Author: Sunil Agrawal

  • एक करोड़ कीमत के 62 प्रकार के 2600 नग बेशकीमती बहुमुल्य रत्न की तस्करी करते अन्तर्राजीय आरोपी गिरफ्तार…

    एक करोड़ कीमत के 62 प्रकार के 2600 नग बेशकीमती बहुमुल्य रत्न की तस्करी करते अन्तर्राजीय आरोपी गिरफ्तार…

    महासमुंद। पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर को विगत दिनों से सूचना मिल रही थी कि सरायपाली बसना व पिथौरा क्षेत्र में भारी मात्रा में रत्न का अवैध व्यापार किया जा रहा हैै। दीगर राज्यों से बहुमूल्य रत्न लाकर सरायपाली, बसना, महासमुन्द क्षेत्र में खपाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक द्वारा सूचना को गंभीरता से लेते हूुये समस्त थाना/चौकी प्रभारियों व सायबर सेल टीम को ऐसे लोगों को पकड़ने व इस गोरखधंधे में संलिप्त आरोपियों पर कार्यवाही हेतु निर्देशित किया था। मुखबिर से सूचना मिली कि बसना क्षेत्र के शहर में एक व्यक्ति विभिन्न प्रकार के बहुमूल्य रत्न जैसे को रखा है एवं बिक्री करने हेतु ग्राहक तलाश कर रहा है कि सूचना को गंभीरता से लेते हुये पुलिस अधीक्षक ने सायबर सेल महासमुन्द तथा थाना बसना पुलिस की टीम को त्वरीत कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया जिस पर संयुक्त टीम के द्वारा मुखबिर के निशानदेही पर मौका बसना के सराफा माॅर्केट के पास पहुंचे, जहां एक संदिग्ध व्यक्ति काले बैग रखा हुआ सोहन सोनी ज्वेलर्स दुकान में खड़ा था जिसे पकड़ा गया। जिनसे पूछताछ करने पर अपना नाम भूपेन्दर सिंह चौहान पिता नारायण सिंह उम्र 43 वर्ष सा वार्ड नं- 5 मोहल्ला खेड़ा चकबंदी के पास हल्दौर थाना हल्दौर जिला बिजनौर उ.प्र. का रहने वाले बताया। 

     जिसकी तलाशी ली गई तो काले बैग से अलग-अलग पैकेटों में विभिन्न प्रकार के बहुमूल्य रत्न कुल 2600 नग मिला जिसकी मुल्य लगभग 1,00,00,000 रूपये है। विभिन्न प्रकार के रत्न कुल 2600 नग को मौके पर जप्त किया गया। आरोपी के विरूद्ध थाना बसना में अप धारा 102 जौ.फौ के तहत कार्यवाही गयी है। आरोपी से उक्त विभिन्न प्रकार के बहुमूल्य रत्न कुल 2600 नग के बारे पूछताछ करने पर बताया कि यह रत्न वेनु गोपाल जेन्स जौहरीबाजार जयपुर, राजस्थान से लाकर मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ, ओडिशा राज्यों घुम-घुम कर ज्वेलरी दुकानों में बेचता है उक्त रत्नों का अपने पास किसी प्रकार का खरीदी बिक्री का एवं रत्न से संबंधित प्रमाणित दस्तावेज नही होना बताया। यह सम्पूर्ण कार्यवाही पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के मार्गदर्शन में अति. पुलिस अधीक्षक मेघा टेम्भुरकर साहू एवं 

     अनु0अधिकारी(पु) सरायपाली विकास पाटले के निर्देशन में थाना बसना प्रभारी निरीक्षक लेखराम ठाकुर व सायबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक संजय सिंह राजपूत, सउनि सिकन्दर भोई, नवधा राम खाण्डेकर, प्रआर. श्रवण कुमार दास, प्रकाश नंद, मिनेश ध्रुव, प्रविण शुक्ला, आर. छत्रपाल सिन्हा, ललित यादव, देव कोसरिया, शुभम पाण्डेय, रवि यादव, चम्पलेश ठाकुर, संदीप भोई, शैलेश ठाकुर, युगल पटेल, हेमन्त नायक, योगेन्द्र दुबे, अजय जांगडे, विरेन्द्र नेताम, दिनेश साहू, लाला राम कुर्रे के द्वारा की गई है। 

  • सौ के करीब पोर्न फिल्मों के साथ पकड़ा गया गिरोह,अब बॉलीवुड की एक्ट्रेस भी उतरी पोर्न इंडस्ट्री में…

    सौ के करीब पोर्न फिल्मों के साथ पकड़ा गया गिरोह,अब बॉलीवुड की एक्ट्रेस भी उतरी पोर्न इंडस्ट्री में…

    मुंबई। विदेशों में पोर्न की भी अपनी एक अलग इंडस्ट्री है। लेकिन अब यही इंडस्ट्री धीरे धीरे देश में भी स्थापित होती जा रही है। भले चाहे इस पर पुलिस लगातार कार्यवाही कर रही हो बावजूद इसके पोर्न का कारोबार देश में बहुत तेज़ी से फैलता जा रहा है। इसमें बड़े स्तर पर ब्लैक मनी लगाया भी जा रहा है। जिसमें कई बड़े नाम शामिल होने की आशंका भी जताई जा रही है। 

     हालांकि इसकी जड़ों तक पहुंचना इतना आसान तो नहीं दिखाई देता क्योंकि कई सफेदपोशों के भी नाम शामिल होने की बातें भी बाहर अा रही है। फिलहाल पुलिस अपने हिसाब से सबकी गर्दन दबोचने का दावा ज़रूर कर रही है लेकिन दावों में दम दिखाई नहीं देता। बहरहाल बीते तीन चार सालों के दौरान लगभग पच्चीस से अधिक एक्टर एक्ट्रेस देह व्यापार और पोर्न फिल्मों के चलते गिरफ्तार हो चुके हैं और जमानत पर बाहर भी आ चुकें है। 

     ये सभी बाहर आने के बाद क्या क्या कर रहे हैं, इसका हिसाब किसी के पास नहीं है। क्यों नहीं है? ये तो प्रशासन ही जानें लेकिन इनमें से ज़्यादातर फिर से बॉलीवुड फिल्मों और सीरीज में काम करते दिखाई देने लगें हैं। वहीं बॉलीवुड के अलावा साउथ की भी कई एक्ट्रेस देह व्यापार में पकड़ी जा चुकी है। ताजातरीन मामला वेब सीरीज गंदी बात में अहम किरदार निभा चुकी एक्ट्रेस गहना वशिष्ठ को हाल ही में मुंबई क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। 

     गहना पर पॉर्न वीडियो शूट करने और उन्हें अपलोड करने का आरोप है। गहना वशिष्ठ गंदी बात’ की फेम एक्ट्रेस है। उन्हें अश्लील वीडियो बनाने और अपलोड करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पॉर्नोग्राफिक वीडियो के मामले में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रविवार को मुंबई क्राइम ब्रांच ने ऑल्ट बालाजी की वेब सीरीज ‘गंदी बात’ में काम कर चुकी एक्ट्रेस गहना वशिष्ठ को गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि इस मामले में आज ही गहना को मुंबई की एक अदालत में पेश किया जाएगा। 

     इसके साथ ही पुलिस गहना के साथ काम करने वाले सभी मॉडल, साइड एक्ट्रेसेस और प्रोडक्शन हाउस पर नजर रख रही है। माना जा रहा है कि इन सभी पर इन एडल्ट फिल्मों को मोबाइल ऐप और वेबसाइटों पर अपलोड करने का आरोप लगा है। गहना 10 फरवरी तक पुलिस हिरासत में रहेंगी। बता दें कि गहना ‘मिस एशिया बिकनी’ का ताज जीत चुकी है और कई ऐड फिल्मों के साथ साथ बॉलीवुड और तेलुगु फिल्मों में भी काम कर चुकी है। इससे पहले गहना को शनिवार को भी से इस मामले में पूछताछ की गई थी। वहीं खबरों की मानें तो गहना का खुद का एक प्रोडक्शन हाउस है। 

     जहां पर टीवी सीरियल और वेब सीरीज की शूटिंग के नाम पर ये अश्लील वीडियो बनाए जाते थे और वहीं इंटरनेट पर अपलोड भी किए जाते थे। क्राइम ब्रांच ने अभी तक इस मामले में कार्रवाई करते हुए अभी तक 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार अभी तक इस प्रोडक्शन हाउस में 87 अश्लील वीडियो शूट किए जा चुके हैं मामले की जांच कर रहे एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि, इन वीडियो को अपलोड करने के लिए सब्सक्रिप्शन लेना होता है। 

     जिसके लिए 2,000 रुपए का भुगतान होता है। इसी के जरिए गहना और उनकी टीम पैसा कमा रही थी। इससे पहले इस वेबसाइट के खिलाफ तीन लोगों ने शिकायत दर्ज करवाई थी। जिसके बाद क्राइम ब्रांच के प्रॉपर्टी सेल ने मलाड के मड आइलैंड के ग्रीन पार्क बंगले पर रेड मारी और वहां से थी। यासमीन बेग खान, प्रतिभा नलावडे, मोनू गोपालदास जोशी, भानुसूर्यम ठाकुर और मोहम्मद आसिफ को गिरफ्तार किया। 

  • गर्भवती महिला की हुई थी मौत,महिला डॉक्टर को एक साल कैद की सजा…

    गर्भवती महिला की हुई थी मौत,महिला डॉक्टर को एक साल कैद की सजा…

    रायपुर। गर्भवती महिला की मौत मामले में राजधानी की महिला चिकित्सक डॉ शकुन बागड़ी को एक साल की सजा हुई है. न्यायिक मजिस्ट्रेट सत्यानंद प्रसाद की कोर्ट ने यह सजा सुनाई है. साथ ही 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।

    दरअसल, मौसम श्रीवास्तव नाम की गर्भवती महिला को एक्सपाईरी इंजेक्शन और सामान्य प्रसव की परिस्थिति ना होने पर भी जबरन प्रयास करने और लापरवाही बरतने का आरोपी था. मृतका के पति ने धारा 304(a)के तहत केस दर्ज कराया था. 13 साल बाद परिजनों को न्याय मिली है. उन्होंने इंसाफ़ की इस लड़ाई में साथ देने मीडिया को धन्यवाद दिया है।

    मृतका मौसम श्रीवास्तव के देवर रितेश श्रीवास्तव ने कहा कि 13 साल बाद इस मामले का जजमेंट आया है. मैं इस निर्णय से पूरी तरह संतुष्ट हूं. बहुत अच्छा जजमेंट है भले ही इसमें इतने साल जरूर लगा हो. मीडिया ने भी काफी सहयोग किया. उनको भी धन्यवाद देना चाहूंगा. 14 नवंबर 2007 को मेरी भाभी को डिलीवरी के लिए सदर बाजार स्थित बागड़ी नर्सिंग होम में भर्ती कराए थे. उन्हें लेबर रूम में ले जाकर एक्सपायरी इंजेक्शन लगा दिया गया जिससे उनकी मौत हो गई थी. कोतवाली थाने में हमने इस संबंध में केस दर्ज करवाया था. उस समय शकुन बागड़ी जमानत में छूट गई थी. इस केस के पहले भी इसी तरह के केस में वह जेल जा चुकी है।

  • GST के विरोध में 26 फरवरी को भारत बंद करेंगे व्यापारी, CAIT ने किया ऐलान…

    GST के विरोध में 26 फरवरी को भारत बंद करेंगे व्यापारी, CAIT ने किया ऐलान…

    नागपुर। CAIT (Confederation Of All India Traders) की बैठक नागपुर में 8 फरवरी से शुरू हो गई है. 3 दिनों तक चलने वाली इस बैठक के पहले दिन ही जीएसटी (Goods and Services Tax) के विरोध में भारत बंद का ऐलान कर दिया गया है. 26 फरवरी को बुलाए गए इस भारत बंद में 8 करोड़ से ज्यादा कारोबारियों के शिरकत करने का दावा किया जा रहा है।

    CAIT ने कर दिया है ऐलान


    CAIT (Confederation Of All India Traders) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सी भरतिया और राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने जीएसटी का खुला विरोध किया है. CAIT का आरोप है कि जीएसटी पूरी तरह से एक फेल कर प्रणाली (Tax System) है. जीएसटी की वजह से कारोबारी तबाह हो रहे हैं और सरकार को कारोबारियों का दर्द समझना चाहिए. CAIT की यह भी मांग है कि जीएसटी से कारोबारियों को तुरंत राहत देनी चाहिए और बार बार कहने के बावजूद जीएसटी काउन्सिल ने अभी तक CAIT के उठाए मुद्दों पर कोई ध्यान नहीं दिया है. CAIT का कहना है कि बार-बार बदलाव से जीएसटी पर कई तरह के भ्रम भी पैदा हो रहे हैं और व्यापारी वर्ग ज्यादातर कारोबार पर ध्यान देने के बजाय जीएसटी में ही उलझा रहता है।

     साल में जीएसटी में 937 से ज़्यादा बार संशोधन होने के बाद जीएसटी का बुनियादी ढांचा ही बदल गया है. जीएसटी को टैक्स सिस्टम सुधारने और सरल करने के उद्देश्य से लागू किया था लेकिन आज की तारीख में ये इतना पेचीदा हो गया है कि आए दिन इसमें बदलाव करने पड़ते हैं. इसकी वजह से बार-बार जीएसटी दर बदल रही हैं और कारोबारियों की दिक्कत बढ़ रही है।

    सरकार का क्या कहना है


    सरकार बार-बार कह चुकी है कि जीएसटी कारोबारियों को टैक्स सिस्टम से राहत दिलाने के लिए लाया गया है. One Nation One Tax का ये फॉर्मूला लोगों को महंगाई से राहत दिला रहा है और कारोबारियों को भी काफी सहूलियत हो रही है. समय के साथ जीएसटी काउंसिल की बैठक में टैक्स स्लैब बदलने पर भी सहमति बन रही है. इससे साफ हो जाता है कि जीएसटी लोगों को काफी राहत दे रहा है।

    जीएसटी की मौजूदा स्थिति


    जीएसटी काउंसिल की अब तक 37 बैठक हो चुकी हैं जिसके बाद अब जीएसटी में कुल पांच स्लैब हैं. करमुक्त से लेकर 5, 12, 18 और 28 फीसदी की दर से सामान पर जीएसटी लगाया जाता है. बजट से ऐन पहले सरकार ने जीएसटी कलेक्शन के जो आंकड़े जारी किए थे उसके मुताबिक जनवरी 2021 में कुल 1.20 लाख करोड़ तक पहुंच गया था जो कि अब तक का सबसे ज्यादा कलेक्शन है।

  • 85 से ज्यादा पॉर्न फिल्मों की शूटिंग कर वेबसाइट्स पर अपलोड करने का आरोप, छत्तीसगढ़ की रहने वाली युवती पर…

    85 से ज्यादा पॉर्न फिल्मों की शूटिंग कर वेबसाइट्स पर अपलोड करने का आरोप, छत्तीसगढ़ की रहने वाली युवती पर…

    रायगढ़। अभिनेत्री गहना वशिष्ठ को क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल ने पोर्न वीडियो शूट करने और एक वेबसाइट पर अपलोड करने में कथित भूमिका के लिए गिरफ्तार किया है। आरोप है कि गहना ने 85 से ज्यादा पॉर्न फिल्मों की शूटिंग की और उसे अपनी वेबसाइट्स पर अपलोड किया।

    अब गहना वशिष्ठ के गिरफ्तार होने के बाद लोग ये जानना छह रहे हैं कि आखिर ये एक्ट्रेस है कहाँ की…? बता दें अभिनेत्री गहना वशिष्ठ का जन्म छत्तीसगढ़ के चिरमिरी में 16 जून 1988 में हुआ है। उनका असली नाम वंदना तिवारी है। बताया गया कि गहना को शुरू से ही एक्टिंग और मॉडलिंग का शौक था। उन्होंने 2012 में मिस एशिया बिकिनी का खिताब भी अपने नाम किया था। गहना वशिष्ठ ने कई विज्ञापन फ़िल्मों के लिए मॉडलिंग की है। उन्होंने कई हिंदी और तेलुगु फ़िल्मों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।इसके अलावा पुलिस अन्य मॉडल, साइड एक्ट्रेस और कुछ प्रोडक्शन हाउस की भागीदारी की भी निगरानी कर रही है। जिनपर गिरोह द्वारा शूट की गई एडल्ट फिल्मों को मोबाइल ऐप और वेबसाइटों पर संपादित करके अपलोड करने का आरोप है…हाल ही में गहना वशिष्ठ तब सुर्खियों में आईं, जब सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।

    ये वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर काफी हलचल मच गई थी। इसी कारण मुंबई में कुछ लोगों ने गहना के साथ मारपीट भी की थी। इस पूरे मामले पर सफाई देते हुए अभिनेत्री ने कहा था कि ये वीडियो उनके किसी दोस्त ने अपलोड किया है।हालांकि इसे उनका पब्लिसिटी स्टंट भी माना गया।इस वेबसाइट के खिलाफ तीन लोगों ने शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप है कि उनसे जबरन पॉर्न फिल्म में काम कराया जा रहा था। गुरुवार को क्राइम ब्रांच के प्रॉपर्टी सेल ने मलाड स्थित मड आइलैंड स्थित ग्रीन पार्क बंगले पर रेड मारी थी। इस रेड में पुलिस ने यासमीन बेग खान, प्रतिभा नलावडे, मोनू गोपालदास जोशी, भानुसूर्यम ठाकुर और मोहम्मद आसिफ को गिरफ्तार किया था।

  • घड़ी से करें बिल का भुगतान, Titan ने SBI के साथ लॉन्च किया कॉन्टैक्टलेस पेमेंट वॉच….

    घड़ी से करें बिल का भुगतान, Titan ने SBI के साथ लॉन्च किया कॉन्टैक्टलेस पेमेंट वॉच….

    दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के बीच देश में और अधिक डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने और भुगतान प्रणाली को सुरक्षित बनाने के लिए टाइटन कंपनी लिमिटेड (Titan Company Limited) ने देश के सबसे बड़े लेंडर्स भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के साथ कॉन्टैक्टलेस पेमेंट वॉच को लॉन्च करने के लिए साझेदारी की है. बता दें कि टाइटन दुनिया में पांचवां सबसे बड़ा घड़ी का ब्रांड है. इस साझेदारी के माध्यम से, Titan और SBI भारत में पहली बार कॉन्टैक्टलेस पेमेंट वॉच फंक्शन के साथ स्टाइलिश नई घड़ियों की एक सीरिज शुरू कर रहे हैं.
    एसबीआई खाताधारक अपने एसबीआई बैंक कार्ड को स्वाइप या डाले बिना टाइटन पे घड़ी पर टैप कर पीओएस मशीन पर कॉन्टैक्टलेस पेमेंट कर सकते हैं. बिना पिन दर्ज किए 2,000 रुपये तक का भुगतान किया जा सकता है. Tappy Technologies द्वारा वॉच स्ट्रैप में एम्बेडेड एक सुरक्षित प्रमाणित नियर-फील्ड कम्युनिकेशन (NFC) चिप कॉन्टैक्टलेस SBI डेबिट कार्ट की तरह सभी कार्य करने में सक्षम है।

    इन घड़ियों पर भुगतान सुविधा देश में 20 लाख से अधिक कॉन्टैक्टलेस मास्टरकार्ड एनेबल्ड प्वाइंट-ऑफ-सेल (POS) मशीनों पर उपलब्ध होगी. इन एक्सक्लूसिव घड़ियों के इस विशेष संग्रह में पुरुषों के लिए 3 और महिलाओं के लिए 2 स्टाइलों में बनाया गया है. इसकी कीमत 2,995 रुपये और 5,995 रुपये के बीच है. सभी एसबीआई और टाइटन ग्राहकों तक यह आसानी से उपलब्ध होगा।
    इस समझौते पर एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा, हमें टाइटन द्वारा कॉन्टैक्टलेस पेमेंट स्पेस में इस अनूठी प्रस्ताव के लॉन्च का हिस्सा बनने की खुशी है. यह मुझे दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी घड़ी निर्माता कंपनी के साथ हाथ मिलाने में बहुत खुशी देता है, जो कि टाइटन पेमेंट वॉच के साथ हमारे YONO ग्राहकों के लिए एक स्मार्ट और इनोवेटिव खरीदारी समाधान प्रदान करता है. हमारा मानना है कि यह अभिनव पेशकश हमारे ग्राहकों के लिए टैप एंड पे तकनीक के साथ खरीदारी के अनुभव को फिर से परिभाषित करेगी. नवीनतम तकनीकी प्रगति के साथ, भारतीय स्टेट बैंक हमेशा अपने ग्राहकों के लिए इनोवेटिन बेस्ट-इन-क्लास बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने की दिशा में प्रयासरत है।

    इस अवसर पर टाइटन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सी के वेंकटरमन ने कहा, टाइटन हमेशा डिजाइन और इनोवेशन के शिखर पर रहा है. हमने हमेशा अपने उपभोक्ताओं की बदलती जरूरतों को पूरा करने के लिए उत्पाद लॉन्च किए हैं. एसबीआई एक भुगतान समाधान पेश करने के लिए सही साझेदार है जो तेज, सुरक्षित और निर्बाध है. यह उत्पाद न केवल उपभोक्ता की बैंकिंग जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि अपने क्लासिक और खास डिजाइनों के साथ आज के विकसित उपभोक्ताओं की सेवा भी करेगा।

  • आम इंसान भी कर सकते है अब पीएम मोदी से सम्पर्क, जानिए उनके सोशल मीडिया एकाउंट्स के बारे में…

    आम इंसान भी कर सकते है अब पीएम मोदी से सम्पर्क, जानिए उनके सोशल मीडिया एकाउंट्स के बारे में…

    हाल ही में लोकसभा में बहस के दौरान सांसदों की मदद के लिए एक 24/7 हेल्पलाइन शुरू की गई है, लेकिन इस हेल्पलाइन पर सांसदों के कम आम लोगों के फोन कॉल्स अधिक आ रहे हैं। हेल्पलाइन पर फोन करने वालों में ज्यादातर लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नंबर मांग रहे हैं। कोई कह रहा है कि उसे मोदी से मिलना है तो कोई कह रहा है कि उसे मोदी को सुझाव देना है। यदि आप भी ऐसे लोगों में से एक हैं जो पीएम मोदी से फोन नंबर, ई-मेल आईडी या किसी अन्य तरीके से संपर्क करना चाहते हैं तो यह खबर आपके लिए है। आज हम पीएम मोदी तक पहुंचने के 5 तरीके आपको बताएंगे।

    PM मोदी तक अपनी बात पहुंचाने का सबसे आसान तरीका सोशल मीडिया है। ऐसे में आप मोदी के वेरिफाइड अकाउंट के जरिए उन तक अपनी बात पहुंचा सकते हैं। पीएम के सोशल मीडिया अकाउंट्स ये हैं।
    www.facebook.com/narendramodi
    twitter.com/narendramodi
    https://plus.google.com/+NarendraModi,
    https://www.youtube.com/user/narendramodi
    https://www.instagram.com/narendramodi

    https://www.mygov.in/home/61/discuss/

    यहां आप शिकायत, बधाई और सुझाव के लिए संदेश भेज सकते हैं। यहां आप डीबेट में हिस्सा भी ले सकते हैं। इसके अलावा आप नरेंद्र मोदी एप (नमो एप) से भी पीएम से जुड़ सकते हैं।

    आप ई-मेल के जरिए भी प्रधानमंत्री तक पहुंच सकते हैं। इसके लिए प्रधानमंत्री कार्यालय को आप connect@mygov.nic.in पर मेल कर सकते हैं या फिर narendramodi1234@gmail.com पर ई-मेल भेजकर अपनी बात रख सकते हैं।

    अगर आप उपरोक्त बताए गए माध्यमों से पीएम से संपर्क करने में असमर्थ हैं तो आप इस पते पर उन्हें चिट्ठी भी लिख सकते हैं। वेब इनफॉर्मेशन मैनेजर, साउथ ब्लॉक, रायसीना हिल्स, नई दिल्ली, पिन 110011.

    वहीं अगर आप पीएम से फोन या फैक्स के जरिए जुड़ना चाहते हैं तो इसके लिए आप 011-23015603, 11-23018939, 011-23018668 पर फोन कर सकते हैं या फिर

    +91-11-23019545 या 23016857 पर फैक्स कर सकते हैं। 

  • पत्रकारों की शिकायत पर जिला जनसंपर्क अधिकारी के खिलाफ बैठी जांच कमेटी….

    पत्रकारों की शिकायत पर जिला जनसंपर्क अधिकारी के खिलाफ बैठी जांच कमेटी….

    धमतरी। जनसंपर्क संचालनालय छत्तीसगढ़ ने प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकारों की शिकायतों को गंभीरता से लिया है. संचालनालय ने जिला जनसंपर्क अधिकारी के खिलाफ जांच अधिकारी नियुक्त किया है. संयुक्त संचालक हर्षा पौराणिक इस मामले की जांच करेंगे. आदेश में 15 दिनों के भीतर जांच प्रतिवेदन सौंपने के निर्देश दिए गए है।

    पत्रकारों को अपेक्षित सम्मान नहीं मिलने के मामले को लेकर जिला जनसंपर्क अधिकारी के खिलाफ स्थानीय पत्रकारों ने अब आवाज बुलंद किया. पत्रकार तत्काल उनकी तबादले की मांग कर रहे थे और बकायदा मुख्यमंत्री के पास इसकी लिखित शिकायत भी दर्ज कराया था.

    पत्रकारों का आरोप था कि महिला अधिकारी लंबे समय से धमतरी में पदस्थ है. इस वजह से वह अहम भावना से ग्रसित हो गई है, उनके द्वारा छोटे बड़े पत्रकारों का स्तर बनाकर पत्रकारों के साथ भेदभाव किया जाता है. इसका असर सरकार के जन कल्याणकारी योजनाओं के प्रचार प्रसार भी पड़ रहा है. पत्रकारों का यह भी कहना था कि उक्त अधिकारी पत्रकारों से सीधे मुंह बात नहीं करती है और अधिकारी इस रवैये से जिले के पत्रकार व्यथित है.

    गौरतलब है कि उक्त महिला अधिकारी 2013 से जिला जनसंपर्क अधिकारी के पद पर पदस्थ है. विभागीय कार्य में मनमानी को लेकर जिले के प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े पत्रकारों में काफी नाराजगी देखी जा रही है. इसके साथ ही जिले पत्रकारों द्वारा समय-समय पर इसकी मौखिक शिकायत जिला प्रशासन से किया जा चुका है.

    फिलहाल इस मामले में महिला अधिकारी के खिलाफ जांच और जांच के बाद कार्रवाई नहीं होने पर पत्रकारों ने धरना प्रदर्शन, आंदोलन जैसे कदम उठाएं जाने की बात कही है।

  • खुले आम रिश्वत लेते कैमरे में कैद हुआ जांजगीर का ए एस आई, एस पी पारुल ने किया तत्काल निलंबित….

    खुले आम रिश्वत लेते कैमरे में कैद हुआ जांजगीर का ए एस आई, एस पी पारुल ने किया तत्काल निलंबित….

    जांजगीर। जांजगीर थाने का एएसआई आर.पी.बघेल खुले आम रिश्वत लेते कैमरे में कैद हुआ है। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक पारूल माथुर ने एएसआई को तत्काल निलंबित कर दिया है।

    एएसआई ने लेन-देन में उच्चाधिकारियों को भी बातचीत के दौरान लपेटे में ले लिया है। मामला जांजगीर थानेे का है जहाँ 12 सितम्बर 2020 को रांची से बिलासपुर जा रहा ट्रक ट्राफिक सिग्नल पर खड़ा था। उसी दौरान ट्रक के पिछले चक्के के चपेट में आने से एक बच्ची दुर्घटना ग्रस्त होकर घायल हो गई थी। भीड़ के डर से ट्रक चालाक ट्रक लेकर सीधे थाने पहुँचा और अपनी गाड़ी वहाँ खड़ी कर दिया। काफी देर तक मामले की कोई शिकायत ना होने पर थाना प्रभारी ने ट्रक चालक से रूपये लेकर उसे जाने दिया।

    जांजगीर थाने में उक्त मामले की शिकायत पर 4 अक्टूबर 2020 को एफआईआर दर्ज किया गया जिस पर वाहन को जप्त करने वाहन स्वामी को लगातार थाने से कॉल किया जा रहा था। वाहन स्वामी ने 23 जनवरी 2021 को सुबह 9 बजे ट्रक को नागपुर से रांची जाते वक्त थाने में जप्त करवाया। ट्रक में करीब 12 लाख का चना दाल भरा हुआ था जिसपर वाहन स्वामी ने ट्रक को जल्द चालान पेश करने का निवेदन किया जिससे कि, वह ट्रक को सुपुर्दनामे में ले सके।

    मामले के विवेचना अधिकारी एएसआई आर.पी.बघेल ने ट्रक का चालान कोर्ट में जल्द जमा करने के एवज में संचालक से एक लाख रूपये की माँग की। जब लेनदेन की बात नहीं बनी तब एएसआई ने ट्रक संचालक जो की नागपुर से आया हुआ था उसे 25 जनवरी को आने कहा।

    ट्रक संचालक 25 जनवरी को फिर जांजगीर पहुँचा जिस पर एएसआई ने पुन: मामले में लेनदेन की बात करते हुए उच्च अधिकारियों को भी हिस्सा देने की बात कही।

    ट्रक संचालक द्वारा उतनी राशि देने में असमर्थता व्यक्त करने पर पहले तो 12 हजार रूपये ले लिए बाद में अधिकारी के द्वारा कम होने की बात कहते हुए और 18 हजार और लिए।

    इस दौरान एएसआई ने मामले में चालान पेश करने और कितना पैसा लेना है की बात थाना प्रभारी से भी अपने मोबाइल से की। 30 हजार की राशि ले लेने की बावजूद भी सरकारी वकील और फोटोकापी के नाम पर अलग से राशि की मांँग की।

    ट्रक संचालक ने एएसआई की माँग पर उसे 3 हजार रूपये और दिया लेकिन फोटोकापी के नाम पर माँगी गई 1 हजार रूपये की अतिरिक्त नहीं दी। जिसपर एएसआई ने उसे 27 जनवरी को आने कहा। परन्तु 27 जनवरी को भी उसने कार्यवाही पूरी नहीं की और दो दिन बाद 29 जनवरी को वाहन का चालन पेश किया जिसके बाद आवेदक ट्रक संचालक को न्यायालय से ट्रक सुपुर्दनामे में मिल सकी।

    इस पूरे मामले में ट्रक संचालक के साथ गए भिलाई के ट्रांसपोटर सुखवंत सिंह ने पूरे वाक्ये का वीडियो बना लिया था। सुखवंत सिंह ने जांजगीर से लौटने के बाद आज इसका खुलासा कर दोषी अधिकारी पर कार्यवाही की माँग की है।

  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा- कोर्ट के आदेश में अब नहीं होगा दुष्कर्म पीड़िता का नाम;पुलिस प्रस्तुत करे सीलबंद चालान…

    छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा- कोर्ट के आदेश में अब नहीं होगा दुष्कर्म पीड़िता का नाम;पुलिस प्रस्तुत करे सीलबंद चालान…

    बिलासपुर। कोर्ट के आदेश और निर्णयों में अब दुष्कर्म पीड़िता का नाम नहीं होगा। इसको लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दांडिक न्यायालयों को आदेश दिया है। कोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों को इस आदेश की जानकारी देने के साथ ही DGP और गृह सचिव को आदेश दिया है कि वे सभी जिलों के SP को आदेश की कॉपी दें। जिससे पुलिस अफसर जांच और चालान प्रस्तुत करने के दौरान सुप्रीम कोर्ट की निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें। जस्टिस संजय के. अग्रवाल की एकलपीठ ने आदेश दिया है कि IPC की धारा 376 के अंतर्गत अपराध का विचारण करने वाले दांडिक कोर्ट के आदेश या निर्णय में पीड़ित के नाम का उल्लेख नहीं करना चाहिए। इसी तरह दुष्कर्म की जांच करने वाले पुलिस अफसर को चालान सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार प्रस्तुत करना होगा। DGP औशर गृह सचिव को कहा गया है कि SP को सर्कुलर जारी करें कि आदेश का सख्ती से पालन हो सके।  रेप मामले में हुए DNA टेस्ट में था दुष्कर्म पीड़िता का नाम बिलासपुर के भरत बजाज ने अधिवक्ता विपिन कुमार पंजाबी के माध्यम से एक याचिका प्रस्तुत की थी। उन्होंने पुलिस के आवेदन पर बिलासपुर एट्रोसिटी कोर्ट के DNA जांच कराने के आदेश को चुनौती दी। कहा की विचारण न्यायालय ने उनको सुनवाई अवसर नहीं दिया और एकतरफा आदेश जारी कर दिया, जो गलत है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि पुलिस ने अपने आवेदन और कोर्ट ने अपने आदेश में दुष्कर्म पीड़िता का नाम लिखा है।