Author: Sunil Agrawal

  • “आपके पास वैक्सीन नहीं तो घोषणाएं क्यों करते हैं”, हाई कोर्ट ने लगाई केंद्र को फटकार…

    “आपके पास वैक्सीन नहीं तो घोषणाएं क्यों करते हैं”, हाई कोर्ट ने लगाई केंद्र को फटकार…

    दिल्ली। ब्लैक फंगस और वैक्सीनेशन के मामले पर मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार की कड़ी फटकार लगाई. दिल्ली हाई कोर्ट ने तल्ख टिपणी करते हुए केंद्र से पूछा सवाल कि अगर आपके पास वैक्सीन नहीं है तो घोषणाएं क्यो करते हैं. हाई कोर्ट ने केंद्र को निर्देश दिया है कि वह नीति तैयार करे कि दवाइयों की कमी के समय किसे प्रतिकमिकता दी जाएगी? हाई कोर्ट ने युवाओं को प्राथमिकता देने के लिए कहा है. ब्लैक फंगस के बढ़ते मामले और इलाज के लिए उपलब्ध दवाओं पर केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दायर किया है, जिस पर कोर्ट भड़क गया. कोर्ट ने स्टेटस रिपोर्ट को अस्पष्ट और सरकार को नॉन कमिटल कहा।

    दरअसल, सेंट्रल गवर्मेंट ब्लैक फंगस पर दायर स्टेटस रिपोर्ट के आंकड़ों पर फंस गई और हाई कोर्ट ने सवाल खड़ा कर दिया. स्टेटस रिपोर्ट में दवाइयों का प्रोजेक्टेड आंकड़ा 2 लाख 30 हज़ार बताया गया था? इस पर कोर्ट ने सीधे सवाल करते हुए कहा कि कितनी दवाइयां किसे दी गई यानी मिलीं. ये जानकारी कहां से मिली गई? कोर्ट की यह जानने में बिल्कुल रुचि नहीं है कि ये दवाइयां कहा से खरीदी गईं।

    कोर्ट ने केंद्र को निर्देश दिया है कि वो नीति तैयार करे कि दवाइयों की कमी के समय किसे प्रतिकमिकता दी जाएगी? यही नहीं दिल्ली हाई कोर्ट ने वैक्सीन की कमी पर केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि वैक्सीन की कमी है तो घोषणाएं क्यों की जाती हैं. कोर्ट ने केंद्र सरकार को कहा कि अगर वैक्सीन की कमी है तो प्राथमिकता तय की जाए. पहले 60 प्लस को वैक्सीन देने के बारे में क्यों फैसला लिया गया. कोर्ट ने केंद्र सरकार पर नाराजगी जताते हुए कहा कि हमने कितने युवाओं को खो दिया है और आप ऐसे लोगों को बचाने में लगे हुए हैं जो अपनी जीवन जी चुके हैं।

    कोर्ट ने ये भी स्पस्ट किया है कि वो यह नहीं कह रहा कि सीनियर सिटीजन को वैक्सीन मत दीजिए लेकिन अगर वैक्सीन कम है तो आप प्राथमिकता तय करिए. कोर्ट ने केंद्र की नीतियों पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि आप पीएम को एसपीजी सुरक्षा इसलिये देते है क्योंकि उन्हें उसकी जरूरत है. आज देश को युवाओं की जरूरत है, इसलिए युवाओ को प्राथमिकता दी जानी चाहिए. कोर्ट ने कहा कि आज उनके जानकारी में आया है कि अनाथ बच्चों के लिए सरकार ने कदम उठाए हैं लेकिन, आखिरकार इसकी जरूरत ही क्यों पड़ी. बच्चो को उनके अभिभावकों से जो स्नेह मिल सकता है, वो और कहीं से नहीं मिल सकता।

  • WhatsApp पर 3 रेड टिक’ वाले मैसेज की क्या है पूरी सच्चाई, क्या सरकार पढ़ रही है आपके मैसेज?

    WhatsApp पर 3 रेड टिक’ वाले मैसेज की क्या है पूरी सच्चाई, क्या सरकार पढ़ रही है आपके मैसेज?

    व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक मैसेज फारवर्ड किया जा रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि नए आईटी नियम लागू होने के बाद सभी के व्हाट्सएप मैसेज व कॉल रिकॉर्ड किए जाएंगे। साथ ही उनकी सोशल मीडिया की एक्टीविटी पर नजर रखी जाएगी।

    इस मैसेज में दावा किया गया गया है कि इंस्टैंट मैसेजिंग एप व्हाट्सएप ने नए नियम लागू कर दिये हैं। इसमें दो ब्लू टिक- एक रेड टिक और तीन रेड का अर्थ समझाया है। ब्लू टिक व एक रेड टिक का मतलब है कि सरकार कार्रवाई कर सकती है, जबकि तीन रेड टिक का मतलब है कि कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। आप इस तरह के मैसेज से घबराएं, उससे पहले बता देते हैं कि ये दावे फर्जी हैं।

    बताते चलें कि इस तरह का मैसेज बीते साल भी वायरल हुआ था। इस नए व फर्जी मैसेज में कहा कि कोई यूजर्स सरकार के खिलाफ या किसी धार्मिक मुद्दे पर नकारात्मक संदेश शेयर करता है, तो उसको गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

    व्हाट्सएप ने अभी तक नए आईटी नियम को लागू नहीं किया है। न ही नए निययों में तीन रेड टिक और ब्लूट टिक जैसा कोई नियम है। अभी तक व्हाट्सएप में सिर्फ दो टिक नजर आते हैं, जिनका मतलब भी आपको बता देते हैं। व्हाट्सएप पर सेंड किए गए मैसेज पर एक टिक बनता है, जिसका मतलब है कि मैसेज सेंड हो गया, जबकि दो टिक का मतलब कि मैसेज डिलिवर हो गया और दो ब्लू टिक का मतलब कि प्राप्तकर्ता ने मैसेज को पढ़ लिया है।

    क्या व्हाट्सएप के मैसेज कोई पढ़ सकता है?

    WhatsApp में end-to-end encrypted फीचर है, जिसकी वजह से सेंडर्स और रिसीवर ही मैसेज को एक्सेस कर सकते हैं और इसे बीच में डिकोड नहीं किया जा सकता है। आपकी चैट्स, फोटो, वीडियो, वॉयस मैसेज, डॉक्यूमेंट, स्टेट्स अपडेट और कॉल को व्हाट्सएप भी एक्सेस नहीं कर सकता है।

    नए आईटी नियमों की घोषणा 25 फरवरी की गई थी और इन्हें 26 मई से प्रभाव में आना था। लेकिन सोशल मीडिया कंपनियों ने इसे लागू नहीं किया गया है। नई गाइडलाइंस के मुताबिक, सभी सोशल मीडिया कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म पर किसी पोस्ट के लिए शिकायत मिलने पर उसके खिलाफ कार्रवाई करनी होगी।

  • छत्तीसगढ़ में जरूरी कागजात की होगी होम डिलीवरी….

    छत्तीसगढ़ में जरूरी कागजात की होगी होम डिलीवरी….

    रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल परिवहन विभाग द्वारा ‘तुंहर सरकार तुंहर द्वार अब पहुंचही जरूरी कागजात आपके द्वार’ नाम से शुरू की जा रही नई सुविधा का एक जून को दोपहर 12 बजे अपने निवास कार्यालय से वर्चुअल शुभारंभ करेंगे। इस नई सुविधा के माध्यम से परिवहन विभाग द्वारा प्रदेशवासियों को समस्त प्रकार के स्मार्ट कार्ड आधारित ड्रायविंग लायसेंस और रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र से संबंधित 22 परिवहन सेवाएं स्पीड पोस्ट के माध्यम से आवेदकों एवं वाहन स्वामियों के घर के पते पर पहुंचाया जाएगा। आवेदकों को सेवाएं प्राप्त करने के लिए www.parivahan.gov.in पर आवेदन करना होगा।
    कार्यक्रम का लाइव प्रसारण https://m.facebook.com/ChhattisgarhCMO/ पर किया जाएगा।परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि परिवहन विभाग द्वारा शुरू की जा रही इस नई सुविधा में लाइसेंस की 10 और वाहन से सबंधित 12 सेवाएं घर पहुंचाकर दी जाएगी। नये वाहनों का पंजीयन, पुराने वाहनों का आरसीसी में संशोधन, नवीन ड्रायविंग लायसेंस व पुराने लायसेंस में कराए जाने वाले परिवर्तन के बाद ड्रायविंग लायसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) सीधे पंजीकृत पते भारतीय डाक के स्पीड पोस्ट के माध्यम से अधिकतम 7 दिवसों में उपलब्ध कराए जाएंगे।

    इन्हें विभाग द्वारा डिस्पेच करते हुए आवेदकों के दिए गए पते में स्पीड पोस्ट के ट्रेकिंग आईडी सहित एसएमएस भी भेजा जाएगा, जिससे आवेदकों को वस्तु-स्थिति की जानकारी मिल सके। यदि आवेदक घर में उपलब्ध नहीं रहता है तो भी आवेदक को एसएमएस के माध्यम से डिलीवरी के लिए सूचित किया जाएगा।
    मंत्री अकबर ने बताया कि वाहन से संबंधित आवेदकों से प्राप्त होने वाले प्रकरण जैसे मोटरयानों का नवीन पंजीयन, स्वामित्व अंतरण, मोटरयान का अल्ट्रेशन, पंजीकृत कार्ड में पता परिवर्तन, मोटरयान में परिवर्तन, फायनेंसन के फ्रेश आरसी, हॉइपोथिकेशन जोड़ना-जारी रखना-रद्द करना, पंजीकृत कार्ड की द्वितीय प्रति, पंजीयन क्रमांक पुनः समानुदेशन, पंजीयन का नवीनीकरण का परिवहन कार्यालय के द्वारा दस्तावेजों का आवश्यक परीक्षण एवं मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार वाहनों का आवश्यक निरीक्षण करने के पश्चात पंजीयन अधिकारी के द्वारा अनुमोदन किया जाएगा।

    इस नयी व्यवस्था से सुगम संचालन के लिए परिवहन विभाग द्वारा हेल्पलाइन नम्बर 75808-08030 जारी किया जा रहा है। इस हेल्पलाइन के माध्यम से आवेदक परिवहन कार्यालयों को अनुमोदन उपरांत स्मार्ट कार्ड आधारित ड्रायविंग लायसेंस एवं रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र प्रेषण के संबंध में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

  • IAS रणबीर शर्मा थप्पड़कांड: कमिश्नर ने पीड़ित लड़कों का लिया बयान, सरकार को जल्द सौंपी जाएगी रिपोर्ट

    IAS रणबीर शर्मा थप्पड़कांड: कमिश्नर ने पीड़ित लड़कों का लिया बयान, सरकार को जल्द सौंपी जाएगी रिपोर्ट

    सूरजपुर। कलेक्टर रहते रणबीर शर्मा ने 22 मई को लड़कों की पिटाई की थी. घटना के बाद उनका तबादला कर दिया गया. लेकिन मामला अभी शांत नहीं हुआ है. सरगुजा कमिश्नर जिनेविवा किंडो ने आज पीड़त लड़कों से पूछताछ कर उनका बयान लिया है. हालांकि कमिश्नर ने मीडिया से दूरी बनाए रखा है और कुछ भी कहने से बच रही हैं।

    दरअसल मामले की जांच के लिए सरगुजा कमिश्नर जिनेविवा किंडो सूरजपुर सर्किट हाउस पहुंची थी. पूर्व कलेक्टर रणवीर शर्मा द्वारा 13 वर्षीय नाबालिग लड़के को डंडे से पिटाई करने और एक युवक को थप्पड़ मारकर मोबाइल तोड़ने के मामले की जांच की. दोनों पीड़ित लड़कों से करीब आधे घंटे तक पूछताछ करने के बाद बयान लिया गया. इस मामले की जांच रिपोर्ट जल्द ही राज्य सरकार को सौंप दी जाएगी।

    पीड़ित युवक अमन मित्तल ने कहा कि आज टीम आईं है, उनके दौरा हमें बुलाया गया था. हमने अपनी पूरी बात उन्हें बता दी है. उन्होंने हमारी पूरी बातों को ध्यान से सुना हमारे साथ जो भी हुआ था. हमने अच्छे से कमिश्नर को बता दिया है।

    नाबालिग पीड़ित ने कहा कि 6 लोगों की टीम आई थी. मेरे साथ जो घटना घटी, उस पूरे बयान को टाइप किया गया है. मुझसे साइन भी कराया गया. करीब आधे घंटे तक मुझसे बात की गई. उस दिन के पूरे घटना को अच्छे से बताया गया. उस दिन मैं दवा लेने जा रहा था, तभी यह घटना हुआ था।

    बता दें कि सूरजपुर जिले में लॉकडाउन के बीच 22 मई को पूर्व कलेक्टर रणबीर शर्मा खुद सड़कों पर उतरे थे. इस दौरान उन्होंने एक लड़के को थप्पड़ जड़ दिया. उसका फोन भी तोड़ दिया. उसके बाद पुलिस के जवानों से भी उसे डंडे पड़वाए थे. कलेक्टर ने खुद जवानों को मारने के निर्देश दिए।

    इसके अलावा एक 13 वर्षीय नाबालिग लड़का जो दवा लेने जा रहा था, उसकी भी पिटाई की गई. नाबालिग ने पूर्व कलेक्टर रणबीर शर्मा पर ही मारपीट करने का आरोप लगाया है. इस मामले की लिखित शिकायत कोतवाली थाने में की गई है. थप्पड़कांड के बाद उन्हें रणबीर शर्मा को कलेक्टर के पद से हटाकर मंत्रालय में सयुंक्त सचिव के रूप में पदस्थ कर दिया गया है।

    इस दोनों मामले की जांच के लिए ही सरगुजा कमिश्नर जिनेविवा किंडो सूरजपुर पहुंची थी. कमिश्रर ने दोनों पीड़ितों का बयान लिया है. अब कमिश्नर जांच रिपोर्ट तैयार राज्य सरकार को सौपेंगी. अब देखना यह होगा कि पूर्व कलेक्टर रणबीर शर्मा पर क्या कुछ कार्रवाई होती है?

  • SP ने की कार्रवाई, बीएमओ और तहसीलदार के साथ मिलकर डॉक्टर से की थी लाखों की उगाही…

    SP ने की कार्रवाई, बीएमओ और तहसीलदार के साथ मिलकर डॉक्टर से की थी लाखों की उगाही…

    रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ एसपी ने वसूली मामले में उप निरीक्षक (SI) कमल किशोर पटेल को निलंबित कर दिया है. सारंगढ़ थाना इलाके में वारे क्लीनिक से तहसीलदार और बीएमओ के साथ मिलकर एसआई ने लाखों रुपए की वसूली की थी. शिकायत के बाद जांच सही पाए जाने पर एसपी ने यह कार्रवाई की है.

    डॉक्टर से की अवैध वसूली

    जानकारी के मुताबिक वारे क्लीनिक के डॉ. खगेश्वर प्रसाद ने सारंगढ़ तहसीलदार, बीएमओ और सारंगढ़ थाने में पदस्थ उप निरीक्षक कमल किशोर पटेल के खिलाफ एसपी संतोष कुमार से शिकायत की गई थी. जिसमें कहा गया कि इस तीनों ने मिलकर जबरन डराया धमकाया, फिर लाखों रुपए वसूल लिए।

    एसपी ने उप निरीक्षक को किया निलंबित
    पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने शिकायत के बाद उप निरीक्षक कमल किशोर पटेल को लाइन अटैच कर दिया. उसके बाद मामले की जांच उप पुलिस अधीक्षक (IUCAW) से कराई गई. जांच अधिकारी ने अपनी जांच रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी. जांच रिपोर्ट में मामला सही पाए जाने पर उप निरीक्षक पटेल कमल किशोर पटेल को निलंबित कर दिया गया।

    जांच में सही मिली शिकायत

    पुलिस की जांच में पाया गया कि उप निरीक्षक कमल किशोर पटेल हिर्री ग्राम के वारे क्लीनिक में बीएमओ और तहसीलदार के साथ दबिश देने पहुंचा था. लेकिन थाने में इस संबंध में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं किया गया. गवाहों के कथन और अन्य सम्पूर्ण जांच में पैसों का लेनदेन संदिग्ध मिला. SI का यह कृत्य दायित्वों के विपरीत पाया गया।

    तहसीलदार, बीएमओ के खिलाफ भी चल रही जांच 

    निलंबन अवधि के दौरान उप निरीक्षक कमल किशोर पटेल का मुख्यालय रक्षित केंद्र रायगढ़ रहेगा. उसे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा. वहीं सारंगढ़ तहसीलदार, बीएमओ के खिलाफ भी जांच चल रही है।

  • IAS सुब्रमनियम भारत सरकार में सिकरेट्री कामर्स बनें…केंद्र में छत्तीसगढ़ से सबसे ऊंची पोस्टिंग पाने वाले अफसर…

    IAS सुब्रमनियम भारत सरकार में सिकरेट्री कामर्स बनें…केंद्र में छत्तीसगढ़ से सबसे ऊंची पोस्टिंग पाने वाले अफसर…

    IAS बीव्हीआर सुब्रह्मणयम दिल्ली लौट आये हैं। जम्मू-कश्मीर के चीफ सिकरेट्री रहे सुब्रह्मण्यम केंद्र में अब मिनिस्ट्री आफ कामर्स में ओएसडी बनाये गये हैं। 30 जून को वो सिकरेट्री कामर्स की जिम्मेदारी संभालेंगे। केंद्र सरकार ने आज इस बाबत आदेश जारी कर दिया है। 1987 बैच के IAS सुब्रह्मण्यम छत्तीसगढ़ कैडर के आईएएस अफसर हैं। जम्मू-कश्मीर के चीफ सिकरेट्री बनने से पहले वो छत्तीसगढ़ में एसीएस होम थे।इस नयी जिम्मेदारी के बाद सुब्रह्मण्यम केंद्र में छत्तीसगढ़ से सबसे ऊंची पोस्टिंग पाने वाले अफसर हो गये हैं। अभी तक कई आईएएस सचिव इम्पेनल हुए हैं लेकिन किसी को सचिव बनने का मौका नहीं मिला। लिहाजा, सुब्रमनियम की पोस्टिंग छत्तीसगढ़ की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।मिनिस्ट्री ऑफ कामर्स में ओएसडी बनने वाले IAS सुब्रह्मणयम 30 जून को कामर्स सिकरेट्री की जिम्मेदारी संभालेंगे। बृहस्पतिवार को जारी एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, वह अनूप वधावन की 30 जून को सेवानिवृत्ति के बाद नए वाणिज्य सचिव के तौर पर कार्यभार संभालेंगे। इससे पहले 24 जून 2018 को उन्हें जम्मू-कश्मीर का चीफ सिकरेट्री बनाया गया था।

  • केंद्र सरकार का फैसला, कोरोना से मृत 26 पत्रकारों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की देंगे आर्थिक सहायता….

    केंद्र सरकार का फैसला, कोरोना से मृत 26 पत्रकारों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की देंगे आर्थिक सहायता….

    केंद्र सरकार ने कोविड-19 से जान गंवाने वाले 26 और पत्रकारों के परिवारों को वित्तीय सहायता दिए जाने के प्रस्ताव को बृहस्पतिवार को मंजूरी दे दी। सरकार ने एक बयान में कहा कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय की ‘पत्रकार कल्याण योजना’ के तहत इन पत्रकारों के आश्रितों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। मंत्रालय ने कहा कि आज केंद्र सरकार ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सचिव अमित खरे की अध्यक्षता वाली पत्रकार कल्याण योजना समिति के एक प्रस्ताव को स्वीकृति दी है, इसके तहत कोविड-19 के कारण जान गंवाने वाले 26 पत्रकारों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद प्रदान की जाएगी।

    मंत्रालय के अनुसार समिति ने संक्रमण से इतर अन्य कारणों से मारे गए 11 पत्रकारों के परिवारों के आवेदनों पर भी विचार किया। मंत्रालय ने कहा कि समिति ने साप्ताहिक आधार पर बैठक करने का फैसला किया है ताकि पत्रकार कल्याण योजना के तहत वित्तीय सहायता के आवेदनों पर तत्काल निर्णय लिया जा सके। उसके अनुसार बीते वित्त वर्ष 2020-21 में केंद्र सरकार ने कोविड-19 के कारण जान गंवाने वाले 41 पत्रकारों के परिवारों को इस तरह की सहायता प्रदान की थी। इस तरह से पत्रकारों के कुल 67 परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करने को मंजूरी दी गई है।

  • मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने परिवहन विभाग की नई सुविधा ‘तुंहर सरकार, तुंहर द्वार’ का किया वर्चुअल शुभारंभ, देखें क्या -क्या हैं सेवाएं….

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने परिवहन विभाग की नई सुविधा ‘तुंहर सरकार, तुंहर द्वार’ का किया वर्चुअल शुभारंभ, देखें क्या -क्या हैं सेवाएं….

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में परिवहन विभाग की नई सुविधा ‘तुंहर सरकार, तुंहर द्वार’ का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस नयी सुविधा के माध्यम से परिवहन विभाग द्वारा प्रदेशवासियों को परिवहन सेवाएं उनके घर के द्वार पर पहुंचकर दी जाएंगी। इन सेवाओं में स्मार्ट कार्ड आधारित ड्रायविंग लायसेंस और रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र से संबंधित 22 परिवहन सेवाएं शामिल हैं। स्पीड पोस्ट के माध्यम से आवेदकों एवं वाहन स्वामियों के घर के पते पर इन सेवाओं को पहुंचाया जाएगा। आवेदकों को सेवाएं प्राप्त करने के लिए www.parivahan.gov.in पर आवेदन करना होगा।

    परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर सांसद श्री दीपक बैज, मुख्यमंत्री के सलाहकार राजेश तिवारी, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, गृह विभाग के अपर मुुख्य सचिव सुब्रत साहू, परिवहन आयुक्त डॉ कमल प्रीत सिंह, अपर परिवहन आयुक्त दीपांशु काबरा उपस्थित थे।

    परिवहन विभाग द्वारा शुरू की जा रही इस नई सुविधा में डुप्लीकेट लाइसेंस, ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण एवं पता परिवर्तन सहित लाइसेंस से सम्बंधित 10 सेवाएं और स्वामित्व अंतरण एवं पता परिवर्तन सहित वाहनों से सबंधित 12 सेवाएं घर पहुंचाकर दी जाएगी। नये वाहनों का पंजीयन, पुराने वाहनों का आरसीसी में संशोधन, नवीन ड्रायविंग लायसेंस व पुराने लायसेंस में कराए जाने वाले परिवर्तन के बाद ड्रायविंग लायसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) सीधे पंजीकृत पते पर भारतीय डाक के स्पीड पोस्ट के माध्यम से अधिकतम 7 दिवसों में उपलब्ध कराए जाएंगे। इन्हें विभाग द्वारा डिस्पेच करते हुए आवेदकों के दिए गए पते में स्पीड पोस्ट के ट्रेकिंग आईडी सहित एसएमएस भी भेजा जाएगा, जिससे आवेदकों को वस्तु-स्थिति की जानकारी मिल सके। यदि आवेदक घर में उपलब्ध नहीं रहता है तो भी आवेदक को एसएमएस के माध्यम से डिलीवरी के लिए सूचित किया जाएगा।

    वाहन से संबंधित आवेदकों से प्राप्त होने वाले प्रकरण जैसे मोटरयानों का नवीन पंजीयन, स्वामित्व अंतरण, मोटरयान का अल्ट्रेशन, पंजीकृत कार्ड में पता परिवर्तन, मोटरयान में परिवर्तन, फायनेंसन के फ्रेश आरसी, हॉइपोथिकेशन जोड़ना-जारी रखना-रद्द करना, पंजीकृत कार्ड की द्वितीय प्रति, पंजीयन क्रमांक पुनःसमानुदेशन, पंजीयन का नवीनीकरण का परिवहन कार्यालय के द्वारा दस्तावेजों का आवश्यक परीक्षण एवं मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार वाहनों का आवश्यक निरीक्षण करने के पश्चात पंजीयन अधिकारी के द्वारा अनुमोदन किया जाएगा। इस नयी व्यवस्था के सुगम संचालन के लिए परिवहन विभाग द्वारा हेल्पलाईन नम्बर 75808-08030 जारी किया जा रहा है। इस हेल्पलाइन के माध्यम से आवेदक परिवहन कार्यालयों को अनुमोदन उपरांत स्मार्ट कार्ड आधारित ड्रायविंग लायसेंस एवं रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र प्रेषण के संबंध में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

    इस सुविधा में स्वैच्छिक आधार पर प्रमाणीकरण से परिवहन सेवाएं तत्काल प्राप्त होंगी। इसी तरह ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन मेडिकल प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। इस सेवा के शुरू होने पर छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है जिसका परिवहन विभाग ड्राइविंग लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधित सेवाओं को आधार से एकीकृत कर रहा है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से परिवहन विभाग के अधिकारी भी कार्यक्रम से जुड़े।

  • जानिए क्या है सच्चाई,वायरल हो रहे व्हाट्सएप मैसेज की, “फोन कॉल्‍स  रिकॉर्डिंग करेगी सरकार”…

    जानिए क्या है सच्चाई,वायरल हो रहे व्हाट्सएप मैसेज की, “फोन कॉल्‍स रिकॉर्डिंग करेगी सरकार”…

    दिल्ली। केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया मंच पर जारी होने वाली सामाग्री के प्रति कंपनियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करने को नए आईटी नियम जारी किए थे, जो 25 मई से प्रभावी हो गए हैं. हालांकि, नए नियमों को लेकर अब केंद्र सरकार और सोशल मीडिया कंपनियों में तकरार देखने को मिल रही है. इस बीच सोशल मीडिया पर एक दावा किया जा रहा है कि सरकार नए नियमों के जरिए सोशल मीडिया पोस्ट और फोन कॉल्स पर नजर रखेगी।

    इन दिनों एक वाट्सऐप मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है. इस मैसेज में कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार की तरफ से जल्‍द ही नए संचार नियम लागू किए जाने वाले हैं. इन नियमों के तहत सरकार अब सोशल मीडिया और फोन कॉल पर भी नजर रखने वाली है. अब सरकार ने इस मैसेज को पूरी तरह से फेक बताकर, इस मैसेज को मानने से इनकार कर दिया है।

  • न फटेगा, न कटेगा और न ही गलेगा,जल्द बाजार में आएगा वार्निश लगा 100 रुपये का नोट…

    न फटेगा, न कटेगा और न ही गलेगा,जल्द बाजार में आएगा वार्निश लगा 100 रुपये का नोट…



    दिल्ली। बहुत जल्द आपकी जेब में 100 रुपये का चमचमाता नया नोट रहेगा। 100 रुपये के इस नए नोट के बारे बताया गया हैं कि यह न तो फटेगा, न कटेगा और न ही पानी में गलेगा। दरअसल, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) 100 रुपये के वार्निश लगे नोट जारी करने की तैयारी में है। आरबीआई इसतरह के 1 अरब नोट छाप रहा है। वार्निश लगे नोट उतारने के पीछे वजह नोटों को टिकाऊ और सुरक्षित बनाना है। हालांकि, अभी इस ट्रायल के आधार पर जारी किया जाएगा।फील्ड ट्रायल सफल रहने के बाद वार्निश लगे नोट बाजार में उतारे जाएंगे और पुराने नोट धीरे-धीरे सिस्टम से बाहर कर दिए जाएंगे।
    बता दें कि इस वक्त बाजार में बैंगनी रंग का 100 रुपये के नोट पहले से मौजूद हैं। आरबीआई अब वार्निश लगे 100 रुपये के नए नोट जारी करेगा।यह नोट बैंगनी रंग का ही होगा।नए 100 रुपये के नोट की सबसे बड़ी खासियत होगी कि यह किसी भी तरह खराब नहीं होगा।हजार बार मोड़ने के बाद भी यह नोट कटेगा, फटेगा नहीं। 100 रुपये के नए नोट पर पानी का भी असर नहीं होगा, क्योंकि इन नोटों पर वार्निश पेंट चढ़ा होगा। मौजूदा नोट जल्दी खराब हो जाते हैं. ये जल्दी कट-फट जाते हैं या मैले हो जाते हैं।

    यह नोट भी गांधी सीरीज का ही नोट होगा। इसकी डिजाइन भी बिल्कुल मौजूदा नए नोट की तरह होगी। वार्निश वाला नया नोट मौजूदा नोट के मुकाबले दोगुना टिकाऊ होगा। वार्निश चढ़े नए नोट की उम्र करीब 7 साल होगी। गौरतलब है कि केंद्र सरकार पहले ही भारतीय रिजर्व बैंक को 100 रुपये के मूल्य वाले एक अरब वार्निश लगे नोट छापने की मंजूरी दे चुकी है।