंपनी जैसा व्यवहार

    एक बयान में कैट ने कहा, यह हमें ईस्ट इंडिया कंपनी के उन दिनों की याद दिलाता है जब इस कम्पनी ने केवल नमक का व्यापार करने के लिए भारत में प्रवेश किया और देश गुलाम हुआ, लेकिन वर्तमान समय में डेटा ही अर्थव्यवस्था एवं देश की सामाजिक संरचना के लिए महतवपूर्ण है. बिना किसी शुल्क के फेसबुक और वॉट्सऐप का उपयोग करने के लिए भारतीयों को पहले सुविधा देने के पीछे उनका असली मकसद अब सामने आ रहा है. उनका उद्देश्य प्रत्येक भारतीय के डाटा को हासिल करना है और अपने छिपे हुए एजेंडे के साथ भारत के व्यापार और अर्थव्यवस्था को नियंत्रित करना है।

    कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी. भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि, वॉट्सऐप की बदली हुई निजता नीति एक व्यक्ति की निजता का अतिक्रमण है और भारत के संविधान के मूल बुनियादी सिद्धांतों के खिलाफ है और इसलिए कैट ने सरकार से इस मुद्दे पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

    भरतिया और खंडेलवाल ने कहा कि अपनी नई गोपनीयता नीति में, वॉट्सऐप उपयोगकर्ता को नई शर्तों को स्वीकार करने के लिए मजबूर कर रहा है और यह अक्सर देखा जाता है कि बिना शर्तों को पढ़े ज्यादातर लोग बिना जाने केवल सामान्य व्यवस्था मानकर उन शर्तों को स्वीकार कर लेते हैं और उन्हें मालूम ही नहीं होता कि उन्होंने अपने लिए क्या मुसीबत मोल ले ही है. अगर कोई व्यक्ति संशोधित शर्तों को स्वीकार नहीं करता तो उस स्थिति में वो वॉट्सऐप का उपयोग नहीं कर सकता. उन्होंने कहा कि यह व्यक्ति की स्वतंत्रता पर अतिक्रमण भी है. भारत में काम करने वाली कंपनी उपयोगकर्ताओं को अपनी मनमानी और एकतरफा शर्तों को स्वीकार करने के लिए कैसे बाध्य कर सकती है? दोनों व्यापारी नेताओ ने ये सवाल उठाया. नए नियम अगले महीने से लागू किए जाएंगे।

    यूजर्स के हर एक्शन पर होगी वॉट्सऐप की नजर

    उन्होंने कहा की वॉट्सऐप किसी भी यूजर की लोकेशन, यूसेज और फोन के मॉडल की जानकारी आसानी से ले सकता है यही नही नई नीतियों के माध्यम से वॉट्सऐप उपयोगकर्ता के बैंक खाते को भी एक्सेस कर पायेगा. इतना ही नहीं बल्कि वॉट्सऐप को यह भी पता होगा कि यूजर किसको और कितना भुगतान कर रहा है, साथ ही दूसरी जानकारियां जैसे कि यूजर ने क्या खरीदा और उसकी डिलीवरी कहां हो रही है, इसकी भी जानकारी वो आसानी से हासिल कर पायेगा. यह प्रत्येक उपयोगकर्ता को ट्रैक कर सकता है. ऐसे विशाल डेटा को प्राप्त करने के बाद, वे उपयोगकतार्ओं की खरीद और खर्च करने के व्यवहार के साथ साथ, वे क्या खाते हैं, विभिन्न वस्तुओं की आवश्यकताओं की मात्रा, यात्रा और गंतव्य, उड़ानों का उपयोग, रेलवे, टैक्सी, सड़क परिवहन आदि की सटीक जानकारी हासिल कर पायेगा।

  • गूगल पर पब्लिक हो चुकी हैं ढेरों ग्रुप चैट लिंक, कोई भी सर्च कर इसमें जुड़ सकता है; प्रोफाइल पर भी खतरा

    गूगल पर पब्लिक हो चुकी हैं ढेरों ग्रुप चैट लिंक, कोई भी सर्च कर इसमें जुड़ सकता है; प्रोफाइल पर भी खतरा

    वॉट्सऐप प्राइवेसी से जुड़ा एक नया मामला सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक वॉट्सऐप ग्रुप की लिंक अब दोबारा गूगल सर्च रिजल्ट पर दिखाई दे रहे हैं। इसका मतलब यह है कि कोई भी व्यक्ति सिर्फ गूगल पर सर्च करके प्राइवेट वॉट्सऐप ग्रुप को ढूंढ सकता है और उसमें शामिल हो सकता है। इससे पहले 2019 में भी यह सामने आया था, जिसके बाद कंपनी ने इसे खामी को ठीक कर दिया था। एक और पुराना मुद्दा जिसे पहले फिक्स किया जा चुका है, वो भी सामने आ रहा है जिसमें वॉट्सऐप प्रोफाइल अब सर्च रिजल्ट पर दिखाई दे रही हैं। इस खामी के कारण लोगों के फोन नंबर और प्रोफाइल फोटो सिर्फ एक साधारण गूगल सर्च से सामने आ सकते हैं।

    फोन नंबर और प्रोफाइल फोटो भी एक्सेस कर सकते हैं
    ग्रुप चैट इनवाइट्स की इंडेक्सिंग की अनुमति देकर, वॉट्सऐप अब वेब पर कई प्राइवेट ग्रुप उपलब्ध करा रहा है, क्योंकि उनके लिंक गूगल पर एक सिंपल सर्च क्वेरी का उपयोग करके एक्सेस किया जा सकते हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि जिसे भी यह लिंक मिलती है, वो ग्रुप में न सिर्फ शामिल हो सकते हैं बल्कि मेंबर्स और द्वारा ग्रुप में शेयर किए जा रहे हैं पोस्ट के साथ उनके फोन नंबर भी देख सकते हैं।

    कुछ ग्रुप पोर्न शेयर करने वाले थे
    साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर राजशेखर राजहरिया ने गूगल पर वॉट्सऐप ग्रुप चैट इनवाइट के इंडेक्सिंग की जानकारी दी। खबर लिखते समय तक, सर्च रिजल्ट्स में लगभग 1,500 से अधिक ग्रुप इनवाइट लिंक उपलब्ध थे।
    गूगल द्वारा इंडेक्स की गईं कुछ लिंक पोर्न शेयर करने वाले वॉट्सऐप ग्रुप को लीड करते हैं। कुछ अन्य मामलों में, कुछ खास समुदाय या इंटरेस्ट वाले वॉट्सऐप ग्रुप्स के लिंक थे। इसके अलावा बंगला और मराठी यूजर्स के लिए मैसेज शेयर करने वाले ग्रुप्स मिले। इस लिंक के साथ, जिन लोगों को इनवाइट नहीं किया गया था, वे भी आसानी से ग्रुप्स में शामिल हो सकते हैं।

    पहली बार 2019 में सामने आया था मामला
    यह पहली बार नहीं है कि जब इस तरह की खामी सामने आई है। नवंबर 2019 में, वॉट्सऐप ग्रुप चैट इनवाइट गूगल सर्च रिजल्ट पर पाए गए थे। एक सिक्योरिटी रिसर्चर ने इस मुद्दे को फेसबुक को बताया था, हालांकि मामला सुर्खियों में आने के बाद कंपनी ने इसे तुरंत ठीक भी कर दिया था।
    रिवर्स इंजीनियर जेन मानचुन वोंग ने बताया कि वॉट्सऐप ने चैट इनवाइट लिंक पर ‘नो-इंडेक्स’ मेटा टैग जोड़कर ग्रुप चैट इंडेक्स को फिक्स किया था। हालांकि, ताजा लिंक में नो-इंडेक्स मेटा टैग शामिल है। हालांकि, 2019 में पाए गए ग्रुप चैट लिंक गूगल पर दिखाई नहीं देते थे, इसलिए यह एक अलग मुद्दा हो सकता है जिससे समान परिणाम हो सकते हैं, या यह पुरानी समस्या को वापस ला सकता है।

    एक सबडोमेन के कारण पब्लिक हुई ग्रुप चैट लिंक
    राजहरिया ने बताया कि वॉट्सऐप ने खास तौर पर chat.whatsapp.com सबडोमेन के लिए robots.txt फाइल को शामिल नहीं किया था, जिसके कारण गूगल और अन्य सर्च इंजन पर ग्रुप चैट इनवाइट की इंडेक्सिंग हुई है। वेब डेवलपर्स सामान्यतः सर्च इंजन क्रॉलर को बताने के लिए robots.txt फाइल का उपयोग करते हैं कि वे किन पेजों या फाइलों को क्रॉल कर सकते हैं और किन्हें नहीं।

    यूजर्स की प्रोफाइल भी गूगल पर पब्लिक हुईं
    ग्रुप चैट इनवाइट लिंक के साथ लगता है कि वॉट्सऐप ने गूगल को फिर से यूजर्स की प्रोफाइल इंडेक्स करने की अनुमति दी है ताकि कोई भी यूजर्स के साथ चैट कर सके या उसकी प्रोफाइल फोटो देख सके। वॉट्सऐप के डोमेन पर कंट्री कोड की खोज करके, लोगों के प्रोफाइल के यूआरएल सामने आ सकते हैं, जिसमें फोन नंबर और प्रोफाइल फोटो शामिल थे। यह मुद्दा पिछले साल जून में वॉट्सऐप द्वारा फिक्स किया गया था। कंपनी ने उस समय इसे लेकर कोई सफाई नहीं दी थी लेकिन कई रिपोर्ट्स में इसकी पुष्टि हुई थी।

    गूगल पर लगभग 5000 प्रोफाइल दिखाई दे रही हैं
    रिपोर्ट्स के मुताबिक, ग्रुप चैट इंडेक्सिंग की तरह वॉट्सऐप यूजर्स की प्रोफाइल भी पिछले कुछ घंटों से गूगल पर फिर से उपलब्ध हैं। सर्च इंजन पहले से ही 5,000 प्रोफाइल लिंक पर इंडेक्स है। राजहरिया ने गूगल पर वॉट्सऐप यूजर्स प्रोफाइल की इंडेक्सिंग की खोज की। उन्होंने देखा कि जैसा ग्रुप चैट इनवाइट में देखा गया था, प्रोफाइल के मामले में वैसा कोई api.whatsapp.com सबडोमेन के लिए कोई विशेष robots.txt फाइल नहीं है, जो सर्च इंजन क्रॉलर को अपने संबंधित लिंक क्रॉल नहीं करने के लिए कहता है।

  • महिला पायलटों ने पहली बार रचा इतिहास,चार महिला चालकों का दल पहली बार 16 हजार किलोमीटर लंबी उड़ान भर कर पहुचेगा बंगलुरु….

    महिला पायलटों ने पहली बार रचा इतिहास,चार महिला चालकों का दल पहली बार 16 हजार किलोमीटर लंबी उड़ान भर कर पहुचेगा बंगलुरु….

    दिल्ली। सुबह जब आपकी आंख खुलेगी, तब तक देश की चार बेटियां उत्तरी ध्रुव के ऊपर से दुनिया का सबसे लंबा हवाई सफर पूरा कर इतिहास रच चुकी होंगी। चार महिला चालकों का दल पहली बार 16 हजार किलोमीटर लंबी उड़ान के बाद सोमवार तड़के 3.45 बजे बंगलूरू पहुंचेगा।

    दिल्ली की जोया अग्रवाल करेंगी दल का नेतृत्व, बोइंग 777 उड़ाने वाली सबसे युवा पायलट हैं
    एयर इंडिया के दिल्ली बेस पर तैनात कैप्टन जोया अग्रवाल सैन फ्रांसिस्को से बंगलूरू आने वाले इस दल का नेतृत्व कर रही हैं। इस उड़ान में चालक दल के साथ पूरे क्रू में भी सिर्फ महिलाएं हैं।

    एयर इंडिया से मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार रात 8:30 बजे उड़ान भरने वाला यह बयान सोमवार तड़के 3:45 बजे बंगलूरू पहुंचेगा। इस उड़ान पर जोया के साथ कैप्टन तनमई पपागिरी, कैप्टन आकांक्षा सोनावने और कैप्टन शिवानी मन्हास हैं। जोया ने उड़ान से पहले कहा, यह शानदार सपने सच होने जैसा है।

    हर पायलट इसके लिए जीतोड़ मेहनत करता है, लेकिन मौका मिलना मुश्किल होता है। एयर इंडिया और उड्डयन मंत्रालय ने मुझे यह मौका देकर बड़ी जिम्मेदारी दी है। जोया दुनिया के सबसे लंबे हवाई रूट पर चालक दल का नेतृत्व करने वाली एयर इंडिया की पहली महिला कमांडर होंगी। एयर इंडिया के पायलट पहले भी इस रूट पर चल चुके हैं लेकिन पहली बार पूरा चालक दल महिलाओं का है।

    यह सोचकर सातवें आसमान पर पहुंच जाती हूं कि मैं उत्तरी ध्रुव के ऊपर से सबसे बड़े हवाई सफर पर विमान उड़ा रही हूं। जब हम उत्तरी ध्रुव के ऊपर से गुजरेंगे तो कैंपस की सुइयां 180 डिग्री पर घूम जाएंगी और हमारे जिंदगी में नया कीर्तिमान जुड़ जाएगा।   – कैप्टन जोया अग्रवाल, पायलट

    2013 में उड़ाया था बोइंग 777
    जोया 2013 में बोइंग 777 उड़ाने वाली दुनिया की सबसे युवा महिला पायलट बनीं थीं। अब यह नया कीर्तिमान उनकी दूसरी बड़ी उपलब्धि होगी।

    पोलर रूट चुनौतियों से भरा…
    एयर इंडिया के अधिकारी ने बताया कि उत्तरी ध्रुव के ऊपर से होकर गुजरने वाला पोलर रूट चुनौतियों से भरा है। विमानन कंपनियां इस पर अपने सबसे कुशल और अनुभवी पायलट को ही भेजती हैं। एयर इंडिया ने इस बार यह जिम्मेदारी बेटियों को सौंपी है।

    बेटियों को सलाम – केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री
    पेशेवर आत्मविश्वास से भरी नारी शक्ति इतिहास रच रही है। ये इनकी मंजिल नहीं हमारी बेटियों को अभी और आगे जाना है। हमारी बेटियां यूं ही देश का गौरव बढ़ाती रहेंगी।  – हरदीप सिंह पुरी, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री

  • बिना तलाक के आर्य समाज में दूसरी शादी करना गंभीर अपराध – डॉ किरणमयी नायक….

    बिना तलाक के आर्य समाज में दूसरी शादी करना गंभीर अपराध – डॉ किरणमयी नायक….

    रायपुर। सूरजपुर निवासी की राज्य से बाहर रांची में आत्महत्या के प्रकरण में परिजनों ने राज्य महिला आयोग में मृत्यु पर कार्रवाई करने आवेदन प्रस्तुत किया गया था. इस प्रकरण में उपस्थित मृतक के सहपाठियों ने मृतक छात्रा के संबंध में अध्यक्ष को विस्तार पूर्वक जानकारी दी. दोनों पक्षों को सुनने के बाद प्रकरण को नस्तीबद्ध किया गया. इसके बाद उपस्थित छात्राओं को अध्यक्ष ने महिला आयोग के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई. अध्यक्ष ने छात्राओं को महिला अधिकारों से अवगत कराते हुए, इन अधिकारों का भविष्य में गलत उपयोग नहीं करने की सलाह दी।

    एक अन्य प्रकरण में पति-पत्नी आपसी सहमति से विवाह बंधन से मुक्त होने पर सहमति दी. विवाह बंधन से मुक्त होने के लिए पति ने पत्नि को एकमुश्त भरण पोषण की राशि नौ लाख रुपए को सहर्ष देने पर सहमत हुए. आयोग ने दोनों पक्षों को निर्देशित किया कि भविष्य में इस प्रकरण से संबंधित आवेदन कही और प्रस्तुत नहीं किया जाएगा. इस शर्त के उल्लंघन पर आयोग द्वारा जारी आदेश स्वमेव निरस्त माना जाएगा।

    इसी तरह एक अन्य प्रकरण में महिला द्वारा बिना तलाक के आर्य समाज में दूसरी शादी करने को गंभीर अपराध माना. इसके लिए आयोग के अध्यक्ष ने महिला को न्यायालय के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करने कहा. इसके साथ-साथ महिला को उनके दोनों बच्चों से मिलने के लिए महिला के सुविधानुसार अधिवक्ता की मध्यस्थता में एक घंटा मिलने देने पर सहमत हुए।

    इसी तरह तीन माह पूर्व विवाह संबंध में बंधे दम्पति आयोग की समझाइश पर भी एक साथ रहने सहमत नहीं होने पर, उन्हें न्यायालय के शरण में जाने की सलाह दी गई. एक अन्य प्रकरण में आयोग के अध्यक्ष ने महिला और बुजुर्ग के अधिकारों का सम्मान करने की बात कही. बच्चे अपने कर्तव्यों से दूर न भागे. माता-पिता की संपत्ति पर उनके बच्चों का अधिकार होता है. यह अधिकार माता-पिता के जीवित होने पर इच्छा के विरुद्ध बच्चों को नहीं दिया जा सकता।

    आयोग के समक्ष प्रस्तुत ऐसे प्रकरण जो पहले से पुलिस या न्यायालय में दर्ज किया जा चुका है. ऐसे प्रकरणों को नस्तीबद्ध किया गया. इसी तरह अतिक्रमण, निजी संस्थानों में वेतन, नियुक्ति आदि के संबंध में अनावश्यक आवेदन देकर आयोग का समय बर्बाद न करें. ऐसे विविध मामलों की लिए शासन द्वारा अलग संस्थान है,जहां पर प्रकरण को प्रस्तुत किया जा सकता है।

    छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ किरणमयी नायक ने आज विभिन्न जिलों की महिलाओं द्वारा दिए गए. आवेदनों की आयोग कक्ष में जन सुनवाई की. आज प्रस्तुत प्रकरण में शारीरिक शोषण, मानसिक प्रताड़ना, दहेज प्रताड़ना, सम्पत्ति विवाद आदि से संबंधित थे. सुनवाई के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग व फिजिकल डिस्टेंसिंग एवं सैनिटाईजर का प्रयोग करते हुए कार्रवाई प्रारंभ की गई।

  • छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री बोले- ट्रायल पूरा होने तक नहीं लगना चाहिए भारत बायोटेक का टीका, केंद्र से नहीं लेंगे वैक्सीन

    छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री बोले- ट्रायल पूरा होने तक नहीं लगना चाहिए भारत बायोटेक का टीका, केंद्र से नहीं लेंगे वैक्सीन

    कोरोना का टीकाकरण की तिथियां नजदीक आने के साथ ही वैक्सीन पर विवाद बढ़ता जा रहा है। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा, को-वैक्सीन ने तीसरे चरण का ट्रायल पूरा नहीं किया है। ऐसे में सामान्य जनों को लगाने के लिए भारत बायोटेक की इस वैक्सीन को अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। सिंहदेव ने कहा, अगर केंद्र सरकार इस वैक्सीन को छत्तीसगढ़ भेजेगी तो हम मना कर देंगे।

    टीएस सिंहदेव ने कहा, भारत में दो वैक्सीन को अनुमति मिली है। इसमें एक ऑक्सफोर्ड में विकसित वैक्सीन कोविशील्ड है। जिसका ट्रायल वहीं हुआ है। उसके ट्रायल के सभी आंकड़े मौजूद हैं। यहां सीरम इंस्टीस्च्यूट इसको बना रहा है। दूसरा भारत बायोटेक की देश में ही विकसित को-वैक्सीन है। इसके दो चरण के ट्रायल हुए हैं। आपातकालीन इस्तेमाल मिलने की तारीख तक इसके ट्रायल का तीसरा चरण पूरा नहीं हुआ था।

    टीएस सिंहदेव ने कहा, अभी सामने आया है कि को-वैक्सीन का ट्रायल डोज लेने वाले एक व्यक्ति की मौत हो गई है। इससे वैक्सीन के सुरक्षित होने के दावों पर सवाल उठ रहे हैं। सिंहदेव ने कहा, केंद्र सरकार को इस मामले में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। देश में कम से कम 500से 700 दिन तक वैक्सीनेशन चलना है। ट्रायल के नतीजों के आधार पर फैसला होगा तो लोगों का भरोसा बढ़ेगा।

    ऐसे अनुमति मिली तो दूसरी कंपनियां भी आ जाएंगी

    टीएस सिंहदेव ने कहा, को-वैक्सीन को तीसरे ट्रायल में 28 हजार सैंपल लेने थे, लेकिन 23 हजार सैंपल ही लिए जा सके थे। ऐसे में उसके परिणाम संदिग्ध हैं। अगर बिना ट्रायल और सुरक्षा मापदंडों को पूरा किए वैक्सीन के इस्तेमाल की अनुमति मिल गई तो दूसरी कंपनियां भी अधूरे ट्रायल के साथ अनुमति लेने आ जाएंगी।

    दाे दिन पहले संसदीय सचिव ने उठाए थे सवाल

    दो दिन पहले छत्तीसगढ़ के संसदीय सचिव और विधायक विकास उपाध्याय ने को-वैक्सीन को अनुमति देने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। विकास ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार ने ड्रग रेग्युलेटर पर दबाव डालकर इस वैक्सीन को अनुमति दिलवाई है। ऐसा इसलिए ताकि खुद को दूसरे देशों की प्रतिस्पर्धा में दिखाया जा सके।

  • वाट्सएप की प्राइवेसी पॉलिसी में बदलाव से हैं परेशान, तो जानिए दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क की क्या है सलाह…

    वाट्सएप की प्राइवेसी पॉलिसी में बदलाव से हैं परेशान, तो जानिए दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क की क्या है सलाह…

    दिल्ली। न केवल भारत में बल्कि दुनिया में लोकप्रिय चैटिंग एप ‘वाट्सएप’ के निजता नियम में बदलाव से तमाम लोगों को अपनी निजता को लेकर खतरा महसूस होने लगा है. केवल भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर में आम लोगों से लेकर हाल ही में दुनिया से सबसे अमीर आदमी बने एलन मस्क (Elon Musk) को भी परेशान कर रहा है. वाट्सएप के प्राइवेसी पॉलिसी में बदलाव के बाद अब एलन मस्क ने वाट्सएप की जगह सिग्नल (SIGNAL) एप के इस्तेमाल की सलाह दी है.
    पहले बात करते हैं आखिर वाट्सएप की पॉलिसी में ऐसा क्या बदलाव हुआ है, जिससे लोगों की निजता को खतरा पैदा हो गया है. दरअसल, वाट्सएप ने अपनी निजता पॉलिसी में बदलाव करते हुए वाट्सएप के डाटा को फेसबुक और अन्य सहायक कंपनियों में शेयर करने की बात कही है. इसके अलावा फोन नंबर, ट्रांजेक्शन डाटा के साथ लोकेशन और आईपी एड्रेस शेयर करने की बात कही है. यदि इन बातों के लिए आप राजी हों तो वाट्सएप का इस्तेमाल जारी रख सकते हैं, लेकिन अगर आप इन बदलावों से सहमत नहीं हैं तो आपके पास केवल 8 फरवरी तक का समय दूसरे एप में शिफ्ट होने के लिए उसके बाद वाट्सएप बंद हो जाएगा।

    आखिर ऐसा क्या खास है सिग्नल में

    अब बात सिग्नल मैसेजिंग एप की, जिसकी वकालत एलन मस्क कर रहे हैं. सिग्नल एंड्राइड के अलावा आईफोन, विन्डोज, मैक और लिनुक्स पर उपलब्ध है. इसे नान प्राफिट कंपनी सिग्नल फाउंडेशन और सिग्नल मैसेंजर एलएलसी ने विकसित किया है. इस एप को सिग्नल मैसेंजर के सीईओ और अमेरिकी क्रिप्टोग्राफर मोक्सी मार्लिनस्पाइक ने विकसित किया है. सिग्नल फाउंडेशन की स्थापना वाट्सएप के को-फाउंडर ब्रायन एक्टन और मार्लिनस्पाइक ने वर्ष 2017 में की थी, जिसके लिए उन्होंने 50 मिलियन डॉलर की फंडिंग भी की थी. सिग्नल में वे तमाम बातें मौजूद हैं, जो एक मैसेजिंग एप में होनी चाहिए, वहीं आपकी कम से कम जानकारी हासिल करती है।

    सिग्नल इस्तेमाल के लिए बिल्कुल मुफ्त है. सिग्नल इस्तेमाल करने वालों मैसेज भेजने के साथ ऑडियो और वीडियो कॉल करने की सुविधा मुहैया कराती है. इसके अलावा बीते महीने ही दिसंबर 2020 ग्रुप वीडियो की सुविधा जोड़ी गई है. इसके अलावा इसमें ग्रुप भी बनाया जा सकता है, जिसमें 150 लोगों को जोड़ने की सुविधा है।

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    सिग्नल में ग्रुप बनाए जाने के बाद लोग अपनेआप ही नहीं जुड़ जाते हैं. लोगों को आमंत्रण भेजना पड़ेगा और वे इसे स्वीकार करते हैं, तभी ग्रुप में जुड़ सकते हैं. जबकि वाट्सएप में जब तक आप सेटिंग में बदलाव न करें तो कोई भी ग्रुप बनाकर आपको ग्रुप में जोड़ सकता है. सिग्नल में आपको व्यक्तिगत मैसेज भेजने के साथ इमोजी भी भेज सकते हैं. इसके अलावा मैसेज को डिलिट करने की सुविधा भी दी गई है. वहीं सिग्नल में मैसेज के गायब होने की सुविधा भी दी गई है, जिसमें आप 5 सेंकड से लेकर एक हफ्ते की समय सीमा तय कर सकते हैं. वहीं प्राइवेसी सिग्नल की सबसे बड़ी खासियत है, जिसमें इंड को इंड इंक्रिप्शन के अलावा यूजर डाटा की न्यूनतम जानकारी इकट्ठा करता है।

  • राज्य प्रशासनिक सेवा संघ ने पूर्व अपर कलेक्टर एडमंड लकड़ा की गिरफ्तारी का विरोध किया…

    राज्य प्रशासनिक सेवा संघ ने पूर्व अपर कलेक्टर एडमंड लकड़ा की गिरफ्तारी का विरोध किया…

    कोरिया। राज्य प्रशासनिक सेवा संघ ने पूर्व अपर कलेक्टर एडमंड लकड़ा की गिरफ्तारी का विरोध किया है. संघ ने लकड़ा के पंजीबद्ध किए अपराध को गलत बताया है. संघ इस संबंध में मुख्य सचिव अमिताभ जैन के नाम ज्ञापन कोरिया कलेक्टर को सौंपा है।

    संघ की ओर जो ज्ञापन सौंपा गया उसमें उन्होंने लकड़ा की गिरफ्तारी को गलत बताया है. संघ की ओर कहा गया है कि विवेचना अधिकारी द्वारा उपरोक्त विधिक प्रावधानो को पूर्णतः नजरंदाज करते हुए विधि विरूद्ध विवेचना कर कार्रवाई की है.  पुलिस द्वारा विधि विरूद्ध कार्यवाही किये जाने से सभी राजस्व अधिकारियों को मनोबल कमजोर हुआ है एवं राजस्व प्रकरणों में आदेश पारित करने में भयाक्रांत है. ऐसे परिवेश मे राजस्व अधिकारियों को कार्य संपादन में कठिनाई होगी।

    संघ ने तीन बिंदुओं को उल्लेखित करते हुए मुख्य सचिव से मांग की है-

    1. प्रभावित राजस्व अधिकारी (सेवा निवृत) अपर कलेक्ट एडमंड लकड़ा को तत्काल न्यायिक अभिरक्षा से मुक्त किया जावे.
    2. दोषपूर्ण विवेचना करने वाले विवेचना अधिकारी के विरूद्ध विधिसम्मत कठोर कार्यवाही की जावे.
    3. पुलिस विभाग को भविष्य में भी ऐसे मामलों में उपरोक्त प्रावधानों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश प्रसारित किये जाये ताकि राजस्व अधिकारियों को बिना वजह न्यायालयीन कार्यवाही के दौरान किये गये कार्य के लिए उत्पीडन का शिकार नहीं होना पड़ें।

    अधिकारियों से जो ज्ञापन सौंपा गया उनमें विस्तार पूरी बातें लिखी गई है-

    बता दें कि जिला कोरिया में अपर कलेक्टर के पद पर कार्यरत रहे श्री एडमंड लकडा को दिनांक 6.1.2021 को न्यायालयीनकार्य सम्पादन के दौरान एवं सनवाई एवं निराकत किये गये प्रकरण से परिवेदित व्यक्ति के आवेदनपर पुलिस द्वारा थाना आजाक बैकुण्ठपुर में अपराध कमांक 32/2020 धारा 294, 506, 420, 467, 468, 471, 374, भा.द.वि.एवं 3(1)(द) (ध), 3(1) अजा/अजजा, अत्याचार निवारण अधिनियम अन्तर्गत पंजीबद्ध किया जाकर गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में निरूद्ध किया गया है।

  • सौरभ गांगुली खाते थे ये हेल्थी आयल, हार्ट अटैक के बाद कंपनी जमकर हो रही ट्रोल

    सौरभ गांगुली खाते थे ये हेल्थी आयल, हार्ट अटैक के बाद कंपनी जमकर हो रही ट्रोल

    दिल्ली। दिग्गज उद्योगपति गौतम अडानी(gautam adani) की कंपनी Adani Wilmar ने अपने फॉर्च्यून राइस ब्रान कुकिंग ऑयल(Fortune Rice Bran Cooking Oil) के उन सभी विज्ञापनों को रोक दिया है। जिन्हे टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और बीसीसीआई(BCCI) के प्रमुख सौरभ गांगुली(Sourav Ganguly ) प्रमोट करते थे। गांगुली को शनिवार को दिल का दौरा पड़ा था। इसके बाद सोशल मीडिया पर कंपनी के विज्ञापनों का मजाक उड़ाया जा रहा था। कंपनी का कहना है कि वह गांगुली के साथ काम करती रहेगी और वह कंपनी के ब्रांड एंबेसेडर बने रहेंगे।

    कंपनी ने रोके गांगुली के विज्ञापन

    दरअसल, सौरव गांगुली Adani Wilmar के एक तेल ब्रांड के विज्ञापन में नजर आए थे, जिसमें उस तेल को दिल के लिए सुरक्षित बताया गया था। गांगुल को हार्ट अटैक आने के बाद उस विज्ञापन की जमकर ट्रोलिंग हो रही है। कंपनी के विज्ञापन से करीबी से जुड़े एक सूत्र ने कहा कि गांगुली वाले विज्ञापन सभी प्लेटफॉर्म्स से हटा दिए गए हैं। ब्रांड की क्रिएटिव एजेंसी Ogilvy & Mather मामले को देख रही है और नए कैंपेन पर काम कर रही है। अडानी विल्मर उद्योगपति गौतम अडानी की कंपनी है। जो सोयाबीन, सरसों, राइस ब्रान और मूंगफली का तेल बेचती है।आंकड़ों के मुताबिक राइस ब्रान ऑयर मार्केट में फॉर्च्यून पहले स्थान पर है।

    सौरव गांगुली को पिछले साल जनवरी में बनाया था ब्रांड एंबेसेडर

    सौरव गांगुली को पिछले साल जनवरी में फॉर्च्यून राइस ब्रान ऑयल का ब्रांड एंबेसेडर बनाया गया था। गांगुली के हार्ट अटैक की खबर फैलते ही फॉच्यून ब्रांड सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आ गया। लोगों ने ब्रांड एंडोर्समेंट पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए। कंपनी के डिप्टी चीफ एग्जीक्यूटिव अंग्शु मलिक ने कहा, ‘हम अपने प्यारे दादा, सौरभ गांगुली के जल्दी स्वस्थ होने की कामना करते हैं। वह हमारे ब्रांड एंबेसेडर बने रहेंगे। यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और किसी के साथ ही ऐसा हो सकता है। हमने अपने टीवी विज्ञापनों पर अस्थायी रोक लगाई है। हम फिर उनके साथ काम करेंगे।

    सोशल मीडिया पर जमकर हुई ट्रोलिंग

    मलिक ने कहा, सौरभ गांगुली हमारे फॉर्च्यून राइसब्रान ऑयल के ब्रांड एंबेसेडर थे। राइसब्रान ऑयल कोई दवा नहीं है बल्कि केवल कुकिंग ऑयल है। कई कारणों से हार्ट की बीमारी प्रभावित होती है। इनमें खानपान और आनुवांशिक समस्याएं शामिल हैं। वहीं पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद ने ट्विटर पर गांगुली को जल्द स्वस्थ होने की शुभकामनाएं देते ब्रैंड के कैंपेन की आलोचना की। उन्होंने कहा, ‘दादा आप जल्द स्वस्थ हों। हमेशा जांचे परखे प्रोडक्ट्स को प्रमोट कीजिए। सचेत रहें और सावधान रहें। ईश्वर की कृपा बनी रहे।

    2 जनवरी को बिगड़ गई थी तबियत

    बता दें कि सौरव गांगुली की तबीयत शनिवार (2 जनवरी) सुबह अचानक खराब हो गई थी। गांगुली को अपने घर के जिम में वर्कआउट करने के दौरान सीने में दर्द हुआ। इसके बाद परिजनों ने उन्हें तुरंत कोलकाता के वुडलैंड्स अस्पताल में एडमिट कराया था। सौरव गांगुली की तीन आर्टरी 70 प्रतिशत तक ब्‍लॉक हो गईं थीं, जिसके बाद उनकी एंजियोप्‍लास्‍टी की गई। फिलहाल वे स्वस्थ्य हैं।

  • इन नायब तहसीलदारों की हुई पदोन्नति, कलेक्टर ने जारी किया आदेश…

    इन नायब तहसीलदारों की हुई पदोन्नति, कलेक्टर ने जारी किया आदेश…

    रायपुर। जिला रायपुर के अंतर्गत पदस्थ नायब तहसीलदारों को तहसीलदार के पद पर पदोन्नत किया गया है. यह आदेश रायपुर कलेक्टर द्वारा जारी किया गया है. आदेश के मुताबिक, अश्वनी कंवर को रायपुर जिले का अतिरिक्त तहसीलदार की जिम्मेदारी दी गई है, रीमा मरकाम को खरोरा के तहसीलदार पद पर पदोन्नत किया गया है।

    वहीं कृष्ण कुमार साहू को गोबरा नवापारा की नई जिम्मेदारी दी गई है. गोविंद कुमार सिन्हा को मंदिर हसौद में उप तहसीलदार की जिम्मेदारी मिली है. मीना साहू को रायपुर का नजूल तहसीलदार बनाया गया है।

  • राजधानी के कारोबारी का 10 लाख का हीरा पार….

    राजधानी के कारोबारी का 10 लाख का हीरा पार….

    राजधानी रायपुर के पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में हीरा चोरी होने का मामला सामने आया है. मामला 10 लाख के हीरे चोरी का है. इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की है।

    थाना प्रभारी मनोज ध्रुव से मिली जानकारी मुताबिक भाँटागाँव निवासी हीरा कारोबारी दीपक कुमार सोनी ने शिकायत की है उसके घर से 10 लाख का हीरा पार हो गया है. शिकायतकर्ता का कहना है कि उसके घर संजीव सोनी, भूपद भाई कादरा और बलवंत हीरा खरीदने आए हुए थे. बातचीत के दौरान संजीव सोनी, जो कि उसका चचेरा भाई है ने पुराने लेन-देन को लेकर विवाद करने लगा. विवाद करते हुए दोनों दूसरे कमरे में चले गए. कुछ देर बाद वह वापस आया तो भूपत और बलवंत वहाँ नहीं थे. इसके बाद संजीव भी वहाँ से चला गया.  इतने में जब उन्हें हीरे की याद आई तो इधर-उधर देखा तो हीरा गायब था।

    प्राथी दीपक सोनी की शिकायत संजीव सोनी, भूपत भाई कादरा और बलवंत के खिलाफ धारा 380 के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है. आरोपियों की तलाश जारी है।